संयुक्त किसान संगठन ने गुरुवार दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच
‘रेल रोको’
अभियान का आह्वान किया है.
ये आह्वान पिछले ढाई महीने से कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ जारी विरोध
प्रदर्शन का हिस्सा है. सरकार और किसान संगठनों के बीच जारी गतिरोध ख़त्म होने के
संकेत नहीं मिल रहे हैं. और पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच संवाद भी टूट सा
गया है.
ऐसे में किसान आंदोलन के नेता अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के
लिए अपनी रणनीति में बदलाव करते दिख रहे हैं.
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि “(रेल रोको अभियान) यह 12 बजे से
शुरू होगा और तीन – चार बजे तक चलेगा. रेलगाड़ियां वैसे भी नहीं चल रही हैं. ये पूरी
तरह से शांतिपूर्ण रहेगा. जो लोग इस वजह से परेशान होंगे, हम उन्हें पानी, दूध,
लस्सी और फल देंगे. हम उन्हें अपनी समस्याएं बताएंगे.”
किसान संगठनों की ओर से किए गए इस आह्वान के बाद रेल मंत्रालय से लेकर अलग - अलग राज्यों की सरकारों ने सुरक्षाकर्मियों को मुख्य रेलवे स्टेशनों पर तैनात कर दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आरपीएफ़ के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा है, “मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. हम ज़िला प्रशासन से संबंध स्थापित करेंगे और एक कंट्रोल रूम बनाएंगे.”
वहीं, रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हम सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हैं ताकि शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन हो सके और यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े.”
वहीं, कई राज्यों के पुलिस विभागों एवं रेल विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
उत्तर प्रदेश में ग़ाजियाबाद जंक्शन पर सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है. वहीं, हरियाणा सरकार की ओर से पलवल रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल को तैनात किया गया है.
दिल्ली पुलिस ने नांगलोई रेलवे स्टेशन पर अपने सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है ताकि प्रदर्शनकारी किसी तरह का अवरोध पैदा न कर सकें.
सोशल मीडिया पर अलग – अलग जगह पर मौजूद पत्रकारों की ओर से सूचना दी जा रही है कि पुलिस कर्मी प्रदर्शनकारियों को स्टेशन प्रांगण में ही आने से रोकने की योजना बना रहे हैं.
इसके लिए स्टेशन के बाहर भारी मात्रा में पुलिसबल को तैनात किया गया है. इसके साथ ही गाँवों में भी पुलिस बल लगाया जा रहा है जिससे लोग अपनी ट्रॉली या ट्रेक्टर लेकर रेलवे लाइन की ओर न जा सकें.