कोरोना काल में भारत में 1.89 करोड़ लोगों की गई नौकरियां: सीएमआईई

कोरोना को लेकर दुनिया भर से ख़बरों और विश्लेषण से जुड़े ताज़ा अपडेट्स.

लाइव कवरेज

  1. क्या हद पार कर रही हैं ट्विटर और फ़ेसुबक जैसी कंपनियां? : दुनिया जहान

  2. कोरोना संक्रमण को लेकर हमारा यह लाइव पेज यहीं समाप्त हो रहा है. लेकिन गुरुवार को कोरोना को लेकर ख़बरों और विश्लेषण का सिलसिला जारी रहेगा. आप गुरुवार के तमाम अपडेट्स इस लिंक पर देख सकते हैं.

  3. कोरोना संक्रमण को लेकर बुधवार की सुर्ख़ियां

    कोरोना वायरस

    इमेज स्रोत, EPA

    कोरोना वायरस को लेकर बुधवार की सुर्ख़ियां इस तरह से रहीं-

    • भारतीय संस्था सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने कहा है कि इस साल सिर्फ़ जुलाई में क़रीब 50 लाख वेतनभोगी लोगों ने अपनी नौकरियाँ गँवाई हैं जबकि अप्रैल से अभी तक एक करोड़ 89 लाख लोगों की नौकरियाँ गई हैं. भारत में कोरोना के मामले 27 लाख 67 हज़ार से ज़्यादा हो चुके हैं, जबकि मरने वालों की संख्या 53 हज़ार तक पहुंचने वाली है.
    • पोप फ्रांसीस ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन के उपलब्ध होने के बाद यह सबसे ग़रीब लोगों को ज़रूर मिलनी चाहिए. पोप ने कहा, “यह बहुत दुखदायक होगा अगर कोविड-19 की वैक्सीन सिर्फ़ अमीरों के लिए ही उपलब्ध रहेगी. यह बहुत दुखी करने वाला होगा अगर वैक्सीन कुछ देशों की संपत्ति बन जाए और पूरी दुनिया के लिए उपलब्ध न हो.”
    • स्पेन में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 3,751 नए मामले सामने आए हैं. जून में स्पेन में लॉकडाउन में ढील दी गई थी, उसके बाद यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं. स्पेन में अब तक कोरोना संक्रमण से 28 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
    • ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 20 हज़ार के पार पहुंच गई है. वहीं बीते 24 घंटों के दौरान देश भर में 2,444 नए मामलों का पता चला है. ईरान में कोरोना संक्रमण के कुल मामले तीन लाख पचास हज़ार से ज़्यादा हो चुके हैं.
  4. चीन के वुहान में वॉटर पार्क में पार्टी करने पहुँची हज़ारों की भीड़

  5. कोरोना काल में भारत में 1.89 करोड़ वेतनभोगी लोगों की गई नौकरियां: सीएमआईई

    कर्मचारी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने कहा है कि इस साल सिर्फ़ जुलाई में क़रीब 50 लाख वेतनभोगी लोगों ने अपनी नौकरियाँ गँवाई हैं जबकि अप्रैल से अभी तक एक करोड़ 89 लाख लोगों की नौकरियाँ गई हैं.

    सीएमआईई के डेटा के मुताबिक़ इस साल अप्रैल में एक करोड़ 77 लाख लोगों की नौकरी गई, जबकि मई में एक लाख लोगों की नौकरी गई.

    सीएमआईई का कहना है कि हालाँकि जून में 39 लाख लोगों को नौकरियाँ मिलीं, लेकिन जुलाई में फिर 50 लाख लोगों को नौकरियाँ गँवानी पड़ी.

    संस्था का कहना है, "कोरोना लॉकडाउन शुरू होने के बाद से वेतनभोगी कर्मचारियों की स्थिति बदतर हुई है. जुलाई तक क़रीब एक करोड़ 89 लाख लोगों ने अपनी नौकरियाँ गँवाई हैं."

    सीएमआईई का कहना है कि वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्थिति और बदतर हुई है.

