किसानों ने कहा ट्रैक्टर रैली से गणतंत्र दिवस परेड में कोई व्यावधान नहीं होगा- आज की बड़ी ख़बरें
किसान नेताओं ने कहा है कि 26 जनवरी को किसान जो ट्रैक्टर रैली निकालेंगे उसका गणतंत्र दिवस परेड पर कोई असर नहीं होगा. पढ़ें आज की बड़ी ख़बरें...
लाइव कवरेज
किसान यूनियन ने माँगी रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति
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दिल्ली में चल रहे किसान
आंदोलन में किसानों का प्रतिनिधित्व वाले संगठनों में से एक भारतीय किसान यूनियन
लोकशक्ति (बीकेयूएल) ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर दिल्ली के
रामलीला मैदान में किसान आंदोलन करने की अनुमति माँगी है.
बीकेयूएल की तरफ़ से दिल्ली पुलिस कमिश्नर को वकील एपी सिंह ने ये एप्लीकेशन भेजी है.
सुप्रीम कोर्ट ने किसान यूनियनों से कहा था कि वो दिल्ली पुलिस से किसान आंदोलन को जारी रखने के लिए अनुमति माँगे.
त्रिपुरा के काँग्रेस अध्यक्ष की कार पर हमला, राज्य में 12 घंटे के बंद आह्वान
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दिलीप कुमार शर्मा
गुवाहाटी, असम से बीबीसी हिंदी के लिए
पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा के काँग्रेस अध्यक्ष पीजूष कांति बिस्वास की कार पर रविवार सुबह हुए एक हमले के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस हमले में उन्हें मामूली चोटें आई हैं.
घटना सिपाहीजला ज़िले के बिसालगढ़ इलाके की है.
काँग्रेस ने अपने पार्टी नेता पर हुए हमले के विरोध मे सोमवार को 12 घंटे का राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है.
इस घटना के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के समर्थकों पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता बिस्वास ने कहा, "पुलिस की मौजूदगी में यह हमला हुआ है. मेरा पर्सनल सिक्योरिटी साथ था और एस्कॉर्ट के लोग साथ थे. अगर ये लोग आज साथ नहीं होते तो वहाँ मेरे साथ मौजूद सभी लोगों की मौत निश्चित थी. घटना स्थल पर मौजूद पत्रकारों से अगर पूछेगें तो आपको आश्चर्य होगा कि इतने बड़े हमले के बाद मैं कैसे जिंदा बच गया. प्रदेश में गुंडा राज चल रहा है. इन गुंडों के जरिए लोकतांत्रिक तरीके से किए गए आंदोलन को ख़त्म करने की कोशिश की जा रही है. हमने इसके ख़िलाफ़ कल (सोमवार) के 12 घंटे का बंद बुलाया है."
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काँग्रेस नेता पर यह हमला राजधानी अगरतला से क़रीब 20 किलोमीटर दूर काँग्रेस के फील्ड कार्यालय के बाहर हुआ जहाँ वे पार्टी की एक बैठक में भाग लेने गए थे.
इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है. पुलिस कहना है कि वह इस घटना के पीछे के अपराधियों का पता लगाने के लिए जाँच कर रही है.
देश के कई राज्यों के काँग्रेस नेताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
वहीं त्रिपुरा बीजेपी के प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्य ने कांग्रेस के इन आरोपों का खंडन करते हुए मीडिया से कहा है कि इस घटना में उनकी पार्टी के किसी भी व्यक्ति का कोई लेना-देना नहीं है.
त्रिपुरा विधानसभा की कुल 60 सीटों में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है.
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किसानों की ट्रैक्टर रैली से गणतंत्र दिवस परेड में कोई व्यावधान नहीं - योगेंद्र यादव
किसान आंदोलन के मुद्दे पर बात करते हुए स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली निकालेंगे, हालाँकि गणतंत्र दिवस परेड पर इसका असर नहीं होगा.
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "किसानों की ट्रैक्टर रैली आउटर रिंग रोड पर तिरंगे के साथ निकलेगी, गणतंत्र दिवस की आधिकारिक परेड को कोई व्यवाधान नहीं पहुँचाया जाएगा."
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैट ने कहा कि कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ "मई 2024 तक" वो प्रदर्शन के लिए तैयार हैं.
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अफ़ग़ानिस्तानः सुप्रीम कोर्ट की दो महिला जजों की गोली मारकर हत्या
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अफ़ग़ानिस्तान में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की हत्या कर दी गई है. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी.
कोर्ट के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि दोनों महिलाएं जब एक वाहन में दफ़्तर जा रही थीं तब बंदूकधारियों ने उन पर हमला किया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेना को हटाना जारी रखने के बीच यह वारदात, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाकर हाल के महीनों में की गई हत्याओं में सबसे ताज़ा मामला है. अब अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सेना की संख्या महज 2,500 रह गई है.
अफ़ग़ानिस्तान के उप-राष्ट्रपति ने इस हफ़्ते बीबीसी से एक इंटरव्यू में कहा कि 'पहले से अस्थिर इस देश में अमेरिकी सेना के हटने से और हिंसा की आशंका है.'
