दिशा रवि की गिरफ़्तारी पर ग्रेटा थनबर्ग ने तोड़ी चुप्पी

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने टूलकिट मामले में गिरफ़्तार की गईं पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि के समर्थन में ट्वीट किया है.

लाइव कवरेज

  1. दिशा रवि की गिरफ़्तारी पर ग्रेटा थनबर्ग ने तोड़ी चुप्पी

    ग्रेटा थनबर्ग

    इमेज स्रोत, REUTERS/JOHANNA GERON

    अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने टूलकिट मामले में गिरफ़्तार की गईं पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि के समर्थन में ट्वीट करते हुए कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ऐसा मानवाधिकार है जिस पर किसी भी क़ीमत पर समझौता नहीं किया जाता सकता है.

    उन्होंने ट्वीट में लिखा है, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का अधिकार और उसके लिए इकट्ठा होना कुछ ऐसे मानवाधिकार हैं जिस पर किसी भी क़ीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता है. ये किसी भी लोकतंत्र के मूलभूत हिस्से होने चाहिए.”

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    ग्रेटा ने इसके बाद हैशटैग स्टैंड विद दिशा रवि का इस्तेमाल भी किया है. दरअसल ग्रेटा ने फ़्राइडेस फ़ॉर फ़्यूचर इंडिया नामक संगठन के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए यह बात कही है.

    दिशा रवि इसी संगठन की कार्यकर्ता हैं और इस संगठन ने कई ट्वीट करके दिशा रवि का समर्थन किया है.

    वहीं, शुक्रवार को दिन में दिल्ली की एक अदालत ने किसान आंदोलन के पीछे विदेशी साज़िश मामले की जांच के दौरान गिरफ़्तार की गईं पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

    दिल्ली पुलिस ने दिशा को बेंगलुरु से गिरफ़्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट के कई अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना ट्रांज़िट रिमांड के ही दिल्ली की अदालत में पेश किया गया था.

  2. कोरोना वैक्सीन की रेस में यूरोप कैसे पिछड़ गया? - दुनिया जहान

    पूरी दुनिया के लिए चुनौती बने कोरोना वायरस पर काबू पाने वाली वैक्सीन तैयार हो चुकी हैं.

    भारत समेत दुनिया के कई देशों टीकाकरण भी शुरू हो चुका है. लेकिन हर व्यक्ति को सुरक्षित बनाने में लंबा समय लग सकता है.

    यूरोपीय यूनियन के विकसित माने जाने वाले देशों में भी अभी कुछ फ़ीसदी लोगों को ही टीके लग सके हैं.

    यूरोप के कई देश टीकाकरण के मामले में ब्रिटेन और अमेरिका से काफी पीछे हैं. वो भी तब जबकि ईयू ने कुल आबादी से कई गुना खुराक पाने के समझौते किए हुए हैं.

    क्या है इसकी वजह, दुनिया जहान में इसी की पड़ताल.

    प्रोड्यूसर/ प्रेज़ेंटर: वात्सल्य राय/ मोहनलाल शर्मा

    ऑडियो/ वीडियो एडिटः तिलक भाटिया/ देवाशीष कुमार

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वैक्सीन की रेस में यूरोप कैसे पिछड़ गया? Duniya Jahan
  3. एफ़-35 जेट कार्यक्रम में फिर शामिल होना चाहता है तुर्की

    फाइटर प्लेन

    इमेज स्रोत, Peter Byrne/PA Wire

    अमेरिका के एफ़-35 लड़ाकू जहाज़ कार्यक्रम में फिर से शामिल होने के लिए तुर्की ने वॉशिंगटन स्थित एक लॉ फर्म को नियुक्त किया है.

    रूस से एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के कारण तुर्की को इस कार्यक्रम से निलंबित कर दिया गया था. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमरीकी न्याय विभाग में दाखिल किए गए एक कॉन्ट्रैक्ट से इस नियुक्ति के बारे में पता चला है.

    तुर्की ने सौ से अधिक एफ़-35 जेट्स खरीदने का ऑर्डर दिया था और वह इनके उत्पादन के लिए कलपुर्जे भी बना रहा था. लेकिन, 2019 में उसे उस वक्त इस कार्यक्रम से हटा दिया गया जब उसने रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का फ़ैसला किया.