    सीएमआईई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश व्यास ने कहा, "वेतनभोगी कर्मचारियों की नौकरियाँ जल्दी नहीं जातीं, लेकिन जब जाती हैं, तो फिर से नौकरी पाने में काफ़ी दिक़्क़त होती है, इसलिए ये काफ़ी चिंता का विषय है."

    सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक़ कोरोना महामारी के कारण कई सेक्टर की कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन काटे, तो कई कंपनियों ने उन्हें बिना वेतन दिए छुट्टी दे दी.

    संस्था ने ये भी कहा है कि असंगठित क्षेत्रों में नौकरियों की स्थिति और भी गंभीर है.

  6. वैक्सीन ग़रीबों को ज़रूर मिलनी चाहिए: पोप फ़्रांसिस

    पोप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ईसाई धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस ने कहा है कि कोरोना वायरस वैक्सीन के बनने के बाद यह दुनिया के ग़रीब लोगों को ज़रूर मिलनी चाहिए.

    पोप ने आम श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा, “यह बहुत दुखदायक होगा अगर कोविड-19 की वैक्सीन सिर्फ़ अमीरों के लिए ही उपलब्ध रहेगी. यह बहुत दुखी करने वाला होगा अगर वैक्सीन कुछ देशों की संपत्ति बन जाए और पूरी दुनिया के लिए उपलब्ध न हो.”

    उन्होंने कहा कि महामारी ने ‘दुनिया में फैली ग़रीबों की दुर्दशा और असमानता को उजागर किया है.’

    उन्होंने कहा, “एक तरफ़ एक छोटे लेकिन भयानक वायरस का इलाज ढूंढना ज़रूरी है जिसने पूरी दुनिया को घुटनों पर ला दिया है. वहीं दूसरी ओर हमें सामाजिक नाइंसाफ़ी, ग़ैर-बराबरी, कमज़ोरों की सुरक्षा की कमी जैसे वायरस का इलाज भी ढूंढना चाहिए. ”

  7. डीडीएमए ने राजधानी दिल्ली में होटल खोलने की दी अनुमति

    दिल्ली होटल

    इमेज स्रोत, Getty Images

    दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी डीडीएमए ने बुधवार को राजधानी में होटलों और साप्ताहिक बाज़ारों को खोलने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी.

    उप-राज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता वाले डीडीएमए ने ट्रायल के तौर पर साप्ताहिक बाज़ार खोलने की अनुमति दी है हालांकि जिम खोलने की अनुमति अभी भी नहीं दी है.

    वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए.

    केजरीवाल सरकार की मांग थी कि होटल, जिम और साप्ताहिक बाज़ार खोले जाएं. इसको लेकर दिल्ली सरकार ने दो बार यह प्रस्ताव उप-राज्यपाल अनिल बैजल को भेजा था लेकिन कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए उन्होंने इसे खारिज कर दिया था.

    उप-राज्यपाल कार्यालय का मानना था कि अगर नियमों में ढील देते हुए साप्ताहिक बाज़ार और जिम खोलने की अनुमति दी जाती है तो संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है.

  8. ईरान में मौतों का आंकड़ा 20,000 के पार

    महिलाएं

    इमेज स्रोत, EPA

    ईरान में आधिकारिक रूप से कोरोना वायरस के कारण मरने वालों का आंकड़ा 20,000 को पार कर गया है.

    ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रवक्ता सीमा सादत लारी ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण मौतों का आंकड़ा 20,125 हो चुका है जबकि बीते 24 घंटों में 2,444 नए संक्रमण के मामलों के बारे में पता चला है.

    उन्होंने बताया कि इसके साथ ही पूरे देश में संक्रमण के मामले 3,50,279 हो चुके हैं जबकि 3,868 लोगों का आईसीयू में इलाज चल रहा है.

    ईरान में संक्रमण के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मई के मध्य में संक्रमण के मामले बढ़ना शुरू हुए और दोबारा आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इन मामलों का बढ़ना जारी है.

    हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि ईरान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कहीं और ज़्यादा हैं.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा की जांच में पाया गया था कि ईरान में कोविड-19 से हुई मौतों का आंकड़ा सरकारी आंकड़ों से तक़रीबन तीन गुना अधिक है.

