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कोरोना अपडेट: ब्राज़ील में कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख के पार
पिछले पचास दिनों में ब्राज़ील में 50,000 लोगों की मौत हुई है, हालात सुधरने के संकेत नहीं.
लाइव कवरेज
रायपुर सेंट्रल जेल में कोरोना मरीज़ों के लिए बना अस्पताल

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आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद क़ैदियों और बंदियों में लगातार कोरोना का संक्रमण फ़ैलने के बाद अब रायपुर सेंट्रल में ही कोरोना संक्रमितों के इलाज की व्यवस्था की गई है. इसके लिये अलग से कोविड अस्पताल बनाया गया है.
रायपुर सेंट्रल जेल में गुरुवार को ही 41 से अधिक कोरोना संक्रमितों का मामला सामने आया था. राज्य के दूसरी जेलों में भी बड़ी संख्या में क़ैदी कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराने की नौबत आ रही है.
अब रायपुर सेंट्रल जेल में ही 60 बिस्तरों का कोविड अस्पताल बनाया गया है. जेल डीआईजी के के गुप्ता के अनुसार इस अस्पताल में चार डॉक्टरों की टीम संक्रमित क़ैदी और बंदियों का इलाज कर रही है.
जेल में संक्रमण के मामलों को रोकने के लिये नये बंदियों और क़ैदियों को 30 दिनों तक क्वारंटीन में रखा जा रहा है. उनके लिये अलग से बैरक की व्यवस्था की गई है.
कर्नाटक - मध्य प्रदेश के एक-एक मंत्री कोरोना संक्रमित
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंंत्री बी. श्रीरामुलु कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. उनके अलावा मध्य प्रदेश के मेडिकल एजुकेशन और गैस राहत मंत्री विश्वास सारंग भी कोरोना संक्रमित हो गए. दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं.
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अरुणाचल प्रदेशः क्वारंटीन सेंटर में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर गुवाहाटी हाई कोर्ट में याचिका

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दिलीप शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए
अरुणाचल प्रदेश में क्वारंटीइन सेंटर की बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता और देखभाल के अभाव को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है.
इस पीआईएल को दायर करने वाले संगे डाकपा लोढा ने खासकर लेखीमें मौजूद क्वारंटीइन सेंटर का दौरा करने के लिए अदालत से एक कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने को लेकर एकपक्षीय आदेश देने का आग्रह किया है.
याचिकाकर्ता लोढा का आरोप है कि लेखीमें मौजूद क्वारंटीइन सेंटर में रह रहें मरीज़ केवल अपनी बीमारी से ही परेशान नहीं है, बल्कि क्वारंटीइन सेंटर में स्वच्छता, भोजन, नियमित रूप से डॉक्टर के दौरे जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करने में सरकारी अधिकारियों की 'लापरवाही' के कारण परेशान है.
अरुणाचल प्रदेश केस्वास्थ्य विभाग की एक ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की कुल संख्या 2,117 हो गई है. वहीं 1,430 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. जबकि तीन लोगों की अबतक कोविड-19 के कारण मौत हुई है. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि राज्य में अबतक 1,04,833 कोरोना टेस्ट किए गए है.
कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटे कई देश, कहां तक पहुंची खोज?
पश्चिम बंगालः सरकारी कोविड-19 अस्पताल में ट्रांसजेंडरों के लिए चार बेड

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प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी एम.आर.बांगुर कोविड-19 अस्पताल के पुरुष और महिला वार्ड में ट्रांसजेंडर समुदाय के कोरोना मरीजों के लिए क्रमश दो-दो बेड आरक्षित किए हैं. यह देश में अपनी तरह का पहला फ़ैसला है.
स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य बताती हैं, “ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए बेड आरक्षित करने वाला यह देश का पहला अस्पताल है. इसका श्रेय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जाता है.” ध्यान रहे कि स्वास्थ्य विभाग भी ममता के जिम्मे ही है.
ट्रांसजेंडर के हित में काम करने वाले संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.
एसोसिएशन आफ़ ट्रांसजेंडर की संयोजक और वेस्ट बंगाल ट्रांसजेंडर डेवलपमेंट बोर्ड की सदस्य रंजीता सिन्हा कहती हैं, “तमाम कानूनों और अदालती निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर इस तबके के लिए बहुत कम काम हुए हैं. ममता बनर्जी सरकार ने भी अब तक कुछ नहीं किया है. लेकिन यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा.”
एक अन्य गैर-सरकारी संगठन के निदेशक बाप्पादित्य मुखर्जी कहते हैं, “पहले ट्रांसजेंडर तबके के लोगों को कोरोना की जांच और इलाज कराने में काफी भेदभाव सहना पड़ता था. लेकिन अब उनको आसानी हो जाएगी.”
ब्रेकिंग न्यूज़, ब्राज़ील में कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख के पार

