हीरामन कोरवा को मिली मदद, नहीं देना होगा छपाई का पैसा -आज की बड़ी ख़बरें
कोरवा भाषा का शब्दकोश तैयार करने वाले हीरामन की कहानी बीबीसी पर आने के बाद कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं.
लाइव कवरेज
कानपुर ज़ू में बर्ड फ़्लू से जंगली मुर्गों की मौत

अंकित शुक्ला
कानपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
कानपुर के एलेन फॉरेस्ट ज़ू में बीते दिनों जंगली मुर्गों की मौत के मामले में बर्ड फ़्लू के इंफेक्शन की पुष्टि हुई है.
भोपाल स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेस्ट मैनेजमेंट में भेजे गए पक्षियों के सैंपल की शनिवार शाम को रिपोर्ट आई है. जिसमें दो रेड जंगल फाउल (जंगली मुर्गे) की बर्ड फ़्लू से मौत की पुष्टि हुई है.
इसके बाद एलेन फारेस्ट ज़ू को सील करते हुए दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है. कानपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है. कानपुर ज़ू में 40 प्रजातियों के 500 से ज़्यादा पक्षी हैं.
कानपुर के एलेन फॉरेस्ट ज़ू में बीते दिनों 10 रेड जंगल फाउल की मौत की ख़बर आई थी. ज़ू प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई थी कि 4 पक्षियों की मौत होने के बाद बाड़े में मौजूद बाकी 6 जंगली मुर्गों को भी बर्ड फ़्लू की आशंका के चलते मार दिया गया था.

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इमेज कैप्शन, कानपुर ज़ू में 40 प्रजातियों के 500 से ज़्यादा पक्षी हैं ज़ू के डिप्टी डायरेक्टर एके सिंह ने जानकारी दी कि 4 मुर्गों के कुछ हिस्सों को भोपाल स्थित आइआइएफ़एम में जांच के लिए भेजा गया था. इनमें से दो में बर्ड फ़्लू के संक्रमण की पुष्टि होने की सूचना मिली है.
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी मिश्रा ने बताया बर्ड फ़्लू से मौतों की पुष्टि के बाद कानपुर ज़ू को सील करा दिया गया है. इससे पहले सिर्फ़ पक्षियों के बाड़ों को ही बंद किया गया था.

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कानपुर ज़ू की झील में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी भी आ रहे हैं. वहां बर्ड फ़्लू का संक्रमण कैसे फैला, इसकी पड़ताल की जा रही है.
हीरामन कोरवा को मिली मदद, नहीं देना होगा छपाई का पैसा

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राँची से, बीबीसी हिन्दी के लिए
कोरवा भाषा का शब्दकोश तैयार करने वाले हीरामन कोरवा की कहानी बीबीसी पर आने के बाद कई लोग उनकी मदद के लिए आए हैं.
झारखंड सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने अपने व्यक्तिगत कोष से उन्हें एक स्मार्ट फ़ोन दिलवाया है.
बीबीसी पर उनकी कहानी पढ़ने के बाद उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा की गढ़वा टीम को उनके घर भेजा. इस टीम ने उन्हें स्मार्ट फ़ोन दिया और शब्दकोश के खर्च के बावत जानकारी ली.
मंत्री के निर्देश पर शनिवार को ही हीरामन ठाकुर के गाँव पहुँचे बीडीओ व दूसरे अधिकारियों ने कोरवा जनजाति के लोगों के बीच कंबल का वितरण किया और हीरामन कोरवा के घर में पेयजल आपूर्ति के लिए नए चापाकल का इंतज़ाम कराया.
हीरामन कोरवा ने बताया कि उन्हें वन पट्टा दिलाने का भी आश्वासन दिया गया है.
इस बीच शब्दकोश के प्रकाशक मल्टी आर्ट एसोसिएशन के सचिव मिथिलेश ने बताया कि हीरामन कोरवा को शब्दकोश की छपाई में लगे 32 हज़ार रुपये देने की ज़रूरत नहीं है. वह खर्च हमारी संस्था ही उठा रही है. हमने उन्हें पैसे देने की बात इसलिए कही थी ताकि एक रिवॉल्विंग फंड तैयार हो सके. उससे हीरामन की दूसरी किताबों या ज़्यादा शब्द संख्या वाले एक मुक़म्मल शब्दकोश का प्रकाशन कराया जा सके.
क्वीन एलिज़ाबेथ और प्रिंस फ़िलिप को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई गई

