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ट्रंप ने कहा, राष्ट्रपति चुनाव स्थगित किया जाए
दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक करोड़ 69 लाख हो गई है. वहीं कोरोना के कारण मरने वालों का आंकड़ा अब 664,748 हो गया है.
लाइव कवरेज
राष्ट्रपति बोलसोरानो की पत्नी कोरोना पॉज़िटिव पाई गईं

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गुरुवार को ब्राज़ील की जानीमानी वेबसाइट जी1 ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति जाएय बोलसोनारो की पत्नी मिशेल बोलसोनारो कोरोना पॉज़िटिव पाई गई हैं.
इससे पहले सात जुलाई के महीने में जाएर बोलसोनारो कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे. इलाज को बाद अब वो ठीक हो चुके हैं. 25 जुलाई को उन्होंने बताया था कि उनका कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है और उन्हें अब कोविड-19 नहीं है.
राष्ट्रपति आवास प्लानाल्टो पैलेस के अनुसार मिशेल बोलसोनारो की "सेहत अभी ठीक है" और "कोरोना से जुड़े सभी नियमों का वो पालन करेंगी".
इसके अलावा वेबसाइट पर छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार ब्राज़ील के साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवोशन मंत्री मार्कोस पोन्टेस ने 27 जुलाई को बताया था कि उनको कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव आया है.
पोन्टेस बोलसोनारो कैबिनेट के पांचवें मंत्री हैं जो कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं. उनसे पहले एजुकेशन मिनिस्टर, सिटिज़नरी मिनिस्टर, इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर और माइन्स एंड एनर्जी मिनिस्टर को कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव आ चुका है.
अमरीका: राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार की कोरोना से मौत

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साल 2012 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे हर्मन कैन की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है.
वो 74 साल के थे. उन्हें 1 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
हाल तक वो रेडियो और टीवी प्रोग्राम को होस्ट किया करते थे.
उनके सोशल मीडिया पेज से उनके स्वास्थ्य के बारे में लगातार जानकारी मिल रही थी.
सात जुलाई को उनके ट्विटर हैंडल से कहा गया था, "डॉक्टर इस बात को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका ऑक्सीजन लेवल ठीक रहे. यह एक मुश्किल वायरस है. आप उनके लिए दुआ करते रहें."
साल 2012 में उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी. इससे पहले वो गॉडफ़ादर्स पिज्ज़ा के सीईओ थे.
2019 में राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें फ़ेडरल रिज़र्व बोर्ड में बैठने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी क्योंकि रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसदों ने उनकी नियुक्ति का समर्थन करने से मना कर दिया था.
अमरीकी अर्थव्यवस्था में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट

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कोरोना के कारण एक तरफ़ जहां अमरीका में मरने वालों की संख्या डेढ़ लाख पार कर गई है, वहीं उसकी दूसरी चिंता गिरती अर्थव्यवस्था है.
ताज़ा आँकड़ोें के अनुसार अप्रैल से जून तक की तिमाही में अमरीकी अर्थव्यवस्था में 32.9 फ़ीसद की गिरावट दर्ज की गई है.
इसका एक मुख्य कारण है कि कोरोना महामारी के कारण लोग ख़र्च नहीं कर रहे हैं.
अमरीका ने 1947 के बाद से अर्थव्यवस्था का आधिकारिक रिकॉर्ड रखना शुरू किया है और उसके बाद से ये अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है.
इससे पहले सबसे बड़ी गिरावट साल 1958 में देखी गई थी जब अमरीकी अर्थव्यवस्था में 10 फ़ीसद की गिरावट दर्ज की गई थी.
मौजूदा गिरावट पिछली बार की सबसे बड़ी गिरावट की तुलना में तीन गुणा ज़्यादा है.
हेल्थकेयर और कन्ज़्यूमर गुड्स के सामानों की बिक्री में कमी के कारण ये गिरावट दर्ज की गई है.
गुरुवार को जर्मनी की अर्थव्यवस्था में भी इस तिमाही में रिकॉर्ड 10.1 फ़ीसद की गिरावट दर्ज की गई थी.
मैक्सिको में भी 10 फ़ीसद से अधिक की गिरावट देखी गई.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमान के मुताबिक़ इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.9 फ़ीसद की गिरावट होगी.
कोरोना वायरस: रिकवरी रेट का बढ़ना कितनी बड़ी उपलब्धि?
ट्रंप ने कहा, राष्ट्रपति चुनाव स्थगित किया जाए

