कोरोना: अमेरिका में एक बार लगने और आम फ़्रिज में स्टोर होने वाली वैक्सीन को मंज़ूरी

अमेरिका के ड्रग नियामक एफ़डीए ने जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी की कोरोना वैक्सीन को आधिकारिक रूप से मंज़ूरी दे दी है. इस वैक्सीन की सबसे ख़ास बात यह है कि यह सिर्फ़ एक ही बार दी जाएगी और इसे आम रेफ़्रिजिरेटर में स्टोर किया जा सकेगा.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना: जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन को आधिकारिक रूप से मिली मंज़ूरी

    कोरोना वैक्सीन

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    अमेरिका के ड्रग नियामक एफ़डीए ने जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी की कोरोना वैक्सीन को आधिकारिक रूप से मंज़ूरी दे दी है.

    अमेरिका इस वैक्सीन को मंज़ूरी देने वाला दुनिया का पहला देश है.

    अब फ़ाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन के बाद अमेरिका में तीसरी वैक्सीन को मंज़ूरी मिल गई है.

    इस वैक्सीन की सबसे ख़ास बात यह है कि यह सिर्फ़ एक ही बार दी जाएगी और इसे आम रेफ़्रिजिरेटर में स्टोर किया जा सकेगा.

    जबकि फ़ाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन के दो ख़ुराक की ज़रूरत होती है और उसे स्टोर करने के लिए डीपफ़्रीज़र की ज़रूरत होती है.

    इसीलिए जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन काफ़ी सस्ती भी होगी. हालांकि अभी उसके रेट के बारे में जानकारी नहीं है.

    कंपनी ने जून के आख़िर तक अमेरिका को 10 करोड़ वैक्सीन सप्लाई करने की बात कही है.

    यूके, यूरोपीय यूनियन और कनाडा ने भी इस वैक्सीन का ऑर्डर दिया है. इसके अलावा को-वैक्स योजना के तहत कंपनी को 50 करोड़ वैक्सीन का ऑर्डर दिया गया है ताकि ग़रीब देशों में भी वैक्सीन की सप्लाई की जा सके.

  2. FATF: फ़्रांस ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालने का विरोध क्यों किया?

    मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फ़ंडिंग की रोकथाम के लिए बनी अंतरराष्ट्रीय संस्था एफ़एटीएफ़ ने 25 फ़रवरी को ख़त्म होनी वाली बैठक में पाकिस्तान को एक बार फिर ग्रे लिस्ट में रखने का फ़ैसला किया है और पाकिस्तान को इस लिस्ट से बाहर निकलने के लिए तीन और बिंदुओं पर काम करने के लिए कहा है.

    इसके लिए पाकिस्तान को जून, 2021 तक का वक़्त दिया गया है.

    लेकिन इस बार एफ़एटीएफ़ की बैठक में एक ख़ास बात देखने में आयी कि फ़्रांस ने पाकिस्तान को एफ़एटीएफ़ की ग्रे लिस्ट से निकालने का पुरज़ोर विरोध किया.

    लेकिन सवाल है कि आख़िर फ़्रांस ने ऐसा क्यों किया?

    पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव नजमुद्दीन शेख़ ने बीबीसी को बताया कि अगर पाकिस्तान के हवाले से फ़्रांस के रवैये को भारत के साथ उसके रक्षा सौदों की रोशनी में देखा जाए तो पाकिस्तान के विरोध की वजह समझ में आती है.

    भारत ने हाल ही में फ़्रांस से रफ़ाल विमान ख़रीदा है.

    नजमुद्दीन शेख़ कहते हैं कि पाकिस्तान को यूरोपीय यूनियन से अपने संबंध बेहतर करने होंगे. उन्होंने कहा कि कई बार फ़्रांस की नीति यूरोपीय यूनियन की नीति से अलग होती है.

  3. बेल्जियम की एक जेल में आधे से ज़्यादा क़ैदी कोरोना संक्रमित

    बेल्जियम की जेल में कोरोना

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    बेल्जियम की एक जेल में आधे से ज़्यादा क़ैदी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. बेल्जियम के नामूर जेल में कुल 132 क़ैदी हैं जिनमें आधे से ज़्यादा कोरोना संक्रमित हो गए हैं.