    उस वक्त तुर्की के फ़ैसले पर अमेरिका का कहना था कि तुर्की की इस खरीदारी से एफ़-35 जहाजों की सुरक्षा को ख़तरा पैदा हो सकता है.

    अब तुर्की ने लॉ फर्म आर्नल्ड एंड पोर्टर को अमेरिकी प्रशासन में बैठे अहम लोगों तक पहुंच मुहैया कराने और सलाह देने के लिए नियुक्त किया है. रॉयटर्स के अनुसार यह कॉन्ट्रैक्ट इसी महीने से शुरू हुआ है और इसकी समयसीमा छह महीने तक की है.

    रॉयटर्स के अनुसार इस कॉन्ट्रैक्ट पर तुर्की 7,50,000 डॉलर खर्च कर रहा है.

    तुर्की का आरोप

    तुर्की ने कहा है कि उसे ग़लत तरीके से एफ़-35 कार्यक्रम से हटाया गया था. तुर्की के राष्ट्रपति रिचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से सकारात्मक बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं.

    इस कॉन्ट्रैक्ट को तुर्की की एसएसटीईके डिफेंस इंडस्ट्री टेक्नोलॉजीज़ ने किया है जिस पर तुर्की प्रेसिडेंसी ऑफ डिफेंस इंडस्ट्रीज (एसएसबी) का मालिकाना हक है. यह तुर्की की मुख्य डिफेंस इंडस्ट्री इकाई है. इस कॉन्ट्रैक्ट में कहा गया है कि अर्नोल्ड एंड पोर्टर एसएसबी और तुर्की के दूसरे कॉन्ट्रैक्टरों को इस कार्यक्रम में बने रहने की रणनीति बनाने में सलाह देगी.

    तुर्की के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर फारेटिन ऑल्टन ने कहा है कि तुर्की पहले ही कुछ एफ़-35 जेट के लिए भुगतान कर चुका है. गुरुवार को नैटो से संबंधित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “यहां तक कि तुर्की से इन जेट्स के लिए हैंगर फीस भी ली जा चुकी है, जबकि हमें जहाज़ों की डिलीवरी नहीं मिली है.”

  4. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 19 फ़रवरी 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ.

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  5. ब्रेकिंग न्यूज़, उन्नाव मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने का दावा किया

    उन्नाव

    इमेज स्रोत, SAMIRATMAJ MISHRA

    इमेज कैप्शन, उन्नाव ज़िले के बबुरहा गाँव में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं.

    उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि उन्नाव में दलित लड़कियों की हत्या पड़ोस के ही गांव के एक युवक ने एक नाबालिग साथी के साथ मिलकर की हैं.

    पुलिस ने पाठकपुर गांव से विनय नाम के एक युवक और एक नाबालिग लड़के को गिरफ़्तार किया है.

    पुलिस अधिकारी लक्ष्मी सिंह ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि विनय नाम के युवक का खेत मारी गई लड़कियों के खेत के पास ही था और वो एक लड़की से इकतरफ़ा प्रेम करता था.

    लक्ष्मी सिंह के मुताबिक, "विनय ने एक लड़की को प्रेम प्रस्ताव दिया था, लड़की ने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था जिसके बाद वो लड़की से जलने लगा था."

    पुलिस का कहना है कि मुखबिर की सूचना के आधार पर अभियुक्त को गिरफ़्तार किया गया था जिसके बाद पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया.

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  6. कार्टून: नेताओं का आईपीएल, आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी पर आज का कार्टून.

    कार्टून
  7. दिशा रवि को तीन दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    दिशा रवि

    इमेज स्रोत, Disha Ravi

    दिल्ली की एक अदालत ने किसान आंदोलन के पीछे विदेशी साज़िश मामले की जांच के दौरान गिरफ़्तार की गईं पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

    दिल्ली पुलिस ने दिशा को बेंगलुरु से गिरफ़्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट के कई अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना ट्रांज़िट रिमांड के ही दिल्ली की अदालत में पेश किया गया था.

