मंगल ग्रह पर उतरा नासा का अंतरिक्ष यान, जीवन की संभावनाओं पर करेगा खोज

सात महीने पहले धरती से गए ‘पर्सावियरेंस रोवर’ नामक अंतरिक्ष यान ने तक़रीबन आधा अरब किलोमीटर की दूरी तय की है.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, मंगल ग्रह पर उतरा नासा का अंतरिक्ष यान, ज़िदगी की संभावनाओं पर करेगा खोज

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    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह पर उतर चुका है. सात महीने पहले धरती से गए इस अंतरिक्ष यान ने तक़रीबन आधा अरब किलोमीटर की दूरी तय की है.

    ‘पर्सावियरेंस रोवर’ ने लाल ग्रह पर उतरने के बाद तस्वीर ट्वीट की है. यह अंतरिक्ष यान सूख चुकी एक पुरानी झील के खंडहर की जांच करेगा.

    सात ही यह यान अरबों साल पहले माइक्रो-ऑर्गानिज़्म्स की किसी भी गतिविधि के चिन्हों की जांच करेगा और उनको भेजेगा.

    अंतरिक्ष यान ने जब लैंडिंग की तो नासा के कंट्रोल सेंटर में बैठे स्टाफ़ में ख़ुशी की लहर दौड़ गई. 1970 के बाद नासा का यह पहला मिशन है जो मंगल ग्रह पर जीवन के संकेतों को तलाशने के लिए है.

  2. पुडुचेरी की उप-राज्यपाल ने 22 फ़रवरी को विश्वास मत का आदेश दिया

    उपराज्यपाल सुंदरराजन और मुख्यमंत्री नारायणसामी

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, उपराज्यपाल सुंदरराजन और मुख्यमंत्री नारायणसामी

    पुडुचेरी के उप-राज्यपाल का कार्यभार संभालने के बाद तमिलिसाई सुंदरराजन ने 22 फ़रवरी को विधानसभा में विश्वास मत कराने का आदेश दिया है.

    विश्वास मत के दौरान मतदान हाथ उठाकर होगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी होगी.

    मंगलवार को दूसरे विधायक के इस्तीफ़ा देने के बाद कांग्रेस शासित पुडुचेरी की सरकार अल्पमत में आ गई थी.

    इसके बाद शाम को उप-राज्यपाल किरण बेदी को उनके पद से हटा दिया गया था और तेलंगाना की राज्यपाल सुंदरराजन को अतिरिक्त प्रभार दिया गया था. सुंदरराजन तमिलनाडु बीजेपी की अध्यक्ष भी रही हैं.

    इस वक़्त सदन में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन के 14-14 विधायक हैं और सदन में सदस्यों की कुल संख्या 28 है.

    पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी कह चुके हैं कि उनके पास बहुमत है और वो इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

  3. चीन के क्लाउड सीडिंग प्रोग्राम से क्यों चिंतित है भारत?

    बीजिंग की गिनती दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में होती है.

    लेकिन जिस दिन आसमान में बादल साफ होते हैं और सूरज की रोशनी दिख रही होती है, तो समझ लीजिए कि उस दिन कोई अहम राजनीतिक बैठक होने वाली है या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय इवेंट इस शहर में आयोजित होने वाला है.

    हालांकि ऐसा संयोगवश नहीं होता है. चीनी अधिकारी वर्षों से क्लाइमेट मैनीपुलेशन प्रोग्राम या पर्यावरण में हेरफेर करने वाले कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

    पिछले साल दिसंबर में चीन इस मामले में एक कदम और आगे निकल गया. राष्ट्रीय सरकार ने ऐलान किया कि उसकी योजना इस प्रोग्राम को पूरे देश में लागू करने की है.

    स्टोरी: टीम बीबीसी

    आवाज़: प्रज्ञा सिंह

    वीडियो एडिटिंग: रुबाइयत बिस्वास

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  4. वाराणसी में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए खुला ख़ास टॉयलेट

    उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी शहर में टॉयलेट खोला है जो पूरी तरह से ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए है.

