झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या 20 हज़ार के पार, 202 की मौत
रवि प्रकाश
राँची से, बीबीसी हिन्दी के लिए
झारखंड में कोरोना संक्रमण के मामले 20,000 से अधिक हो गए हैं.
202 संक्रमित लोगों की मौत भी हुई है.
राज्य में अब तक 4 लाख से अधिक लोगों की कोरोना जाँच करायी गई है.
हालाँकि, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी समेत कई लोगों की जाँच रिपोर्ट पेंडिंग पड़ी है.
इससे परेशान लोगों ने राँची समेत कई जगहों पर स्थित जाँच केंद्रों के बाहर हंगामा भी किया.
ताज़ा जाँच में कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह और उनके परिवार के कई सदस्य कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.
उन्होंने ट्वीट कर यह जानकारी दी है. मुख्यमंत्री आवास के भी कर्मचारियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है.
ब्रिटेन में पाँच हज़ार कम लोगों की मौत हुई
ब्रिटेन ने कहा है कि कोरोना से मरने वाले लोगों के आँकड़ों को दोबारा जाँच करने पर पता चला है कि दरअसल कोरोना से पाँच हज़ार कम लोगों की मौत हुई है.
ब्रिटेन का कहना है कि अब तक कोरोना से मरने वालों की सही संख्या 41,329 है.
पहले इंग्लैंड में कोरोना पॉज़िटिव किसी व्यक्ति की मौत चाहे किसी भी कारण से होती थी, उसे रोज़ाना जारी किए कोरोना आंकड़ों में शामिल कर लिया जाता था.
सरकार का कहना है कि अब ऐसा नहीं होगा.
इंग्लैंड के आंकड़े अब यूनाइटेड किंग्डम के दूसरे देशों से मेल खाने लगेंगे.
टेक्सस में मामले पांच लाख के पार
इमेज स्रोत, Getty Images
अमरीका के टेक्सस राज्य
में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 8,900 नए मामले दर्ज किए गए. इसी के साथ
महामारी की शुरुआत से अब तक वहां पांच लाख से ज़्यादा मामले हो चुके हैं.
पिछले सप्ताह के मुकाबले राज्य में
अब रोज़ाना औसतन ज़्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं. पिछले सप्ताह हर रोज़ क़रीब 6,900 नए मामले सामने आ रहे थे.
टेक्सस का पॉज़िटिव केस रेट अब 24% हो गया है. स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाज़ा आप इस बात
से लगा सकते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सरकारों को सलाह दी हुई है कि पॉज़िटिव
रेट जब तक कम से कम 14 दिन तक 5% या
इससे कम ना हो जाए, तब तक वो सोसाइटियों को दोबारा खोलने से बचें.
आलोचकों का कहना है कि टेक्सस के
नेताओं ने राज्य को बहुत जल्दी दोबारा खुलने की अनुमति दे दी, जिसकी वजह से वहां
मामले बहुत ज़्यादा हो गए. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि हालात पहले से बेहतर
हैं, लेकिन वो लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अपील भी कर रहे हैं.
चीन ने शिनजियांग में करोना के प्रसार को काबू किया – रिपोर्ट्स
इमेज स्रोत, Reuters
केरी एलेन
बीबीसी
मॉनिटरिंग, चीनी मीडिया विश्लेषक
चीन के
उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित शिनजियांग में कोविड-19 के सिर्फ 9 नए मामले सामने
आए हैं. मौजूदा वक़्त में चीन में यहीं सबसे ज़्यादा कोरोना फैला हुआ था. दो
हफ़्ते पहले ही जुलाई के अंत में यहां रोज़ाना 100 से ज़्यादा नए मामले दर्ज किए
जा रहे थे.
कोरोना से सबसे
ज़्यादा प्रभावित राजधानी उरुम्ची में ईद अल – अज़हा के मौक़े पर लॉकडाउन लगा दिया गया
था. इससे शहर की बड़ी आबादी पर असर पड़ा, क्योंकि उरुम्ची में 20% वीगर मुस्लिम और 8% हुई मुस्लिम रहते हैं.
