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कोरोनाः वैक्सीन को लेकर जल्दबाज़ी ना करें - डॉ. फ़ाउची
दुनिया भर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 2 करोड़ 30 लाख से ज़्यादा हुई. भारत में 24 घंटे में 61 हज़ार नए मामले.
लाइव कवरेज
ओडिशा में आज सबसे ज़्यादा ठीक हुए कोरोना के मरीज़

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भुवनेश्वर के स्थानीय संवाददाता सुब्रत पति का कहना है कि ओडिशा में मंगलवार को सबसे ज़्यादा 2546 कोरोना मरीज़ों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है.
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक ट्वीट में कहा एक ही दिन में 2546 रिकवरी के साथ, ओडिशा ने COVID 19 रिकवरी में एक नया मानदंड स्थापित किया है, प्रदेश के स्वास्थ्यकर्मी और कोविड योद्धाओं के समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ यह उपलब्धि हासिल की.
ओडिशा में अब तक 84,231 पॉज़िटिव मामले सामने आए हैं जिनमें से 59,470 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. अब तक 428 लोगों की मौत हुई है.
नॉर्वे भी आर्थिक मंदी का शिकार, 1978 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

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कोरोना महामारी के कारण नॉर्वे भी आर्थिक मंदी का शिकार हो गया है.
सरकारी आँकड़ों के मुताबिक़ नॉर्वी की जीडीपी में दूसरी तिमाही में काफ़ी गिरावट देखी गई.
अप्रैेल से जून के बीच अर्थव्यवस्था में 6.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जो कि नॉर्वे के अब तक के इतिहास में सबसे तेज़ गिरावट हुई है.
नेशनल सांख्यिकी ऑफ़िस एसएसबी ने एक बयान जारी कर कहा, "दूसरी तिमाही में नॉर्वे की अर्थव्यवस्था में गिरावट अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. साल 1978 से अर्थव्यवस्था के तिमाही आँकड़े जारी किए जा रहे हैं."
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इतनी भारी गिरावट के बावजूद नॉर्वे का प्रदर्शन यूरोप के कई दूसरे देशों से बेहतर है जहां दूसरी तिमाही में जीडीपी में 12.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.
अपने पड़ोसी स्वीडन की तुलना में भी नॉर्वे बेहतर स्थिति में है. स्वीडन की अर्थव्यवस्था में 8.6 फ़ीसद की गिरावट दर्ज की गई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, वैक्सीन को लेकर जल्दबाज़ी ना करेंः डॉक्टर फ़ाउची

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अमरीका के शीर्ष वायरस विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन के मामले में जल्दबाज़ी ना करें और पहले पूरी तरह ये साबित हो जाने दें कि वो वैक्सीन सुरक्षित और असरकारी है.
डॉक्टर फ़ाउची ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि ऐसा करने से दूसरी वैक्सीनों के बनाने की कोशिशों को धक्का लग सकता है.
उनका ये बयान ऐसे समय आया है जब अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ऐसे टीके को हरी झंडी देने की ख़बरें चल रही हैं जिसे पूरी तरह टेस्ट किया जाना बाक़ी है.
डॉक्टर फ़ाउची ने कहा, "एक वो चीज़ जो आप नहीं देखना चाहते हैं, वो ये है कि एक ऐसी वैक्सीन को इमरजेंसी आधार पर मान्यता दे दी जाए जिसके असरदार होने का कोई संकेत नहीं मिला हो".
"इसका एक ख़तरा ये हो सकता है कि अगर आप एक वैक्सीन को समय से पहले ही जारी कर दें, तो इससे दूसरी वैक्सीनों की जाँच के लिए लोगों को शामिल करना नामुमकिन नहीं तो मुश्किल ज़रूर हो जाएगा."
उन्होंने कहा, "मेरे लिए, सबसे ज़रूरी ये है कि ये बात पूरी तरह सुनिश्चित हो कि ये वैक्सीन सुरक्षित और असरकारी है."
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ब्रेकिंग न्यूज़, शिबू सोरेन की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली रवाना
रवि प्रकाश
राँची से, बीबीसी हिन्दी के लिए