    वरिष्ठ पत्रकार सुचित्र मोहन्ती बताते हैं कि दिशा रवि के वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने एडिशनल चीफ़ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) की अदालत में कहा कि दिल्ली पुलिस बहुत कुछ कह रही है, उसे अपने दावों को साबित करना चाहिए.

    सिद्धार्थ अग्रवाल ने दिशा की तरफ़ से अदालत में कहा है, "मेरे ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं हैं, कृपया इस बात पर भी ध्यान दीजिए."

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    अग्रवाल ने कहा, “दिल्ली पुलिस को दिशा रवि के ख़िलाफ़ इस तरह का बर्ताव नहीं करना चाहिए. अदालत को उन्हें हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त आधारों पर विचार करना चाहिए.”

    वहीं अभियोजन पक्ष की तरफ़ से वकील इरफ़ान अहमद ने अदालत से कहा है कि ”जांच के दौरान दिशा रवि सवालों से बचती रही हैं. ऐसे में अधिक पूछताछ के लिए उन्हें तीन दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की ज़रूरत है.”

    इरफ़ान अहमद ने कहा, ”हमने शांतनु को नोटिस भेजा है, अभियुक्त दिशा रवि ने सह-अभियुक्त शांतनु और निकिता पर पूरी ज़िम्मेदारी डाल दी है. मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए अभियुक्त की तीन दिनों की हिरासत चाहिए.”

    अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिशा रवि को तीन दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

    सुनवाई से पहले दिशा रवि को पटियाला हाउस कोर्ट की लॉकअप में ले जाया गया. सभी मामलों में अभियुक्तों के साथ आमतौर पर ऐसा ही किया जाता है.

    दिशा के वकीलों ने उनसे बात भी की और वो अपने वकीलों को अपना पक्ष समझाती दिखाई भी दीं.

    मीडिया को दिशा से क़रीब सौ मीटर दूर ही रखा गया था. लेकिन दूर से ही ये दिख रहा था कि अधिवक्ता उनसे बचाव के लिए दस्तावेज़ और मामले से जुड़ी दूसरी चीज़ें ले रहे थे.

  8. उन्नावः प्रशासन पर अंतिम संस्कार में जल्दबाज़ी के आरोप

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    वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले का एक वीडियो शेयर करते हुए उन्नाव प्रशासन पर संदिग्ध परिस्थितियों में मारी गईं दलित लड़कियों का अंतिम संस्कार जल्दबाज़ी में करने के आरोप लगाए हैं.

    पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले ने ट्वीट करके आरोप लगाया है कि "परिवार के लोगों को धमकाया जा रहा है, और अपने ही परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा था."

    उन्होंने सवाल किया है कि योगी सरकार को शव को दफनाने की इतनी जल्दी क्यों है?

  9. म्यांमार तख़्तापलट: विरोध प्रदर्शनों में एक लड़की की मौत

    म्या त्वे त्वे काइंग

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    म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद से जारी विरोध-प्रदर्शनों में 20 वर्षीय लड़की म्या त्वे त्वे काइंग की मौत हो गई है. पिछले कुछ दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों में पहली बार किसी प्रदर्शनकारी की मौत हुई है.

    म्या त्वे त्वे काइंग पिछले हफ़्ते एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए तब घायल हो गई थीं, जब पुलिस ने पानी की बौछारों, रबर बुलेट्स और असली गोलियां चलाकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की थी.

    मानवाधिकार समूहों का कहना है कि उनके शरीर पर जो जख़्म था वो असली गोली से हुए घाव जैसा था.

    म्यांमार में सेना द्वारा सत्ता हथियाए जाने के बाद से लगातार विरोध-प्रदर्शनों का दौर जारी है. सेना ने म्यांमार की नेता आंग सान सू ची की चुनी हुई सरकार का तख़्तापलट कर दिया है.

    म्या त्वे त्वे काइंग की मौत नेपीडाव के अस्पताल में हुई है. उनके परिवार ने कहा है कि उनका अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने एक डॉक्टर के हवाले से बताया है कि “हम न्याय की मांग करेंगे.” डॉक्टर ने कहा कि जब से म्या त्वे त्वे काइंग को अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट में लाया गया था तब से ही यहां का स्टाफ भारी दबाव में था.