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ब्रिटेन में बकिंघम पैलेस का कहना है कि क्वीन एलिज़ाबेथ और प्रिंस फ़िलिप को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई गई है.
बकिंघम पैलेस के मुताबिक, क्वीन ये चाहती थीं कि उन्हें कोरोना की वैक्सीन लगाई गई है, ये बात सबको पता चले ताकि अटकलों पर विराम लगाया जा सके.
क्वीन एलिज़ाबेथ 94 वर्ष की हैं जबकि प्रिंस फ़िलिप 99 साल के हो चुके हैं.
ब्रिटेन में लगभग 15 लाख लोगों को अभी तक कोरोना वैक्सीन का एक डोज़ दिया जा चुका है.
किसान आंदोलन: 'जब तक दम है, लड़ेंगे, मारे जाएंगे या जीत जाएंगे'
बीबीसी इंडिया बोल, 09 जनवरी 2021
इंडोनेशिया में उड़ान भरने के बाद यात्री विमान लापता हुआ

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इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से उड़ान भरने के बाद एक यात्री विमान लापता हो गया है. इस विमान में 62 लोग सवार थे.
अधिकारियों का कहना है कि श्रीविजया एयर बोइंग 737 से, जकार्ता से वेस्ट कलिमनतन प्रांत के रास्ते में संपर्क टूट गया, जिसके बाद विमान लापता हो गया.
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24.कॉम के मुताबिक, ये विमान एक मिनट से भी कम समय में दस हज़ार फुट नीचे आया.
परिवहन मंत्रालय का कहना है कि विमान का पता लगाने के लिए राहत और बचाव दलों को सक्रिय किया गया है.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए
समाचार एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा है कि ''राज्य में सुरक्षा का माहौल ख़तरे में है. अल-क़ायदा का विस्तार हो रहा है, अवैध बम बनाने का काम ज़ोरों पर है. मैं जानना चाहता हूं कि वो (प्रशासन) कर क्या रहे हैं. पश्चिम बंगाल में डीजीपी की स्थिति किसी से छिपी नहीं है. इसलिए मैं कहता हूं कि हमारी पुलिस पॉलिटिकल है.''
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
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इंडोनेशिया में उड़ान भरने के बाद यात्री विमान लापता हुआ

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से उड़ान भरने के बाद एक यात्री विमान लापता हो गया है.
इस विमान में 50 से अधिक लोग सवार थे.
अधिकारियों का कहना है कि श्रीविजया एयर बोइंग 737 से जकार्ता से वेस्ट कलिमनतन प्रांत के रास्ते में संपर्क टूट गया, जिसके बाद विमान लापता हो गया.
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24.कॉम के मुताबिक, ये विमान एक मिनट से भी कम समय में दस हज़ार फुट नीचे आया.
परिवहन मंत्रालय का कहना है कि विमान का पता लगाने के लिए राहत और बचाव दलों को सक्रिय किया गया है.
किसान आंदोलनः अब आगे क्या करेंगे किसान?, LIVE: किसानों की आगे की रणनीति क्या है? टिकरी बॉर्डर पर पंजाब के सबसे बड़े किसान यूनियन 'भारतीय किसान यूनियन उगराहां' के प्रमुख जोगिंदर सिंह उगराहां से बात कर रहे हैं बीबीसी पंजाबी सेवा के संवाददाता अरविंद छाबड़ा. कैमरे के पीछे हैं गुलशन कुमार.
भारत-चीन सीमा विवादः भारतीय सुरक्षा बलों ने पूर्वी लद्दाख में एक चीनी सैनिक को पकड़ा

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इमेज कैप्शन, पैगोंग झील भारत के सुरक्षा बलों ने पूर्वी लद्दाख में एक चीनी सैनिक को पकड़ा है. ये कार्रवाई आठ जनवरी की सुबह पैगोंग झील के दक्षिणी इलाके में हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी का ये सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा को पारकर भारतीय क्षेत्र में चला आया था.
वहां तैनात सुरक्षा बलों ने इस चीनी सैनिक को हिरासत में ले लिया.
पूर्वी लद्दाख में पिछले आठ महीने से दोनों देशों के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच चीनी सैनिक के पकड़े जाने की ये घटना हुई है.
पिछले साल भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने के बाद से वास्तविक नियंत्रण रेखा के दोनों ही तरफ़ दोनों देशों ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सेना के सूत्रों के हवाले से कहा है कि पकड़े गए पीएलए सैनिक की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जा रही है.
बर्ड फ्लू की आशंकाओं के बीच दिल्ली में 24 कौवों और 10 बत्तखों की मौत