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें प्लाज़्मा चढ़ाया गया है.
डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें अब दिल्ली ले जाया जा रहा है.
उन्हें दिल्ली से सटे गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा.
वहाँ डॉ नरेश त्रेहान और उनकी टीम शिबू सोरेन का इलाज करेगी. यह जानकारी राँची मेदांता के जनसंपर्क अधिकारी ने दी है.
उन्होंने बताया," गुरुजी (शिबू सोरेन) को कोरोना के अलावा कुछ और बीमारियाँ हैं. वे पहले से डॉ त्रेहान की निगरानी में रहे हैं. लिहाज़ा, उन्हें गुरुग्राम मेदांता ले जाया जा रहा है."
अधिकारी ने बताया कि वे राँची स्थित अस्पताल से निकल चुके हैं. उनके साथ डॉक्टरों की एक टीम भी दिल्ली जा रही है. उन्हें एम्बुलेंस से राँची से बोकारो ले जाया जा रहा है.
बोकारो से शिबू सोरेन राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली ले जाए जाएँगे. इसके लिए ट्रेन में भुवनेश्वर से ही एक विशेष कोच लगाया गया है.
रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि इस दौरान कोविड से संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन कराया जाएगा.
उनके बेटे और झारखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि शिबू सोरेन की हालत स्थिर बनी हुई है. वे सबसे बातचीत कर रहे हैं.
चूँकि वे पहले से गुरुग्राम मेदांता के डॉक्टरों की निगरानी में थे. इसलिए उन्हें शिफ़्ट किया जा रहा है.
शिबू सोरेन और उनकी पत्नी रुपी सोरेन बीते शुक्रवार को कोरोना संक्रमित पाए गए थे.
उन्हें सोमवार को राँची मेदांता में भर्ती कराया गया था. रुपी सोरेन अपने घर पर ही इलाज करा रही हैं.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख शिबू सोरेन तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं. वे अभी राज्यसभा सांसद हैं.
स्पेन में फिर बढ़े मामले, सेना को बुलाया जाएगा

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स्पेन ने कहा है कि देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में फिर से आई तेज़ी को देखते हुए सेना की मदद ली जाएगी.
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि स्पेन की क्षेत्रीय सरकारों की मदद के लिए 2,000 सैनिकों को तैनात किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि देश में महामारी का दोबारा फैलना चिंताजनक है, मगर उन्होंने साथ ही कहा कि अभी भी स्थिति मार्च जैसी नहीं है, जब स्पेन में सख़्ती से लॉकडाउन लागू किया गया.
स्पेन के प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें इसपर नियंत्रण पाना होगा, इस दूसरी लहर को तोड़ना होगा."
स्पेन में अब तक कोरोना संक्रमण के 4 लाख से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 28,800 लोगों की मौत हो चुकी है.
दक्षिण कोरिया: कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण स्कूल बंद करने के आदेश

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दक्षिण कोरिया की सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजधानी सोल में सभी स्कूलों और किंडरगार्टन को बंद करने का आदेश दिया है.
क़रीब 200 स्टाफ़ और छात्र ग्रेटर सोल क्षेत्र में पिछले दो हफ्तों में संक्रमित हुए हैं.
शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि 11 सितंबर तक रिमोट लर्निंग प्रोग्राम ही चलते रहेंगे.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि देश राष्ट्रव्यापी संक्रमण के दौर में पहुँचने की कगार पर खड़ा है.
ग्रेटर सोल एरिया में तक़रीबन ढाई करोड़ छात्र रहते हैं.
अब वो ऑनलाइन ही पढ़ाई करेंगे. सिर्फ़ हाई स्कूल के अंतिम वर्ष के छात्र जिन्हें दिसंबर में यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा देनी है, वो ऑनलाइन क्लास नहीं करेंगे.
कोरिया टाइम्स के मुताबिक़ 60 से कम छात्रों वाले और स्पेशल एजुकेशन वाले स्कूलों को मंत्रालय के आदेश का पालन करना है या नहीं, यह उन पर निर्भर करता है.
दक्षिण कोरिया के ज़्यादातर स्कूल 20 मई और 1 जून के बीच संक्रमण के कम मामले होने के बाद खोल दिए गए थे.
जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आँकड़ों के मुताबिक़ दक्षिण कोरिया में अब तक 310 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है और कुल 17,945 लोग संक्रमित हो चुके हैं.
कोरोना के संकट से निपटने के मामले में दक्षिण कोरिया को दुनिया में एक कामयाब देश के तौर पर देखा जा रहा है.
हालांकि हाल के हफ़्तों में यहाँ ख़ासतौर पर ग्रेटर सोल क्षेत्र में संक्रमण के मामलों में इज़ाफ़ा देखा गया है.
मंगलवार को कोरोना के 280 नए मामले सामने आए हैं.
यह 12वां दिन है जब तीन अंकों में संक्रमण के मामलों में इज़ाफ़ा देखा गया है.
नहीं तो यहाँ 30 से कम संक्रमण के मामले हर दिन सामने आते रहे हैं.
संक्रमण के कई सारे मामले दक्षिणपंथी प्रोटेस्टेंट चर्चों से जुड़े हुए हैं जिनके सदस्यों ने एक हफ़्ते पहले सोल में एक बड़ी रैली निकाली थी.
सोल में सरकारी अधिकारियों ने पहली बार घर के अंदर और बाहर मास्क पहनने का आदेश दिया है.
चर्च, नाइट क्लब और बार बंद कर दिए गए हैं. सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर संक्रमण के मामले बढ़ते रहे तो सोशल डिस्टेंसिंग के सख़्त नियम लागू किए जा सकते हैं.
इसका मतलब यह होगा कि कई सारे व्यवसाय दक्षिण कोरिया में पहली बार महामारी की शुरुआत के बाद बंद करने पड़ जाएंगे.
विदेशी पर्यटकों के लिए इस साल बंद हुआ इंडोनेशिया का बाली द्वीप