    म्या त्वे त्वे काइंग

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    अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की जांच करेंगे. म्या त्वे त्वे काइंग 9 फरवरी को अस्पताल में ले जाए जाने के बाद से ही लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर थीं.

    उन्होंने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. प्रदर्शनकारियों के पीछे हटने से इनकार करने पर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था.

    बीबीसी बर्मीज़ सेवा का कहना है कि उन्हें अस्पताल पहुंचाने के बाद ही बीबीसी ने एक मेडिकल अफसर से बात की थी. उनका कहना था कि म्या त्वे त्वे के सिर पर गंभीर चोट है.

    म्या त्वे त्वे और उनका परिवार आंग सान सू ची की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) का समर्थक है. उनके भाई ने कहा कि उन्होंने पिछले साल नवंबर में हुए आम चुनावों में पहली बार वोट भी दिया था. इस चुनाव में एनएलडी को भारी जीत मिली थी.

    म्या त्वे त्वे की बहन म्या ता तो वे ने कहा, “मैं सभी नागरिकों को उत्साहित करना चाहती हूं कि वे प्रदर्शनों में शामिल हों ताकि हम इस सिस्टम से मुक्ति पा सकें.”

    म्यांमार के लोग क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?

    म्यांमार में सेना के सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद से आपातकाल जैसे हालात हैं.

    तख़्तापलट से पहले सेना ने दावा किया था कि नवंबर में हुए चुनावों के नतीजे फर्ज़ी हैं, लेकिन उन्होंने इसका कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है.

    सेना ने सत्ता कमांडर इन चीफ़ मिन ऑन्ग लाइंग को सौंप दी है और सू ची को उनके घर में नजरबंद कर दिया है.

    सू ची पर अवैध वॉकी-टॉकी रखने और देश के नेचुरल डिज़ास्टर क़ानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है.

    प्रदर्शनकारी उनकी और एनएलडी के अन्य सदस्यों की रिहाई की मांग कर रहे हैं.

    2007 के सेफ्रन रेवॉल्यूशन के बाद से पहली बार देश में इतने बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. उस वक्त सैन्य सत्ता के ख़िलाफ़ देश के बौद्ध भिक्षु उठ खड़े हुए थे.

    देश में सुरक्षा अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की ख़बर है. सेना ने विरोध की आवाजों को दबाने के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया है.

  10. 'वैक्सीन की कमी से रूस और चीन को प्रभुत्व बढ़ाने का मौक़ा मिल सकता है'

    इमैनुअल मैक्रों

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    फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस वैक्सीन की अपनी सप्लाई का 5 फीसदी तक हिस्सा विकसित देशों को तत्काल भेजें.

    मैक्रों ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स को बताया है कि वैक्सीन को उचित तरीके से अगर साझा नहीं किया गया तो इससे दुनिया में असमानता और बढ़ेगी.

    मैक्रों ने शुक्रवार को जी7 देशों के सम्मेलन से पहले इस असंतुलन को हल करने की अपनी योजना का प्रस्ताव रखा है.

    मैक्रों ने कहा है कि इस तरह की स्कीम की ग़ैर-मौजूदगी में चीन और रूस इस अंतर को पूरा भरेंगे और इससे वैक्सीन को लेकर अपना प्रभुत्व बढ़ाने की जंग का रास्ता खुल जाएगा.

    गौ़रतलब है कि बीते कुछ वक्त से रूस और चीन कई विकासशील देशों को अपनी कोरोना वैक्सीन मुहैय्या करा रहे हैं.

    दुनियाभर में चल रही वैक्सीनेशन की मुहिम का ज़्यादातर हिस्सा अमीर देशों में चल रहा है.

    मैक्रों ने कहा है कि जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने वैक्सीन साझा करने की यूरोप की मुहिम का समर्थन किया है. मैक्रों ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमरीका भी इसका समर्थन करेगा.