रविवार को क्या हुआ?
महिलाओं पर सुबह सुबह घात लगाकर हमला हुआ, जिसमें उनका ड्राइवर भी घायल हुआ.
यह घटना काबुल के क़ला-ए-फ़तुल्लाह इलाके में हुई. अब तक इसकी किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
हाल की हत्याओं के लिए तालिबान पर संदेह है, लेकिन इन चरमपंथियों ने इन हत्याओं की बात नहीं स्वीकार की है.
तालिबान के प्रतिनिधियों और दोहा में अफ़ग़ान सरकार के बीच चल रही शांतिवार्ता के बीच यह टारगेट हत्याएं हुई हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, किसान कृषि क़ानून वापस लिये जाने के अलावा क्या चाहते हैं, वो बताएं: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह
तोमर ने किसान संगठनों से कृषि क़ानूनों को वापस लिये जाने के अलावा, अन्य
विकल्पों पर चर्चा करने की बात कही है.
रविवार को तोमर ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि क़ानूनों के क्रियान्वयन
को रोक दिया है, तो मैं समझता हूँ कि ज़िद्द का सवाल ही ख़त्म होता है. हमारी
अपेक्षा है कि किसान 19 जनवरी को एक-एक क्लॉज़ पर चर्चा करें और वो क़ानूनों को रद्द
करने के अलावा क्या विकल्प चाहते हैं, वो सरकार के सामने रखें.”
कृषि मंत्री ने एक बार फिर मोदी
सरकार द्वारा लाये गये कृषि क़ानूनों को सही ठहराया.
उन्होंने कहा, “किसान यूनियन टस से मस होने को तैयार नहीं है, उनकी लगातार ये कोशिश है कि क़ानूनों को रद्द किया जाये. भारत सरकार जब कोई क़ानून
बनाती है तो वो पूरे देश के लिए होता है, इन क़ानूनों से देश के अधिकांश किसान, विद्वान, वैज्ञानिक, कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोग सहमत हैं.”
किसानों से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने किसान यूनियन के साथ एक बार नहीं,
बल्कि 9 बार घंटों तक वार्ता की, हमने लगातार किसान यूनियन से आग्रह किया कि वो क़ानून
के क्लॉज़ पर चर्चा करें और जहाँ आपत्ति है, वो बताएं. सरकार उस पर विचार और संशोधन
करने के लिए तैयार है.”
ब्रेकिंग न्यूज़, ‘26 जनवरी के दिन अपना हक़ लेने किसान दिल्ली आ रहे हैं’
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किसान संघर्ष समिति (हरियाणा) के
संयोजक मंदीप नथवान ने कहा है कि ‘26 जनवरी को बड़ी संख्या में किसान
शांतिपूर्ण तरीक़े से अपना हक़ लेने के लिए दिल्ली आ रहा है.’
सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा है कि ‘प्रदर्शनकारी किसान 26 जनवरी को बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकालने
वाले हैं.’ लेकिन किसान नेताओं द्वारा अब तक यही कहा गया है
कि ‘26 जनवरी की रणनीति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.’
रविवार को मंदीप ने इसी बारे में
प्रेस से बात की. उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया की नज़र 26 जनवरी के कार्यक्रम पर है. कुछ लोग
सरकार की शह पर इस आंदोलन को उग्र करना चाहते हैं. हमारा ये आंदोलन नीतियों के
ख़िलाफ़ है, ना कि दिल्ली के ख़िलाफ़. ऐसा प्रचार किया जा रहा है जैसे दिल्ली के
साथ कोई युद्ध होने जा रहा है.”
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘जो भी होगा, वो शांतिपूर्ण ढंग से होगा.’
मंदीप ने कहा, “सरकार को भ्रम है कि हम इस आंदोलन को तोड़ देंगे, लेकिन हम ये आंदोलन टूटने
नहीं देंगे. 18 जनवरी को हम महिला किसान दिवस के रूप में मनायेंगे.”
कोरोना: पिछले 24 घंटे में कोरोना के 15,144 मामले
भारत में कोरोना वायरस की वजह से अब तक एक लाख 52 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और एक करोड़ एक लाख से ज़्यादा लोग ठीक हो चुके हैं.
यूवेरी मुसेविनी फिर बने युगांडा के राष्ट्रपति
लंबे समय से युगांडा के राष्ट्रपति रहे यूवेरी मुसेविनी फिर से राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गए हैं.
उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी बोबी वाइन द्वारा चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि मुसेविनी को लगभग 59 प्रतिशत वोट और वाइन को 35 प्रतिशत वोट मिले.
चुनाव आयोग ने इस बात से इनकार किया है कि गुरुवार के मतदान में धांधली हुई थी.
हालाँकि पोल मॉनिटर्स ने सरकार के इंटरनेट बंद करने के कदम की आलोचना की है.
मुसेविनी पिछले 35 सालों से युगांडा के राष्ट्रपति हैं. वो पहली बार साल 1986 में सशस्त्र विद्रोह के बल पर सत्ता में आए थे
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'अमेरिका में मार्च तक 'तेज़ी से बढ़ सकता है' कोरोना का नया वैरिएंट'
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अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट जो सबसे पहले ब्रिटेन में पाया गया था,वो मार्च महीने तक अमेरिका के सबसे बड़े समूह को संक्रमित कर सकता है.
