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कोरोनाः थर्मामीटर से मापने से वायरस का पक्का पता नहीं चलता - डॉक्टर फ़ाउची

भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 64,553 के नए मामले सामने आए और 1,007 लोगों की मौत हो गई. कोरोना महामारी पर लाइव अपडेट.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना ब्रीफ़िंग का चेहरा लव अग्रवाल कोरोना संक्रमित

    भारत में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के शुरुआती दौर में केंद्र सरकार की दैनिक ब्रीफ़िंग में देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति बताने वाले आईएएस अधिकारी ने कहा है कि वो कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.

    1996 के आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी लव अग्रवाल 2016 से स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर काम कर रहे हैं.

    वे संक्रमण से बहुत अधिक प्रभावित राज्यों और इलाक़ों में महामारी को क़ाबू करने के लिए की जा रही केंद्र की कोशिशों का भी हिस्सा रहे हैं.

    उन्होंने अपने ट्वीट में अपने संक्रमित होने की सूचना देते हुए अपने सभी दोस्तों और सहकर्मियों से सचेत रहने का अनुरोध किया है और कहा है कि स्वास्थ्य टीम उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाएगी.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, थर्मामीटर से मापने से वायरस का पक्का पता नहीं चलताः डॉक्टर फ़ाउची

    अमरीका में कोरोना नियंत्रण टीम के सबसे बड़े वैज्ञानिक डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि थर्मामीटर से होनेवाली जाँच से वायरस का पक्का पता नहीं चलता.

    डॉक्टर फ़ाउची ने एक फ़ेसबुक लाइव कार्यक्रम में कहा कि तापमान मापना भरोसेमंद जाँच नहीं है.

    उन्होंने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति आवास व्हाइट हाउस और नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ़ एलर्जी एंड इंफ़ेक्शस डिजीज़ेज़ ने तापमान जाँचना बंद कर दिया है.

    दुनिया में कई कंपनियों, दफ़्तरों और अन्य स्थलों पर लोगों के इमारत या परिसर में प्रवेश करने से पहले उनका तापमान मापा जाता है.

    मगर डॉक्टर फ़ाउची ने कहा,"हमने पाया कि लोगों से सीधे पूछ लेना बेहतर है जिससे समय भी बचेगा, क्योंकि तापमान कई बार बुरी तरह ग़लत साबित होते हैं."

  3. मीडिया चैनल की बहस का हासिल, BBC इंडिया बोल- मोहन लाल शर्मा से सुनिए

  4. केरल के मुख्यमंत्री विजयन क्वारंटीन में गए, 15 अगस्त को दूसरे मंत्री फ़हराएँगे झंडा

    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराइ विजयन और उनके कुछ अन्य सहयोगियों ने ख़ुद को क्वारंटीन कर लिया है. ये लोग कोझिकोड विमान दुर्घटना के स्थल पर गए थे.

    केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में स्वतंत्रता दिवस पर उनके सहयोगी मंत्री कडाकम्पाली सुरेंद्रन झंडा फ़हराएँगे.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, अमित शाह ठीक हुए, रिपोर्ट नेगेटिव

    गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर बताया है कि उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है.

    अमित शाह ने दो सप्ताह पहले अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी ख़ुद ही ट्विटर पर दी थी.

  6. भारत में 24 लाख के पार पहुंचे कोरोना के मामले

    भारत में गुरुवार तक कोरोना वायरस के मामलों का आंकड़ा 24,61,190 तक पहुंच गया है.

    देश में एक दिन में 64,553 नए मामले सामने आए और 1,007 लोगों की मौत हो गई. अब तक कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की संख्या 48,040 हो गई है.

    देश में कोरोना वायरस के 6,61,595 एक्टिव मामले मौजूद हैं और 17,51,555 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं.

    राज्यों के स्तर पर देखें तो सबसे ज़्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं. यहां अब तक 56,01,26 मामले आ चुके हैं. सबसे कम 649 मामले मिजोरम में हैं.

  7. मलेशिया में कोरोना के चलते मंदी, जीडीपी में आई गिरावट

    कोरोना वायरस के चलते मलेशिया की अर्थव्यवस्था आर्थिक संकट का सामना कर रही है. महामारी के कारण कोरोबारी गतिविधियां रुक गई हैं और मौजूदा हालात में सेंट्रल बैंक को इस साल के जीडीपी के पूर्वानुमान में कटौती करनी पड़ी है.