उरुम्ची में
15 जुलाई को कोरोना का प्रकोप शुरू हुआ था. जिसके बाद 19 हज़ार लोगों को मेडिकल ऑब्जर्वेशन
में रखा गया था. शहर की 35 लाख आबादी का बड़े पैमाने पर टेस्ट करने के लिए 10 अलग-अलग
क्षेत्रों से मेडिकल स्टाफ को भेजा गया था.
कभी भी ऐसी कोई बड़ी चिंता नहीं थी कि शिनजियांग में फैला कोरोना दूसरी लहर का कारण बन सकता है. चीनी सरकार शिनजियांग
के लोगों पर देश के किसी दूसरे हिस्से से कहीं ज़्यादा क़रीबी नज़र रखती है. ये
वही इलाक़ा है, जिसके लिए चीन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना होती है कि उसने
यहां बहुत से मुस्लिमों को कैम्पों में नज़रबंद करके रखा है.
आपदा पीड़ित लेबनान को 'कोविड-19 पर सतर्क रहना चाहिए'
इमेज स्रोत, Reuters
विश्व स्वास्थ्य
संगठन ने लेबनान को कहा है कि वो कोविड-19 के ख़तरे को लेकर सतर्क रहे, क्योंकि
देश इस वक़्त पिछले हफ़्ते बेरूत में हुए विनाशकारी धमाके से उबरने में संघर्ष कर
रहा है.
इस घटना से पहले
ही वहां रोज़ाना कोरोना के मामले बढ़ रहे थे और मंगलवार को लेबनान के स्वास्थ्य
मंत्रालय ने संक्रमण के 309 नए मामले दर्ज किए हैं.
पूर्वी भूमध्य सागर में
डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय आपातकालीन निदेशकडॉ. रिचर्ड ब्रेनन ने एक वर्चुअल ब्रीफिंग में
कहा कि धमाके से हुई तबाही से उबरने की कोशिशों के साथ-साथ हमें कोविड को लेकर भी
सतर्क रहना होगा.
उन्होंने कहा कि बेरूत के
सभी प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्रों को फिर से शुरू करना एक प्राथमिकता है. उन्होंने
कहा कि धमाके की चपेट में आए इलाक़ों के 50% से ज़्यादा स्वास्थ्य केंद्र बंद हैं, जिनमें
तीन बड़े अस्पताल भी शामिल हैं.
डब्ल्यूएचओ ने क़रीब 25 टन सुरक्षा उपकरण भी बांटे हैं,
जो पिछले कुछ दिनों में वहां पहुंचे हैं.
पश्चिम बंगालः मंत्री स्वपन देबनाथ भी कोरोना की चपेट में
इमेज स्रोत, संजय दास
इमेज कैप्शन, मंत्री स्वपन देेबनाथ
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से,बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल में
तेज़ी से बढ़ते संक्रमण के बीच राज्य के एक अन्य मंत्री स्वपन देबनाथ भी कोरोना की
चपेट में आ गए हैं. वे बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. कोरोना जांच की रिपोर्ट
पॉज़िटिव आने के बाद उनको कोलकाता के बेलियाघाटा स्थित संक्रामक बीमारियों के अस्पताल
में दाखिल कराया गया है. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. पूर्व बर्दवान
ज़िले की पूर्वस्थली दक्षिण सीट से विधायक देबनाथ सूक्ष्म, लघु और मझौले उपक्रम मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं.
इससे पहले अग्निशमन
मंत्री सुजित बोस भी कोरोना संक्रमित हो गए थे. लेकिन एक निजी अस्पताल में इलाज के
बाद वे फिलहाल स्वस्थ हैं. बीते जून में कोरोना के संक्रमण से तृणमूल कांग्रेस विधायक
तमोनाष घोष की मौत हो गई थी.
राज्य में कोरोना
संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है. रोज़ाना औसतन क़रीब तीन हज़ार नए
मामले सामने आ रहे हैं. इनमें कोलकाता के अलावा हावड़ा और उत्तर 24-परगना समेत छह ज़िलों
की स्थिति सबसे गंभीर है.
