बीते 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना संक्रमण के आठ हज़ार से अधिक मामले

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लाइव कवरेज

  1. बीते 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना संक्रमण के आठ हज़ार से अधिक नए मामले

    दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर तेज़ी से बढ़ रहे हैं. बीते 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना संक्रमण के 8593 नए मामले सामने आए हैं. हालांकि सात हज़ार से अधिक लोग ठीक भी हुए हैं लेकिन 85 लोगों की मौत भी हो गई है.

    दिल्ली में कोरोना संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 4,59,975 हो गए हैं. राजधानी में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सात हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

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  2. भारत टैक्स टेररिज़्म से टैक्स ट्रांसपैरेंसी की ओर बढ़ रहा है: पीएम मोदी

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपनी सरकार के टैक्स सुधारों पर ज़ोर देते हुए कहा कि देश अब टैक्स टेररज़िम से टैक्स पारदर्शिता की ओर बढ़ रहा है.

    उन्होंने कहा, "गुलामी के लंबे कालखंड ने कर दाता और टैक्स कलेक्टर, दोनों के रिश्तों को शोषित और शोषक के रूप में ही विकसित किया. दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद हमारी जो टैक्स व्यवस्था रही उसमें इस छवि को बदलने के लिए जो प्रयास होने चाहिए थे, वो उतने नहीं किए गए."

    "जब आम जन से वो टैक्स ले तो किसी को तकलीफ न हो, लेकिन जब देश का वही पैसा नागरिकों तक पहुंचे, तो लोगों को उसका इस्तेमाल अपने जीवन में महसूस होना चाहिए. जब बादल बरसते हैं, तो उसका लाभ हम सभी को दिखाई देता है. लेकिन जब बादल बनते हैं, सूर्य पानी को सोखता है, तो उससे किसी को तकलीफ नहीं होती. इसी तरह शासन को भी होना चाहिए."

    "जब वो देखता है कि विभाग ने खुद पुराने विवाद को सुलझा दिया है, तो उसे पारदर्शिता का अनुभव होता है. जब उसे फेसलेस अपील की सुविधा मिलती है, तब वो टैक्स व्यवस्था की पारदर्शिता को और ज्यादा महसूस करता है. जब वो देखता है कि इनकम टैक्स कम हो रहा है, तब उसे टैक्स पारदर्शिता अनुभव होती है."

    "आज का टैक्सपेयर पूरी टैक्स व्यवस्था में बहुत बड़े बदलाव और पारदर्शिता का साक्षी बन रहा है. जब उसे रीफंड के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ता, कुछ ही सप्ताह में उसे रीफंड मिल जाता है, तो उसे पारदर्शिता का अनुभव होता है. पहले की सरकारों के समय शिकायतें होती थीं टैक्स टेररिज़्म की. आज देश उसे पीछे छोड़कर टैक्स पारदर्शिता की तरफ बढ़ रहा है."

    "टैक्स टेररिज़्म से टैक्स ट्रांसपैरेंसी का ये बदलाव इसलिए आया है क्योंकि हम रिफ़ॉर्म, परफ़ॉर्म और ट्रांसफ़ॉर्म की अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हम सुधार कर रहे हैं नियमों में, प्रक्रियाओं में और इसमें टेक्नॉलॉजी की भरपूर मदद ले रहे हैं. हम परफ़ॉर्म कर रहे हैं साफ नीयत के साथ, स्पष्ट इरादों के साथ. और साथ ही साथ हम कर प्रशासन के रवैये को भी सुधार कर रहे हैं."

    "आज भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में है जहां टैक्सपेयर के अधिकारों और कर्तव्यों दोनों को संहिताबद्ध किया गया है, उनको कानूनी मान्यता दी गई है. टैक्सपेयर और टैक्स कलेक्ट करने वाले के बीच विश्वास बहाली के लिए, पारदर्शिता के लिए, ये बहुत बड़ा कदम रहा है."