    इनको क्वारंटीन में रखा गया है. इस दौरान उन्हें वॉक करने या नहाने की इजाज़त नहीं होगी लेकिन उन्हें गर्म खाना दिया जाएगा और ज़रूरत की दूसरी चीज़ें हाइजीन का ख़्याल रखते हुए दी जाएंगी.

    जेल के 115 स्टाफ़ में से भी आधे लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ है.

    जेल प्रशासन की प्रवक्ता कैथलीन दे विजवे ने स्थिति को 'बेहद गंभीर' क़रार दिया है.

    क़ैदियों को उनके परिजनों से मिलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. शनिवार को क़ैदियों के परिजनों ने जेल के बाहर इस विरोध प्रदर्शन भी किया.

    बेल्जियम में पिछले चार महीनों से पाबंदी लगी हुई है. रात में कर्फ़्यू जारी है और सभी तरह की सुविधाएं बंद हैं लेकिन स्कूल खुले हुए हैं.

    लेकिन इसके बावजूद कोरोना संक्रमण दोबारा से बढ़ रहा है. अधिकारियों के अनुसार ब्रिटेन में सबसे पहले पाया जाने वाला कोरोना वैरियंट अब बेल्जियम में भी पैर पसार रहा है.

    शुक्रवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लॉकडाउन में ढील की घोषणा करने के बारे में उम्मीद जताई थी लेकिन स्थिति अत्यंत नाज़ुक है और यह मुश्किल क्षण है.

    उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के साथ पाबंदी में ढील नहीं दी जा सकती.

    बेल्जियम में अब तक कोरोना से 22 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सात लाख 66 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं.

  4. म्यांमार: सैन्य शासकों ने यूएन में अपने राजदूत को किया बर्ख़ास्त

    म्यांमार के सैन्य शासकों ने संयुक्त राष्ट्र में म्यांमार के राजदूत को बर्ख़ास्त कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र में म्यांमार के राजदूत के एम तुन ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा से सैन्य तख़्तापलट को ख़त्म करने में मदद के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की गुहार लगाई थी.

    एक फ़रवरी को म्यांमार की सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया था और सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. इसी के साथ स्टेट काउंसलर आंग सांग सू ची और अन्य शीर्ष राजनेताओं को गिरफ़्तार कर लिया था.

    संयुक्त राष्ट्र में म्यांमार के राजदूत अभी भी बेदख़ल कर दी गई सरकार के प्रति वफ़ादार हैं. उन्होंने कहा कि वो एनएलडी के नेतृत्व वाली असैन्य सरकार का यूएन में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

    शुक्रवार को एक भावुक स्पीच में उन्होंने कहा कि किसी भी देश को सैन्य सरकार का साथ नहीं देना चाहिए जब तक कि सेना लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सत्ता नहीं सौंप देती है.

    उन्होंने सभी सदस्य राष्ट्रों और संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वो सैन्य तख़्तापलट की निंदा करें और सैन्य शासन को किसी भी माध्यम से मान्यता ना दें.

    आख़िर में उन्होंने तीन उंगलियों से सलाम किया जो सैन्य शासन के ख़िलाफ़ म्यांमार में प्रदर्शनकारी कर रहे हैं.

    म्यांमार के राष्ट्रीय टीवी चैनल ने शनिवार को उनके बर्ख़ास्त किए जाने की घोषणा की. सेना ने कहा, "यूएन में म्यांमार के राजदूत ने देश को धोखा दिया है और ख़ुद को एक अनाधिकारिक संस्था का प्रतिनिधि बताया है जो कि म्यांमार देश का प्रतिनिधित्व नहीं करती है. उन्होंने एक राजूदत की शक्तियों और ज़िम्मेदारियों का ग़लत इस्तेमाल किया है."

    म्यांमार में तख़्तापलट करने वाले सैन्य अधिकारी मिन आंग ह्वाइंग

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  5. कोरोना संक्रमण के मामले फिर बढ़ने की वजह क्या है?

    भारत में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 11,079,900 के पार पहुंच गए हैं. बीते 24 घंटों में देश में संक्रमण के 16,488 मामले सामने आए. देश में फिलहाल कोरोना के सक्रिय मामले करीब एक लाख 60 हज़ार हैं.

    बीते 24 घंटों में संक्रमण की वजह से 113 लोगों की मौत हुई है. अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हो चुकी है.

