हिज़बुल मुजाहिदीन के चीफ़ कमांडर सैफुल्लाह मीर की मुठभेड़ में मौत
फ़्रांस हमले से जुड़ी राजनीति से लेकर बिहार चुनाव और कोरोना संक्रमण के हाल तक, दिन भर की सभी ज़रूरी ख़बरें और बड़े अपडेट आपको यहाँ मिलेंगे. बीबीसी का यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है.
लाइव कवरेज
भारतीय सुरक्षाबलों ने हिज़बुल मुजाहिदीन के नेता सैफुल्लाह मीर को मारा
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भारत प्रशासित कश्मीर में अधिकारियों के मुताबिक़ रविवार
को भारतीय सुरक्षाबलों ने चरमपंथी गुट हिज़बुल मुजाहिदीन के चीफ़ कमांडर सैफुल्लाह मीर को
मार दिया.
पुलिस का कहना है कि श्रीनगर में एयरपोर्ट के नज़दीक
रनग्रेथ इलाक़े में हुई एक मुठभेड़ में सैफ़ुल्लाह की मौत हो गई है जबकि उनके एक
सहायक को पकड़ लिया गया.
भारतीय सेना के साथ मुठभेड़ में घायल होने वाले चरमपंथियों का
इलाज करने के लिए सैफ़ुल्लाह मीर को मुसैब या डॉक्टर सैफ़ी भी कहा जाता था.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार कश्मीर
के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा, "जिस चरमपंथी की
मुठभेड़ में मौत हुई है वो हिज़बुल मुजाहिदीन का ऑपरेशन चीफ़ कमांडर डॉक्टर
सैफ़ुल्लाह है. ये हमारे लिए बड़ी सफलता है."
इसी साल मई में हिज़बुल मुजाहिदीन चीफ़ रियाज़ नाइकू की दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में मौत हो गई थी. उसकी मौत के बाद सैफ़ुल्लाह को गुट का चीफ़ कमांडर बनाया गया था.
31 साल के सैफ़ुल्लाह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, कुलगाम और शोपियां में अधिक एक्टिव थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, फ़िलीपींस से टकराया इस साल का सबसे ताक़तवर तूफ़ान
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एशिया में आने वाला इस साल का सबसे ताकतवर तूफ़ान गोनी फिलीपींस से 225 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से टकरा चुका
है.
मौसम विभाग ने बताया है कि स्थानीय समय के अनुसार रविवार सुबह 4.50 बजे कैटेंडुनस द्वीप के तट पर इस तूफान ने
दस्तक दी है.
यह उसके बाद से मुख्य द्वीप लुजोन तक पहुँच गया है जहाँ राजधानी
मनीला स्थित है.
करीब दस लाख लोगों से उनके घर खाली करवाए गए है.
मौसम बुलेटिन में फिलीपीन एटमॉस्फेरिक, जियोफिजीकल एंड एस्ट्रॉनॉमिकल सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन ने लुजोन के
साथ-साथ विसायस और मिनदानाओ में बाढ़, भूस्खलन और तलछट के बहने की चेतावनी दी है.
फिलीपींस में गोनी तूफान को रॉली के नाम से जाना जाता है. यह
फिलीपींस में 2013 में आए तूफान
हेयान के बाद सबसे ताकतवर तूफान है. तूफान हेयान से फिलीपींस में 6000 लोगों की जान चली गई थी.
इस बार कोविड-19 की वजह से हालात और जटिल है. कोरोना से अब तक फिलीपींस में 380,739 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 7,221 लोगों की मौत हो चुकी है.
बिहार चुनाव: पटना की ये महादलित बस्ती नीतीश कुमार से क्यों ख़फ़ा है?
पीएम मोदी ने कहा, सिंहासन बचाने की लड़ाई में लगे डबल-डबल युवराज
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बिहार चुनाव में दूसरे चरण के
मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के छपरा में रैली की. इस दौरान उन्होंने पहले चरण के बाद
एनडीए की सरकार बनने का दावा किया.
उन्होंने एनडीए को डबल इंजन की सरकार बताते हुए तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधा. साथ ही लॉकडाउन के दौरान लोगों की ज़रूरतें पूरा करने को लेकर सरकार की तारीफ की.
उन्होंने कहा, “पहले चरण के मतदान से साफ़ नज़र आ रहा है कि नीतीश बाबू के नेतृत्व में एनडीए की
सरकार दोबारा बन रही है. पहले चरण
के मतदान में आपने एनडीए को जो भारी समर्थन के संकेत दिए हैं.”