अमेरिका के सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने यह चेतावनी दी है. सीडीसी का कहना है कि ‘अगले कुछ हफ़्तों में वायरस के इस नये वैरिएंट का तेज़ फैलाव देखने को मिल सकता है.’
सीडीसी ने कहा है कि सर्दियों में पहले ही कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, ऐसे में नये वैरिएंट के बढ़ने से हेल्थ सिस्टम पर भारी ज़ोर पड़ने की आशंका है.
शुक्रवार को नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने महामारी से लड़ने की अपनी योजना पेश की थी, जिसके बाद सीडीसी ने यह चेतावनी दी है. जो बाइडन ने कहा है कि टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज़ करना होगा.
इसे लेकर उन्होंने एक योजना भी पेश की है. विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का नया वैरिएंट पहले की तुलना में ज़्यादा संक्रामक है, लेकिन इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत अब तक नहीं है कि यह वैरिएंट पहले की तुलना में ज़्यादा जानलेवा है या इसके संक्रमण पर पहले से ज़्यादा गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं.
हालाँकि कुछ विशेषज्ञों ने यह आशंका ज़रूर ज़ाहिर की है कि मौजूदा टीके कोरोना के इस नये वैरिएंट पर उतने प्रभावी नहीं होंगे.
ब्रिटेन की तरह यूरोपीय संघ भी फ़ाइज़र के अलावा अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन के इस्तेमाल को मंज़ूरी दे चुका है. लेकिन इस वैक्सीन के प्रोग्राम में कुछ देरी है.
अमेरिका: बाइडन के शपथ ग्रहण से पहले हिंसक प्रदर्शनों की आशंका, अलर्ट
अमेरिका के सभी 50 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ कोलंबिया (डीसी) में 20 जनवरी को होने वाले 'इनॉग्रेशन' से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
इसी समारोह में जो बाइडन राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे. संभावित हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण सभी राज्य अलर्ट पर हैं.
6 जनवरी को हुए दंगे जैसी स्थिति फिर से पैदा न हो, इसलिए देशभर से नेशनल गार्ड की टुकड़ियां वॉशिंगटन भेजी गई हैं.
एफबीआई ने सभी 50 राज्यों की राजधानियों में ट्रम्प समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा संभावित सशस्त्र मार्च की चेतावनी दी है.
डीसी में नेशनल मॉल को बंद कर दिया गया है.कड़ी सुरक्षा के बीच राजधानी की सड़कों पर बैरिकेडिंग की जा रही है.
बाइडन की टीम ने पहले ही अमेरिकियों से कोरोना महामारी के कारण राजधानी की यात्रा से बचने का आग्रह किया है.
स्थानीय अधिकारियों ने लोगों को समारोह अपने-अपने घरों से ही देखने की अपील की है.
ट्रंप समर्थकों ने 17 जनवरी को भी सशस्त्र आंदोलन की धमकी दी है और वॉशिंगटन डीसी में मार्च निकालने की बात भी कही है.
हालांकि कई गुटों ने सुरक्षा के इंतज़ाम को देखते हुए अपने समर्थकों से इनसे दूर रहने के लिए भी कहा है.
मेरीलैंड, न्यू मैक्सिको और यूटा के राज्यपालों ने संभावित विरोध प्रदर्शनों से पहले आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है.
कैलिफोर्निया, पेंसिल्वेनिया, मिशिगन, वर्जीनिया, वॉशिंगटन और विस्कॉन्सिन ने अपने नेशनल गार्ड्स को सक्रिय कर दिया है.
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भारत में पहले दिन 1 लाख 91 हज़ार से ज़्यादा लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत पहले दिन एक लाख 91 हज़ार से ज़्यादा लोगों को कोविड वैक्सीन दी गई.
मंत्रालय के अनुसार, टीकाकरण अभियान के पहले दिन 3,351 सेशन हुए जिनमें कोवाक्सिन और कोविशील्ड, दोनों वैक्सीन का इस्तेमाल किया गया.
भारतीय टीकाकरण अभियान को ‘दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान’ कहा जा रहा है.
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मंत्रालय ने यह भी दावा किया है कि ‘टीका लगने के बाद किसी शख़्स को अस्पताल में भर्ती कराने की ज़रूरत नहीं पड़ी.’ हालांकि, दिल्ली में कोरोना वैक्सीन लगने के बाद कुछ लोगों में एलर्जी के लक्षण दर्ज किये गये हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन लोगों को स्थानीय प्रशासन ने निगरानी में रखा हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि ‘टीकाकरण अभियान के पहले दिन कुछ तकनीकी समस्याएं ज़रूर सामने आयीं, लेकिन उन्हें ठीक कर लिया गया है.’
केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, पहले सफ़ाईकर्मियों, डॉक्टरों और नर्सों को कोरोना वैक्सीन दी जा रही है जिन्होंने अगली पंक्ति में रहकर इस महामारी के ख़िलाफ़ मोर्चा संभाला.
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