    देश में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन लोग ज़रूरी एहतियात नहीं बरत रहे.

    वीडियो कैप्शन, कोरोना संक्रमण के मामले फिर बढ़ने की वजह क्या है?
  6. मोहम्मद बिन सलमान पर उठी उंगली तो सऊदी अरब ने अमेरिका को दिया जवाब

    सऊदी अरब की सरकार ने पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या को लेकर अमेरिकी ख़ुफ़िया रिपोर्ट को सिरे से ख़ारिज कर दिया है. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर बयान जारी किया है.

    इस बयान में कहा गया है, "सऊदी की सरकार जमाल ख़ाशोज्जी मामले में अपमानजनक और ग़लत निष्कर्ष तक पहुँचने वाली अमेरिकी रिपोर्ट को सिरे से ख़ारिज करती है. हम इस रिपोर्ट को अस्वीकार करते हैं. इस रिपोर्ट में ग़लत निष्कर्ष निकाला गया है."

    सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा है, "यह एक नकारात्मक और फ़र्ज़ी रिपोर्ट है. हम इस मामले को लेकर पहले ही कह चुके हैं कि वो एक संगीन अपराध था, जिसमें सऊदी अरब के क़ानून और मूल्यों का उल्लंघन किया गया. हमारी सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए सभी कड़े क़दम उठाए थे ताकि इंसाफ़ मिल सके. इसमें शामिल लोगों को दोषी ठहराया गया और अदालत ने उन्हें सज़ा भी दी."

    वीडियो कैप्शन, मोहम्मद बिन सलमान पर उठी उंगली तो सऊदी अरब ने अमेरिका को दिया जवाब
  7. भारत-पाकिस्तान संघर्ष विरामः सेना ने कहा, चरमपंथ के खिलाफ कार्रवाई पर कोई असर नहीं होगा

    भारतीय सेना

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    भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर संघर्ष विराम के ऐलान के बाद दोनों देशों की ओर से नए बयान आए हैं.

    भारतीय सेना के जीओसी उत्तरी कमांड की ओर से कहा गया है, “भारत और पाकिस्तान ने 24-25 फरवरी की रात से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम की घोषणा की है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस संघर्ष विराम का काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हम लोग सतर्कता बनाए रखेंगे. नियंत्रण रेखा पर फायरिंग बंद होने से शांति बहाल होगी.”

    दूसरी ओर, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान के सैन्य बल किसी भी बाहरी मुल्क की पैदा की गई परिस्थिति का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह से सक्षम है.

    उन्होंने कहा है कि बालाकोट में भारतीय आक्रामक रवैये पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया मजबूत और उत्तरदायित्व भरी थी.

    प्रवक्ता ने कहा, “हम अपने राष्ट्रीय संकल्प को दोहराना चाहते हैं कि किसी भी दुस्साहस की परिस्थिति में आक्रांता को उसी रेस्पॉन्स का सामना करना पड़ेगा.”

    प्रवक्ता ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान की लंबे वक्त से जारी सैद्धांतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है. उन्होंने कहा कि कश्मीर विवाद को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्ताव और कश्मीर के लोगों की इच्छाओं के आधार पर शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए.

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  8. बीबीसी इंडिया बोल, 27 फरवरी 2021, पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन पाएगा भारत?

    बीबीसी इंडिया बोल, 27 फरवरी 2021, मौजूदा समय में भारत की अर्थव्यवस्था 2.7 ट्रिलियन डॉलर की है.

    पीएम मोदी वर्ष 2025 तक इसे पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना चाहते हैं. लेकिन कैसे? इंडिया बोल में आज इसी विषय पर चर्चा सुनिए संदीप सोनी के साथ.

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  9. ब्रेकिंग न्यूज़, निजी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन की क़ीमत अधिकतम 250 रुपये होगी - केंद्र सरकार

    केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों में प्रति व्यक्ति कोरोना वैक्सीन के एक डोज के लिए अधिकतम शुल्क सीमा 250 रुपये निर्धारित किया है.

    ये कोरोना वैक्सीन उन निजी अस्पतालों में लगाए जाएंगे जो वैक्सीन केंद्र के रूप में संचालित होंगे. इससे पहले सरकार ने सरकारी वैक्सीन केंद्रों पर मुफ्त में कोरोना वैक्सीन देने की घोषणा की थी.