    "देश के वेल्थ क्रिएटर की जब मुश्किलें कम होती हैं, उसे सुरक्षा मिलती है, तो उसका विश्वास देश की व्यवस्थाओं पर और ज्यादा बढ़ता है. इसी बढ़ते विश्वास का परिणाम है कि अब ज्यादा से ज्यादा साथी देश के विकास के लिए टैक्स व्यवस्था से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं."

    "अब सरकार की सोच ये है कि जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हो रहा है, उस पर पहले पूरी तरह विश्वास करो. इसी का नतीजा है कि आज देश में जो रिटर्न फाइल होते हैं, उनमें से 99.75 प्रतिशत बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर लिए जाते हैं. ये बहुत बड़ा बदलाव है जो देश के टैक्स सिस्टम में आया है."

  3. सऊदी अरब: जेद्दाह में बम हमला, कई घायल

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    फ्रांस के आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि सऊदी अरब के जेद्दाह शहर में यादगार दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान बम हमले हुए हैं.

    इस कार्यक्रम में कई दूतावासों के लोग भी शामिल थे.

    मंत्रालय ने कहा है कि गैर-मुस्लिमों के एक कब्रिस्तान में कई लोग घायल हो गए हैं.

    सऊदी अरब में मौजूद एक फ्रांसीसी पत्रकार ने हमले के बाद की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं, इन तस्वीरों में हर तरफ़ खून देखा जा सकता है.

    घटना को लेकर सऊदी अरब की तरफ़ से किसी तरह की पुष्'f नहीं हुई है, लेकिन जेद्दाह शहर में तनाव है.

    12 दिनों पहले जेद्दाह स्थित फ्रांस के वाणिज्य दूतावास में एक गार्ड को चाकू मार दिया गया था.

  4. ओडिशा: बलांगीर ज़िले के एक घर से छह लोगों के शव बरामद

    सांकेतिक तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    सुब्रत कुमार पति

    भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    ओडिशा के बलांगीर ज़िले में छह लोगों के शव बरामद हुए हैं. मरने वाले सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं.

    बलांगीर के पाटनागढ़ थाने के अंतर्गत कुसुमपड़ा गांव में यह घटना घटी है. मृतकों में 3 बच्चे और 2 महिला हैं.

    सभी शव कंबल में ढंके हुए मिले हैं.

    घटना की जांच कर रहे बलांगीर के अतिरिक्त एसपी मनोरंजन ने बीबीसी हिंदी को बताया कि शुरुआती जांच में ये कत्ल का मामला लग लग रहा है. मृतकों के शवों पर घाव हैं और जहां ये लाशें मिली हैं, वहीं से तीन हथियार भी बरामद हुए हैं.

    साइंटिफिक टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं.

  5. FIR लंबित है और ज़मानत ना दी जाए तो ये न्याय का दमन होगा- जस्टिस चंद्रचूड़

    सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की बेंच अर्नब गोस्वामी की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही है.

    सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद पत्रकार सुचित्र मोहंती के अनुसार अर्नब गोस्वामी की ओर से हरीश साल्वे और महाराष्ट्र सरकार की ओर से कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलीलें रख रहे हैं.

    सुनवाई के दौरान अर्नब गोस्वामी के वकील हरीश साल्वे ने अदालत से कहा कि - "द्वेष के साथ और तथ्य को हटाकर सत्ता के दुरुपयोग पहले भी हुए हैं हम सभी उससे वाकिफ़ हैं. अन्वय नाइक की पत्नी ने बीते साल एक चिट्ठी में साफ़ लिखा था कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने आत्महत्या की. ये आत्महत्या के लिए उकसावे के दायरे में कैसे आता है?"