जर्मनी में तीन महीने बाद एक दिन में आए सबसे ज़्यादा मामले
इमेज स्रोत, Reuters
जर्मनी में पिछले तीन
महीनों में पहली बार एक दिन में कोरोना संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले सामने आए
हैं.
ताजा आधिकारिक आंकड़ों के
मुताबिक पिछले 24 घंटों में 1200 और नए मामले देखने को मिले हैं.
स्वास्थ्य मंत्री जेंस श्पान
ने कहा कि देश के सभी हिस्सों में कोरोना के मामले आना चिंताजनक है.
उन्होंने कहा कि इसकी वजह
है कि लोग छुट्टियां मनाने, पार्टी करने और मिलने-जुलने के लिए फिर से बाहर निकलने
लगे हैं.
जर्मनी में अब तक कोरोना
वायरस की वजह से 9200 लोगों की मौत हो चुकी है.
प्रणब मुखर्जी की बेटी ने कहा - भगवान वही करे जो उनके लिए अच्छा है, मुझे हिम्मत दे
इमेज स्रोत, PTI
इमेज कैप्शन, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपनी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी के साथ
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बुधवार सुबह अपने
पिता के लिए ट्विटर पर भावुक संदेश लिखा. उन्होंने उम्मीद जताई कि भगवान उनके लिए
सबसे सही रास्ता चुनेंगे और आगे जो भी होगा, उसके लिए उन्हें (शर्मिष्ठा) को हिम्मत देंगे.
बेटी शर्मिष्ठा ने प्रणब मुखर्जी के लिए दुआ करते हुए एक साल पुरानी बातों को भी याद किया. उन्होंने ट्वीट किया कि पिछले साल इसी वक़्त उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था और इस साल वो गंभीर रूप से बीमार हैं.
शर्मिष्ठा ने ट्वीट में लिखा, ''पिछले साल 8 अगस्त का दिन मेरी जिंदगी के सबसे खुशी के दिन में से एक था, जब मेरे डैड को भारत रत्न मिला. अब एक साल बाद 10 अगस्त को वो गंभीर रूप से बीमार हो गए. भगवान उनके लिए अच्छा करे और मुझे जिंदगी के सुख-दुख स्वीकार करने की क्षमता दे. मैं सभी का शुक्रिया अदा करती हूं.''
दरअसल प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ
मस्तिष्क में एक थक्के का इमर्जेंसी ऑपरेशन करना पड़ा जो कि जान बचाने के लिए ज़रूरी
था. अस्पताल ने बताया था कि ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और वो वेंटिलेटर
सपोर्ट पर हैं.
इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति ने सोमवार को खुद ट्वीट कर अपने कोरोना संक्रमित
होने की जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था कि वो किसी और इलाज के लिए अस्पताल गए थे
जहाँ उनका कोरोना टेस्ट भी हुआ जिसमें वो पॉज़िटिव पाए गए.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
कोरोना के सामने ख़ुद को बेबस पा रहा है भारत? क्या हैं विकल्प?
कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों में भारत का नंबर भले ही तीसरा हो, लेकिन पिछले सात दिनों से विश्व के कोरोना ग्राफ़ में भारत का योगदान सबसे अधिक रहा है.
पिछले कुछ हफ़्तों से भारत में हर दिन कोरोना के नए मामले 50 हज़ार से ज़्यादा आ रहे हैं. भारत में अब तक संक्रमण के 22 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं.
क्या भारत कोरोना के सामने ख़ुद को बेबस पा रहा है? बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह की ये रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें.
इमेज स्रोत, Nur Photo
संक्रमण मामलों के बाद न्यूज़ीलैंड में चुनाव टालने की मांग
न्यूज़ीलैंड में 102 दिनों के बाद फिर आए कोरोना के मामले न्यूज़ीलैंड में विपक्ष की नेता ने प्रधानमंत्री जेसिंडा एडर्न से सितंबर के चुनावों को आगे बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने ये मांग कोरोना वायरस के नए मामले आने के बाद लगे लॉकडाउन के प्रतिबंधों के चलते की है.