    मैक्रों ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स से कहा,“हम तत्काल अरबों डोज या अरबों यूरो की बात नहीं कर हे हैं. हम अपने पास मौजूद वैक्सीन का 4-5 फीसदी हिस्सा तेज़ी से दूसरे देशों को देने की बात कर रहे हैं.”

    कोरोना वैक्सीन

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    माना जा रहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन जी7 देशों के सम्मेलन में कोवैक्स कार्यक्रम के लिए कोरोना वैक्सीन की अतिरिक्त डोज़ देने का ऐलान कर सकते हैं.

    वहीं व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन दुनिया के सभी मुल्कों तक समान रूप से वैक्सीन पहुंचाने के अंतरराष्ट्रीय कोवैक्स कार्यक्रम के लिए चार अरब डॉलर देंगे. वो शुक्रवार को इसकी घोषणा कर सकते हैं.

    ग़रीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाले एक समूह की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि अमीर देश जिन्होंने कोरोना वैक्सीन रिसर्च में निवेश किया है, उन्होंने अपनी ज़रूरत से ज़्यादा वैक्सीन अपने लिए सुरक्षित कर ली है.

    वन कैंपेन नाम की स्टडी में पता चला है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने कोविड-19 वैक्सीन की तीन अरब से ज़्यादा डोज़ खरीद ली हैं. यह सप्लाई इन देशों की आबादी को दो डोज़ देने के हिसाब से क़रीब एक-तिहाई यानी 1.2 अरब डोज़ अधिक है. वहीं दुनिया के 100 से ज़्यादा देश ऐसे हैं जहां वैक्सीन लगना शुरू भी नहीं हुआ है.

    एंटोनियो गुटेरेश

    इमेज स्रोत, EPA/PASCAL BITZ

    इससे पहले बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने दुनिया के देशों के बीच कोविड-19 वैक्सीन के वितरण को "असमान और अनुचित" बताया था.

    उनका कहना था कि दुनिया भर में जितनी कोरोना वैक्सीन उपलब्ध है उसका 75 फीसदी हिस्सा दुनिया के 10 देशों के पास है जबकि 130 देशों को वैक्सीन की एक भी डोज़ नहीं मिल सकी है.

  11. टिकैत ने फिर कहा टिके रहेंगे किसान

    राकेश टिकैत

    किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि "किसान बीते सत्तर सालों से कृषि में नुकसान उठा रहे हैं, अगर उन्हें अपनी एक और फसल का बलिदान देना पड़ा तो वो उसके लिए भी तैयर हैं."

    उन्नोंने कहा, "अगर उन्हें फसल काटने के लिए अधिक मजदूरों की मदद लेनी पड़ी तो वो उसके लिए भी तैयार हैं. वो फसल काटेंगे और उपज अपने घर में रखेंगे. आंदोलन को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा."

    इससे पहले उन्होंने कहा था, "सरकार को ये ग़लतफ़हमी नहीं होनी चाहिए कि किसान फसल काटने वापस चलें जाएंगे. अगर सरकार ज़बरदस्ती करेगी तो हम अपनी फसलों को भी जला देंगे. सरकार को ये नहीं सोचना चाहिए था कि प्रदर्शन दो महीने में खत्म हो जाएंगे. हम फसल भी काटेंगे और प्रदर्शन भी करेंगे.'

  12. रामदेव का दावा कोरोनिल को 158 देशों में निर्यात की मंजूरी मिली

    पतंजलि ने कोरोना पर रिसर्च पेपर लॉन्च किया और सीओपीपी-डब्ल्यूएचओ जीएमपी सर्टिफ़िकेशन मिलने का भी दावा किया.

    शुक्रवार को पतंजलि योगपीठ के प्रमुख बाबा रामदेव ने कोरोना के इलाज में सहायक रिसर्च आधारित दवा कोरोनिल के लिए रिसर्च पेपर को लॉन्च किया है. इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे.

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    पतंजलित योगपीठ की ओर से जारी रिलीज़ में दावा किया गया है कि सीओपीपी-डब्ल्यूएचओ जीएमपी प्रोटोकॉल के मुताबिक़ कोरोनिल को कोरोना के लिए सहायक घोषित किया गया है.