“पीएम और भाजपा के लिए, एनडीए के लिए आपका ये प्रेम कुछ लोगों को अच्छा नहीं लग रहा है, रात को उन्हें नींद नहीं आ रही है. कभी-कभी तो अपने ही कार्यकर्ताओं से मारकर फेंकते हैं.उनकी हताशा-निराशा, बौखलाहट, गुस्सा, अब बिहार की जनता बराबर देख रही है. चेहरे से हँसी गायब हो गई है.“
उन्होंने महागठबंधन के सीएम
उम्मीदवार तेजस्वी यादव और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को डबल युवराज कहकर
उन पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, ‘’आज बिहार के सामने, डबल इंजन की सरकार है, तो दूसरी तरफ डबल-डबल युवराज भी हैं.उनमे से एक तो जंगलराज के युवराज भी हैं.डबल इंजन वाली एनडीए सरकार, बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, तो ये डबल-डबल युवराज अपने-अपने सिंहासन को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.’’
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों को उनकी भावनाओं को ये लोग कभी समझ नहीं सकते. ये अपने परिवार के पैदा हुए हैं, अपने परिवार के लिए जी रहे हैं, अपने परिवार के लिए ही जूझ रहे हैं.
उन्होंने बताया कि किस तरह सरकार ने कोरोना वायरस के दौरान अनाज कमी नहीं होने दी. उन्होंने कहा, ‘’दुनिया में आज कोई ऐसा नहीं है, जिसे कोरोना ने प्रभावित न किया हो, जिसका इस महामारी ने नुकसान न किया हो.एनडीए की सरकार ने कोरोना की शुरुआत से ही प्रयास किया है कि वो इस संकटकाल में देश के गरीब, बिहार के गरीब के साथ खड़ी रहे.’’
‘’गरीब के घर में आठ महीने अनाज पहुंचाने का काम हुआ. आपके वोट से गरीब के घर का चूल्हा जलता रहा. छठ पूजा के लिए किसी मां को चिंता करने की ज़रूरत नहीं.’’
जंगलराज और पुलवामा हमले को लेकर निशाना
पीएम मोदी ने बिहार में 'जंगलराज' का हवाला देते हुए आरजेडी पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, ‘'बिहार के पास पैसा और समार्थ्य पहले भी था लेकिन पहले जंगलराज था. अगर नीयत होती तो बिहार का विकास पहले भी हो जाता. विकास की योजनाएं 12 सालों तक क्यों अटकी रहीं? कंपनियों को पहले फिरौती तय करनी पड़ती थी.’’
पीएम मोदी ने इस रैली में पुलावाम हमले का मामला भी उठाया. उन्होंने पुलवामा को लेकर पाकिस्तान में दिए गए बयान का ज़िक्र कर विपक्ष पर निशाना साधा
उन्होंने कहा, ‘’अभी दो-तीन दिन पहले हमारे पड़ोसी देश ने पुलवामा हमले की सच्चाई को स्वीकार किया. इस सच्चाई ने उन लोगों के चेहरे से नकाब भी उतार दिया है जो पुलवामा हमले के बाद अफ़वाहें फैला रहे थे. उन्होंने हर वो बात कही जो हमारे जवानों का मनोबल तोड़ती है. सत्ता और स्वार्थ की राजनीति करने वालों ने खूब भ्रम फैलाने की कोशिश की. अब वो ही लोग बिहार की जनता से वोट मांग रहे हैं.’’
पीएम मोदी आज बिहार में चार रैलियाँ करने वाले हैं. छपरा के बाद समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में उनकी रैलियाँ होंगीं.
बिहार चुनाव के पहले चरण में 71 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान किया गया था. तीन नवंबर को दूसरे चरण का और सात नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा. 10 नवंबर को बिहार चुनाव के नतीजे सामने आएंगे.
फ़्रांस की धर्मनिरपेक्षता पर क्यों उठ रहे हैं सवाल
'धर्म विहीन राज्य' ही फ़्रांस का सरकारी धर्म है. ये आपको भले ही चौंका देने वाला लगे, लेकिन सच ये है कि 'laicite' या लैसिते या 'धर्म से मुक्ति' ही इसकी राष्ट्रीय विचारधारा है.
फ़्रांस की राजनीति पर गहरी नज़र रखने वाले डॉमिनिक मोइसी ने लैसिते पर टिप्पणी करते हुए एक बार कहा था कि ये ऊपर से थोपी गई एक प्रथा है. उन्होंने कहा था, "लैसिते गणतंत्र का पहला धर्म बन गया है."
'लैसिते' शब्द फ़्रांस में इस समय सबसे अधिक चर्चा में है. हाल ही में फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्लाम पर दिए गए बयान को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा सकता है. उन्होंने पैग़ंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाने के एक फ़्रांसीसी शिक्षक के फ़ैसले का समर्थन किया था और शिक्षक की हत्या के बाद कहा था कि इस्लाम संकट में है. देखिए यह वीडियो...
