प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत को लेकर दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बहस
छिड़ गई.
ये मुख्यमंत्री
हैं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन
मोहन रेड्डी.
पीएम नरेंद्र मोदी
ने गुरुवार को कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ फोन पर बात की और कोरोना संकट
पर चर्चा की.
इसी चर्चा को
लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया, “आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया. उन्होंने
सिर्फ़ अपने मन की बात की. बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते.”
हेमंत सोरेन के इस ट्वीट के जवाब में सीएम जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें सलाह दे डाली.
उन्होंने लिखा, “मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान है लेकिन एक भाई के तौर पर मैं आपसे आग्रह करूंगा कि चाहे हमारे जो भी मतभेद हों, इस स्तर की राजनीति में पड़ना सिर्फ़ हमारे देश को कमज़ोर करेगा.”
जगन मोहन रेड्डी ने एक और ट्वीट किया, “कोविड-19 के ख़िलाफ़ इस लड़ाई में एक-दूसरे पर उंगलियां उठाने का नहीं बल्कि महामारी से प्रभावी तौर पर लड़ने के लिए एकसाथ आने और अपने प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करने का समय है.”
वहीं, असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने भी हेमंत सोरेन का जवाब देत हुए ट्वीट किया.
उन्होंने लिखा,“आपका यह ट्वीट न सिर्फ़ न्यूनतम मर्यादा के ख़िलाफ़ है बल्कि उस राज्य की जनता की पीड़ा का भी मजाक़ उड़ाना है जिनका हाल जानने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी ने फ़ोन किया था. बहुत ओछी हरकत कर दी आपने. मुख्यमंत्री पद की गरिमा भी गिरा दी.”
हेमंत सोरेन के पक्ष में कांग्रेस नेता
हालांकि, ओडीशा से कांग्रेस सासंद सप्तगिरी उल्का ने जगनमोहन रेड्डी को जवाब देते हुए उन्हें सीबीआई और ईडी का डर होने की बात कह डाली.
सप्तगिरी उल्का ने लिखा, “ये जानकार हैरानी होती है कि कांग्रेस के कद्दावर नेता स्वर्गीय वाई.एस. राजशेखर रेड्जी जी के बेटे सीबी, ईडी के छापे से डरते हुए तुच्छ राजनीति के लिए पीएम मोदी के साथ डूडल-डूडल खेल रहे हैं.बड़े हो जाओ जगमोहन रेड्डी, अब आप सीएम हैं.”
एक अन्य कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी हेमंत सोरेन के समर्थन में ट्वीट किया.
उन्होंने हेमंत सोरेन के ट्वीट के लिए लिखा, “ये ट्वीट हमें भारत में कोरोना संकट के बारे में सब बताता है. हमारे प्रधानमंत्री सिर्फ़ बात करते हैं. वो किसी की नहीं सुनते- मुख्यमंत्रियों की भी नहीं.”
भारत में देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. झारखंड में भी मामलों में तेज़ी देखी गई है. यहां गुरुवार को पांच हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए थे.