    ट्रांसजेंडर समुदाय को शौचालय को लेकर कई बार दिक़्क़तें होती हैं जिससे निपटने के लिए ये पहल की गई है.

    राज्य सरकार शहर में अलग-अलग जगह ऐसे चार टॉयलेट खोलने की योजना बना रही है.

    वीडियो कैप्शन, वाराणसी में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए खुला ख़ास टॉयलेट
  5. किसानों का 'रेल रोको' कितना कामयाब रहा?

    गुरुवार को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में आंदोलनकारी किसान रेल की पटरियों पर बैठ गए.

    इस वजह से कई रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई है.

    आंदोलनकारी किसानों ने कृषि क़ानून रद्द करने के समर्थन में 'रेल रोको' विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.

    वीडियोः अरविंद छाबड़ा, समीरात्मज मिश्र, सत सिंह, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिंदी के लिए

    वीडियो कैप्शन, किसानो का 'रेल रोको' विरोध प्रदर्शन कितना कामयाब रहा?
  6. 96 साल की उम्र में पियानो बजाने वाला शख़्स

    1925 में पैदा हुए जेगल सैम ने 14 साल की उम्र में पियानो बजाना शुरू किया था.

    ग्रैजुएशन के बाद वो एक म्यूज़िक टीचर बन गए थे. बाद में कोरिया की जंग शुरू हो गई और उन्हें जंग के मैदान में भेज दिया गया.

    वीडियो कैप्शन, 96 साल की उम्र में पियानो बजाने वाला शख़्स
  7. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वैक्सीन लगाने से मना किया तो देना पड़ेगा जुर्माना

    कोरोना

    इमेज स्रोत, REUTERS/Ajeng Dinar Ulfiana

    इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में सरकार ने कहा है कि जो व्यक्ति कोरोना की वैक्सीन लगवाने से मना करेंगे उन्हें 350 डॉलर से अधिक का जुर्माना देना पड़ सकता है.

    इंडोनेशिया पहला देश है जहां सरकार ने कोरोना वैक्सीन लगवाने को बाध्यकारी बना दिया है. हालांकि सरकार ने कहा है कि जुर्माने की रकम के बारे में प्रांतीय सरकारें फ़ैसला ले सकती हैं.

    जकार्ता के वाइस गवर्नर अहमद रीज़ा पत्रीया ने कहा है कि जो व्यक्ति कोरोना की वैक्सीन लेने से मना करेगा, सरकार से दी उसे जानेवाली सामाजिक सुरक्षा राशि को रोक दिया जाएगा.

    इंडोनेशिया दक्षिणपूर्ण एशिया में कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित देशों में से एक है. जॉन्स हॉप्किन्स युनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार यहां अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 24 लाख पहुंच चुकी है जबकि इस कारण अब तक 33,969 लोगों की मौत हो चुकी है.

    कोरोना वैक्सीनेशन की योजना के तहत सरकार सबसे पहले कामकाजी वर्ग के लोगों को वैक्सीन देने वाली है. सरकार का कहना है कि वो चाहती है कि देश की अर्थव्यवस्था को चालू रखी जाए.

  8. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर, 18 फ़रवरी 2021

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से.

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  9. रेलवे ट्रैक पर महिला और उसके ऊपर से गुज़र गई ट्रेन

    रेलवे पटरी पर लेटी हुई महिला और ऊपर से गुज़रती ट्रेन- हरियाणा के रोहतक में एक महिला के साथ यह ख़तरनाक घटना घटी.

    बताया जा रहा है महिला ट्रेन की नीचे से रेलवे ट्रैक पार कर रही थी. तभी वह ट्रेन चलने लगी, और फिर महिला ट्रैक पर नीचे लेट गई जब पूरी ट्रेन गुज़र गई तो महिला सकुशल खड़ी हो गई.