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित किया जाए.
ट्रंप ने कहा कि ज़्यादा पोस्टल वोटिंग के कारण चुनाव में धांधली का ख़तरा है जिससे नतीजे ग़लत हो सकते हैं.
कोरोना महामारी के कारण अमरीका के कई राज्य चाहते हैं कि पोस्टल वोटिंग को और आसान बनाया जाए.
कोरोना के कारण अब तक अमरीका में डेढ़ लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
लेकिन ट्रंप ने सुझाव दिया है कि 'चुनावों को उस वक़्त तक टाला जाए, जब तक अमरीकी मतदाता सही तरीक़े से और सुरक्षित रहकर वोट न डाल सकें.'
हालांकि ट्रंप की बातों को सही ठहराने के लिए कोई ख़ास सबूत नहीं हैं. ट्रंप बहुत पहले से ही मेल के ज़रिए वोटिंग का विरोध करते रहे हैं, क्योंकि उनके अनुसार उसमें धोखाधड़ी हो सकती है.
अब तक अमरीका में राष्ट्रव्यापी या राज्यों के स्तर पर जितने भी अध्ययन हुए हैं, उनके मुताबिक़ पोस्टल वोटिंग में बहुत ही कम मामले मिले हैं जहां किसी तरह की चुनावी गड़बड़ी हुई हो.
ब्रेनन सेंटर फ़ॉर जस्टिस ने 2017 में एक अध्ययन किया था जिसके अनुसार मतदान में धोखाधड़ी की दर 0.00004% से लेकर 0.0009% है.
अब तक अमरीका के छह राज्य पूरी तरह से मेल के ज़रिए राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग की योजना बना रहे हैं.
वो राज्य है, कैलिफ़ोर्निया, उटाह, हवाई, कोलोराडो, ओरेगॉन, और वाशिंगटन.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए संदीप सोनी से.
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ब्रेकिंग न्यूज़, चीन में लगातार सातवें दिन कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े

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कैरी ऐलन
बीबीसी मॉनीटरिंग
चीन में पिछले सात दिनों से कोरोना संक्रमण के मामलों का लगातार बढ़ना जारी है. देश का मीडिया लोगों से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने और जागरूक रहने की लगातार अपील कर रहा है.
पिछले 24 घंटे में चीन में कोरोना संक्रमण के 105 ऐसे मामले रिपोर्ट हुए हैं जिनमें संक्रमण के स्पष्ट रूप से लक्षण हैं.
चीन लक्षण वाले और बिना लक्षण वाले संक्रमण के मामलों का अलग-अलग रिकॉर्ड रखता है. इसलिए चीन में वैसे लोगों की संख्या कहीं ज़्यादा हो सकती है जिनका कोरोना टेस्ट रिज़ल्ट पॉज़िटिव रहा है.
उत्तर पश्चिमी प्रांत शिनजियांग के उरुम्की शहर में सबसे ज़्यादा लोग कोरोना पॉज़िटिव रिपोर्ट किए गए हैं.
इस इलाके में पिछले 24 घंटे में 96 ऐसे लोग रिपोर्ट हुए हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण के स्पष्ट लक्षण थे.