    इसके जवाब में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा,"अगर आत्महत्या आर्थिक तंगी के कारण हुई है तो इसमें धारा 306 लगेगी. इसके बावजूद अगर आज कोर्ट इस मामले में दखल नहीं देती है तो हम विनाश की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. उनकी (अर्नब गोस्वामी) विचारधारा कुछ भी हो ऐसी परिस्थिति में उनका चैनल ना देखें. लेकिन आज संवैधानिक कोर्ट होने के नाते अगर हम इस मामले में दख़ल ना दें ये विनाश के पथ पर आगे बढ़ने जैसा होगा. आज हमें उच्च अदालतों को भी संदेश देना होगा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल लोगों की आज़ादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करें."

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने साथ ही कहा, ‘’अगर एफ़आईआर लंबित रहे और ज़मानत ना दी जाए तो ये न्याय का दमन होगा.’’

    अर्नब गोस्वामी

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  6. ब्रेकिंग न्यूज़, अब सूचना और प्रसारण मंत्रालय रखेगा ऑनलाइन समाचार, फ़िल्म, ऑडियो और विज़ुअल सामग्रियाँ पर नज़र

    भारत सरकार ने ऑनलाइन माध्यम पर आने वाली सभी सामग्रियों को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में डाल दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ कैबिनेट सेक्रेटेरिएट की ओर से मंगलवार रात एक नोटिफ़िकेशन जारी किया गया है जिसके अनुसार इंटरनेट पर उपलब्ध फ़िल्म और समाचार सामग्रियाँ भी अब सूचना-प्रसारण मंत्रालय के दायरे में आएँगी.

    इनमें अमेज़न, नेटफ़्लिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाई जाने वाली सामग्रियाँ शामिल होंगी.

    राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हस्ताक्षर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.

    पीटीआई के अनुसार इस आदेश के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय इंटरनेट पर आने वाले फ़िल्मों और ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रमों तथा समसामयिक सामग्रियों से संबंधी नीतियों का नियमन कर सकता है यानी इस संबंध में सुधार कर सकता है या नई नीतियाँ बना सकता है.

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  7. दिल्ली में संक्रमण का तीसरा पीक आ चुका है इस पर कोई संशय नहीं- जैन

    दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण का तीसरा पीक आ चुका है इसमें कोई संशय नहीं.

    उन्होंने कहा,‘’हमने टेस्ट की संख्या में तीन गुना इज़ाफ़ा किया है. दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण का तीसरा पीक आ चुका है इसमें कोई संशय नहीं.बीते दिन हमने 17000 RTPCR टेस्ट किए हैं.''

    ''हमने पहले ही दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों के लिए आदेश जारी किया था कि वे आईसीयू बेड की संख्या बढ़ा लें लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश पर स्टे लगा दिया है. हो सकता है गुरूवार को हमें सुप्रीम कोर्ट से इस लेकर राहत मिल जाए.‘’

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  8. कोरोना वायरस: दिल्ली में नया रिकॉर्ड, 24 घंटों में 7830 नए मामले

    कोरोना वायरस

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    मंगलवार को दिल्ली में कोविड -19 के मामलों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है.

    दिल्ली में बीते 24 घंटे में 7830 नए मामले सामने आए हैं. देश के किसी भी शहर में आज तक किसी एक दिन में इतने मामले नहीं आए हैं.

    पिछले एक दिन में दिल्ली में कोरोना से 83 लोगों की मौत हुई. ये संख्या 16 जून के बाद से सबसे ज़्यादा है.

    दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़ दिल्ली में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर साढ़े चार लाख के पार पहुंच गए और मृतकों की संख्या 7,143 हो गई.

  9. क्या SC अपने पसंदीदा लोगों के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बन गई है- महुआ मोईत्रा

    अर्नब गोस्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को 'तत्काल सुनवाई' की सूची में डाले जाने पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘’सीएए/ बंदी प्रत्यक्षीकरण/ प्रवासी मज़दूर ये याचिकाएं आवश्यक नहीं थीं. क्या सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री अपने पसंदीदाओं के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह काम कर रही है? माननीय चीफ़ जस्टिस और रजिस्टार को इसका जवाब देना चाहिए ‘’

    महुआ मोईत्रा

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  10. अर्नब गोस्वामी की पत्नी का दुष्यंत दवे को जवाब- मेरे पति को ‘सलेक्टिव टारगेट’ किया जा रहा

    अर्नब गोस्वामी

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    रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी की पत्नी सॉम्यब्रता रे गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे को जवाब दिया है.