    वीडियो कैप्शन, रेलवे ट्रैक पर महिला और उसके ऊपर से गुज़र गई ट्रेन
  10. सीको हाशिमोटो को टोक्यो ओलंपिक का अध्यक्ष बनाया गया

    सीको हाशिमोटो

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    इमेज कैप्शन, टोक्यो गेम्स की अध्यक्ष सीको हाशिमोटो

    जापानी नेता और पूर्व एथलीट सीको हाशिमोटो को टोक्यो 2020 के अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है. इससे पहले अध्यक्ष पद पर रहे योशिरो मोरी भी सात बार साइकलिस्ट और स्पीड स्केटर के रूप में ओलंपिक में भाग ले चुके हैं.

    मोरी को अपने एक विवादित बयान की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

    मोरी ने कहा था कि महिलाएं बात बहुत करती हैं. इस वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

    इसके बाद एक अन्य अस्सी वर्षीय पुरुष को अध्यक्ष पद के लिए चुना जा रहा था लेकिन उस विकल्प पर भी विरोध किया गया.

    योशिरो मोरी

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    इमेज कैप्शन, टोक्यो खेलों के पूर्व अध्यक्ष योशिरो मोरी

    जापान की ओलंपिक कमेटी बोर्ड में फिलहाल 24 सदस्य हैं जिनमें से महिलाएं सिर्फ पाँच हैं.

    मोरी ने इससे पहले बयान दिया था कि अगर बोर्ड में महिलाओं की संख्या बढ़ती है तो उन्हें “बोलने के लिए दिए जाने वाले समय को सीमित करना होगा क्योंकि उन्हें अपनी बात पूरी करने में दिक़्क़त महसूस होती है जो कि काफ़ी परेशान करने वाला होता है.”

    मोरी ने बाद में अपने इस बयान के लिए माफ़ी माँगी लेकिन कहा कि उनकी प्राथमिकता ये थी कि ओलंपिक खेल जुलाई में ही संपन्न हों.

    वहीं, हाशिमोटो ने गुरुवार को कहा है कि उन्होंने ओलंपिक मिनिस्टर के रूप में अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है ताकि वे टोक्यो खेलों के अध्यक्ष के रूप में अपनी नई ज़िम्मेदारियों का निर्वाह कर सके हैं.

    महामारी की वजह से एक साल से लंबित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल आगामी 23 जुलाई से शुरू होने वाले हैं.

  11. मॉस्को की अदालत का फ़ैसला, एलेक्सी नवेलनी के भाई नज़रबंद किए गए

    नवेलनी

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    पिछले कुछ दिनों से रूस में विपक्ष के नेता एलेक्सी नवेलनी को रिहा करने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी हैं. इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने वाले हज़ारों लोगों को गिरफ़्तार किये जा चुके हैं.

    इसी प्रक्रिया में मॉस्को की एक अदालत ने अलेक्सी नवालनी की भाई ओलेग नवालनी को नज़रबंद किए जाने का आदेश दिया है. ओलेग नवालनी पर आरोप था कि उन्होंने 23 मार्च को कोरोना वायरस से जुड़े प्रतिबंधों को तोड़कर अपने भाई को रिहा करने के लिए किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया.

    इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने वाले लोगों के ख़िलाफ़ जिन धाराओं के मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, उनमें कोरोना वायरस से जुड़े नियम तोड़ना भी शामिल है.

  12. कार्टून: बेटी बचाने वाले

    कार्टून
  13. 'महाराष्ट्र में रिलीज़ नहीं होने देंगे अमिताभ, अक्षय की फ़िल्में'

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र में अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार की फ़िल्मों को रिलीज़ नहीं होने दिया जाएगा.

    भंडारा में नए कृषि क़ानूनों के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा, “किसान मोदी सरकार के तीनों काले क़ानून का विरोध कर रहे हैं.”