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15 जुलाई को एक महिला के संक्रमित होने के बाद चीन ने इस शहर में बड़े पैमाने पर कोरोना टेस्टिंग का काम शुरू किया है.
उत्तर पूर्वी लायनिंग प्रांत के डालियान शहर का भी यही हाल है. यहां पांच लोगों में लक्षण के साथ कोरोना संक्रमण पाया गया है.
22 जुलाई को एक व्यक्ति के संक्रमित रिपोर्ट होने के बाद यहां संक्रमण के मामले बढ़ गए थे. हालांकि चिंता चीन के मुख्य भूभाग के बाहर हॉन्ग कॉन्ग की स्थिति को लेकर भी है.
हॉन्ग कॉन्ग में अभी तक 3000 से ज़्यादा लोग कोरोना संक्रमित रिपोर्ट हुए हैं. हॉन्ग कॉन्ग में पिछले दो दिनों से 100 से ज़्यादा मामले रिपोर्ट हो रहे हैं.
चीन की एक प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञ झॉन्ग नानशान का कहना है कि हॉन्ग कॉन्ग में बड़े पैमाने पर टेस्टिंग की जानी चाहिए.
हालांकि हॉन्ग कॉन्ग की स्वायत्त स्थिति के कारण चीन के मुख्य भूभाग की तरह यहां कड़े लॉकडाउन प्रतिबंध लागू नहीं है.
लंबी दाढ़ी और पगड़ी वाले लोगों के लिए बनाया मास्क
वीडियो कैप्शन, लंबी दाढ़ी और पगड़ी वाले लोगों के बहुत काम आएगा यह मास्क कोरोना वायरस के दौर में मास्क पहनना बहुत ज़रूरी है. लेकिन वो लोग जिनकी लंबी दाढ़ी होती है और सिर पर पगड़ी बांधते हैं उनके लिए मास्क पहनना भी एक चुनौती है.
सनी डेलिलाह के ससुर भी उन्हीं लोगों में शामिल थे जिन्हें पगड़ी और दाढ़ी की वजह से मास्क पहनने में परेशानी आ रही थी.
ऐसे में सनी ने अपने ससुर के लिए खुद एक नए डिजाइन का मास्क तैयार कर दिया.
अब उन्हें कई दूसरी जगहों से भी मास्क के ऑर्डर मिल रहे हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना संक्रमण से अब तक दस लाख लोग ठीक हुएः स्वास्थ्य मंत्रालय

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भारत के लगभग सभी इलाकों में कोरोना संक्रमण के मामले भले ही तेज़ी से बढ़ रहे हों लेकिन अच्छी बात ये है कि देश में दस लाख से ज़्यादा लोग संक्रमण के बाद ठीक भी हुए हैं.
भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार ये जानकारी देते हुए बताया कि ये उपलब्धि हमारे डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन वर्कर्स की अनथक मेहनत की वजह से हासिल हो पाई है.
उन्होंने बताया कि देश भर में 10,20,000 से भी ज़्यादा लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक हुए हैं. अप्रैल में रिकवरी दर 7.85 थी जबकि आज ये बढ़कर 64.4 फीसदी हो गई है.

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राजेश भूषण ने कहा, "रिकवरी रेट के मामले में 16 राज्यों का औसत राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा है. इनमें दिल्ली का रिकवरी रेट 88 फीसदी, लद्दाख में 80 फीसदी, हरियाणा का 78 फीसदी, असम का 76 फीसदी, तेलंगाना का 74 फीसदी, तमिलनाडु और गुजरात का 73 फीसदी, राजस्थान 70 फीसदी, मध्य प्रदेश का 69 फीसदी और गोवा का 68 फीसदी है."
हालांकि गुरुवार को ही सरकार ने ये जानकारी भी दी कि देश में पहली बार एक दिन में 50 हज़ार से ज़्यादा संक्रमण के मामले रिपोर्ट हुए हैं.
गुरुवार सुबह की सूचना के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में देश में 52,123 मामले रिपोर्ट हुए. इतना ही नहीं इसी अवधि के दौरान देश में 775 लोगों की मौत भी हुई है.
इसके साथ ही भारत में कोरोना संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 16 लाख हो गई है.
पश्चिम बंगाल में कोरोना: ना मरीज़ को इलाज, ना मुर्दे को श्मशान