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फ़्रांस हमला: जस्टिन ट्रूडो पर भड़कीं कंगना रनौत
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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने फ़्रांस में हुए हमले के बारे में बात करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बचाव किया लेकिन साथ ही कहा कि कुछ समुदायों को
मनमाने और अनावश्यक तरीके से आहत नहीं करना चाहिए.
ट्रूडो ने फ्रांस की शार्ली हेब्दो पत्रिका में पैंगबर मोहम्मद के कार्टून छापने के अधिकार से जुड़े सवाल पर ये बातें
कहीं.
उन्होंने कहा,“हमें हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बचाव
करना चाहिए. लेकिन, अभियव्यक्ति की आज़ादी बिना सीमाओं के साथ नहीं
होती. हमें दूसरों का सम्मान करते हुए काम करना चाहिए और जिनके साथ हम इस समाज और
ग्रह में रहते हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से चोट नहीं पहुंचानी
चाहिए.”
प्रधानमंत्री ट्रूडो ने कहा,“हमें भीड़ भरे सिनेमा हॉल में फ़ायर-फ़ायर चिल्लाने
का अधिकार नहीं है. हर अधिकार की सीमाएं होती हैं.”
उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
के बयान से दूरी बनाते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल
करने का अनुरोध किया.
जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि हमारे जैसे बहुलवादी, विविध और सम्मानजनक समाज में हमें अपने शब्दों, अपने कामों से दूसरों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझना होगा, खासतौर पर उन समुदायों और लोगों पर जो अब भी बड़े स्तर पर भेदभाव का सामना कर
रहे हैं.
इसी दौरान उन्होंने कहा कि समाज इन मुद्दों पर
एक जिम्मेदार तरीके से सार्वजनिक बहस के लिए तैयार है.
साथ ही उन्होंने फ्रांस में हुई हिंसक घटनाओं
की निंदा की और दुख जताया.
प्रधानमंत्री ट्रूडो ने कहा कि ये पूरी तरह अनुचित है
और कनाडा मुश्किल वक़्त से गुज़र रहे अपने फ्रांसीसी दोस्तों के साथ खड़ा होकर इन
घटनाओं की निंदा करता है.
कनाडा की संसद में गुरुवार को फ्रांस के नीस
में एक चर्च पर हुए हमले में तीन लोगों के मारे जाने पर शोक जताते हुए मौन रखा गया
था.
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कंगना भड़कीं, पूछे सवाल
जस्टिन ट्रूडो के इस बयान पर अभिनेत्री कंगना रनौत ने उनसे सवाल पूछते हुए कुछ ट्वीट्स किए हैं.
कंगना रनौत ने लिखा,“प्रिय जस्टिन,हम एक आदर्श दुनिया में नहीं रहते हैं, लोग रोज़ सिग्नल तोड़ते हैं, ड्रग्स लेते हैं, उत्पीड़न करते हैं और दूसरों की भावनाओं को आहत करते हैं. अगर हर छोटे अपराध की सज़ा एक-दूसरे का गला काटना है तो हमें प्रधानमंत्री और क़ानून व्यवस्था की क्या ज़रूरत है?”
कंगना ने जस्टिन ट्रूडो को टैग करते हुए उनसे अपने सवाल का जवाब मांगा.
कंगना ने एक और ट्वीट में लिखा,“कोई भी अगर राम,कृष्ण, मां दुर्गा या कोई भी अन्य भगवान चाहे अल्लाह, ईसा मसीह का कार्टून बनाता है तो उसे सज़ा मिलनी चाहिए. अगर वर्कप्लेस या सोशल मीडिया पर ऐसा करता है तो उसे रोकना चाहिए. अगर खुलेआम ऐसा करता है तो उसे छह महीने के लिए जेल भेज देना चाहिए, बस यही, लोगों को नास्तिक होने का अधिकार है.”
“मैं ये चुन सकती हूं कि मैं भगवान को नहीं मानती, ये ठीक है, ये कोई अपराध नहीं है. मैं ये अभिव्यक्त भी कर सकती हूं कि मैं तुम्हारे धर्म के साथ किस तरह सहमत नहीं हूं, हां!! ये अभिव्यक्ति की आज़ादी है, मेरी आवाज़ के साथ रहना सीखें, आपने मेरे सवालों के जवाब ना होने पर मेरा गला काटना सीखा है, अपनेआप से पूछें.”
शार्ली हेब्दो में छपे कार्टून एक क्लास में दिखाने के बाद फ्रांस में एक शिक्षक की हत्या कर दी गई थी. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ये कार्टून छापने के अधिकार का बचाव किया था और शिक्षक पर हमले को इस्लामिक कट्टरवाद बताया था.
कुछ मुस्लिम देशों में मैक्रों के बयान पर विरोध जताया गया और फ्रांस के सामानों का बहिष्कार भी किया गया. इसके बाद फ्रांस में एक चर्च पर हमला हुआ जिसमें तीन लोगों की जान चली गई.
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