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इमेज कैप्शन, दिल्ली के मयूर विहार फेज़-3 के एक पार्क में मरे हुए कौवे, तस्वीर शुक्रवार की है बर्ड फ्लू की आशंकाओं के बीच दक्षिणी दिल्ली के जसोला के एक पार्क में पिछले तीन दिनों में 24 कौवों की मौत की रिपोर्ट है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि शहर के संजय झील में 10 बत्तखों की भी मौत हुई है.
शहर के ज़्यादातर पार्कों की देखरेख करने वाली सरकारी एजेंसी डीडीए का कहना है कि उनका विभाग हालात पर क़रीबी नज़र रखे हुए है.
डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मरने वाले बत्तखों के सैंपल्स पशु चिकित्सा विभाग को जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि ये पता लगाया जा सके कि उनकी मौत का कारण बर्ड फ्लू है या कुछ और.
कौवों की मौत के मामले को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण ने दिल्ली सरकार के वन विभाग को इसकी जानकारी दी है.
ये पूछे जाने पर कि इस दिशा में क्या इंतज़ाम किए जा रहे हैं? अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के सार्वजनिक पार्क फिलहाल खुले हुए हैं. लेकिन हौज़ ख़ास जैसी जगहों पर जहां झील भी हैं, वहां बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनज़र लोगों को आगाह किया जा रहा है.
पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कम से कम 35 कौवों की मौत हो चुकी है और इनके सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए हैं.
केंद्र सरकार हर किसी को फ्री में वैक्सीन मुहैया कराएः अरविंद केजरीवाल
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को केंद्र सरकार से सभी लोगों को कोविड वैक्सीन फ्री में मुहैया कराने की अपील की.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "करोना सदी की सबसे बड़ी महामारी है. अपने लोगों को इस से सुरक्षित करना बेहद ज़रूरी है. मेरा केंद्र सरकार से निवेदन है कि करोना की वैक्सीन सभी देशवासियों को मुफ़्त लगवायी जाए. इस पर होने वाला खर्च ढेरों भारतीयों की जान बचाने में सहायक होगा."
दिल्ली सरकार ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होने पर दिल्ली के लोगों को फ्री में दी जाएगी.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने पिछले हफ़्ते कहा था, "टीकाकरण के पहले चरण में प्राथमिकता सूची वाले 51 लाख लोगों के लिए कोविड-19 की वैक्सीन प्राप्त करने, स्टोर करने और वैक्सीन देने के लिए पूरी तरह से तैयार है. दिल्ली के हर व्यक्ति को वैक्सीन फ्री में दी जाएगी."
ब्राज़ील ने भारत से जल्दी कोविड वैक्सीन भेजने को कहा

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ब्राज़ील में वैक्सीन पहुँचने में हो रही देरी के बीच राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि वे एस्ट्रा ज़ेनेका कोविड-19 वैक्सीन की खेप जल्दी भेजें.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार बोल्सोनारो ने भारतीय प्रधानमंत्री से पत्र के ज़रिए यह अनुरोध किया है. बोल्सोनारो का पत्र उनके प्रेस कार्यालय ने जारी किया है.
यह पत्र ऐसे वक़्त में लिखा गया है जब बोल्सोनारो पर लगातार ब्राज़ील में टीकाकरण शुरू करने का दबाव बढ़ रहा है ताकि कोरोना वायरस से दुनिया में दूसरे सबसे बुरी तरह से प्रभावित ब्राज़ील को संकट से राहत मिले.
आलोचकों का कहना है कि ब्राज़ील में इम्युनाइजेशन कैंपेन इस इलाक़े के दूसरे देशों के मुक़ाबले पीछे है. ये लोग सवाल उठा रहे हैं कि सरकार इस वैक्सीन को लाने में ज़्यादा तेज़ी से क़दम क्यों नहीं उठा रही है. बोल्सोनारो ने अपने पत्र में लिखा है, “हमारे राष्ट्रीय इम्युनाइजेशन प्रोग्राम को तत्काल लागू करने के लिए अगर भारतीय वैक्सीनेशन प्रोग्राम को प्रभावित किए बगैर तत्काल 20 लाख डोज ब्राज़ील भेजी जा सके तो ख़ुशी होगी.”
पाकिस्तान में मान गए हज़ारा शिया समुदाय के लोग लेकिन निशाने पर आए इमरान ख़ान

