अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को हुई घटना को अमेरिका के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक करार दिया है.
डेलावेयर में अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ''यह हमारे देश के इतिहास में सबसे काले दिनों में से एक है. वो हमला जो आज़ादी के गढ़ में हुआ है.''
उन्होंने कहा, ''यह असंतोष नहीं था. यह कोई विकार नहीं था. यह अराजकता थी. कैपिटल में वे प्रदर्शनकारी नहीं थे बल्कि ''दंगाई भीड़'' थी और ''घरेलू आतंकवादी'' थे.''
''मैं चाहता हूं कि हम कह सकते कि हम इसे देख नहीं पाए.. लेकिन यह सच नहीं है. हम इसे देख सकते हैं.''
उन्होंने कहा, ''पिछले चार सालों में हमारे पास ऐसा राष्ट्रपति था जिसने हमारे लोकतंत्र, हमारे संविधान, हमारे नियम कानून की अवमानना की है. उन्होंने हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले किए हैं.''
जो बाइडन ने अपने संबोधन में कहा कि बुधवार को जो प्रदर्शनकारी कैपिटल बिल्डिंग के बाहर जमा हुए थे उनके रंग की वजह से पुलिस ने ज़्यादा सख्ती नहीं दिखाई.
उन्होंने कहा, ''कोई मुझे बता नहीं पाएगा कि अगर कल यही ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान के प्रदर्शनकारी होते तो उनके साथ वैसा जो बर्ताव होता वो इन लोगों बिल्कुल अलग होता जिन्होंने कैपिटल पर धावा बोला.''