    मलेशिया के सेंट्रल बैंक ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अप्रैल-जून में सकल घरेलू उत्पाद में 17.1% की कमी आई है. यह पिछले 20 सालों में सबसे खराब मंदी है.

    मलेशिया में कोरोना वायरस से अब तक नौ हज़ार लोग संक्रमित हो चुके हैं. संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने दूसरी तिमाही में लोगों की आवाजाही और कारोबार पर रोक लगा दी थी. इसके चलते अर्थव्यवस्था में मंदी के हालात बन गए हैं.

    1998 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद से यह मलेशिया में सबसे खराब आर्थिक मंदी बताई जा रही है.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, कुछ ट्रायल बाकी, तो रूस ने किस आधार पर कहा- 'वैक्सीन तैयार है'

    रूस दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बाज़ार में लाने के लिए तैयार है, भले ही इस वैक्सीन की प्रभावशीलता और सुरक्षा पर कुछ विशेषज्ञों द्वारा संदेह किया जा रहा है.

    रूसी वैक्सीन पर आशंका ज़ाहिर करने वालों का कहना है कि इस वैक्सीन का ट्रायल दो महीने से भी कम वक़्त के लिए किया गया, ऐसे में इसे इंसानों के लिए सुरक्षित घोषित करने में कहीं जल्दबाज़ी तो नहीं की गई.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि रूस ने कोविड-19 की पहली वैक्सीन तैयार कर ली है जिसने सभी ज़रूरी परीक्षणों को पार किया है और यह वैक्सीन कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ इम्युनिटी देने में सफल साबित हुई है.

    रूस ने इस वैक्सीन का नाम सोवियत संघ द्वारा लॉन्च किये गए दुनिया के पहले उपग्रह की याद में ‘स्पूतनिक वी’ रखा है. हालांकि, इस वैक्सीन ने अभी तक तीसरे-चरण का ट्रायल पूरा नहीं किया है जिसमें हज़ारों प्रतिभागियों के साथ व्यापक पैमाने पर टेस्टिंग की जाती है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में 200 से ज़्यादा उम्मीदवार हैं जिन्होंने कोरोना वैक्सीन तैयार करने का दावा किया है और इनमें से क़रीब 24 ऐसे हैं जिनके वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल जारी है.

    कितने ट्रायल ज़रूरी?

    नई वैक्सीन को पास होने के लिए सामान्य तौर पर तीन-चरण के ट्रायल पूरे करने होते हैं.

    पहले चरण में बहुत कम लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल होता है और उन्हें वैक्सीन की सीमित डोज़ दी जाती है.

    दूसरे चरण में लोगों की संख्या बढ़ाई जाती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वैक्सीन का इम्यून रिस्पॉन्स कैसा है और वैक्सीन के कुछ साइड-इफ़ेक्ट तो नहीं है.

    तीसरे और सबसे बड़े चरण में देखा जाता है कि वैक्सीन संक्रमित लोगों पर कितनी प्रभावशाली है. यह चरण महज़ औपचारिकता के तौर पर पूरा नहीं किया जा सकता. यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है. इम्युनिटी पर वैक्सीन का रिस्पॉन्स अगर दूसरे चरण में ही दिख जाता है, तब भी तीसरे चरण का ट्रायल ज़रूरी समझा जाता है.

    एक वेबसाइट के अनुसार, रूसी शोधकर्ताओं ने पहले और दूसरे चरण का ट्रायल अगस्त की शुरुआत में ही पूरा कर लिया था, जिसके बाद दावा किया गया कि वैक्सीन का रिस्पॉन्स बढ़िया है और इसका कोई बुरा असर इंसानों पर नहीं देखा गया. लेकिन इससे संबंधित कोई डिटेल रिपोर्ट इन शोधकर्ताओं ने जारी नहीं की.

    इसमें यह भी दावा किया गया कि तीसरे चरण के ट्रायल ब्राज़ील, मैक्सिको, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में किये जाएंगे.

    इसका मतलब साफ़ है कि रूस की इस वैक्सीन ने ट्रायल के तीनों चरण अब तक पूरे नहीं किये हैं.

    वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले और दूसरे चरण की रिपोर्ट सार्वजनिक किये बिना यह दावा करना ठीक नहीं कि वैक्सीन इंसानों के लिए सुरक्षित है. और तीसरे चरण का ट्रायल किये बिना यह दावा करना भी ठीक नहीं कि ये वैक्सीन काम करती है.