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    समाचार एजेंसी एएनआई ने आधिकारिक स्रोतों के हवाले से ख़बर दी है कि निजी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए निर्धारित 250 रुपये में से 150 रुपये वैक्सीन की क़ीमत होगी और 100 रुपये सेवा शुल्क होगा.

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  10. अंडमान सागर में पकड़े गए रोहिंग्या शरणार्थी हमारी जिम्मेदारी नहीं: बांग्लादेश

    रोहिंग्या मुसलमान बच्चे (प्रतिकात्मक तस्वीर)

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    बांग्लादेश ने कहा है कि अंडमान सागर में पकड़े गए 80 से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों को अपने यहां शरण देने की उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है. ये रोहिंग्या शरणार्थी दो हफ्ते पहले बांग्लादेश से नाव पर चले थे और बाद में इन्हें भारतीय कोस्टगार्ड ने पकड़ लिया था.

    लेकिन, भारत का इन्हें अपने यहां शरण देने का कोई इरादा नहीं है.

    बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा है कि हर रोहिंग्या को अपने यहां बसाना उनके देश की जिम्मेदारी नहीं है. उन्होंने कहा कि ये शरणार्थी बांग्लादेश के ना होकर म्यांमार के हैं.

    उन्होंने कहा कि म्यांमार या भारत को इन्हें अपने यहां लेना चाहिए. म्यांमार से भागने के बाद 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में भीड़भाड़ वाले कैंपों में रह रहे हैं.

    भारतीय कोस्ट गार्ड ने पूरी तरह से लोगों से भरी हुई एक मछली पकड़ने की नाव को पकड़ा था. इसमें जीवित लोगों के साथ ही आठ मरे हुए लोग भी मिले थे. भारतीय अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया है कि वे कोशिश कर रहे हैं कि बांग्लादेश इन लोगों को अपने यहां शरण दे. हालांकि, भारत इन शरणार्थियों को खाना और पानी दे रहा है, लेकिन उसका इन्हें अपने यहां रखने का कोई इरादा नहीं है.

    रोहिंग्या मुसलमानों के लिए प्रदर्शन

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    लेकिन, मोमेन ने समाचार एजेंसी रॉयर्टस को शुक्रवार को देर शाम बताया कि बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत या म्यांमार इन्हें अपने यहां स्वीकार करेगा. म्यांमार इन रोहिंग्या शरणार्थियों का मूल देश है.

    मोमेन ने बताया,“ये बांग्लादेश के नागरिक नहीं हैं, बल्कि ये म्यांमार के हैं. इन्हें बांग्लादेश की समुद्री सीमा से 1,700 किमी दूर पाया गया है और ऐसे में इन्हें लेने की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है.”

    म्यांमार के करीब 10 लाख रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश के कैंपों में रह रहे हैं. 2017 में म्यांमार की सेना के रोहिंग्या मुसलमानों के ऊपर जानलेवा हमले करने के चलते लाखों की तादाद में रोहिंग्या म्यांमार से भाग गए थे.

    मानव तस्करी में शामिल अपराधी अक्सर रोहिंग्या शरणार्थियों को मलेशिया जैसे दक्षिण एशियाई देशों में काम दिलाने का वादा करते हैं.

    युनाइटेड नेशंस की शरणार्थियों के लिए बनी एजेंसी यूएनएचसीआर ने गायब हुई बोट को लेकर चिंता जताई थी.

    रोहिंग्या मुसलमानों के लिए प्रदर्शन
  11. प्रैंक के नाम पर यौन शोषण करने वाले यूट्यूबर गिरफ़्तार

    मुंबई पुलिस की सायबर क्राइम शाखा ने यूट्यूब चैनल चलाने वाले तीन युवाओं को यौन शोषण के मामले में गिरफ़्तार किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम ने एक केस दर्ज किया है. कुछ लड़के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल चलाते हैं जिसमें वे अश्लील वीडियो अपलोड करते हैं. ये कुछ लड़कियों को प्रैंक करने के लिए बुलाते हैं. मुंबई के सार्वजनिक जगहों पर 5-10 मिनट के इस वीडियो की शूटिंग की जाती है.