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बलूचिस्तान में हज़ारा शिया समुदाय और सरकार के बीच की वार्ता शुक्रवार देर रात ख़त्म हुई.
इस हफ़्ते की शुरुआत में हज़ारा शिया समुदाय के 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी.
ये सभी कोल खदान में काम करने वाले लोग थे.
लेकिन हज़ारा समुदाय के लोगों ने शवों को दफ़नाने से इनकार कर दिया था.
उनकी माँग थी कि जब तक प्रधानमंत्री इमरान ख़ान नहीं आएंगे तब तक शवों की अंत्येष्टि नहीं होगी.
शुक्रवार को इमरान ख़ान इस मामले में अपने बयान के कारण निशाने पर आ गए थे.

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उन्होंने कहा था कि इस तरह से किसी मुल्क के प्रधानमंत्री को ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता. पीएम ख़ान ने कहा था कि फिर हर कोई उन्हें ब्लैकमेल करने लगेगा.
पाकिस्तान के ही कई लोगों ने हज़ारा शिया समुदाय के लोगों की तस्वीरें पोस्ट कर प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या ये ब्लैकमेल कर रहे है.
पाकिस्तान की सरकार ने कहा है कि इस मामले में सभी दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही बलूचिस्तान के गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक जाँच टीम बनेगी और इस हमले की जाँच करेगी.
बलूचिस्तान की सरकार सभी पीड़ित परिवारों को 15-15 लाख रुपए का मुआवज़ा देगी. इसके साथ ही बलूचिस्तान की सुरक्षा की समीक्षा भी की जाएगी.

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शुक्रवार को इमरान खान ने विरोध कर रही हज़ारा समुदाय की एक मांग का जिक्र करते हुए कहा, "आप इस तरह से किसी देश के प्रधानमंत्री को ब्लैकमेल नहीं कर सकते.”
प्रधानमंत्री ने कहा, "आप आज शवों को दफनाते हैं तो मैं आपके साथ रहूंगा."
उन्होंने समुदाय से अपील की कि वे उनके दौरे को शवों को दफ़्न करने की शर्त न बनाएं.
ये अपील विपक्षी नेताओं के क्वेटा दौरे के एक दिन बाद की गई जो हज़ारा समुदाय के प्रति सहानुभूति जताने गए थे.
हज़ारा समुदाय के लोग ताबूतों के साथ बैठे थे. ये शव उन खादान कर्मियों के हैं जिनकी बोलन ज़िले के मछ इलाक़े हत्या कर दी गई है. इस्लामिक स्टेट ने इन हत्यायों की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया है.

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राष्ट्रपति के तौर पर कैसे याद रखे जाएंगे डोनाल्ड ट्रंप?
महाराष्ट्र के एक अस्पताल में भीषण आग, 10 नवजातों की मौत

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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार महाराष्ट्र में भंडारा ज़िले के ज़िला अस्पताल में आग लगने से 10 नवजातों की मौत हो गई है. आग शनिवार तड़के दो बजे सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट में लगी थी. सात बच्चों को सुरक्षित निकाला गया है. भंडारा मुंबई से 900 किलोमीटर दूर है.
बताया जा रहा है कि नवजातों की मृत्यु बिल्डिंग में धुआं भर जाने की वजह से दम घुटने से हुई.
मुंबई मिरर के मुताबिक़ जब स्टाफ ने यूनिट का दरवाज़ा खोला तो अंदर बहुत धुआं भरा था. उसके बाद अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की ख़बर दी गई.
जल्द ही फ़ायर ब्रिगेड भी मौक़े पर पहुंच गई. बताया जा रहा है कि ज़िले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौक़े पर पहुंचे हैं. भंडारा ज़िले के एसपी वसंत जाधव ने कहा है कि पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी गई है.
सिविल सर्जन डॉक्टर प्रमोद खांडेत ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि तीन-चार बच्चे जल कर मरे हैं और बाक़ी मौत ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से हुई हैं. उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों की डिलीवरी अस्पताल में ही हुई थी और कुछ बाहर से लाए गए थे.
टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़ पहली नज़र में लग रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है. घटना के वक़्त एक डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर थे.
इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर बच्चों की मौत पर अफसोस जताया है. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''महाराष्ट्र के भंडारा ज़िले में दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बेहद दुखद है. जिन्होंने अपने बच्चों की जान गँवाई उनके प्रति मेरी संवेदना है. मैं महाराष्ट्र की सरकार से अपील करता हूं कि पीड़ितों पर हर ज़रूरी मदद मुहैया कराई जाए.''
गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मामले पर दुख जताते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ''यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं इसे बहुत दुखी हूँ. पीड़ित परिवारों के साथ मेरी संवेदना है. इस अपूरणीय क्षति में ईश्वर पीड़ितों को दुख सहने की ताक़त दे.''
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किसानों से बातचीत के बीच केंद्र ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख़