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ब्राज़ील में अब तक कोरोना से एक लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. पूरी दुनिया में कोरोना से सबसे ज़्यादा मरने वालों के मामले में ब्राज़ील दूसरे स्थान पर पहुँच चुका है. कोरोना से सबसे ज़्यादा मौतें अब तक अमरीका में हुई है.
तीन महीने में ब्राज़ील में 50,000 लोगों की मौत हुई थी लेकिन पिछले सिर्फ़ पचास दिनों में अब 50,000 लोगों की मौत हुई है. ब्राज़ील में कोरोना संक्रमण के कुल मामले तीस लाख के आंकड़े को पार कर चुके हैं. हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि चूंकि टेस्टिंग पर्याप्त संख्या में नहीं हो रही है इसलिए संभव है कि यहा आंकड़ा और कहीं ज़्यादा हो.
इसके बावजूद वहाँ दुकानें और रेस्तरां फिर से खोल दिए गए हैं.राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने हमेशा कोरोना वायरस के ख़तरे को कम कर के आंका है और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले क़दमों का विरोध किया है. वो कोरोना को एक ‘मामूली फ्लू’ कहते रहे हैं.
हालांकि वो खुद संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं. वो राज्य सरकारों की ओर से लगाए जा रहे लॉकडाउन की पाबंदियों का विरोध करते रहे हैं और इस मुद्दे के समर्थन में आने वालों के साथ बिना मास्क के धड़ल्ले से मिलते रहे हैं और उनके साथ खड़े होते रहे है.
विश्लेषकों ने इस बात की आलोचना की है कि बोलसोनारो सरकार का स्थानीय सरकारों के साथ पर्याप्त समन्वय बना कर नहीं चल रही है क्योंकि उसका पूरा ध्यान अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने पर है. इसकी वजह से कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है.
अब इस बात का डर है कि संक्रमण सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले मूल बाशिंदों में फैल सकता है और वहाँ पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं केनहीं होने से स्थिति बदतरहो सकती है.
ब्राज़ील में संक्रमित बीमारियों की सोसाइटी के सीनियर सदस्य डॉक्टर जोस डेवी उर्बेज़ ने कहा है, "हम हताशा में ज़िंदगी जी रहे हैं क्योंकि यह विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है लेकिन ब्राज़ील सामूहिक रूप से बेहोशी के आलम में पड़ा हुआ है.”
विजयवाड़ा कोविड अस्पताल में आग लगी, 11 की मौत
न्यूज़ीलैंड सौ दिनों से है कोरोना मुक़्त

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रविवार को न्यूज़ीलैंड के कोरोना मुक़्त हुए सौ दिन हो गए. इस दौरान एक भी कोरोना पॉजिटिव मामला यहाँ नहीं आया है.
न्यूज़ीलैंड की आबादी महज़ पचास लाख है. न्यूज़ीलैंड में कइयों के लिए जनजीवन सामान्य हो चुका है. लोग यहाँ खचाखच भरे स्टेडियम में बैठकर रग्बी का मैच देख रहे हैं. बिना किसी डर के बार और रेस्तरां जा रहे हैं.
लेकिन कुछ लोग इस बात को लेकर चिंतित भी है कि देश आत्मसंतुष्ट होने की वजह से भविष्य के किसी भी आशंका को लेकर पर्याप्त रूप से तैयार नहीं है.
मार्च के आख़िर में न्यूज़ीलैंड में सख़्त लॉकडाउन लगाया गया था. तब सिर्फ़ कोरोना के सौ पॉजिटिव मामले थे. सख़्त क़दम उठाने की वजह से इसके संक्रमण का प्रसार उतना नहीं हो सका.
पिछले तीन महीनों में सिर्फ़ कुछ वो लोग पॉज़िटिव पाये गए हैं जो बाहर के किसी देश की यात्रा करके न्यूज़ीलैंड लौटे. उन्हें लौटते ही क्वारंटीन में रखा गया जिससे संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिली.
न्यूज़ीलैंड में संक्रमण के अब तक कुल 1,500 मामले आये हैं जबकि सिर्फ़ 22 मौतें ही कोरोना की वजह से हुई है.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ ओटागो के महामारी विशेषज्ञ प्रोफे़सर माइकल बेकर का कहना है कि यह विज्ञान और कुशल नेतृत्व का कमाल है जिससे यह फ़र्क पैदा हुआ है. अगर आप उन देशों को देखते हो जहाँ स्थिति बेहतर है, वहाँ सामान्य तौर पर ये दोनों ही खूबियों आपको दिखेंगी.