    इसमें गलत तरीके से लड़की के प्राइवेट पार्ट को टच किया जाता है. तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. इनके 17 यूट्यूब चैनल और कुछ फेसबुक पेज थे जो बंद करने के लिए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने लिखा है. अनुमान है कि इन चैनल ऑपरेटर्स को इससे कम से कम दो करोड़ की आमदनी हुई है.”

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  12. ब्रेकिंग न्यूज़, गुजरात के सरकारी अस्पतालों में फ्री मिलेगी कोविड-19 वैक्सीन

    कोविड 19 वैक्सीन

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    गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया है कि गुजरात के सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 वैक्सीन मुफ़्त में मिलेगी.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, पटेल ने कहा है कि निजी अस्पतालों में कोविड-19 वैक्सीन की क़ीमत 250 रुपये होगी. वहीं, सरकारी अस्पतालों में ये वैक्सीन फ्री में उपलब्ध कराई जाएगी.

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  13. नाइजीरिया: 27 बच्चे हुए आज़ाद, 317 लड़कियां अभी भी लापता

    नाइजीरिया

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    नाइजीरिया में शनिवार को अपहरणकर्ताओं ने अगवा किए गए 42 लोगों को रिहा कर दिया है, जिनमें 27 स्कूली छात्र शामिल हैं.

    स्थानीय प्रशासन ने इस ख़बर की पुष्टि की है और बताया है कि बीते सप्ताह एक स्कूल से 27 छात्रों, छात्रों के 12 अभिभावक और स्कूल के कर्मचारियों को अगवा कर लिया गया था.

    नाइजर प्रांत के गवर्नर अबु-बकर सानी बेलो ने बताया है कि अपहरणकर्ताओं ने लगभग चालीस लोगों को रिहा कर दिया है जिनमें से 27 वो लड़के हैं जिन्हें कागरा स्थित गवर्नमेंट साइंस कॉलेज़ से दस दिन पहले अगवा किया गया था.

    बेलो ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, “अगवा छात्र, कर्मचारी और उनके परिवार वालों को आज़ादी मिल गई है और उन्हें नाइजर प्रांत की सरकार ने उनका स्वागत किया है.”

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, अपहरणकर्ताओं ने कुल 42 लोगों को रिहा किया है.

    हालांकि जिन 317 स्कूली छात्राओं को इस सप्ताह नाइजीरिया के उत्तरी हिस्से में स्थित कस्बे जंगेबे के एक स्कूल से अगवा किया गया था उनके बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

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    सैकड़ों लड़कियां अभी भी लापता

    जंगेबे में हुई घटना के बाद से स्थानीय इलाके़ में तनाव की स्थिति बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने इस कस्बे से होकर गुज़रने वाली गाड़ियों पर हमले किए हैं. इन हमलों में एक न्यूज़ चैनल के कैमरापर्सन को गंभीर चोटें आई हैं.

    पुलिस ने इन लड़कियों की तलाश के लिए एक खोज और बचाव अभियान शुरु कर दिया है.

    नाइजीरियाई पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि "एक समन्वित खोज और बचाव अभियान जारी है" जिसमें चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है. इस काम में दो हेलिकॉप्टरों को भी तैनात किया गया है जो आसमान से इलाके पर नज़र रख रहे हैं.

    कुछ ख़बरों के मुताबिक़, 12 से 16 साल की लड़कियों को दंगुल्बी जंगल में ले जाया गया है.

    जाम्फ्रा प्रांत ने सभी बोर्डिंग स्कूलों को बंद कर दिया है.

    अब तक किसी भी संगठन ने इन लड़कियों का अपहरण करने की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

    बोर्डिंग स्कूल की तस्वीर

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    पिछले कुछ हफ़्तों में हुई अपहरण की घटनाओं में ये सबसे बड़ी घटना थी. नाइजीरिया में हथियारबंद गुट अक्सर फिरौती के लिए लोगों का अपहरण करते हैं.

    साल 2014 में नाइजीरिया के उत्तरपूर्वी शहर चिबोक में 276 स्कूली लड़कियों को अगवा कर लिया गया था.

    इसका आरोप कथित इस्लामी चरमपंथी संगठन बोको हराम पर लगा था जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए इस घटना को अंजाम दिया था.

    नाइजीरिया

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    इमेज कैप्शन, स्कूल के सामने अगवा हुई लड़कियों के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया

    'नहीं झुकेगी सरकार'

    नाइजीरियाई सरकार ने इन अपहरणकर्ताओं के सामने झुकने से इनकार कर दिया है.