    आधिकारिक आंकड़ों के हिसाब से भी मध्य-पूर्व में ईरान कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देश है.

  9. फ़ेसबुक पब्लिक हेल्थ के लिए 'ख़तरा'- रिपोर्ट ने दी चेतावनी

    फ़ेसबुक, कोरोना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले एक साल में फ़ेसबुक पर स्वास्थ्य के बारे में ग़लत जानकारियां तीन अरब 80 लाख बार देखी गई हैं और कोरोना महामारी के दौरान तो इसमें और इज़ाफ़ा हुआ है.

    इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले शोधकर्ताओं के समूह 'आवाज़' ने कहा है कि फ़ेसबुक जन स्वास्थ्य के लिए एक ''बड़ा ख़तरा'' है.

    डॉक्टरों का कहना है कि सोशल नेटवर्क साइट पर कोरोना की वैक्सीन के बारे में ग़लत जानकारियों के कारण वैक्सीन जब मिलने लगेगी तो ये वैक्सीन लेने वालों की संख्या को सीमित कर सकता है.

    लेकिन फ़ेसबुक का कहना है कि "रिपोर्ट में हमलोगों ने जो क़दम उठाएं हैं उनको नहीं दिखाया गया है."

    फ़ेसबुक ने बयान जारी कर कहा, "ग़लत जानकारियों को सीमित करने के आवाज़ के लक्ष्य के हमलोग साथ हैं. फ़ैक्ट चेकिंग करने वालों की वैश्विक नेटवर्क के कारण अप्रैल से जून के बीच कोविड-19 से जुड़ी नौ करोड़ 80 लाख ग़लत जानकारियों के ख़िलाफ़ हमलोगों ने चेतावनी जारी की हैं और 70 लाख कंटेन्ट को हमने हटाया है जिससे लोगों को नुक़सान हो सकता था."

    फ़ेसबुक ने आगे कहा, "हमने दो अरब से भी ज़्यादा लोगों को स्वास्थ्य अधिकारियों से जोड़ा है और अगर कोई कोविड-19 के बारे में कोई लिंक शेयर करने की कोशिश करता है, तब हमलोग उन्हें एक पॉप-अप दिखाते हैं ताकि उन्हें विश्वास करने योग्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दे सकें."

  10. वैश्विक व्यापार में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई

    कोरोना, व्यापार

    इमेज स्रोत, EPA

    विश्व व्यापार संगठन के अनुसार इस वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में वैश्विक व्यापार में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वैश्विक व्यापार पर नज़र रखने वाले बैरोमीटर में 15.5 अंकों की गिरावट देखी गई है.

    2008-2009 के आर्थिक मंदी के दौर में भी इतनी ही गिरावट दर्ज की गई थी.

    जून में विश्व व्यापार संगठन ने जो आँकड़े जारी किए थे वो क़रीब-करीब उसी के अनुरूप है. उस समय आशंका जताई गई थी कि दूसरी तिमाही में वैश्विक व्यापार में 18.5 अंकों की कमी होगी.

    लेकिन व्यापार में गिरावट की पूरी और असली जानकारी तब हासिल होगी जब अप्रैल से जून के बीच व्यापार के आधिकारिक आँकड़े जारी किए जाएंगे.

  11. न्यूज़ीलैंड: लॉकडाउन जायज़ लेकिन ग़ैर-क़ानूनी था- अदालत

    न्यूज़ीलैंड की पीएम

    इमेज स्रोत, Reuters

    न्यूज़ीलैंड की एक अदालत ने कहा है कि कोरोना के शुरुआती दिनों में लॉकडाउन लागू करना जायज़ तो था लेकिन ये ग़ैर-क़ानूनी था क्योंकि सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर ये क़दम उठाया था.

    न्यूज़ीलैंड में 26 मार्च से लेकर तीन अप्रैेल तक लगे लॉकडाउन की क़ानूनी वैधता को एक वकील ने अदालत में चुनौती दी थी.

    अदालत ने बुधवार को अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि, "इसमें कोई शक नहीं कि ये किया जाना (लॉकडाउन लागू करना) ज़रूरी, वाजिब और कोरोना महामारी के अनुरूप था, लेकिन इसे क़ानूनी तरीक़े से नहीं किया गया था."