    दुष्यंत दवे ने अर्नब गोस्वामी की ज़मानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट में ‘तत्काल सुनवाई’ के लिए सूचीबद्ध करने को लेकर सवाल उठाया था.

    सॉम्यब्रता ने लिखा है, ‘’ मैंने दुष्यंत दवे की चिट्ठी पढ़ी, मैं हैरान हूं, ये डराने वाला है. ना तो मैं दवे को जानती हूं और ना ही उनसे कभी मिली हूं. लेकिन जिस तरह दवे मेरे पति की याचिका को सलेक्टिव होकर टारगेट कर रहे हैं उसके जवाब में मुझे ये बताना ही होगा कि जब कई मामलों को कोर्ट के सामने वरीयता देते हुए पेश किया गया तो वो चुप रहे.’’

    अपनी चिट्ठी में उन्होंने तीन मामलों का ज़िक्र किया है.

    1.अगस्त 2019: रोमिला थापर की ओर से दायर याचिका. इसे जिस दिन दर्ज किया गया उसी दिन सुनवाई के लिए सूची में शामिल कर लिया गया. दवे इस मामले में उनके वकील थे.

    इस केस का हवाला देकर वह लिखती हैं- ‘’ये याचिका पीड़ित की ओर से नहीं थी बल्कि ‘समाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से थी जो उन लोगों के मानवाधिकार बचाने को लेकर थी जिनपर नक्सली गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप थे’’

    2.जून, 2020: विनोद दुआ की याचिका जिसमें उन्होंने अपने ख़िलाफ़ एक एफ़आईआर को चुनौती दी थी. इसकी सुनवाई रविवार को की गई थी.

    3.अप्रैल 2020: वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की याचिका जो उन्होंने गुजरात पुलिस की एफ़आईआर के ख़िलाफ़ दायर की थी. ये याचिका 30 अप्रैल को दायर हुई और 1 मई को इस पर सुनवाई हुई.

    दवे ने चिट्ठी में क्या सवाल उठाया

    इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल को पत्र लिखकर रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्णब गोस्वामी की अंतरिम ज़मानत याचिका को 'चयनित तरीक़े' से 11 नवंबर को ‘तत्काल सुनवाई’ के लिए सूचीबद्ध किये जाने को लेकर आपत्ति जताई है.

    अर्णब गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई उनके याचिका दायर करने के अगले दिन ही हो रही है.

    दुष्यंत दवे ने अपनी आपत्ति जताते हुए सेक्रेटरी जनरल से सवाल किया है कि हज़ारों लोग लंबे समय से जेलों में बंद हैं और उनके मामले हफ़्ते, महीने तक पड़ा रहता है, लेकिन ये मामला कैसे और क्यों तुरंत ही सूचीबद्ध हो जाता है.

    उन्होंने सेक्रेटरी जनरल से पूछा है कि क्या मामले को "तत्काल सुनवाई के लिए" चीफ़ जस्टिस की ओर से आदेश के बाद सूचीबद्ध किया गया है या ये फ़ैसला सेक्रेटरी जनरल ने खुद लिया है?

    बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

    5 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अनर्ब गोस्वामी को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया.

    बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की बेंच इस मामले की सुनवाई 10.30 बजे करेगी.

    क्या है ये मामला?

    अर्णब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने साल 2018 के एक मामले में गिरफ़्तार किया है, उनपर एक इंटीरियर डिज़ाइनर अन्वय नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है.

    उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में अंतरिम ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी थी, जिसे कोर्ट ने ख़ारिज करते हुए निचली अदालत में जाने की सलाह दी.

    अर्णब गोस्वामी ने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

    अर्नब गोस्वामी

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