    उन्होंने इस दौरान अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, “मनमोहन सिंह की सरकार के समय अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार सरकार की आलोचना में ट्वीट किया करते थे. आज ये लोग चुप क्यों हैं?“

    “महाराष्ट्र में अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार की फिल्मों की शूटिंग नहीं हो पाएगी. अगर इन दोनों ने मोदी सरकार के अन्यायपूर्ण नीतियों पर अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं किया तो महाराष्ट्र में इनकी फ़िल्मों को प्रदर्शित नहीं होने देंगे.”

    अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार

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  14. अफ़्रीका में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा एक लाख के क़रीब

    अफ़्रीका में कोरोना

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    अफ़्रीका में कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख के क़रीब पहुंच रही है. दूसरे उपमहाद्वीपों की तुलना में ये संख्या बेहद कम है लेकिन यहां कोरोना की दूसरी लहर के कारण संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और अस्पतालों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है.

    अफ़्रीका में अब तक कोरोना से 99800 मौतें हुई हैं, इसकी तुलना में उत्तरी अमेरिका में अब तक पांच लाख से अधिक मौतें हो चुकी हैं जबकि यूरोप में मरने वालों का आंकड़ा 9 लाख के क़रीब पहुंच रहा है.

    लेकिन इन दिनों में अफ़्रीका में कोरोना से होने वाली मौतों की रफ्तार बढ़ रही है, सबसे ज़्यादा मामले दक्षिणी क्षेत्र में सामने आ रहे हैं, ख़ासकर दक्षिण अफ़्रीका में.

    अफ़्रीका में हुई कुल मौतों में से लगभग आधी दक्षिण अफ़्रीका में ही हुई हैं. ये देश कोरोना वायरस के नए वेरिएंट से बेहाल है और यहां के अस्पताल मरीज़ों से भरे हुए हैं.

    दक्षिण अफ़्रीका में विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यालय में टीकाकरण का कार्यक्रम देख रहे रिचर्ड मिहीगो ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "संक्रमण के बढ़ते हुए मामले की वजह से कई गंभीर मामले भी सामने आए हैं और कई देशों के लिए इस स्थिति से निबटने के लिए मुश्किल हो रहा है."

    उन्होंने कहा, "हम देख रहे हैं कि कुछ देश ऑक्सीजन सप्लाई में दिक्कतें का सामना कर रहे हैं और इसकी वजह से गंभीर मरीज़ों के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं."

  15. आंदोलनकारी किसान रेल की पटरियों पर बैठे

    किसान
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    पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आंदोलनकारी किसान रेल की पटरियों पर बैठ गए हैं. इससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई है. आज यानी 18 फ़रवरी को आंदोलनकारी किसानों ने कृषि क़ानून रद्द करने के समर्थन में 'रेल रोको' विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.

    इस आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा कर रहा है. पंजाब के कई इलाक़ों से किसानों के पटरी पर बैठने की तस्वीरें आ रही हैं. हरियाणा के पलवल में भी आंदोलनकारी किसान रेलवे पटरी पर बैठे हैं.

    किसान
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    रेल रोको
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    हरियाणा के अंबाला में भी किसान संगठनों ने रेल रोकी.

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  16. पेट्रोल 100 के पार, पीएम मोदी ने पहले की सरकारों को ठहराया ज़िम्मेदार

    नरेंद्र मोदी

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    मध्य प्रदेश में पेट्रोल की क़ीमत 100 रुपए प्रति लीटर के पार हो गई है. भारत में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमत लगातार बढ़ रही है.

    दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल की क़ीमत में प्रति लीटर 34 पैसे की बढ़ोतरी हुई और एक लीटर पेट्रोल 89.88 रुपए में मिल रहा है. 17 फ़रवरी को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 89.54 रुपए में मिल रहा था. दिल्ली में डीज़ल की क़ीमत भी प्रति लीटर 80.27 रुपए हो गई है.