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कोरोना वायरस संक्रमण के जोखिमों को देखते हुए इंडोनेशियाई द्वीप बाली इस साल दोबारा पर्यटकों के लिए नहीं खुलेगा.
बाली पर्यटकों का एक पसंदीदा पर्यटन स्थल है. वहां के अधिकारियों ने पहले कहा था कि विदेशी पर्यटक अगले महीने से आ सकते हैं लेकिन इंडोनेशिया में बढ़ते कोविड-19 मामलों को देखते हुए इस फ़ैसले पर विराम लगा दिया गया है.
इस फ़ैसले के बाद यहाँ की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नए सिरे से संकट के बादल छा गए हैं. यहाँ के लोगों के आर्थिक हालात मूल तौर पर पर्यटन पर भी निर्भर करता है.
हर साल लाखों विदेशी पर्यटक बाली घूमने जाते हैं. वो यहाँ के ख़ाली बीच, सीढ़ीदार धान के खेत और हिंदू मंदिरों को देखने जाते हैं.
लेकिन दूसरे देशों में कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ ही इंडोनेशिया के सीमा बंद के फ़ैसले से यहां विदेशी पर्यटकों की तदाद में अचानक से बड़ी गिरावट आई.
जुलाई के अंत से द्वीप ने घरेलू पर्यटकों की ओर रुख़कर लिया ताकि बर्बाद होते पर्यटन उद्योग और उस पर आधारित अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके. बीच,मंदिरों और दूसरे पर्यटन स्थलों को स्थानीय पर्यटकों के लिए खोल दिया गया.
लेकिन इसके बावजूद रेस्तरां और होटल जूझ रहे हैं. रिसॉर्ट में काम करने वाले कई सारे कामगार छोटे शहरों और गाँवों की ओर लौट गए हैं और वहीं काम की तलाश कर रहे हैं.
बाली के गर्वनर वयान कोस्टर ने हाल में दिए अपने एक बयान में कहा है, "बाली समेत इंडोनेशिया में हालात ऐसे नहीं हैंजो अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के यहाँ आने के माकूल हो.”
हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया है कि कब बाली विदेशी पर्यटकों के लिए फिर से खुलेगा लेकिन यह ज़रूर कहा गया है कि ‘2020 के आख़िर तक’तो नहीं ही खुलेगा.
गर्वनर ने कहा है कि द्वीप को फिर से खोले जाने के लिए ‘विवेकपूर्ण और सावधानी पूर्वक तैयारियों’को अंजाम देना होगा नहीं तो कोई भी चूक द्वीप के प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाएगी और इसके रिकवरी को भी नुकसान पहुँचेगा.