    दुनिया की प्रतिक्रिया

    एक ओर वो देश हैं जिनका मानना है कि रूस जल्दबाज़ी कर रहा है, वो सिर्फ़ दौड़ जीतना चाहता है, वो लोगों की सुरक्षा को दरकिनार कर वैक्सीन ला रहा है और वो बिना ट्रायल पूरे किये कैसे एक वैक्सीन को अनुमोदित कर सकता है? तो दूसरी तरफ वो देश हैं जो रूस की वैक्सीन को लेकर बहुत उत्साहित हैं और उन्होंने स्पूतनिक-वी नामक वैक्सीन में दिलचस्पी दिखाई है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि ‘वो रूसी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल्स की समीक्षा करना चाहेगा.’

    दुनिया के अन्य देशों के विज्ञानियों ने ही नहीं, बल्कि रूस के कुछ सम्मानित वैज्ञानिकों ने भी वैक्सीन विकसित होने की रफ़्तार और पारदर्शिता की कमी पर सवाल खड़े किये हैं और कहा है कि अगर ट्रायल पूरे किये बिना किसी भी वैक्सीन को बाज़ार में लाया गया, तो मानव जाति पर इसके परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं.

    इस बीच, फ़िलीपींस ने योजना बनाई है कि वो अक्तूबर में वैक्सीन लानी शुरू करेगा. वहीं ब्राज़ीलियन टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट ने कहा है कि वो 2021 की दूसरी छमाही में इस विवादास्पद वैक्सीन का उत्पादन शुरू कर सकता है क्योंकि मॉस्को और उनके बीच इसे लेकर समझौता हुआ है.

  9. इंडोनेशिया ने भी कहा- 'आपदा को अवसर बनाने की ज़रूरत'

    राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कहा है कि इंडोनेशिया को महामारी काल का इस्तेमाल अपनी अर्थव्यवस्था को ‘रीबूट करने’ यानी फिर शुरू करने के लिए करना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि ‘फ़ूड और एनर्जी सिक्योरिटी को बेहतर बनाने के अलावा घरेलू प्राकृतिक संसाधनों को और अधिक प्रोसेस करके ऐसा करना संभव है.’

    विडोडो ने संसद में अपने वार्षिक भाषण के दौरान यह बात कही. हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के कारण आधे से भी कम सांसद सदन में मौजूद थे, बाकी सांसदों ने ऑनलाइन ही उनके भाषण को सुना.

    वर्तमान आर्थिक स्थिति की ‘कंप्यूटर क्रैश’ से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया को, अन्य देशों के साथ, ‘शटडाउन, रीस्टार्ट और रीबूट’ करने की ज़रूरत है.

    उन्होंने कहा कि हमें इस संकट को असफलताओं का दौर नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि यह एक बड़ी छलांग लगाने का समय है और इसके लिए हमें इस अवसर का फ़ायदा उठाना चाहिए.

    इंडोनेशिया में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 1 लाख 32 हज़ार मामले हैं और दक्षिण-पूर्व एशिया में वहाँ सबसे ज़्यादा, क़रीब 6000 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है.

    पिछले साल इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था 5 फ़ीसद की दर से बढ़ी थी. दक्षिण-पूर्व एशिया में इंडोनेशिया सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.

    विडोडो ने कहा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार में तेज़ी लाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है, जिसके साथ ही बोर्नियो द्वीप पर नये फ़ूड एस्टेट की मदद से वो फ़ूड सप्लाई चेन को मज़बूत करना चाहते हैं.

    ऊर्जा सुधारों के तहत, विडोडो ने महंगे तेल के आयात में कमी लाने और उसकी जगह ताड़ के तेल से बने ईंधन का उपयोग करने की बात कही है.

  10. कोरोना वैक्सीन पर शक़ करने वालों को रूस ने दिया जवाब

  11. रूस की कोरोना वैक्सीन पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्या कहा?

  12. रूस की वैक्सीन को लेकर ब्राज़ील, भारत और अमरीका क्या कह रहे?

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ख़ुद ही मंगलवार को कोरोना वायरस की दुनिया की पहली वैक्सीन बनाने की घोषणा की थी. रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पूतनिक वी रखा है.

    जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से त्रस्त है ऐसे में वैक्सीन बनने को लेकर जश्न मनाया जाना चाहिए था लेकिन इतनी उदासीनता क्यों है? दूसरी तरफ़ रूस अपनी वैक्सीन की आपूर्ति करने के लिए तैयार है.

    भारत में तो कोरोना के कारण हालात लगातार बद से बदतर हो रहे हैं तब भी रूस की वैक्सीन को लेकर कोई उत्साह नहीं है. भारत की तुलना में ब्राज़ील तो और कोरोना वायरस की महामारी में और बुरी तरह से जकड़ा हुआ है.

    यहां तो एक लाख से ज़्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है. इसके बावजूद ब्राज़ील रूसी वैक्सीन को लेकर संदेहग्रस्त और उदासीन है. ब्राज़ील ने कहा है कि रूसी वैक्सीन ख़रीदने से पहले उसे और सूचना चाहिए.

    ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को कहा कि रूसी वैक्सीन को लेकर वो अभी और बात करेंगे. कोरोना वायरस की चपेट में सबसे बुरी तरह से आने वालों देशों ब्राज़ील दूसरे नंबर पर है.

    ब्राज़ील अपने यहां कई वैक्सीन का ट्रायल भी करवा रहा है. ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्री एडुअर्डो पाज़ेउलो ने कहा कि रूसी वैक्सीन अभी शुरुआती चरण में है.

    उन्होंने कहा, ''अभी तो यह वैक्सीन आई ही है. इसके बारे में मेरे पास ऐसी कोई विस्तृत जानकारी नहीं है जिसके आधार पर कुछ कह सकूं. हमलोग इसके डेटा की निगरानी नहीं कर रहे हैं. अभी इसके बारे में बहुत कुछ बात करने की ज़रूरत है.''

    सीएनएन के अनुसार रूस ने अमरीका को कोविड 19 से निपटने के लिए अपनी वैक्सीन देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन अमरीका ने ऐसी कोई भी मदद लेने से इनकार कर दिया है.

    सीएनएन से एक रूसी अधिकारी ने कहा, ''दोनों देशों में भरोसे की कमी है ऐसे में टेक्नॉलजी, वैक्सीन, टेस्टिंग और इलाज में सहयोग शायद ही संभव है.''

    गुरुवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी काइली मैकनानी ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप को रूस की वैक्सीन के बारे में जानकारी दी गई है. काइली ने कहा कि अमरीका में वैक्सीन का काम चल रहा है और सब कुछ सकारात्मक है.

    उन्होंने कहा कि अमरीका की वैक्सीन तीसरे चरण के ट्रायल में है और बहुत ही मानक स्तर का है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी रूस की वैक्सीन के बारे में कहा है कि उसे इसके बारें में बहुत जानकारी नहीं है इसलिए वो कोई मूल्यांकन नहीं कर सकता.

    रूस की वैक्सीन पर भारत ने अभी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है.

  13. ऑस्ट्रेलिया में तीन हफ़्तों में संक्रमण के सबसे कम मामले

    ऑस्ट्रेलिया में पिछले तीन हफ़्तों में संक्रमण के सबसे कम मामले गुरुवार को आए. सरकारी आँकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में केवल 292 मामले सामने आए, जबकि बुधवार को 428 पॉज़िटिव मामले आए थे.

    20 जुलाई के बाद से एक दिन में ये सबसे कम संख्या है. सबसे ज़्यादा संक्रमण के मामले विक्टोरिया राज्य में हुए. कुल 292 में से वहां 278 कोरोना संक्रमण के मामले आए. विक्टोरिया की राजधानी मेलबर्न तीन अगस्त से पूरी तरह लॉकडाउन में है.

    स्वास्थ्यम मंत्री ग्रेग हंट ने कहा, "अब हम सावधानी के साथ ऐसा विश्वास कर सकते हैं कि कोरोना के ग्राफ़ के फ़्लैट होने के शुरुआती संकेत हमें मिल रहे हैं."

    मेलबर्न के क़रीब 50 लाख लोग लगभग एक महीने से घर पर हैं और सिर्फ़ ज़रूरी सामान की ख़रीदारी के लिए बाहर जा सकते हैं.

    डेकिन यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर कैथरीन बेनेट ने कहा, "हमारे लिए ज़रा भी लापरवाही बरतने का समय नहीं है. हालांकि यह सही है कि कोरोना का ग्राफ़ नीचे जा रहा है."

    जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में कोरोना संक्रमण के मामले 22,358 हो गए हैं और अब तक कोरोना से 361 लोगों की मौत हो चुकी है.

  14. ब्रिटेन: फ़्रांस से आने वाले लोगों को 14 दिनों तक क्वारंटीन में रहना होगा

    फ़्रांस और नीदरलैंड्स से ब्रिटेन आने वाले लोगों को 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा.

    यातायात मंत्री ग्रांट शैप्स ने कहा कि मोनाको और मालटा से आने वाले लोगों पर भी ये नियम लागू होंगे. उनके अनुसार शनिवार सुबह चार बजे से ये नियम लागू हो जाएंगे.

    मंत्री के अनुसार कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए ऐसा करना ज़रूरी था.

    यूरोप के कई देशों में हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं. इसी कारण ब्रिटेन की सरकार ने ये फ़ैसला किया है.

    स्पेन से आने वालों लोगों पर भी क्वारंटीन नियम 25 जुलाई से लागू किया गया था.

    गुरुवार को फ़्रांस में 2524 नए मामले सामने आए जो कि मई में लॉकडाउन लागू करने के बाद से एक दिन में सबसे ज़्यादा मामले सामने आने का रिकॉर्ड है.

    फ़्रांस के प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स ने मंगलवार को कहा था कि कोरोना संक्रमण की संख्या पिछले दो हफ़्ते से ग़लत दिशा में जा रही है.

    गुरुवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि विदेशों से छुट्टी मनाने के लिए आने वालों के लिए वो काफ़ी सख़्ती से नियम बनाएंगे.

  15. पश्चिम बंगालः कोलकाता के हर थाने में तैनात होंगे डॉक्टर

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने महानगर के हर थाने में दो से चार डॉक्टरों को नियुक्त करने का फ़ैसला किया है.

    आईएमए के इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हरी झंडी दिखा दी है.

    आईएमए अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस सांसद शांतनु सेन ने इसकी जानकारी दी.

    सेन बताते हैं, “इन डॉक्टरों की तैनाती से पुलिसवालों को इलाक़े में कोविड-19 के गंभीर मरीज़ों के बचाव में सहायता मिलेगी. फ़िलहाल राज्य में संक्रमण के आधे से ज्यादा मामले यहीं से आ रहे हैं. अब तक कोरोना से मरे 2200 लोगों में से क़रीब एक हज़ार कोलकाता के ही हैं.”

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आईएमए के इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.

    वह बताते हैं कि महानगर में अकेले रहने वाले बुज़ुर्ग लोगों को संक्रमण की स्थिति में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

    उनको चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाती. यह लोग निरुपाय होकर पुलिस को फ़ोन करते हैं.

    थाने में डॉक्टरों के तैनात होने पर ऐसे लोगों को फ़ौरन मदद पहुंचाई जा सकेगी.

    पश्चिम बंगाल में रोज़ाना औसतन 2800 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं और पचास लोगों की मौत हो रही है.

    पश्चिम बंगाल में बीते 24 घंटे के दौरान क़रीब तीन हज़ार नए मामले आए और 56 संक्रमितों की मौत हो गई.

    राज्य में अब तक मृतकों की संख्या 2200 के पार पहुंच गई है.

  16. महेंद्र सिंह धोनी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव, चेन्नई जाएँगे

    रवि प्रकाश

    राँची से, बीबीसी हिन्दी के लिए

    चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कोराेना टेस्‍ट रिपोर्ट निगेटिव आई है. उनका सैंपल बुधवार को लिया गया था.

    राँची के गुरु नानक हॉस्पिटल स्थित माइक्रो प्रैक्सिस लैब के टेक्निशियंस की टीम ने उनके फ़ार्म हाउस जाकर उनका सैंपल कलेक्ट किया था.

    प्रोटोकॉल के मुताबिक़ यह जाँच आरटी-पीसीआर तकनीक से करायी गई.

    अब धोनी के आईपीएल खेलने का रास्ता साफ़ हो गया है.

    वे संभवत: 14 अगस्त को यहाँ से चेन्नई जाएँगे. वहाँ प्रैक्टिस सेशन के बाद सीएसके की पूरी टीम यूएई जाएगी.

    टीम प्रबंधकों ने धोनी और दूसरे खिलाड़ियों को चेन्नई बुलाने के लिए चार्टर्ड फ़्लाइट का इंतज़ाम किया है, ताकि उनके कोरोना संक्रमित होने की सारी आशंकाएँ ख़ारिज की जा सकें.