    प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न की दुनिया भर में तारीफ़ हो रही है क्योंकि उन्होंने कोराना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए देश में तुरंत लॉकडाउन लागू कर दिया था, जो कि दूसरे देशों में देखने को नहीं मिला था.

    पिछले हफ़्ते ऑकलैंड में संक्रमण के कुछ मामले सामने आने के बाद वहां भी लॉकडाउन दोबारा लगा दिया गया था.

    सितंबर में होने वाले आम चुनाव को भी एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है.

  12. आप किसी को वैक्सीन लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते: डॉक्टर फ़ाउची

    डॉक्टर एंथनी फ़ाउची

    इमेज स्रोत, EPA

    अमरीका के कोरोना विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि आप कोरोना की वैक्सीन लेने के लिए किसी को मजबूर नहीं कर सकते हैं.

    मंगलवार को उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि आप कभी ये देखेंगे कि कोरोना वैक्सीन लेने को अनिवार्य किया जा रहा है. ख़ासकर आम लोगों के लिए."

    उन्होंने कहा कि अगर कोई आम आदमी वैक्सीन लेने से मना कर दे तो आप कुछ नहीं कर सकते हैं.

    उनका ये बयान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बयान के विपरीत है जिसमें उन्होंने कहा था कि वो चाहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के सभी नागरिकों को जितना संभव हो सके कोरोना वैक्सीन देना अनिवार्य कर दिया जाए.

  13. दक्षिण कोरिया में मार्च के बाद एक दिन में सबसे ज़्यादा केस

    दक्षिण कोरिया में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 297 नए मामले आए हैं जो कि मार्च के बाद से एक दिन में सबसे ज़्यादा संख्या है.

    दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में म्यूज़ियम और नाइटक्लब बंद कर दिए गए हैं.

    दक्षिण कोरिया को उन देशों की लिस्ट में रखा जाता है जिन्होंने कोरोना से निपटने में शानदार कामयाबी हासिल की है.

    लेकिन एक चर्च से जुड़े कोरोना संक्रमण के मामलों ने लोगों को चिंतित कर दिया है कि कहीं कोई ये बड़े पैमाने पर न फैल जाए.

    बुधवार को लगातार छठे दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या 100 के पार रही. उससे पहले हफ़्तों तक ये संख्या 40 के आस-पास थी.

    जो नए मामले आ रहे हैं उनमें से ज़्यादा का संबंध सारंग जिल चर्च से है जिनके पादरी राष्ट्रपति मून के कट्टर आलोचक रहे हैं.

    कोरिया की आधिकारिक संस्था के अनुसार अब तक उस चर्च से जुड़े 623 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है.

    कोरोना, दक्षिण कोरिया

    इमेज स्रोत, EPA

  14. ऑस्ट्रेलिया के पीएम सभी को वैक्सीन के बयान से पलटे

    ऑस्ट्रेलिया के पीएम

    इमेज स्रोत, EPA

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन सभी को वैक्सीन दिए जाने के अपने बयान से पलट गए हैं.

    बुधवार की सुबह को उन्होंने कहा था कि वो ऑस्ट्रेलिया के सभी नागरिकों के लिए कोरोना वैक्सीन अनिवार्य करना चाहते हैं.

    लेकिन अब उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में सभी को वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

    उनकी सरकार ने दवा बनाने वाली कंपनी एस्ट्राज़ेनेका से एक समझौता किया है जिसके तहत ये कंपनी ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ज़रिए विकसित की जा रही वैक्सीन को बनाएगी. शोधकर्ताओं कोे पूरी उम्मीद है कि साल के आख़िर तक वैक्सीन के तीसरे फ़ेज़ के ट्रायल का नतीजा आ जाएगा.

    इस समझौते के बाद प्रधानमंत्री मॉरिसन ने कहा था, "वैक्सीन जितना संभव हो सके इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए."

    उन्होंने कहा कि अगर वैक्सीन सभी ट्रायल पर खरी उतरती है तो उनकी सरकार उसे बनाएगी और सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को मुफ़्त में देगी.

    हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि ये अगले साल से पहले संभव नहीं है.

    लेकिन विपक्षी लेबर पार्टी के प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री पर बात को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ये साफ़ नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया के पास वैक्सीन को बनाने की क्षमता है.

    विपक्षी पार्टी के अलावा कोरोना विशेषज्ञों ने भी उनकी इस राय से ्असहमति व्यक्त की थी.

    अमरीका के कोरोना विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने भी कहा था कि सभी को वैक्सीन दिए जाने की कोई ज़रूरत नहीं है.

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने अपने बयान को वापस लेते हुए सिडनी रेडियो से बात करते हुए कहा,“वैक्सीन लेना अनिवार्य नहीं होगा. ऑस्ट्रेलिया में किसी को भी वैक्सीन लेना अनिवार्य नहीं होगा."

    लेकिन उन्होंने इतना कहा कि लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि अधिक से अधिक लोग इसे स्वीकार करें.

  15. प्रणब मुखर्जी की हालत बिगड़ी

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हालत बिगड़ गई है.

    आर्मी के अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की हालत बिगड़ गई है क्योंकि उनके फेफड़ों में संक्रमण हो गया है.

    वो वेंटिलेटर पर हैं और अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में हैं.

    प्रणब मुखर्जी की हालत बिगड़ने के बाद सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका कोरोना टेस्ट भी कराया गया था और जाँच रिपोर्ट पॉज़िटिव आई थी.

  16. भारत में कोरोना से मरने वालों की सही गिनती नहीं हो रही?

  17. प्रणब मुखर्जी की हालत में सुधार

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजित मुखर्जी ने बताया है कि उनकी हालत अब स्थिर है.

    उन्होंने थोड़ी देर पहले ट्वीट कर कहा, “आप सबकी शुभकानाओं और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बाद मेरे पिता की हालत अब स्थिर है. उनके महत्वपूर्ण अंग ठीक तरह काम कर रहे हैं. उनकी स्थिति में सकारात्मक सुधार देखे जा रहे हैं. मैं आपसे हाथ जोड़कर गुज़ारिश करता हूं कि उनके जल्दी ठीक होने के लिए प्रार्थना करें.”

    84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए थे.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  18. कोरोना: क्या अब दुनिया में जवान लोग फैला रहे हैं संक्रमण?

  19. महामारी के बीच अमरीकी शेयर बाज़ार के सूचकांक ने बनाया नया रिकॉर्ड

    महामारी के बुरे आर्थिक प्रभाव की आशंकाओं के बावजूद अमरीका के एक अहम स्टॉक इंडेक्स में बड़ा उछाल देखने को मिला है.

    एसएंडपी 500 मंगलवार को 3,389.78 तक पहुंच गया. इस तरह से अमरीकी शेयर बाज़ार के इस अहम सूचकांक ने अपना फ़रवरी में बनाया उच्चतम रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है.

    अन्य सूचकांकों में भी उछाल देखने को मिला है.

    अमरीका

    इमेज स्रोत, Reuters

  20. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री कोरोना संक्रमित

    झारखंड

    इमेज स्रोत, Ravi Prakash/BBC

    रवि प्रकाश, रांची से बीबीसी हिंदी के लिए

    झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है.

    इन दोनों नेताओं की जाँच रिपोर्ट मंगलवार की देर शाम आई. मंत्री बन्ना गुप्ता मंगलवार की दोपहर कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए थे. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दूसरे मंत्री भी मौजूद थे.

    स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के वैसे दूसरे मंत्री हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है.

    इससे पहले पेयजल व स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर संक्रमित हुए थे. उन्हें कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा था. उसके बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी. अब वे स्वस्थ हैं.

    तब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी जाँच करायी थी. उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी. मुख्यमंत्री आवास में कुछ कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने दोबारा कोरोना जाँच करायी. उनकी रिपोर्ट तब भी निगेटिव आई थी.

    इस बीच झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या 25333 हो गई है. मंगलवार को 9 नए संक्रमितों की मौत के बाद मरने वालों का आँकड़ा भी 265 हो गया है.