    17 फ़रवरी की तुलना में दिल्ली में 18 फ़रवरी को डीज़ल 32 पैसे महंगा मिल रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी के लिए पहले की सरकारों को ज़िम्मेदार बताया है.

    प्रधानमंत्री ने बुधवार को कहा था कि भारत ने ऊर्जा के आयात घटाने की कोई कोशिश नहीं की इसलिए मध्य वर्ग पर पेट्रोल और डीज़ल का बोझ बढ़ता जा रहा है.

    विपक्षी पार्टियाँ तेल की बढ़ती क़ीमतों के लिए मोदी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराती हैं. कांग्रेस का कहना है कि जब अंतराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमत रिकॉर्ड स्तर पर कम हुई तब भी मोदी सरकार ने ग्राहकों को राहत नहीं दी बल्कि और टैक्स बढ़ा दिया था.

    अगर भारत में एक लीटर पेट्रोल 100 रुपए में मिल रहा है तो इसमें क़रीब 60 रुपए केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स होते हैं. वहीं डीज़ल में 54 फ़ीसदी टैक्स होते हैं.

    पेट्रोल

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    प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि ऊर्जा के मामले में भारत को आयात पर निर्भरता कम करनी होगी. प्रधानमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर काम कर रही है ताकि आयात पर निर्भरता कम हो.

    अभी तेल की क़ीमतों में उछाल के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ रहे सुधार बताया को जा रहा है. पिछले साल कोविड महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल क़ीमत रिकॉर्ड स्तर पर नीचे चली गई थी. हालांकि तब भी भारत सरकार ने उस अनुपात में तेल की क़ीमत कम नहीं की थी. सरकार का कहना था कि वो इस पैसे का इस्तेमाल इन्फ़्रास्ट्रक्चर में कह रही है.

    पेट्रोल

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  17. किसान संगठनों का ‘रेल रोको’ अभियान, सरकार की तैयारियां पूरी

    सुरक्षा कर्मी

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    संयुक्त किसान संगठन ने गुरुवार दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच ‘रेल रोको’ अभियान का आह्वान किया है.

    ये आह्वान पिछले ढाई महीने से कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ जारी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है. सरकार और किसान संगठनों के बीच जारी गतिरोध ख़त्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं. और पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच संवाद भी टूट सा गया है.

    ऐसे में किसान आंदोलन के नेता अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव करते दिख रहे हैं.

    भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि “(रेल रोको अभियान) यह 12 बजे से शुरू होगा और तीन – चार बजे तक चलेगा. रेलगाड़ियां वैसे भी नहीं चल रही हैं. ये पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा. जो लोग इस वजह से परेशान होंगे, हम उन्हें पानी, दूध, लस्सी और फल देंगे. हम उन्हें अपनी समस्याएं बताएंगे.”

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    किसान संगठनों की ओर से किए गए इस आह्वान के बाद रेल मंत्रालय से लेकर अलग - अलग राज्यों की सरकारों ने सुरक्षाकर्मियों को मुख्य रेलवे स्टेशनों पर तैनात कर दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आरपीएफ़ के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा है, “मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. हम ज़िला प्रशासन से संबंध स्थापित करेंगे और एक कंट्रोल रूम बनाएंगे.”

    वहीं, रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हम सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हैं ताकि शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन हो सके और यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े.”

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    वहीं, कई राज्यों के पुलिस विभागों एवं रेल विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    उत्तर प्रदेश में ग़ाजियाबाद जंक्शन पर सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है. वहीं, हरियाणा सरकार की ओर से पलवल रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

    दिल्ली पुलिस ने नांगलोई रेलवे स्टेशन पर अपने सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है ताकि प्रदर्शनकारी किसी तरह का अवरोध पैदा न कर सकें.

    सोशल मीडिया पर अलग – अलग जगह पर मौजूद पत्रकारों की ओर से सूचना दी जा रही है कि पुलिस कर्मी प्रदर्शनकारियों को स्टेशन प्रांगण में ही आने से रोकने की योजना बना रहे हैं.

