नाइजीरिया में शनिवार को अपहरणकर्ताओं ने अगवा किए गए 42 लोगों को रिहा कर दिया
है, जिनमें 27 स्कूली छात्र शामिल हैं.
स्थानीय प्रशासन ने इस ख़बर की पुष्टि की है और बताया है कि बीते सप्ताह एक स्कूल से 27 छात्रों, छात्रों के 12 अभिभावक और स्कूल के कर्मचारियों को अगवा कर लिया गया था.
नाइजर प्रांत के गवर्नर अबु-बकर सानी बेलो ने बताया है कि
अपहरणकर्ताओं ने लगभग चालीस लोगों को रिहा कर दिया है जिनमें से 27 वो लड़के हैं
जिन्हें कागरा स्थित गवर्नमेंट साइंस कॉलेज़ से दस दिन पहले अगवा किया गया था.
बेलो ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, “अगवा छात्र, कर्मचारी और उनके परिवार वालों को
आज़ादी मिल गई है और उन्हें नाइजर प्रांत की सरकार ने उनका स्वागत किया है.”
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, अपहरणकर्ताओं ने कुल 42 लोगों
को रिहा किया है.
हालांकि जिन 317 स्कूली छात्राओं को इस सप्ताह नाइजीरिया के उत्तरी हिस्से में स्थित कस्बे जंगेबे के एक स्कूल से अगवा किया गया था उनके बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
सैकड़ों लड़कियां अभी भी लापता
जंगेबे में हुई घटना के बाद से स्थानीय इलाके़ में तनाव की स्थिति बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने इस कस्बे से होकर गुज़रने वाली गाड़ियों पर हमले किए हैं. इन हमलों में एक न्यूज़ चैनल के कैमरापर्सन को गंभीर चोटें आई हैं.
पुलिस ने इन लड़कियों की तलाश के लिए एक खोज और बचाव अभियान शुरु
कर दिया है.
नाइजीरियाई पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि "एक समन्वित खोज और
बचाव अभियान जारी है" जिसमें चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है. इस काम में दो हेलिकॉप्टरों
को भी तैनात किया गया है जो आसमान से इलाके पर नज़र रख रहे हैं.
कुछ ख़बरों के मुताबिक़, 12 से 16 साल की लड़कियों को दंगुल्बी जंगल
में ले जाया गया है.
जाम्फ्रा प्रांत ने सभी बोर्डिंग स्कूलों को बंद कर दिया है.
अब तक
किसी भी संगठन ने इन लड़कियों का अपहरण करने की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
पिछले कुछ हफ़्तों में हुई अपहरण की घटनाओं में ये सबसे बड़ी घटना थी. नाइजीरिया में हथियारबंद गुट अक्सर फिरौती के लिए लोगों का अपहरण करते हैं.
साल 2014 में नाइजीरिया के उत्तरपूर्वी शहर चिबोक में 276 स्कूली लड़कियों को अगवा कर लिया गया था.
इसका आरोप कथित इस्लामी चरमपंथी संगठन बोको हराम पर लगा था जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए इस घटना को अंजाम दिया था.
नाइजीरियाई सरकार ने इन अपहरणकर्ताओं के सामने झुकने से इनकार कर दिया है.
नाइजीरियाई राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी ने कहा है कि "सरकार उन लोगों की धमकियों के आगे घुटने नहीं टेकेगी जो कि मासूम बच्चों को अपना निशाना बनाते हैं और उनके बदले में फिरौती चाहते हैं."
उन्होंने कहा कि उनके सरकार की प्राथमिकता बच्चियों को सुरक्षित अपहरणकर्ताओं के चुंगल से बचाना है.
बुहारी ने प्रांतीय सरकारों पर भी अपराधियों को आर्थिक संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है.