    इस इवेंट में एक रिसर्च पेपर भी लॉन्च किया गया. पतंजलि ने कहा है कि सीओपीपी- डब्ल्यूएचओ जीएमपी से सर्टिफाइड होने के बाद इस दवा को अब दुनिया के 158 देशों में निर्यात किया जा सकेगा.

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    पतंजलि ने पिछले साल जून में कोरोनिल और श्वसारि नाम से आयुर्वेदिक दवाइयां लॉन्च की थीं और दावा किया था कि ये कोरोना के इलाज में कारगर साबित होंगी. हालांकि, उस वक्त इस पर काफी विवाद पैदा हुआ था.

    विवादों के बाद पतंजलि ने इसे इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाई बताया गया.

    शुक्रवार के कार्यक्रम में रामदेव ने कहा,“कोरोनिल पर कई सवाल खड़े किए गए थे. कुछ लोगों को लगता था कि आयुर्वेद में रिसर्च नहीं हो सकती है. अब वो शक के बादल छंट गए हैं.”

    उन्होंने कहा कि पतंजलि ने कोरोना पर 9 रिसर्च अंतरराष्ट्रीय पेपर्स में पब्लिश की हैं और 15 पेपर्स कतार में हैं.

    क्या होता है सीओपीपी डब्ल्यूएचओ-जीएमपी सर्टिफ़िकेशन?

    सीओपीपी को डब्ल्यूएचओ-जीएमपी सर्टिफ़िकेशन स्कीम के तहत जारी किया जाता है.

    इसे अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए जारी किया जाता है. मसलन, इसके लिए उत्पाद को दूसरे देशों में रजिस्टर्ड कराया जा सकता है.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा- फ़ेसबुक मामले में उन्हें कई देशों से समर्थन मिला

    ऑस्ट्रेलिया

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    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने शुक्रवार को सिडनी में पत्रकारों से कहा कि ऑस्ट्रेलिया वो क़ानून लाएगा जिसके तहत फ़ेसबुक को न्यूज़ सामग्री के लिए भुगतान करना होगा.

    स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि उन्हें दुनिया भर से कई नेताओं का समर्थन मिला है. फ़ेसबुक ने प्रस्तावित क़ानून के विरोध में ऑस्ट्रेलिया में सभी न्यूज़ वेबसाइट की ख़बरों को अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर करने पर रोक लगा दी है.

    फ़ेसबुक ने गुरुवार को सभी ऑस्ट्रेलिया नागरिकों के लिए फ़ेसबुक पर स्थानीय और विदेशी मीडिया घरानों की ख़बरें देखने, पढ़ने और शेयर करने पर रोक लगा दी है.

    फ़ेसबुक का कहना है कि उसके पास प्रस्तावित क़ानून के बाद इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं था. स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि इस मामले में उन्हें ब्रिटेन, कनाडा, फ़्रांस और इंडिया का समर्थन मिला है. ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जो कर रहा है उसमें दुनिया के कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है.

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने ट्वीट कर कहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म बिल पर बात की है. अपने ट्वीट में मॉरिसन ने लिखा है, ''मैंने अपने अच्छे दोस्त पीएम नरेंद्र मोदी से फिर बात की है. हमने कई मुद्दों पर बात की, जिनमें रणनीतिक साझेदारी, समान चुनौतियाँ, कोविड-19, आर्थिक सहयोग और इंडो पैसिफिक शामिल हैं. हमने मीडिया प्लेटफॉर्म बिल पर भी बात की है.''

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  14. श्रीलंकाई संसद में इमरान ख़ान के भाषण रद्द होने पर बोला पाकिस्तान

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के श्रीलंका दौरे में संसद में उनके संबोधन को रद्द किए जाने पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष प्रधानमंत्री के दौरे और उनके कार्यक्रम पर काम कर रहे हैं.

    पाकिस्तानी अख़बार डॉन के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हाफ़ीज़ चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम कोविड-19 की चिंताओं को देखते हुए तैयार किया जा रहा है. इस मामले में श्रीलंका की तरफ़ से पहले ही कहा जा चुका है कि ऐसा कोविड-19 के कारण लिया गया है.