    इसके लिए स्टेशन के बाहर भारी मात्रा में पुलिसबल को तैनात किया गया है. इसके साथ ही गाँवों में भी पुलिस बल लगाया जा रहा है जिससे लोग अपनी ट्रॉली या ट्रेक्टर लेकर रेलवे लाइन की ओर न जा सकें.

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  18. उत्तराखंड सरकार का बड़ा फ़ैसला, पति की संपत्ति में सह-खातेदार होंगी पत्नियां

    महिला किसान

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    उत्तराखंड सरकार ने बीते बुधवार एक बड़ा फ़ैसला लिया है जिसके तहत महिलाओं को अपने पतियों की संपत्ति में सह-ख़ातेदार होने का अधिकार मिल गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि अब पति की संपत्ति में महिलाएं भी सह-खातेदार होंगी.

    राजस्व रिकॉर्ड में पति की पैतृक संपत्ति में महिला का नाम दर्ज होगा, इससे जरूरत पड़ने पर उन्हें भी आसानी से लोन मिल सकेगा.

    हालांकि, इस नियम में एक पेंच है कि अगर पत्नी तलाक लेकर किसी अन्य व्यक्ति से विवाह कर लेती है तो उसे यह लाभ नहीं मिलेगा.

  19. फ़ेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया के यूज़र्स को न्यूज़ देखने और शेयर करने पर लगाई रोक

    फ़ेसबुक

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    फ़ेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया के यूज़र्स के लिए अपने प्लेटफ़ॉर्म पर कोई न्यूज़ कॉन्टेंट देखने या शेयर करने पर रोक लगा दी है. इससे ऑस्ट्रेलिया में लोगों को सूचना हासिल करने में दिक़्क़त हो रही है. ऑस्ट्रेलिया के लोग जब गुरुवार सुबह जगे तो फ़ेसबुक पर स्थानीय और विदेशी सभी न्यूज़ वेबसाइट बंद थे.

    यहाँ तक कि गुरुवार को सरकार के हेल्थ और आपातकालीन फ़ेसबुक पेज भी बंद थे. हालाँकि बाद में फ़ेसबुक ने इन्हें खोल दिया. ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा है कि यह प्रतिबंध फ़ेसबुक की विश्वसनीयता के लिए ख़तरा है. जो ऑस्ट्रेलिया से बाहर हैं, वे भी ऑस्ट्रेलियाई न्यूज़ प्रकाशन फ़ेसबुक पर नहीं देख पा रहे हैं.

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    ऑस्ट्रेलिया के प्रतिस्पर्धा नियामक ने कहा है कि वह गूगल और फ़ेसबुक जैसी टेक कंपनियों और प्रकाशकों के बीच मुनाफ़े को संतुलित करना चाहता है. वहीं फ़ेसबुक का कहना है कि उसे दो कड़े विकल्पों के बीच छोड़ दिया है- एक ये कि क़ानून पालन करने पर मजबूर किया जा रहा है जो हक़ीक़त और संबंधों उपेक्षा कर रहा है या फिर ऑस्ट्रेलिया में न्यूज़ कॉन्टेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर साझा करने या देखने की अनुमति ना दूं.

    फ़ेसबुक ने कहा कि उसने भारी मन से दूसरे को चुनने का फ़ैसला किया है. ऑस्ट्रेलिया के प्रकाशकों को भी अपने फ़ेसबुक पेज पर कोई भी लिंक शेयर करने से रोक दिया गया है. द नेशनल ब्रॉडकास्टर, एबीसी, द सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड और द ऑस्ट्रेलियन के लाखों फॉलोवर्स फ़ेसबुक पर हैं.

    फ़ेसबुक ने कहा है कि उसने रेफरल के ज़रिए ऑस्ट्रेलियाई प्रकाशकों को पिछले से 31.6 करोड़ डॉलर कमाने में मदद की थी जबकि उसे न्यूज़ के ज़रिए बहुत कम कमाई हुई है.