    नाइजीरियाई राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी ने कहा है कि "सरकार उन लोगों की धमकियों के आगे घुटने नहीं टेकेगी जो कि मासूम बच्चों को अपना निशाना बनाते हैं और उनके बदले में फिरौती चाहते हैं."

    उन्होंने कहा कि उनके सरकार की प्राथमिकता बच्चियों को सुरक्षित अपहरणकर्ताओं के चुंगल से बचाना है.

    बुहारी ने प्रांतीय सरकारों पर भी अपराधियों को आर्थिक संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है.

    स्कूल के पास सुरक्षाबल

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  14. जो बाइडन की अहम जीत, 1.9 लाख करोड़ डॉलर का राहत पैकेज को मंज़ूरी

    जो बाइडन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडन ने हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव में अपनी पहली और बेहद शानदार जीत हासिल की है.

    जो बाइडन के नेतृत्व में वाली सरकार द्वारा प्रस्तावित 1.9 लाख करोड़ डॉलर के कोरोना राहत पैकेज़ को हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव में मंजूरी मिल गई है.

    बाइडन की पार्टी को न्यूनतम आमदनी बढ़ाने वाला का विधेयक भी पास होने की उम्मीद थी लेकिन डेमोक्रेटिक पर्टी की इन उम्मीदों को झटका लगा है.

    कोरोना राहत पैकेज़ के तहत मिली राशि को वैक्सीन और मेडिकल सप्लाई पर खर्च किया जाएगा.

    इसके साथ आम लोगों, लघु व्यवसायों, राज्य एवं स्थानीय सरकारों को भी आपातकालीन आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी. अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से पाँच लाख लोगों की मौत हुई है और लाखों लोगों की नौकरियां गई हैं.

    डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने कहा है कि अमेरिका को महामारी से लड़ने के लिए इस पैकेज़ की ज़रूरत थी.

    हाउस स्पीकर नेन्सी पेलोसी ने सदन के पटल पर कहा, “अमेरिकी जनता को ये जानने की ज़रूरत है कि उनकी सरकार उनके लिए खड़ी है.”

    इससे पहले कोविड-19 पर हुए खर्च का समर्थन करने वाले रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने कहा है कि इस पैकेज़ का ज़्यादातर हिस्सा ग़ैर-ज़रूरी है.

    ये कहते हुए नेता पेलोसी के सेन फ्रांसिस्को ज़िले में सब-वे के निर्माण में होने वाले खर्च की ओर इशारा करते हैं.

    वे कहते हैं कि इसमें से सिर्फ 9 फीसदी राशि का इस्तेमाल सीधे तौर पर वायरस से लड़ने में खर्च किया जाएगा.

  15. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ब्राज़ील की राजधानी में लगा लॉकडाउन

    जेर बोल्सोनारो

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    ब्राज़ील की राजधानी ब्रासीलिया के गवर्नर ने शहर में 24 घंटों के लॉकडाउन की घोषणा की है ताकि कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाई जा सके. इस दौरान सभी जरूरी सेवाएँ बंद रहेंगी. ब्रासीलिया में सभी आईसीयू कोरोना के मरीजों से भर गए हैं.

    यह कदम तब उठाया गया है जब दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जेर बोलसोनारो ने नए सिरे से राज्यों के गवर्नर्स पर लॉकडाउन लगाकर नौकरियाँ खत्म करने का आरोप लगाया है.

    राष्ट्रपति बोलसोनारो हमेशा ही इस महामारी की गंभीरता को कम करके आँकते आए हैं. इस महामारी से ब्राज़ील में अब तक करीब ढाई लाख लोग मारे गए हैं.

    फेडरल जिले के गवर्नर इबानिस रोचा के एक प्रेस सहयोगी ने कहा है, “लॉकडाउन आज शुरू होगा और यह 24 घंटों के लिए होगा.”

    इससे संबंधित एक प्रकाशित आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन शनिवार की मध्यरात्रि से लागू होगा.