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इमेज कैप्शन, किसान यूनियनों के नेता आठवें चरण की बातचीत के लिए पहुंचे केंद्र और किसान यूनियनों के बीच आठवें दौर की वार्ता बिना किसी समझौते के ख़त्म हो गई.
सुप्रीम कोर्ट की इस मुद्दे पर 11 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई के बाद 15 जनवरी को नौवें दौर की बातचीत शुरू होगी.
किसान यूनियन के नेताओं के अनुसार, केंद्र ने उन्हें कहा है कि बेहतर है ये मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय हल करे. केंद्र ने किसानों को अगली सुनवाई में पेश होने को कहा है. सरकार का कहना है कि वो इस मामले के जल्द समाधान के लिए रोज़ सुनवाई करने की अपील करेगा.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू के अनुसार केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस बात की पुष्टि नहीं की है.

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इमेज कैप्शन, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसान नेताओं ने कहा कि नीतिगत मुद्दों को अदालत के ज़रिए तय नहीं किया जाना चाहिए, अदालत केवल क़ानूनों की संवैधानिक वैधता की जांच कर रही है.
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, “हमारे लोकतंत्र में संसद जो क़ानून बनाती है, उसे जांचने का सुप्रीम कोर्ट के पास पूरा अधिकार है. अदालत जो भी फ़ैसला देती है, सरकार उसका पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है."
वहीं, महिला किसान अधिकार मंच की नेता कविता कुरुगंती ने कहा, "लोकतंत्र के लिए यह दुखद दिन है जब बातचीत के बीच में चुनी हुई सरकार सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेती है और कहती है कि हमें न्यायालय पर निर्भर होना पड़ेगा. ये लाखों किसानों की जीविका का मामला है. ये एक नीतिगत फ़ैसला है जिसे किसानों के साथ परामर्श कर लिया जाना चाहिए.”
अखिल भारतीय किसान सभा के हन्नान मुल्ला ने कहा, “अदालत का फैसला चाहे जो भी हो, अगर यह किसानों के ख़िलाफ़ है, तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. ज़रूरत पड़ने पर हम जेल जाएंगे. ये क़ानून किसानों के लिए एक मौत की घंटी हैं.”
बैठक एक तनावपूर्ण स्थिति में शुरू हुई थी. केंद्र ने कहा कि वो तीन क़ानूनों को रद्द नहीं कर सकता है और न ही रद्द करेगा, क्योंकि पूरे देश के हित के साथ-साथ उन किसानों के हित को भी देखने की ज़रूरत है जो क़ानूनों का समर्थन करते हैं.

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नरेंद्र तोमर ने किसान यूनियनों को क़ानून हटाने के अलावा किसी और वैकल्पिक प्रस्ताव के साथ ना आने के लिए दोषी ठहराया.
इस प्वाइंट पर भारतीय किसान यूनियन के एक गुट के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए अपनी आवाज उठाई. यूनियन के नेताओं ने कहा कि जब तक विवादित क़ानूनों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक वे घर नहीं लौटेंगे. उन्होंने ‘या जीतेंगे या मरेंगे’ के नारे लगाए और अपनी मेज थपथपाने लगे.
किसानों ने सम्मेलन कक्ष से जाने से इनकार कर दिया, जबकि सरकारी प्रतिनिधिमंडल एक घंटे के ब्रेक के लिए चला गया था.
भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा गुट के प्रमुख गुरनाम सिंह चढुनी ने कहा, “मुझे अगली बैठक को लेकर कोई उम्मीद नहीं है. सरकार केवल एक ही बात दोहरा रही है, वे हमारी बिल्कुल नहीं सुन रहे हैं. लेकिन हम बातचीत के टूटने के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे. इसलिए हम 15 जनवरी को वापस आएंगे."
“हम सभी गणतंत्र दिवस पर अपने ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली आएंगे. शायद तब वे हमारी बात सुनेंगे. ”
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