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एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल का चक्कर काटने के दौरान बीते सप्ताह 18 साल के एक युवक की मौत. तमाम अस्पतालों ने बेड ख़ाली नहीं होने की बात कह कर उसे लौटाया. अब मामला हाईकोर्ट में.
उत्तर 24-परगना ज़िले के बनगाँव में 62 साल के कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति को स्थानीय सरकारी अस्पताल से कोलकाता के बड़े अस्पताल में भेजने के दौरान किसी ने एंबुलेंस पर चढ़ने में मदद नहीं की.
पीपीई किट पहन कर ड्राइवर दूर से खड़ा तमाशा देखता रहा. मरीज़ की पत्नी सहायता की गुहार लगाती रही. लेकिन कोई भी मदद के लिए सामने नहीं आया. नतीजतन मौक़े पर ही उस व्यक्ति की मौत हो गई. अब तीन-सदस्यीय टीम मामले की जाँच कर रही है.
कोलकाता के बेहला इलाक़े में एक वयस्क व्यक्ति की मौत के बाद 15 घंटे तक शव घर में पड़ा रहा. बार-बार सूचना देने के बावजूद न तो पुलिस मौक़े पर पहुँची और न ही स्वास्थ्य विभाग के लोग.
सरकार की नाक के नीचे राजधानी कोलकाता से लगभग रोज़ाना सामने आने वाली ऐसी खबरें अब शायद कहीं किसी को परेशान नहीं करतीं. जब राजधानी का यह हाल है तो राज्य के बाकी ज़िलों की हालत का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल नहीं है.
ब्रेकिंग न्यूज़, ईरानः मध्य पूर्व में कोरोना संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश

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ईरान में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर तीन लाख से ज़्यादा हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को सरकारी टेलीविज़न चैनल पर बताया कि देश में अभी तक 301,530 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं.
मध्य पूर्व के देशों में ईरान कोरोना संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित है. 15 अप्रैल के आस-पास जब देश में कोरोना लॉकडाउन से ढील दिए जाने का फ़ैसला किया गया तो मुल्क में संक्रमण और मौत दोनों ही के मामले तेजी से बढ़े.
पिछले 24 घंटों में ईरान में इस महामारी ने 226 लोगों की जानें ली हैं. कोरोना वायरस के कारण देश में अब तक 16,569 लोगों की जानें जा चुकी हैं.
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को लोगों से अपील की थी कि आने वाले मुस्लिम त्योहार के दौरान वे हेल्थ प्रोटोकॉल्स और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें.

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बीते दिनों देश के एक प्रमुख धार्मिक शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ने का मामला सामने आया था.
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री इराज हरीर्ची ने सरकारी टेलीविज़न पर शनिवार को कहा कि लोग उत्तर पूर्वी इलाके के पवित्र शहर मशहद न जाएं.
वहां पिछले एक महीने में कोरोना संक्रमण के मामले तीन सौ फीसदी की दर से बढ़े हैं. इस महीने के आख़िर में दुनिया भर के मुसलमान बकरीद का त्योहार मना रहे हैं.
इस साल कोरोना महामारी को देखते हुए सऊदी अरब ने भी हज करने वाले लोगों की संख्या अप्रत्याशित रूप से कम करने का फ़ैसला किया है.
कर्नाटक: कोरोना के बहाने स्कूली किताबों से इतिहास हटा रही है सरकार?

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ऐसा लगता है कि सैकड़ों सालों पहले जो काम शासकों ने किया वही काम फिर से करने के लिए कोविड-19 महामारी ने सरकार को एक मौक़ा दे दिया है. कम से कम कर्नाटक सरकार तो यही मान रही है.
प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उस युग के शासकों के हथियार का इस्तेमाल करते हुए पाठ्यपुस्तकों से न केवल टीपू सुल्तान बल्कि शिवाजी महाराज, विजयनगर साम्राज्य, बहमनी, संविधान के कुछ हिस्से और इस्लाम और ईसाई धर्म से जुड़े कुछ हिस्से निकाल दिए हैं.
इसके पीछे वजह ये है कि कोरोना महामारी के कारण कक्षा छह से लेकर नौ तक पढ़ाई के लिए जो 220 दिन का समय था वो अब कम होकर केवल 120 दिनों का रह गया है, और इस कारण पाठ्यक्रम को भी कम करना ज़रूरी हो गया है.
इन सभी विषयों को अब प्रोजेक्ट वर्क तक सीमित कर दिया गया है जिस पर छात्र घर से काम कर सकते हैं और चार्ट या प्रेज़ेन्टेशन बना सकते हैं.
पाठ्यक्रम से क्या कुछ हटाया गया है?
उदाहरण के तौर पर कक्षा नौ के सामाजिक शास्त्र विषय में राजपूत राजवंशों, राजपूतों के योगदान, तुर्कों के आगमन, राजनीतिक निहितार्थ और दिल्ली के सुल्तानों के विषय पढ़ाने के लिए आम तौर पर छह कक्षाएं होती थीं जिसे कम कर अब दो कर दिया गया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक गिरावट