    ब्राजील के तिजुका का बार

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    इबानिस के प्रेस सहयोगी ने बताया कि दवा की दुकानें, गैस स्टेशन, चर्च और अंतिम संस्कार की जगहें खुली रहेंगी लेकिन इसके अलावा हर चीज बंद रहेगी, खासकर बार और रेस्तरां क्योंकि पिछले साल के आखिर में और कार्निवल की छुट्टियों के दौरान तेज़ी से संक्रमण के मामले सामने आए थे और इसके लिए बार और रेस्तरां को ही जिम्मेवार माना गया था.

    ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 10,455,630 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं और मरने वालों की संख्या 2,52,835 हो चुकी है.

    अमेरिका और भारत के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश ब्राज़ील ही है.

    ब्राज़ील

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  16. ब्रेकिंग न्यूज़, युद्धविराम का स्वागत है अब आगे की ज़िम्मेदारी भारत पर: इमरान ख़ान

    इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शनिवार को एक साथ कई ट्वीट करते हुए बालाकोट एयर स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर पाकिस्तान की जनता और सशस्त्र बलों को बधाई दी.

    इमरान ख़ान ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है, “मैं पूरे देश को बधाई देता हूं और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत की ओर से की गई अवैध, दुस्साहसी सैन्य रोमांच से भरे हवाई हमले पर जवाबी कार्रवाई दिए जाने की दूसरी वर्षगांठ पर पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को सलाम करता हूं. एक गर्व और आत्मविश्वास से भरे राष्ट्र के रूप में अपने द्वारा चुने समय और स्थान पर दृढ़ संकल्प के साथ जवाब दिया."

    इसके साथ ही इमरान ख़ान ने एक बार फिर कहा कि उनकी सरकार संवाद में यक़ीन रखती है और शांति चाहती हैं.

    उन्होंने कहा, "हमने दुनिया को ये भी दिखाया कि कि हमने भारत के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना सैन्य रुख़ की प्रतिक्रिया में पकड़े गए भारतीय पायलट को लौटा कर किस तरह ज़िम्मेदारी भरा व्यवहार किया. हम हमेशा शांति के लिए खड़े हुए हैं और आगे भी बातचीत के माध्यम से सभी बकाया मुद्दों को हल करने के लिए तैयार हैं."

    इमरान ख़ान ने अपने तीसरे ट्वीट में कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का मुद्दा फिर छेड़ दिया है.

    उन्होंने लिखा है, "मैं एलओसी पर युद्ध विराम की बहाली का स्वागत करता हूं. अब आगे की प्रगति के लिए एक सहज वातावरण बनाने की ज़िम्मेदारी भारत पर है. भारत को आवश्यक क़दम उठाने चाहिए ताकि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के मुताबिक़, कश्मीरियों की लंबे समय से चली आ रही माँग और अपने भविष्य का फ़ैसला करने का अधिकार उन्हें मिल सके.”

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  17. फर्ज़ी ईमेल मामले में बयान दर्ज कराने कमिश्नर ऑफिस पहुंचे ऋतिक रोशन

    फर्जी ईमेल मामले में कंगना रनौत के खिलाफ बयान दर्ज कराने कमिश्नर ऑफिस पहुंचे ऋतिक रोशन

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    अभिनेता ऋतिक रोशन मुंबई पुलिस कमिश्नर के दफ़्तर पहुंचे हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट ने फ़ेक ईमेल आईडी मामले में 2016 की शिकायत के सिलसिले में बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें समन भेजा था.

    दरअसल साल 2016 में ऋतिक रोशन ने एक शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कोई उनकी फ़ेक आईडी बनाकर कंगना से बात कर रहा था.

    इस मामले में कई धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हुई थी. जानकारी के मुताबकि, जांच के दौरन कंगना और उनकी बहन से भी पूछताछ की गई थी. 2020 में ये मामला मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया था.

  18. बिहार में शराबबंदी पर उठे सवालों का नीतीश कुमार ने दिया जवाब

    बिहार में शराबबंदी पर उठे सवालों का नीतीश कुमार ने दिया जवाब

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    बिहार में शराबबंदी के उल्लंघन की हालिया घटनाओं के बाद बहु प्रचारित शराबबंदी मुहिम पर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को नाराज़गी जताई.

    पटना में बिहार पुलिस सप्ताह-2021 में शिरकत करने पहुंचे नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी ज़िले में एक पुलिस पार्टी पर शराब तस्करों के हमले को लेकर भी चिंता जताई. इस हमले में एक सब-इंस्पेक्टर की जान चली गई थी.

    उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि शराब विरोधी मुहिम के लिए पुलिस वालों की पूरी टीम बनाई जानी चाहिए और “इक्का-दुक्का” पुलिस वालों को ऐसे छापे नहीं मारने चाहिए.

    उन्होंने ये भी दोहराया कि अगर पुलिस या आबकारी विभाग का कोई अधिकारी ख़ुद प्रतिबंध का उल्लंघन करते या ढिलाई बरतते पाया गया तो उन पर भी सख़्त कार्रवाई होगी. बिहार में शराबबंदी लागू हुए लगभग पाँच साल हो गए हैं.

    नीतीश कुमार ने कहा, “कुल 619 सरकारी कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की गई है. 348 के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है, 186 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.”

    कांग्रेस-आरजेडी की ओर से विधानसभा में शराबबंदी के असर पर उठाए गए सवालों के संदर्भ में नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि हमेशा उल्लंघन की कुछ घटनाएं होती ही हैं, लेकिन इस आधार पर कुछ लोग हमारे बड़े क़दम पर सवाल उठाने लगे हैं.

    उन्होंने दोहराया कि शराबबंदी समाज के हित में है. उन्होंने महात्मा गांधी का ज़िक्र किया और शराब के दुष्प्रभाव को दिखाने वाले विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यननों का हवाला दिया.

    क़ानून की कड़ाई का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने उस मांग को भी बकवास बताकर ख़ारिज कर दिया जिसमें कुछ लोगों का कहना है कि घोषित शराबियों के प्रति नरमी दिखानी चाहिए. नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसे लोग नशा मुक्ति केंद्र जा सकते हैं. उन्होंने 2015 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की महिलाओं से किए वादे को याद किया, जिसने उन्हें सत्ता में लौटने में मदद की थी.

  19. कैसे सुधरेगी भारत की अर्थव्यवस्था?

  20. पाकिस्तान और क़तर के बीच हुआ अहम समझौता

    पाकिस्तान-क़तर के बीच ‘सबसे सस्ता’ एलएनजी सप्लाई कॉन्ट्रेक्ट

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    पाकिस्तान और क़तर के बीच 10 साल के लिए लॉन्ग टर्म लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एएनजी) सप्लाई समझौता हुआ है. ये समझौता प्रतिदिन अतिरिक्त 20 करोड़ क्यूबिक फीट (एमएमसीएफ़डी) के लिए हुआ है. ये 2015 के 500 एमएमसीएफ़डी के कॉन्ट्रैक्ट से क़रीब 31 प्रतिशत कम क़ीमत पर हुआ है.

    शुक्रवार को हस्ताक्षर होने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम से जुड़े मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक नदीम बाबर ने कहा कि इसके तहत किसी भी दीर्घकालीन समझौते में पाकिस्तान को सस्ती दर पर गैस मिलेगी और ये राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की संयुक्त कोशिशों से संभव हो सका है.यानी पाकिस्तान का दावा है कि ये उसके लिए बहुत ही सस्ता सौदा है.

    पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ़ सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ सरकार और क़तर के बीच 2015-16 में हुए क़रार को लेकर मोलभाव करने की कोशिश की थी और इसी तरह का दावा किया था कि उसे सबसे कम दाम में ये सौदा मिल रहा है और अब तक इतनी कम क़ीमत पर पाकिस्तान से बड़ी एलएनजी ख़रीद नहीं हुई है.

    हालांकि क़तर ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया था और कहा था कि उसने मौजूदा कॉन्ट्रेक्ट के बारे में बात तक नहीं की है. क़तर ने कहा था कि अन्य देशों के साथ भी उसके ऐसे दर्जनों कॉन्ट्रेक्ट हुए हैं और वो कोई मिसाल कायम नहीं करना चाहता, लेकिन दोनों देशों के दोस्ताना रिश्तों को देखते हुए अतिरिक्त 200 एमएमसीएफ़डी एलएनजी सप्लाई पर 20-25 प्रतिशत डिस्काउंट देने की पेशकश कर सकता है.

    हालांकि तब ये ऑफर अमल में नहीं आ पाया क्योंकि पाकिस्तान के पास 100 एमएमसीएफ़डी से ज़्यादा की क्षमता नहीं थी और राजनीतिक कारणों से भी कैबिनेट में समहति बनी बन पाई थी.