न्यूज़ीलैंड में पिछले 102 दिनों से कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया था. लेकिन, मंगलवार को कोरोना वायरस के चार नए मामले सामने आए हैं. इसे देखते हुए शहर में तीन दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है और देश में कोविड19 को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
बुधवार को विपक्ष की नेता जुडिथ कोलिन्स ने कहा कि इन हालात में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं है. वहीं, पीएम जेसिंडा एडर्न ने कहा है कि उन्हें चुनावों पर कोई फैसला लेने से पहले नए मामलों के प्रभावों पर विचार करने के लिए समय की ज़रूरत है.
इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना संकट: ब्रिटेन बुरी तरह मंदी की गिरफ़्त में
कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के बाद ब्रिटेन अब आधिकारिक तौर पर आर्थिक
मंदी की गिरफ़्त में है. अप्रैल और जून के बीच में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में
रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है.
जनवरी-मार्च के मुकाबले अप्रैल-जून में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में 20.4
फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
लॉकडाउन के दौरान पाबंदियों की वजह से दुकानें बंद थीं और इसलिए घरेलू सामानों
की खपत और बिक्री भी कम हुई. फ़ैक्ट्रियों में होने वाले उत्पादन और निर्माण कार्य
में भी रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है.
इन सभी वजहों से ब्रिटेन साल 2009 के बाद पहली बार इतनी बुरी तरह आर्थिक मंदी की चपेट में
है.
ब्रिटेन के ऑफ़िस फ़ॉर नेशन स्टैटिस्टिक्स (ओएनएस) ने उम्मीद जताई है कि जून
के बाद से अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी क्योंकि अब लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील
दी जा चुकी है.
बताया गया है कि मंदी की सबसे ज़्यादा मार हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर
पड़ी है.
इमेज स्रोत, PA Media
पश्चिम बंगाल में कोरोना की चपेट में आए 300 डॉक्टर, 19 की मौत
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
कोरोना वायरस के चलते पश्चिम बंगाल में अब तक 19 डाक्टरों की मौत हो
चुकी है और 300 डॉक्टर संक्रमित पाए गए हैं.
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार के दिशानिर्देशों के बावजूद भी निजी
अस्पतालों के कोरोना के मरीजों से भारी-भरकम बिल वसूलने की शिकायतें आ रही हैं.
सरकार ने हाल ही में कोरोना के मरीजों से एडवांस के तौर पर अधिकतम 50
हजार रूपये लेने के दिशानिर्देश दिए हैं.
इसके साथ ही महंगी दवाओं और जांच के बारे में मरीज के परिजनों की
पूर्व सहमित लेने को भी कहा है. लेकिन, बावजूद इसके तमाम अस्पतालों की ओर से
भारी-भरकम रकम लेने की शिकायतें मिल रही हैं.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में 23 लाख के पार हुए कोरोना वायरस के मामले
भारत में बुधवार तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या 23,29,638 हो गई है.
इनमें से 6,43,948 एक्टिव मामले हैं और 16,39,599 अब तक ठीक हो चुके हैं.
पूरे
देश में मंगलवार को संक्रमण के 60,963 नए मामले आए और 834 लोगों की मौत हो गई. कोरोना
वायरस से अब तक देश में 46,091 मौतें हो चुकी हैं.
भारत में सबसे ज़्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं. यहां संक्रमण के 535601 मामले आ चुके हैं. सबसे कम 648 मामले मिजोरम में आए हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
दुनिया भर में कोरोना से सात लाख से ज़्यादा लोगों की मौत
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के
कुल मामले 20,209,647 हो गए हैं. वहीं, संक्रमण की चपेट में आकर कुल 7,40,276 लोग
अपनी जान गंवा चुके हैं.
संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले अब भी अमरीका में हैं.
अमरीका के बाद दूसरे नंबर पर ब्राज़ील और तीसरे नंबर पर भारत है. चौथे नंबर पर रूस
और दक्षिण अफ़्रीका पांचवे नंबर है.
इमेज स्रोत, Johns Hopkins University
इमेज स्रोत, Johns Hopkins University
कोरोना के मामले में ब्राज़ील से क्या सबक ले सकता है भारत?