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इमेज कैप्शन, जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कहे जाने वाले देश जर्मनी की इकॉनमी में दूसरी तिमाही में 10.1 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है.
गुरुवार को संसद में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ कोरोना महामारी ने लोगों के खर्चें, व्यापारिक निवेश और जर्मनी से होने वाले निर्यात सभी को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है.
सरकार के सांख्यिकी विभाग का कहना है कि साल 1970 के बाद से जर्मनी ने इतनी तेज़ आर्थिक गिरावट नहीं देखी थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स का अनुमान था कि जर्मनी की इकॉनमी में नौ फीसदी के करीब गिरावट हो सकती है लेकिन वास्तविक स्थिति इससे भी ख़राब दिख रही है.

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डेका बैंक के अर्थशास्त्री एंड्रियास शिउर्ले ने रॉयटर्स से कहा, "अब तो ये आधिकारिक है कि जर्मनी सदी की मंदी से गुजर रहा है."
"स्टॉक मार्केट गिरने या तेल की कीमतों में झटका लेने से भी जो चीज़ आज तक नामुमकिन दिख रही थीं वो 160 नैनोमीटर के एक छोटे से जीव ने कर दिखाई है, जिसे हम कोरोना के नाम से जानते हैं."
अप्रैल से जून की अवधि के दौरान जर्मनी के सकल घरेलू उत्पाद में 11.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
साल 2020 की दूसरी तिमाही में वस्तुओं और सेवाओं का आयात और निर्यात दोनों ही बुरी तरह से चरमरा गया है. हालांकि इस अवधि में सरकारी खर्चों में इजाफा दर्ज किया गया है.
अमरीका में नई तकनीक से कोरोना का इलाज
वीडियो कैप्शन, अमरीका में कोविड-19 के इलाज का नया प्रयोग अमरीका में कोरोना वायरस के मामलों में उछाल आने के बाद से अस्पताल और स्वास्थ्यकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
बीबीसी संवाददाता लैरी मैडोवो ने ह्यूस्टन के एक अस्पताल की कोरोनावायरस यूनिट में एक डॉक्टर से मुलाकात की जो कि मरीज़ों के इलाज के लिए नई तकनीक आज़मा रहे हैं.
कोरोनाकाल में ऐसे शुरु हुई हज यात्रा
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: कोरोनाकाल में हज यात्रा सऊदी अरब में सालाना हज यात्रा शुरू हो गई है.
लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई है. वजह है कोविड-19 महामारी.
इस महामारी ने हज यात्रा को कैसे और कितना बदल दिया है, कवर स्टोरी में आज इसी की बात.
यूपी में कोरोनाः नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं लखनऊ में हालात?

