अनलॉक 3 की गाइडलाइन्स जारी, जानिए क्या खुलेगा क्या बंद रहेगा
सिनेमा हॉल, स्विमिंग पुल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम 31 अगस्त तक बंद रहेंगे लेकिन जिम और योग संस्थान को खोलने का फ़ैसला लिया गया है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र में 31 अगस्त तक बढ़ा लॉकडाउन
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 31 अगस्त कर लॉकडाउन बढ़ाने का फ़ैसला किया है.
अधिकारियों के अनुसार पांच अगस्त से राज्य में सवेरे 9 बजे से शाम 5 बजे तक मॉल्स और मार्केट कॉम्प्लेक्स खोलने की अनुमति होगी, लेकिन सिनेमाघर, फूड कोर्ट और रेस्त्रां पर पाबंदी जारी रहेगी.
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ब्रेकिंग न्यूज़, अनलॉक 3 की गाइडलाइन्स, जानिए क्या खुलेगा क्या बंद रहेगा

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गृह मंत्रालय ने अनलॉक 3 की गाइडलाइन्स जारी की हैं. इसके तहत कोविड 19 कॉटेनमेंट ज़ोन के बाहर और कई तरह की छूट दी गई है. कॉनटेनमेंट ज़ोन में अब भी 31 अगस्त तक सख़्त लॉकडाउन रहेगा.
नाइट कर्फ़्यू को अब हटा दिया गया है. अनलॉक 3 में जिम और योग संस्थानों को खोलने का फ़ैसला किया गया है. मेट्रो अब भी बंद रहेगी और बड़ी संख्या में एक साथ इकट्ठा होना भी प्रतिबंधित रहेगा.
स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान अगस्त महीने तक बंद रहेंगे. सिनेमा हॉल, स्विमिंग पुल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम 31 अगस्त तक बंद रहेंगे.
गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन्स के तहत अतंरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को सीमित स्तर पर मंज़ूरी दी गई है. राजनीतिक, सामाजिक, स्पोर्ट्स, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समारोहों पर 31 अगस्त तक पाबंदी जारी रहेगी.
केंद्र की मोदी सरकार ने अनलॉक 3 की गाइडलाइन्स तब जारी की है जब भारत में कोरोना से 15 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं. भारत में अभी हर दिन 50 हज़ार के क़रीब नए मामले आ रहे हैं.
कोरोना संकट के बीच चीन के मुद्दे पर अमरीका-ऑस्ट्रेलिया वार्ता
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अमरीका और उसके करीबी सहयोगी देश ऑस्ट्रेलिया के बीच चीन के मुद्दे पर उच्च स्तरीय वार्ता हुई है. दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि नियम-कायदों पर आधारित विश्व व्यवस्था बरकरार रखी जाएगी.
हालांकि ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने ये बात भी जोर देकर कही कि बीजिंग के साथ कैनबेरा के रिश्ते अहम हैं और इसे नुक़सान पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं है.
अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री माइक एस्पर और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्षों के बीच वाशिंगटन में दो दिनों तक ये वार्ता हुई है.
कोरोना महामारी और स्वदेश वापस लौटने पर दो हफ़्तों के क्वारंटीन के नियम के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के नेता इस बातचीत के लिए वाशिंगटन पहुंची थीं.
मंगलवार को एक साझा प्रेस सम्मेलन में माइक पॉम्पियो ने चीन के दबाव के सामने अपने रुख पर बने रहने के लिए ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की.
उन्होंने कहा कि साउथ चाइना सी में क़ानून का शासन फिर से शुरू करने के लिए अमरीका और ऑस्ट्रेलिया साथ मिलकर काम जारी रखेंगे.
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साउथ चाइना सी पर चीन अपना दावा जताता है जबकि इस इलाके उसकी दखलंदाज़ी पर अमरीका और उसके सहयोगी देश विरोध करते हैं.
साउथ चाइना सी के आस-पास के देशों के बीच तनाव की स्थिति है और सामुद्रिक परिवहन की आज़ादी को लेकर चिंता जताई जा रही है.
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मैरीज़ पेन ने कहा कि अमरीका और ऑस्ट्रेलिया 'रूल ऑफ़ लॉ' को लेकर प्रतिबद्ध हैं. इसका उल्लंघन करने वाले देशों को नियंत्रित किया जाएगा. उन्होंने हॉन्ग कॉन्ग में आज़ादी के अधिकार में कटौती के मामले का भी उदाहरण दिया.
उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष एक वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमत हुए हैं जो कोरोना वैक्सीन और महामारी पर सहयोग की संभावना तलाशने और नुक़सानदेह सूचनाओं पर निगरानी रखेगी.
इसी दौरान मैरीज़ पेन ने ये भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया चीन के मुद्दे पर हर बात से सहमत नहीं है और न ही वो हर बात पर अमरीका के साथ है.
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मैरीज़ पेन ने कहा, "चीन के साथ हमारे जो रिश्ते हैं, वो महत्वपूर्ण है. और उन्हें नुक़सान पहुंचाने का हमारा कोई इरादा नहीं है. न तो हमारी मंशा कुछ ऐसा करने की है जो हमारे हितों के ख़िलाफ़ हो. एशिया प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया और अमरीका के साझा हित हैं. लेकिन हम हर बात से सहमत नहीं है. और ये हमारी सौ सालों की दोस्ती, आदरपूर्ण संबंधों का हिस्सा है."
हालांकि मैरीज़ पेन ने इस बात का जिक्र नहीं किया कि अमरीका से ऑस्ट्रेलिया के किन मुद्दों पर असहमति है.
लेकिन उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर फ़ैसले करता है.
"हम चीन के साथ भी उसी तरह निभाते हैं. हमारे मजबूत आर्थिक रिश्ते हैं, दूसरे संबंध हैं और ये दोनों देशों के हितों के अनुरूप काम करता है."
ब्रेकिंग न्यूज़, जो दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर राज करता है कोरोना उसे भी किया तबाह