दो देश भारत और ब्राज़ील. विकास के पायदान पर और चुनौतियों के मामले में कमोबेश एक जैसे ही. कोरोना संक्रमण के मामलों में भी ये कुछ ही पायदान आगे पीछे हैं.
संक्रमण और मौत के मामले में ब्राज़ील दूसरे नंबर पर है तो भारत तीसरे पर. तो क्या भारत भी ब्राज़ील की ही राह पर चल रहा है या फिर उसकी ग़लतियों से सबक ले सकता है? देखिए, इस वीडियो रिपोर्ट में.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना से जंग के बारे में क्या-क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत कोरोना से लड़ने के लिए सही कदम उठा रहा है. उन्होंने भारत में कम मृत्युदर का हवाला देकर यह बात कही. देखिए, उन्होंने और क्या-क्या कहा.
वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस से जंग पर पीएम मोदी क्या बोले?
दूसरे देश कोरोना वैक्सीन के कितने क़रीब हैं
इमेज स्रोत, Reuters
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उनके वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की ऐसी वैक्सीन तैयार कर ली है जो कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ कारगर है. इस टीके का इंसानों पर दो महीने तक परीक्षण किया गया और ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा है.
इस वैक्सीन को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी मंज़ूरी दे दी है. माना जा रहा है कि रूस में अब बड़े पैमाने पर लोगों को यह वैक्सीन देनी की शुरुआत होगी.
हालांकि रूस ने जिस तेज़ी से कोरोना वैक्सीन को हासिल करने का दावा किया है उसको देखते हुए वैज्ञानिक जगत में इसको लेकर चिंताएं भी जताई जा रही हैं.
लेकिन रूस अकेला देश नहीं है जो वैक्सीन बनाने में लगा है.
100 से भी ज़्यादा वैक्सीन शुरुआती स्टेज में हैं और 20 से ज़्यादा वैक्सीन का मानव पर परीक्षण हो रहा है.
अमरीका में छह तरह की वैक्सीन पर काम हो रहा है और अमरीका के जाने माने कोरोना वायरस विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि साल के अंत तक अमरीका के पास एक सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन हो जाएगी.
ब्रिटेन ने भी कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर चार समझौते किए हैं.
एस्ट्राज़ेनेका कोरोना वैक्सीन का 10 करोड़ ख़ुराक तैयार कर रही है और दवा की कंपनी जीएसके और सनोफ़ी भी इसका इलाज ढूंढ रही हैं.
मंगलवार को इंडोनेशिया और मैक्सिको दोनों ने घोषणा की कि उनके यहां भी कोरोना वैक्सीन का आख़िरी दौर का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़, रूस को वैक्सीन ने मामले में आगे नहीं बढ़ना चाहिए: विश्व स्वास्थ्य संगठन
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उसके पास अभी तक रूस के ज़रिए विकसित किए जा रहे कोरोना वैक्सीन के बारे में जानकारी नहीं है कि वो इसका मूल्यांकन करे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतर्गत आने वाले पैन-अमैरिकन हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के सहायक निदेशक जरबास बारबोसा ने कहा कि, "कहा जा रहा है कि ब्राज़ील वैक्सीन बनाना शुरू करेगा. लेकिन जब तक और ट्रायल पूरे नहीं हो जाते ये नहीं किया जाना चाहिए."
उनका कहना था, वैक्सीन बनाने वाले किसी को भी इस प्रक्रिया का पालन करना है जो कि ये सुनिश्चित करेगा कि वैक्सीन सुरक्षित है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उसकी सिफ़ारिश की है.
पिछले हफ़्ते विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रूस से आग्रह किया था कि वो कोरोना के ख़िलाफ़ वैक्सीन बनाने के लिए वो अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन का पालन करे.
इमेज स्रोत, TASS via Getty Images
पश्चिम बंगाल में संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के 2931 नए मामले आए. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर एक लाख हो गए हैं.
मंगलवार तक राज्य में कोरोना के कुल पॉज़िटिव केस 1,01,390 हो गए हैं.
मंगलवार को ही 49 लोगों की मौत हुई जिसके बाद राज्य में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की तादाद बढ़ कर 2149 हो गई है.