    इमरान ख़ान 22 फ़रवरी को श्रीलंका के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं. हालांकि एक बात यह भी कही जा रही है कि श्रीलंका ने भारत से रिश्ते ख़राब होने की आशंका के कारण संसद में इमरान ख़ान के भाषण को रद्द किया है. कहा जा रहा था कि इमरान ख़ान श्रीलंकाई संसद में कश्मीर और श्रीलंका के मुसलमानों का मुद्दा उठा सकते थे.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत के सिख तीर्थयात्रियों पर भी एक टिप्पणी की है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारत के गृह मंत्रालय ने सुरक्षा और कोविड-19 से जुड़ी चिंताओं का हवाला देकर 600 सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी थी.

    अब इस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई है. पाकिस्तानी अख़बार डॉन के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को भारत की इन चिंताओं को ख़ारिज कर दिया.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हाफ़ीज़ चौधरी ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गुरुवार को कहा, ''पाकिस्तान सिख यात्रियों को दुनिया भर में यहाँ तक कि भारत से भी ज़्यादा सुविधा मुहैया कराता है.''

    भारत ने साका ननकाना साहिब की 100वीं जयंती के मौक़े पर 18 फ़रवरी से 25 फ़रवरी के बीच क़रीब 600 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान आने की अनुमति नहीं दी. सिखों के इस समूह को पाकिस्तान स्थिति पाँच गुरुद्वारों में जाना था.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा, ''हमने सिख यात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोला और इसकी प्रशंसा दुनिया भर में हुई. यहाँ तक कि यूएन प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने करतारपुर आकर उम्मीदों का कॉरिडोर कहा. पाकिस्तान की इस पहल की प्रशंसा दुनिया भर में हुई. सिख श्रद्धालुओं ने भी पाकिस्तान की इसे लेकर तारीफ़ की है.''

    पाकिस्तान

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  15. जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए चीजों का पुन: इस्तेमाल: पीएम मोदी

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया सर्कुलर इकोनॉमी हैकाथॉन अवॉर्ड समारोह में कहा है कि चीज़ों का पुन: इस्तेमाल किया जाना हमारी जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए.

    प्रधानंत्री मोदी ने कहा, “इस हैकाथॉन ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के इनोवेटिव सॉल्यूशन को देखा. ये इनोवेशन हमारे देशों को सर्कुलर इकोनॉमी सॉल्यूशन लेने के लिए प्रेरित करेंगे. अब हमें इन विचारों को स्केल और इनक्यूबेट करने के तरीके भी तलाशने चाहिए.”

    उन्होंने ये भी कहा, “सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा हमारी कई समस्याओं को हल करने में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है. रीसाइक्लिंग, रियूजिंग, कचरे को ख़त्म करना हमारी जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए.”

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  16. भारत में वैक्सीन पाने वालों की संख्या एक करोड़ से ज़्यादा हुई

    वैक्सीन लगवाती हुईं महिला पुलिसकर्मी

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    भारत में कोरोना वायरस से बचाव के लिए अब तक एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि बीते 24 घंटों में कोविड-19 के 13,193 नए मामले आने के बाद कुल संक्रमित (पॉज़िटिव) मामलों की संख्या एक करोड़ (1,09,63,394) के पार पहुंच गई है. कुल संक्रमित हुए लोगों की संख्या के लिहाज़ से भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर बना हुआ है.

    टीकाकरण

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    वहीं, सक्रिय कोविड 19 मामलों की संख्या 1,39,542 है.वहीं, एक करोड़ (1,06,67,741) से ज़्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आकर ठीक हो चुके हैं.

    इसके साथ ही कोविड -19 से हुईं 97 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,56,111 हो गई है.

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  17. उत्तराखंडः चमोली हादसे में अब तक 62 शव बरामद

    तपोवन टनल

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    उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया है कि सात फ़रवरी को चमोली ज़िले में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे में अब तक 62 शव बरामद किए गए हैं.

    उन्होंने बताया कि तपोवन टनल में राहत और बचाव कार्य का काम जारी है.