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प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डन के नेतृत्व क्षमता की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है. शुरू से ही न्यूज़ीलैंड ने सिर्फ़ इसके संक्रमण को दबाने की तुलना में कुछ साहसिक क़दम उठाए हैं. प्रोफे़सर बेकर कहते हैं कि दूसरे देश न्यूज़ीलैंड की ओर अब उम्मीद की नज़र से देख रहे हैं.
वो कहते हैं कि पूरी पश्चिमी दुनिया ने इस ख़तरे को ग़लत तरीके संभाला है और अब उन्हें इसका एहसास हो रहा है.
उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने जीवन और अर्थव्यवस्था को बचाने के बीच ग़लत द्वंद्व पैदा किया है जबकि वास्तविकता यह है कि व्यावसाय तभी फलता-फूलता है जब बीमारी जैसी चीजों की आशंकाओं को लेकर आप आश्वस्त हो सके.
बेशक न्यूज़ीलैंड की अर्थव्यवस्था अनुमान से कही बेहतर रही है. न्यूज़ीलैंड अपने यहाँ बेरोजगारी दर सिर्फ़ 4 फ़ीसद रखने में कामयाब रहा है.
हालांकि कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि हाल में गई नौकरियों की संख्या इसमें शामिल नहीं की गई है और जब अगले महीने सरकार से मिलने वाला भत्ता बंद होगा तब स्थिति थोड़ी बदतर हो सकती है.
आंध्र प्रदेश: कोविड केयर सेंटर बनाए गए होटल में भीषण आग
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्वर्ण पैलेस नाम के एक होटल में आग लग गई है. कोविड पॉज़िटिव लोगों को रखने के लिए एक प्राइवेट अस्पताल इस होटल का इस्तेमाल केयर सेन्टर के रूप में कर रहा था.
आंध्र प्रदेश की गृह राज्य मंत्री मेकाथोटी सुचरिता ने बताया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है.
सवेरे पांच बज कर नौ मिनट पर पुलिस को आग लगने की ख़बर मिली. पांच मिनट में पुलिस घटनास्थल तक पहुंची, साथ ही पुलिसबल और बचाव के लिए टीमें भी वहां पहुंचीं. पांच बज कर 45 मिनट तक आग पर काबू पा लिया गया.
वीडियो कैप्शन, आंध्र प्रदेश: कोविड केयर सेंटर बनाए गए होटल में भीषण आग अमित शाह के 'कोरोना नेगेटिव' होने की बात ग़लत, मनोज तिवारी ने डिलीट किया ट्वीट
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समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह का कोई रिपीट कोविड-टेस्ट नहीं हुआ है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि ‘वे कोरोना नेगेटिव पाये गए हैं.’
न्यूज़ एजेंसी ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया है.
रविवार सुबह एक ट्वीट में दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने यह दावा किया था कि गृह मंत्री अमित शाह कोरोना संक्रमण से ठीक हो गये हैं.
उन्होंने लिखा था, “देश के यशस्वी गृह मंत्री अमित शाह जी का कोविड रिपोर्ट आया नेगेटिव.”
तिवारी ने यह ट्वीट कुछ देर बाद डिलीट कर दिया.
बीजेपी नेता मनोज तिवारी का दावा- 'अमित शाह अब कोरोना नेगेटिव'

