जर्मनी में भारी बारिश के बाद बाढ़ आने से अब तक कम से कम 42 लोगों की मौत हुई
है. स्थानीय पुलिस ने मरने
वालों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया है कि इस हादसे में अभी भी कई लोग लापता
हैं.
बाढ़ का सबसे ज़्यादा
असर जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनेट और उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांतों में नज़र आ
रहा है जहां कई घर और गाड़ियां बाढ़ में बह गयी हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ एक बैठक के सिलसिले में अमेरिका पहुंचीं जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि उन्हें इस आपदा से "गहरा धक्का लगा" है.
पड़ोसी देश बेल्जियम
में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही लिएज शहर के सभी
निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है.
पश्चिमी यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
यूरोप के पश्चिमी हिस्से में लगातार बारिश की वजह से जर्मनी के साथ-साथ कई अन्य देशों में भी बाढ़ आ चुकी है. और कई देशों में बाढ़ के हालात पैदा हो रहे हैं.
नीदरलैंड्स के दक्षिणी प्रांत लिंबर्ग में बाढ़ की वजह से कई घरों को नुकसान पहुंचा है. यहां केयर होम्स में रह रहे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
जर्मनी के राइनलैंड-पलाटिनैट प्रांत की प्रमुख अधिकारी मालु ड्रेयर ने इस बाढ़ को एक प्रलयकारी घटना की संज्ञा दी है.
उन्होंने कहा है, “कई लोग मर चुके हैं, कई लोग लापता हैं और कई लोग अभी भी ख़तरे से बाहर नहीं हैं. हमारी सभी इमरजेंसी सेवाएं लगातार अपनी जान जोख़िम में डालते हुए काम कर रही हैं.”
राइनलैंड-पलाटनैट प्रांत से होकर बहने वाली आह नदी में बाढ़ आने से अहवाइल ज़िले में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है. ये नदी आगे जाकर राइन नदी में मिलती है.
बाढ़ की मार झेलने वाले लोगों की मदद के लिए सैकड़ों सैनिकों और पुलिस विभाग के हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है. इससे पहले पुलिस ने कहा है कि दर्जनों लोग अपनी – अपनी छतों पर खड़े होकर बचाए जाने का इंतज़ार कर रहे थे.
जर्मनी के पश्चिमी इलाके में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही परिवहन के साधनों को भी ख़ासा नुकसान पहुंचा है.
जर्मन प्रसारक एसडब्ल्यूआर के मुताबिक़, पहाड़ी क्षेत्र आइफल में आपातकाल लागू कर दिया गया है.
इस क्षेत्र के सुड बेइ अडेनू ज़िले में लगभग 25 घर इस कदर क्षतिग्रस्त हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं.
ख़बरो में बताया गया है कि कुछ घरों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, उन तक नाव से भी पहुंचना संभव नहीं है.
उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांत इयुकिरचेन ज़िले में आठ लोगों की मौत होने की ख़बर है. इसके साथ ही आइफिल क्षेत्र में चार लोगों की मौत हुई है जब उनके घर बाढ़ में बह गए.
इसी बीच उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया प्रांत में बुधवार को दो दमकलकर्मियों की मौत हुई है जिनमें से एक दमकलकर्मी की मौत डूबने से हुई है. वहीं, बताया जा रहा है कि दूसरे दमकलकर्मी की मौत रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हुई है.
लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश जारी
बेल्जियम में अचानक बाढ़ आने से काफ़ी नुकसान हुआ है. कई वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें विरवियर शहर में सड़क पर खड़ी गाड़ियां अचानक आई बाढ़ में बह गयीं.
बेल्जियम में ब्रसेल्स और अंतवेर्प के बाद तीसरे सबसे बड़े शहर लिएज में मेयर ने सभी लोगों को शहर छोड़कर जाने को कह दिया है.
ये भी कहा गया है कि जो लोग शहर छोड़कर जाने में असमर्थ हैं, वे ऊपर के तलों पर जाकर रहें.
इस शहर से होकर बहने वाली मीयूज़ नदी फिलहाल उफ़ान पर है लेकिन इसके 150 सेंटीमीटर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
स्थानीय अधिकारियों की चिंता ये है कि इस बाढ़ में एक बाँध पर बना पुल ढह सकता है.
इसी बीच बेल्जियन कस्बे पेपिंस्टर में वेसद्रे नदी में बाढ़ आने से दस घर ढह गये हैं. बेल्जियम के दक्षिणी हिस्से में मौसम ख़राब होने की वजह से रेल सेवाओं को बंद कर दिया गया है.
मौसम विभाग के मुताबिक़, पश्चिमी यूरोप में गुरुवार और शुक्रवार को भारी बारिश होने की आशंकाएं हैं.
वहीं, विशेषज्ञ कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन की वजह से गंभीर मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में बढ़त हो सकती है. लेकिन किसी एक घटना को जलवायु परिवर्तन से जोड़ा जाना काफ़ी जटिल कार्य है.
उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया के नेता आर्मिन लेस्चेट ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए इस ख़राब मौसम के लिए जलवायु परिवर्तन को ज़िम्मेदार ठहराया है.
उन्होंने कहा, “हमें लगातार ऐसी घटनाओं का सामना करना होगा. और इसका मतलब ये है कि हमें जलवायु को बचाने के लिए जल्द से जल्द उपाय करने होंगे. क्योंकि जलवायु परिवर्तन किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है.”