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बाली में कोरोना वायरस संक्रमण के 4,576 मामने सामने आए हैं और सोमवार तक 52 मौतें हो चुकी हैं.
पूरे इंडोनेशिया में 155,000से ज्यादा मामले संक्रमण के अब तक आ चुके हैं और कम से कम 6,759 लोगों की मौत हो चुकी है. यह दक्षिण पूर्व एशिया में किसी देश में कोरोना से मरने वालों की सबसे बडी संख्या है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ज़्यादा टेस्टिंग हो तो यह आँकड़ा और अधिक होगा.
बाली की राजधानी देनपसान के एक होटल के जनरल मैनेजर पुटु गेदे बुदिर्टा कहते हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण और यात्रा पर लगी पाबंदियों की वजह से पर्यटन उद्योग पर ‘गंभीर प्रभाव’पड़ा है.
उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "हमारे ज़्यादातर यात्री बाहर से आते हैं. यह एक मुश्किल वक़्तहै. इससे आमदनी पर असर पड़ रहा है."
जिस होटल में वो काम करते हैं, वो स्थानीय पर्यटकों से आधे से भी कम भरा रह रहा है और जो एक गेस्ट हाउस जो वो सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में चलाते हैं, वो तो महीनों से ख़ाली पड़ा हुआ है.
मार्च में सैकड़ों ब्रितानी पर्यटक बाली में फंस हुए थे जब ब्रिटेन ने लॉकडाउन की घोषणा की थी और लोगों से अपने देश लौटने की अपील की थी.
फ़ेसबुक ग्रुप पर पर्यटकों को उड़ान के बारे में सूचना देने वाली गतिविधियां धीमी पड़ गई है लेकिन पर्यटक अभी भी जानकारी शेयर कर रहे हैं कि घर लौटने के लिए राजधानी जकार्ता से फ्लाइट लेना ज़्यादा आसान है.

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ब्रेकिंग न्यूज़, सऊदी अरब ने खोला लैंड बॉर्डर, अब लोग आ सकेंगे यहां

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इमेज कैप्शन, किंग फ़हद ब्रिज जो सऊदी को बहरीन से जोड़ता है सऊदी अरब ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की है कि अपने नागरिकों और ग़ैर-सऊदी नागरिकों के लिए लैंड बॉर्डर खोलने जा रहा है.
सरकार की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि अब लोग सऊदी अरब आ सकते हैं. बयान में कहा गया है कि जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट ग़ैर-सऊदी नागरिकों की एंट्री की अनुमति देता है. पड़ोसी देशों से जो सड़क मार्ग के ज़रिए सऊदी में आना चाहते हैं वो अब आ सकते हैं.
प्रशासन ने ये भी कहा है कि ग़ैर-सऊदी नागरिकोंको सरहद पर कोविड-19 का निगेटिव सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जो 48 घंटे पहले जारी किया गया हो.
सऊदी कस्टम ने भी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जो पाबंदी लगाई थी उसमें छूट दी है. गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल देशों के ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गई है.
जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट की ओर से जारी किए गए बयान में यह भी कहा गया है कि ग़ैर-सऊदी नागरिकों को आने से पहले ज़रूरी दस्तावेज़ दिखाने होंगे. जो अपने परिवार के साथ सऊदी आएंगे उन्हें ऑनलाइन अप्रूवल के लिए आवेदन करना होगा.
यह आवेदन किंगडम अशर ऐप से होगा. सऊदी ने ख़ाजी, अल-राक़ी, अल-बाथा और किंग फ़हद ब्रिज़ को खोल दिया है और इसके ज़रिए पड़ोसी मुल्क के लोग आ सकेंगे.
कोरोना वायरस की महामारी में और जानलेवा हुआ टीबी
कोरोना वैक्सीन के इर्द-गिर्द होती राजनीति