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27 साल के अंकित ने कई अस्पतालों का चक्कर काटने के बाद एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया. एंबुलेंस दो घंटे तक उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित केजीएमयू मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़ी रही लेकिन कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया.
गुरुवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में हुई अंकित की मौत अपने आप में पहली नहीं है. इस तरह की कई और घटनाएं हो चुकी हैं.
अंकित के भाई बबलू ने रुआंसी आवाज़ में बीबीसी से कहा, 'मेरे भाई को एक के बाद एक अस्पताल में टहलाते रहे. किसी ने उसे छुआ तक नहीं. अगर उसे इलाज मिलता तो वो बच जाता.'
बबलू कहते हैं, 'मेरा भाई चलकर एंबुलेंस में बैठा था. रात नौ बजे से सुबह चार बजे तक एंबुलेंस ने कई अस्पतालों के चक्कर काटे, किसी ने भर्ती नहीं किया. इंटीग्रल और एरा अस्पताल से टहलाए जाने के बाद उसे सुबह चार बजे के क़रीब टीएसएस अस्पताल में भर्ती किया गया. जहां से उसे केजीएमयू के लिए रेफ़र कर दिया गया. केजीएमयू में भी उसे भर्ती नहीं किया गया. उसने अस्पताल के बाहर ही तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया. अगर उसे मदद मिलती तो वो ज़रूर बच जाता.'
हाल के दिनों में राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस को लेकर हालात बेहद गंभीर हुए हैं. मंगलवार तक लखनऊ में संक्रमण के 6867 मामले सामने आ चुके थे जिनमें से 3716 एक्टिव केस हैं.
तिरुमला-तिरुपतिः मंदिर के ही लोग होते जा रहे हैं संक्रमित

तिरुमला में बालाजी का ज़िक्र आते ही भक्तों के उस समूह का ख्याल आता है जो वहां ठहरने के लिए कमरे की बुकिंग और दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े रहते हैं.
लेकिन आज की तारीख़ में तिरुमला में हालात वैसे नहीं है. नीचे तिरुपति में कोरोना तेज़ी से अपने पांव पसार रहा है तो ऊपर तिरुमला में कोरोना वायरस का प्रभाव हर जगह दिखता है.
टीटीडी (तिरुमला-तिरुपति देवस्थानम) ट्रस्ट के अधिकारियों ने श्रीवारी मेतलु के रास्ते पदयात्रा पर रोक लगा दी है. जनसंपर्क अधिकारियों के मुताबिक अलिपिरी पदाला मंडपम पदयात्रा के रास्ते भी सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक ही श्रद्धालु जा सकते हैं. ये वो दो रास्ते हैं जिसके जरिए हज़ारों की संख्या में पदयात्री रोज़ बालाजी के दर्शन के लिए तिरुपति से तिरुमला जाते हैं.
भले ही पैदल जाने के एक रास्ते को बंद कर दिया गया है लेकिन गोविंदा… गोविंदा… गोविंदा… का जयकारा पहले की भांति आज भी सह्याद्री पर्वत के इस तीर्थ स्थल पर गूंजयमान है. माडा स्ट्रीट पर छिटपुट श्रद्धालु दिख जाते हैं. वेंगमाम्बा फूड सेंटर, लड्डू काउंटर, कल्याण कट्टा (मुंडन का मुख्य केंद्र), तिरुपति से बसों का आना और वापस जाना, ये सभी कुछ बदलाव के साथ अनवरत चल रहे हैं.
मास्क, सैनिटाइज़र, सोशल डिस्टेंसिंग… ये सभी बाकी दुनिया की तरह यहां भी देखे जा सकते हैं. तिरुमला के साथ ही तिरुपति में भी कोरोना वायरस के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है.
कोरोना वैक्सीन बनाने का काम किस देश में कहां तक पहुंचा?
वीडियो कैप्शन, कोरोना वैक्सीन बनाने का काम किस देश में कहां तक पहुंचा? कोरोना महामारी जिस तेज़ी से फैल रही है और जिस रफ़्तार से लोगों की जान ले रही है, उसे देखते हुए इसकी वैक्सीन विकसित करने का काम ऐतिहासिक रूप से तेज़ गति से चल रहा है.
इस समय कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ दुनिया भर में वैक्सीन विकसित की लगभग 23 परियोजनाओं पर काम चल रहा है.
लेकिन इनमें से कुछ ही ट्रायल के तीसरे और अंतिम चरण में पहुँच पाई हैं और अभी तक किसी भी वैक्सीन के पूरी तरह से सफल होने का इंतज़ार ही किया जा रहा है.
इनमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, मॉडर्ना फार्मास्युटिकल्स, चीनी दवा कंपनी सिनोवैक बॉयोटेक के वैक्सीन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स अहम हैं.
आइए हम जानते हैं कि इनमें से कौन सी वैक्सीन फ़िलहाल किस चरण में हैं.