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    ऑस्ट्रेलिया के इस क़ानून से फ़ेसबुक और गूगल जैसी कंपनियाँ न्यूज़ सामग्री के लिए पैसे भुगतान करने पर मजबूर होंगी. दुनिया के इस पहले क़ानून का उद्देश्य है कि मीडिया कंपनियों को अमेरिका की इस टेक कंपनी के कारण विज्ञापनों से मिलने वाले मुनाफ़े के नुक़सान को कम किया जा सके.

    अगर यह क़ानून लागू हो जाता है तो टेक कंपनियों के लिए इसका वैश्विक महत्व होगा. न्यूज़ तक लोगों की पहुँच को लेकर भी कई तरह की बहस जन्म ले सकती है. लेकिन फ़ेसबुक ने इसकी प्रतिक्रिया में ऑस्ट्रेलिया में न्यूज़ सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म पर आने से रोकने का फ़ैसला किया है.

    लंबे समय से इस बात की चिंता जताई जा रही थी कि मीडिया ऑर्गेनाइज़ेशन पर टेक कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा है. ऑस्ट्रेलिया में गूगल का सर्च इंजन के तौर पर दबदबा है. वहाँ की सरकार इसे उपयोगी और ज़रूरी साधन के तौर पर देखती है लेकिन इसे लेकर कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है.

    2018 में ऑस्ट्रेलियाई सरकार के नियामक ने एक जाँच बैठाई. इस जाँच में मीडिया और विज्ञापन में गूगल और फ़ेसबुक के प्रभाव की जाँच की गई. इस जाँच में ऑस्ट्रेलियाई कॉम्पिटिशन एंड कंज्युमर कमिशन ने पाया कि गूगल और फ़ेसबुक स्थानीय मीडिया कंपनियों पर भारी पड़ रही हैं. इसी जाँच में आचार संहिता बनाने की सिफ़ारिश की गई.

  20. दुनिया के 10 देशों के पास 75 फ़ीसदी कोविड वैक्सीन: यूएन प्रमुख

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    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने दुनिया भर में कोविड-19 वैक्सीन के वितरण में असामनता को लेकर कड़ी आलोचना की है. यूएन प्रमुख ने इसे नाइंसाफ़ी कहा है. एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि कुल कोविड वैक्सीन के 75 फ़ीसदी पर महज़ 10 देशों का नियंत्रण है.

    बुधवार को यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल की उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि दुनिया भर में 130 देश ऐसे हैं, जहां एक भी वैक्सीन की डोज़ नहीं पहुँच पाई है. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वैक्सीन के समान वितरण को लेकर वैश्विक समुदाय की नैतिकता की परीक्षा है.

    गुटेरस ने कहा कि एक आपातकालीन टीकाकरण योजना साथ मिलकर लाने की ज़रूरत है. इसमें वैक्सीन के समान वितरण को सुनिश्चित करना चाहिेए. यूएन प्रमुख ने कहा कि जी 20 की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों को एक इमर्जेंसी टास्क फोर्स गठित करना चाहिए और इसमें फार्मा कंपनियों को भी शामिल करना चाहिए. गुटेरस ने कहा कि दुनिया के सात बड़े औद्योगिक देशों को इसके लिए फंड जुटाना चाहिए.

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    ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब इस महीने यूएन सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष हैं, उन्होंने कहा कि दुनिया के जिन इलाक़ों में संघर्ष जारी है, वहाँ युद्धविराम कराया जाए ताकि वैक्सीन पहुँचाने में कोई समस्या नहीं हो.

    ब्रिटेन ने कहा है कि 16 करोड़ लोग कोरोना टीकाकरण के दायरे से बाहर हैं क्योंकि यह आबादी किसी न किसी तरह के हिंसक टकराव में फँसी हुई है. इनमें यमन, सीरिया, दक्षिणी सूडान, सोमालिया और इथियोपिया भी शामिल हैं.