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कोरोना वायरस वैक्सीन का संबंध विज्ञान से है लेकिन आज के दौर में यह राजनीति से भी अछूती नहीं है.
दुनिया में अलग-अलग वैक्सीन पर काम चल रहा है और रोज़ाना इनके इर्द-गिर्द चर्चा होती रहती है.
- फ़ाइनैंशियल टाइम्स और न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनज़र ब्रिटेन की कोविड-19 वैक्सीन को आपातकानी अनुमति देने पर विचार कर रहा है. इस वैक्सीन पर फ़ार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राज़ेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड साथ मिलकर काम कर रहे हैं. हालांकि, ट्रंप के अधिकारियों और एस्ट्राज़ेनेका ने इन रिपोर्ट को ख़ारिज किया है.
- एक्सियोस में प्रकाशित हुए अमरीका के एक नए सर्वे में 66 फ़ीसदी अमरीकियों का मानना है कि अमरीका में बनी वैक्सीन को बाकी दुनिया के साथ तभी साझा किया जाए जब अमरीका के सभी वैक्सीन के ऑर्डर पूरे हो जाएं.
- चीन ने कहा है कि वो जिस कोरोना वायरस वैक्सीन पर काम कर रहा है उसने उसे हाल के सप्ताह में मुख्य कर्मचारियों पर टेस्ट किया है. हालांकि, चीन के वैक्सीन ट्रायल से सभी ख़ुश नहीं हैं. पापुआ न्यू गिनी ने पिछले सप्ताह अपने यहां 180 चीनी नागरिकों को आने से रोक दिया था. ऐसा भी बताया गया था कि वो लोग ट्रायल वैक्सीन में ‘प्रतिरोधक’ हो चुके हैं.
कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमण का मामला सामने आया

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हॉन्गकॉन्ग के वैज्ञानिकों के आगे कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमित हुए व्यक्ति का मामला सामने आया है.
30 साल से अधिक आयु का यह व्यक्ति पहली बार साढ़े चार महीने पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ था.
वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस के जीनोम में दो चीज़ें ‘बिलकुल अलग’हैं, यह दोबारा संक्रमण होने का दुनिया का पहला मामला है.
हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि एक मरीज़ के मामले से सीधा निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए.
वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि दोबारा संक्रमण होना बेहद दुर्लभ है और यह अधिक गंभीर हो ऐसा भी नहीं है.
हॉन्गकॉन्ग विश्वविद्यालय की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमण से ठीक होने से पहले यह व्यक्ति 14 दिनों तक अस्पताल में रहा था लेकिन एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के दौरान वो दोबारा कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया है. हालांकि, उसमें इसके कोई लक्षण नहीं थे.
लंदन स्कूल ऑफ़ हाइजीन और ट्रोपिकल साइंस के प्रोफ़ेसर ब्रेंडन रेन कहते हैं कि यह दोबारा संक्रमण का बेहद दुर्लभ मामला है.
वो कहते हैं कि इसकी वजह से कोविड-19 की वैक्सीन बेहद ज़रूरी हो जाती है और ऐसी आशंका है कि वायरस समय के साथ ख़ुद को बदलेगा.
जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित होते हैं उनके शरीर में वायरस से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम विकसित हो जाता है जो वायरस को दोबारा लौटने से रोकता है.
सबसे मज़बूत इम्यून उन लोगों का पाया जाता है जो गंभीर रूप से कोविड-19 से बीमार हुए हों. हालांकि, यह अभी भी साफ़ नहीं है कि यह सुरक्षा कितनी लंबी है और इम्युनिटी कब तक रह सकती है.
कोविड-19 की वजह से दुनिया में क्या है हलचल...

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कोरोना वायरस को लेकर अच्छी और बुरी ख़बरों का एक और दिन जारी है. आइये जानते हैं इसकी वजह से पूरी दुनिया में क्या कुछ हो रहा है..
- हॉन्गकॉन्ग के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के दोबारा संक्रमण के मामले का पता लगाया है. संक्रमित व्यक्ति पहली बार साढ़े चार महीने पहले इसकी चपेट में आया था.
- हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि एक मरीज़ के मामले से किसी परिणाम पर नहीं पहुंचना चाहिए.
- न्यूज़ीलैंड ने सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में लॉकडाउन को बढ़ा दिया है. प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने 2020 को ‘भयानक साल’कहा है.
- न्यूयॉर्क में लोग अब दोबारा से शहर के म्यूज़ियमों में जा सकेंगे. लोगों को स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी और एलिस आइलैंड नैशनल म्यूज़ियम ऑफ़ इमिग्रेशन में जाने की भी अनुमति दे दी गई है.
नमस्कार! बीबीसी हिंदी पर कोरोना वायरस संक्रमण पर लाइव अपडेट्स और विश्लेषण का सिलसिला मंगलवार को भी जारी है. सोमवार को देश-दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर क्या कुछ हुआ, आप इस लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं.