    महेंद्र सिंह धोनी के साथ झारखंड से ही सीएसके में शामिल दूसरे खिलाड़ी मोनू कुमार की कोविड जाँच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है.

    वे भी धोनी के साथ ही चेन्नई के लिए रवाना होंगे. वहाँ से इन्हें 22 अगस्त को यूएई के लिए उड़ान भरनी है.

    आईपीएल के मैच 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच शारजाह, आबू धाबी और दुबई में खेले जाने हैं.

    यह पता नहीं चला है कि इस बार धोनी के साथ उनकी पत्नी साक्षी और बेटी जीवा यूएई जाएँगी या नहीं.

  17. कोरोनाः प्लाज़्मा डोनेट करने वालों का पैर धो रहें हैं भाजपा विधायक

    दिलीप कुमार शर्मा

    गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

    असम विधानसभा के डिप्टी स्पीकर एवं भाजपा विधायक अमीनुल हक़ लस्कर प्लाज़्मा डोनेट करने वाले लोगों से मिलने न केवल उनके घर जा रहें है बल्कि प्लाज़्मा डोनर के पैर धोकर उनका शुक्रिया अदा कर रहें है.

    राज्य में बीजेपी के एकमात्र मुस्लिम विधायक लस्कर हाल ही में कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक हुए हैं और अब वे लोगों को प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए उत्साहित कर रहें हैं.

    अपने विधानसभा क्षेत्र सोनाई में गुरूवार को प्लाज़्मा डोनेट करने वाले नबीदुल इस्लाम के घर पहुंचे विधायक लस्कर ने पहले उन्हें एक स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया.

    इसके बाद बीजेपी विधायक ने नबीदुल के पैर धोकर उनसे कहा, "मैं हमेशा आपका ऋणी रहूंगा."

    विधायक लस्कर ने मीडिया के समक्ष कहा, "मैं जीवित रहने और कोविड-19 से लड़ने में कामयाब रहा क्योंकि कोई प्लाज़्मा दान करने के लिए सहमत हुआ था. मैं प्लाज़्मा डोनेट करने वाले सभी लोगों का ऋणी हूं और इस कारण मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलने और उनके पैर धोने का फ़ैसला किया है."

    विधायक लस्कर प्लाज़्मा थेरेपी से ही ठीक हुए हैं और इस समय कोरोना के संक्रमण से ठीक हुए सभी मरीज़ों को प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए असम सरकार प्रोत्साहित कर रही है.

    इस दौरान कोरोना से ठीक हुए सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्लाज़्मा दान किया है.

  18. अमरीका: बेरोज़गारी की दावेदारी करने वालों की संख्या दस लाख से कम

    अमरीका में मार्च के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब बेरोज़गारी की दावेदारी करने वालों की संख्या दस लाख से कम हुई है.

    अमरीकी श्रम मंत्रालय के अनुसार पिछले हफ़्ते नौ लाख 63 हज़ार लोगों ने बेरोज़गारी भत्ते के लिए आवेदन दिया जो कि उससे पहले हफ़्ते की तुलना में कम है. उस सप्ताह 12 लाख लोगों ने बेरोज़गारी भत्ते के लिए आवेदन दिया था.

    मार्च के आख़िर में ये संख्या बढ़कर 69 लाख हो गई थी लेकिन उसके बाद से इनमें धीरे-धीरे कमी आ रही है और मार्च के बाद पहली बार ये संख्या दस लाख से कम है.

    श्रम मंत्रालय के अनुसार 25 जुलाई तक के आँकड़े बताते हैं कि फ़िलहाल दो करोड़ 80 लाख लोग जो कि अमरीकी कार्य शक्ति का क़रीब 20 फ़ीसद है, बेरोज़गारी भत्ता ले रहे हैं.

    कोरोना महामारी से पहले सबसे अधिक संख्या साल 1982 में एक हफ़्ते में दर्ज की गई थी जब बेरोज़गारी भत्ते की दावेदारी करने वालों की संख्या छह लाख 95 हज़ार थी.

    आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक रिकवरी का रास्ता बहुत अनिश्चित है और आने वाले दिनों में हालात और ख़राब होने की आशंका है.

    लेकिन अतिरिक्त राहत पैकेज को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप और विपक्षी पार्टी में सहमति नहीं बन पा रही है.

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