    अभी भी लगभग 140 लोग लापता हैं.

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  18. भारत में तेल की क़ीमतों में आग लगी है पर सऊदी अरब ख़ुश

    सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान

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    इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान

    भारत में पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमत में आग लगी है लेकिन सऊदी अरब जैसे तेल उत्पादक देशों के लिए यह ख़ुशख़बरी है. सऊदी अरब से तेल की माँग लगातार बढ़ रही है.

    कोविड महामारी के कारण सऊदी अरब और कई तेल उत्पादक देश तेल की घटती माँग से जूझ रहे थे लेकिन अब वैश्विक अर्थव्यवस्था खुलने से अचानक से तेल की माँग बढ़ गई है और तेल आयात करने वाले देशों में तेल की क़ीमत लगातार बढ़ रही है. भारत में पेट्रोल की क़ीमत प्रति लीटर 100 रुपए के पार पहुँच गई है.

    सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान ने बुधवार को कहा है कि अभी ये कहना जल्दबाज़ी होगी कि कोविड-19 के ख़िलाफ़ जीत मिल गई है. उन्होंने कहा कि तेल उप्तादक देशों को सतर्क रहने की ज़रूरत है.

    उन्होंने कहा, ''एक साल पहले की तुलना में हम आज बहुत ही बेहतर स्थिति में हैं. लेकिन मैं चेतावनी दे रहा हूं कि अभी हमें और सतर्क रहने की ज़रूरत है. अब भी अनिश्चितता ख़त्म नहीं हुई है. मेरा मानना है कि अभी बहुत उत्साहित होने की ज़रूरत नहीं है.''

    सऊदी अरब का तेल निर्यात लगातार छठे महीने भी बढ़ना जारी रहा. हर दिन 60.495 लाख बैरल तेल का निर्यात बढ़ा है. दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब में कच्चे तेल और तेल उत्पादों का निर्यात महीना दर महीना 70.71 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ा है.

    तेल

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  19. टेक्सस के लोग संकट में लेकिन सीनेटर टेड क्रूज़ छुट्टी मनाने विदेश गए

    टेड क्रूज़

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    टेक्सस के गवर्नर ग्रेग एबोट ने गुरुवार को कहा कि राज्य के सभी पावर प्लांट काम करने लगे हैं लेकिन अब भी लाखों लोग बिना बिजली के रह रहे हैं.

    टेक्सस पिछले कई दिनों से प्रचंड ठंड और भारी बर्फ़बारी की चपेट में है, जिससे कई ज़रूरी सेवाएं भी बाधित हैं. इतनी कड़ाके की ठंड में लोग बिना बिजली के रह रहे हैं. टेक्सस के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक पावर ग्रिड की हालत बदहाल रहेगी और ठंड का प्रकोप भी अभी जारी रहेगा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार 325,000 लोग अब भी बिना बिजली के रह रहे हैं. बुधवार को यह तादाद 27 लाख थी. पानी की आपूर्ति भी बुरी तरह से बाधित हुई है. जब टेक्सस के लोग संकट में हैं तब वहाँ के सीनेटर टेड क्रूज़ अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाने मेक्सिको चले गए हैं.

    टेड क्रूज़ की इसके लिए काफ़ी आलोचना हो रही है. गुरुवार को एक बयान में टेड क्रूज़ ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटियों के लिए मेक्सिको जाने की योजना बना रखी थी. बुधवार को ट्विटर पर टेड क्रूज़ की फ़ोटो शेयर की जा रही थी और लोग लिख रहे थे कि जब टेक्सस के लोग संकट में हैं तो सीनेटर छुट्टियाँ मनाने विदेश जा रहे हैं.

    डेमोक्रेटिक कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल ने ट्विटर पर लिखा, ''टेक्सस के लोग भयानक ठंड में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं और टेड क्रूज़ छुट्टियाँ मनाने विदेश चले गए.'' लेकिन टेड क्रूज़ ने अपने दौरे का बचाव किया है और इसके लिए कोई खेद नहीं जताया है.

    टेड क्रूज़

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  20. नमस्कार!

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