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दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया है कि गृह मंत्री अमित शाह कोरोना संक्रमण से ठीक हो गये हैं.
रविवार सुबह एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “देश के यशस्वी गृह मंत्री अमित शाह जी का कोविड रिपोर्ट आया नेगेटिव.” हालांकि, गृह मंत्री की ओर से अब तक इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है.
कोरोना टेस्टिंग के लक्ष्य पूरे करने के लिए 'जल्दी वाला टेस्ट' कर रहा भारत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले कुछ हफ्तों में 10 लाख टेस्ट प्रतिदिन करने का टारगेट रखा है ताकि कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह से प्रभावित देशों में शामिल हो चुके भारत को इस महामारी से उबारा जा सके.
लेकिन, क्या वे यह टारगेट हासिल कर सकते हैं और जो टेस्ट किए जा रहे हैं क्या वह विश्वसनीय हैं?
कोरोना वायरस से जंग में टेस्टिंग को बढ़ाना एक अहम कड़ी है, लेकिन जिस तरह की टेस्टिंग हो रही है उसे लेकर एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं.
पूरी दुनिया में सबसे आम पीसीआर (पॉलीमेरास चेन रिएक्शन) टेस्ट है. इसमें जेनेटिक मैटेरियल को एक स्वॉब सैंपल से अलग किया जाता है.
केमिकल्स का इस्तेमाल प्रोटीन और फैट को जेनेटिक मैटेरियल से हटाने में होता है और सैंपल को मशीन एनालिसिस के लिए रखा जाता है.
इन्हें टेस्टिंग के गोल्ड स्टैंडर्ड के तौर पर देखा जाता है, लेकिन भारत में ये सबसे महंगे हैं और इसमें टेस्टिंग को प्रोसेस करने में आठ घंटे तक का वक्त लगता है. रिज़ल्ट आने में एक दिन तक का वक्त लग सकता है. यह सैंपल्स को लैब्स तक पहुंचाने में लगने वाले वक्त पर भी निर्भर करता है.
अपनी टेस्टिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए भारतीय अधिकारियों ने सस्ते और जल्दी नतीजे देने वाले तरीकों का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया. इन्हें रैपिड एंटीजन टेस्ट कहा जाता है. इन्हें दुनियाभर में डायग्नोस्टिक या रैपिड टेस्ट कहा जाता है.
ये टेस्ट प्रोटीन को, जिन्हें एंटीजन कहा जाता है, अलग करते हैं. इनमें 15 से 20 मिनट में नतीजा मिल सकता है.
लेकिन, ये टेस्ट कम विश्वसनीय होते हैं. कुछ मामलों में तो इनका एक्युरेसी रेट 50 फीसदी होता है. इनका मूल रूप से वायरस हॉटस्पॉट्स और हेल्थकेयर सेटिंग्स में इस्तेमाल होता है.
पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
भारत: एक दिन में कोरोना संक्रमण के 64,399 नये मामले

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते चौबीस घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 64,399 नए मामले दर्ज किये गए हैं, जबकि कुल 861 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है.
इसके साथ ही अब देश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 21,53,011 हो गया है जिसमें एक्टिव मामले 6,28,747 हैं. मंत्रालय के अनुसार कुल संक्रमितों की संख्या की तुलना में 29.2 फीसदी है.
संक्रमण के सबसे अधिक मामले कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में दर्ज किए गए हैं. जहां कर्नाटक में बीते चौबीस घंटों में संक्रमण के कुल 2079 मामले दर्ज किए गए हैं वहीं उत्तर प्रदेश में 1614 और महाराष्ट्र में 1466, पश्चिम बंगाल में 834 और आंध्र प्रदेश में 832 मामले दर्ज किए गए हैं.
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ब्रेकिंग न्यूज़, विजयवाड़ा: कोरोना केयर सेंटर के तौर पर इस्तेमाल हो रहे होटल में लगी आग

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्वर्ण पैलेस नाम के एक होटल में आग लग गई है. कोविड पॉज़िटिव लोगों को रखने के लिए एक प्राइवेट अस्पताल इस होटल का इस्तेमाल केयर सेन्टर के रूप में कर रहा था.
आंध्र प्रदेश की गृह राज्य मंत्री मेकाथोटी सुचरिता ने बताया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है.
सवेरे पांच बज कर नौ मिनट पर पुलिस को आग लगने की ख़बर मिली. पांच मिनट में पुलिस घटनास्थल तक पहुंची, साथ ही पुलिसबल और बचाव के लिए टीमें भी वहां पहुंचीं.पांच बज कर 45 मिनट तक आग पर काबू पा लिया गया. अब तक नौ लोगों की मौत हुई है.
आंध्र प्रदेश सरकार के सलाहकार एस राजीव कृष्णा ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री ने हादसे में प्रभावित लोगों के इलाज का और उनकी मदद का वादा किया है.
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विजयवाड़ा के पुलिस कमिश्नर बी श्रीनिवासुलु ने बीबीसी को बताया "पुलिस अब भी ये जानने की कोशिश कर रही है कि कहां कहां ये लोग आ कर इलाज करा रहे थे. आग लगने के वक्त होटल में 30 से अधिक लोग मौजूद थे. हमने उनमें से अधिकांश लोगों को हमने बचा लिया है. अब तक सात लोगों की मौत हुई है. हताहतों की संख्या बढ़ भी सकती है. "
आग से बचने के लिए चार लोग अस्पताल की इमारत से नीचे कूदे थे. अब तक इन चारों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार शंकर के अनुसार घायलों को नज़दीक के ही रमेश अस्पताल में ले जाया गया है.
कुछ दिन पहले रमेश हॉस्पिटल ने ही कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए इस होटल को किराए पर लिया था.
आंध्र प्रदेश सरकार ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं, जांच की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे.
पीएम और गृह मंत्री ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है.
उन्होंने लिखा, है, “विजयवाड़ा के कोविड सेंन्टर में लगी आग की ख़बर से दुख हुआ. मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि जो घायल हैं वो जल्द ठीक हो जाएं. मैंने इस मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्य़मंत्री से बात के है.”
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वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि इस मामले में केंद्र सरकार राज्य की हर संभव मदद के लिए तैयार है.
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हादसे की तस्वीरें:




क्या टोक्यो ओलंपिक अगले साल हो पायेगा?
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दुनियाभर में फैली कोरोना वायरस महामारी की वजह से ओलंपिक खेल अगले साल तक के लिए टाल दिए गए हैं.
हालांकि कई देशों को आशंका है कि हालात अभी ठीक नहीं हुए. ऐसे में क्या अगले साल भी टोक्यो में ओलंपिक का आयोजन होगा.
ब्राज़ील: कोविड-19 से मरने वालों की संख्या हुई क़रीब एक लाख

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ब्राज़ील में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा एक लाख के क़रीब पहुंच चुका है.
अमरीका के बाद कोरोना के कारण सबसे अधिक मौतें ब्राज़ील में हुई हैं.
यहां संक्रमण के पहले तीन महीनों में ब्राज़ील में कोविड-19 से पचास हज़ार लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इसके बाद केवल पचास दिनों में यह आंकड़ा लगभग दोगुना हो गया.
स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार यहां कोरोना संक्रमण की दर अभी भी तेज़ है और अब तक कुल 29,62,442 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं.
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कुछ वक्त के लिए लगे लॉकडाउन के बाद यहां दुकान बाज़ार और रेस्त्रां खुलना शुरू हो गए हैं.
राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि कोविड-19 समेत दूसरे कारणों से हुई हर मौत का उन्हें अफसोस है. साथ ही उन्होंने लिखा कि देस के हर नागरिक की ज़िमदगी उनके लिए महत्वपूर्ण है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राहत आदेशों पर हस्ताक्षर किये
अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर क़रीब पचास लाख हो गए हैं.
दुनिया के किसी भी दूसरे देश की तरह कोरोना वायरस महामारी के कारण अमरीकी के लोगों के जन-जीवन पर तो असर पड़ा है ही साथ ही बड़ी संख्या में लोग बेरोज़गार भी हुए हैं.
शनिवार को अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में नौकरी गंवाने वालों लाखों अमरीकी लोगों के लिए आंशिक रूप से बढ़े बेरोज़गारी भुगतान के कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए.
इस सप्ताह की शुरुआत में कांग्रेस में शीर्ष डेमोक्रेट्स और व्हाइट हाउस के बीच इस बात पर कि कोरोना वायरस से जूझ रहे अमरीका के लोगों को किस तरह राहत दी जाए, सहमति नहीं बन सकी थी.
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संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद पेरिस के कुछ हिस्सों में मास्क पहनना अनिवार्य
सोमवार से पेरिस के कुछ इलाक़ों में मास्क पहनना अनिवार्य होगा. फ्रांस की राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के बढ़ने के बाद यह फैसला लिया गया है.
पुलिस ने बताया कि यह नियम 11 साल और उसके ऊपर के हर शख़्स के ऊपर लागू होगा. हालांकि यह नियम पूरे पेरिस में नहीं लागू होगा. सिर्फ़ भीड़भाड़ वाली कुछ जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा.
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फ्रांस में कभी भी कोरोना वायरस संक्रमण दोबारा से अनियंत्रित हो सकता है.

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अमरीका में संक्रमण के लगभग 50 लाख मामले

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जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक़, अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर लगभग 50 लाख हो गए हैं.
अमरीका दुनिया का सबसे बुरी तरह प्रभावित देश है.
अमरीका में संक्रमण से अब तक क़रीब एक लाख 62 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.
अमरीका के बाद ब्राज़ील दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है. जहां संक्रमण के मामले 29 लाख 62 हज़ार से अधिक हैं. ब्राज़ील में मरने वालों की संख््या क़रीब एक लाख हो गई है.
भारत तीसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है.
भारत में अब तक कोविड-19 के कुल संक्रमित मामलों की संख्या 21 लाख के पार हो चुकी है, जिनमें से 14 लाख 20 हज़ार से ज़्यादा लोग इस बीमारी को मात देकर ठीक हो चुके हैं.
भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, रिकवरी रेट में लगातार सुधार हो रहा है और यह अब 68.32% है. वहीं कोविड मामले में मृत्यु दर 2.04% है.
अब तक कुल क़रीब 43 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.

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