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कोरोना संकट के बीच अमरीकी डॉलर में बुधवार को जबर्दस्त गिरावट देखी गई. कहा जा रहा है कि अमरीकी डॉलर पिछले दो सालों के अपने सबसे निचले स्तर पर है.
इसके साथ ही अमरीका के सेंट्रल बैंकिंग सिस्टम 'फेडरल रिज़र्व' पर पर गिरावट को रोकने के लिए ब्याज दरों में कमी जैसे ज़रूरी क़दम उठाए जाने का दबाव बढ़ गया है.
हालांकि बाज़ार को उम्मीद है कि सरकार फ़िलहाल शांत रहेगी लेकिन अमरीका में कोरोना संक्रमण के मामले और तनाव का माहौल जिस तरह से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि 'फेडरल रिज़र्व' कोई बड़ा दूरगामी क़दम उठा सकता है.
जापान के सबसे बड़े बैंकों में से एक एमयूएफ़जी बैंक के हेड ऑफ़ रिसर्च डेरेक हालपेन्नी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "इन बातों का मतलब हुआ कि हमें आर्थिक विकास की ज़्यादा निराशाजनक हालात की उम्मीद करनी चाहिए. हमें कुछ हद तक अमरीकी डॉलर पर भी ध्यान देना चाहिए."

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दूसरी मुद्राओं की तुलना में अमरीकी डॉलर में इस बुधवार को 0.4 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई. जून, 2018 के बाद से ये अमरीकी डॉलर का सबसे निचला स्तर है.
'फेडरल रिज़र्व' की आख़िरी मीटिंग के बाद से अमरीकी डॉलर तीन फ़ीसदी कमज़ोर हुआ है. अमरीकी उपभोक्ताओं का भरोसा जुलाई में उम्मीद से ज़्यादा कमज़ोर हुआ है.
इससे संकेत मिलता है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण लोग खर्च कम कर रहे हैं.
नोमुरा सिक्योरिटी के मार्केट एक्सपर्ट युजिरो गोटो कहते हैं, "संक्रमण की दूसरी लहर की चिंताओं को देखते हुए बाज़ार को लगता है कि फेडरल रिज़र्व ब्याज दरों में कमी का फ़ैसला करेगा."
ब्रेकिंग न्यूज़, पिछले 15 सालों में पहली बार मारुति को घाटा

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देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुज़ुकी को पिछले पंद्रह सालों में पहली बार तिमाही में घाटा हुआ है. कोरोना लॉकडाउन के कारण कंपनी के उत्पादन और बिक्री पर बुरा असर पड़ा था.
30 जून को ख़त्म होने वाली तिमाही में कंपनी को 2.49 अरब रुपए का नुक़सान हुआ है. पिछले साल कंपनी ने इसी अवधि के दौरान 14.36 अरब रुपए का मुनाफ़ा कमाया था.
वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री में पिछले साल की तुलना 80 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. इस साल की पहली तिमाही में कंपनी महज 76,599 यूनिट्स गाड़ियां ही बेच पाई है.
हालांकि कंपनी का कहना है कि उसने लॉकडाउन के कारण 22 मार्च के उत्पादन रोक दिया था, इसलिए बिक्री के आंकड़ें तुलना के लिहाज से ठीक नहीं हैं.
मध्य प्रदेशः कोरोना के इलाज के दौरान खुदकुशी

मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले में एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति के कथित तौर पर खुदकुशी कर लेने का मामला सामने आया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ कथित आत्महत्या का ये मामला कोविड सेंटर के भीतर हुआ है.
छतरपुर के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने पीटीआई को बताया, "मंगलवार रात शहर के महोबा रोड स्थित कोविड केयर सेंटर में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर छत के पंखे से खुद को फांसी लगा ली."
उन्होंने बताया कि दो दिनों पहले मृतक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी और उसे कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया था. पुलिस का कहना है कि वो इस मामले की जांच कर रहे हैं और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
इस बीच मृतक के परिवारवालों ने समाचार एजेंसी को बताया कि वो नर्वस था और परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठाया. परिवारवालों का कहना है कि मरने से पहले उसने घर फोन किया था और बताया था कि गले में इन्फेक्शन के कारण वो कुछ खा नहीं पा रहा है.
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अमरीका में कोरोना के मामले तेज़ी से क्यों बढ़े

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दुनियाभर के मीडिया में इन दिनों जो ख़बरें छप रही हैं, उनमें दो शब्द ज़रूर होते हैं. पहला कोरोना और दूसरा अमरीका.
इसकी वजह ये है कि अमरीका में कोरोना इंफेक्शन का ग्राफ मई-जून में नीचे जाने के बाद, जुलाई आने से पहले दोबारा चढ़ने लगा.
और फिर वो दिन भी आया जब 24 घंटे के भीतर कोरोना इंफेक्शन के 55 हज़ार से ज्यादा नए मामले सामने आए.
अब तस्वीर ये है कि पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण के जितने मामले हैं, उनमें से एक चौथाई अमरीका में हैं.
अमरीका में कोरोना इंफेक्शन के तेज़ी से बढ़ते मामलों ने कई सवालों को जन्म दिया है.
अमरीका में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह आख़िर क्या है?
क्या ज्यादा टेस्ट होने की वजह से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं, या कहीं ऐसा तो नहीं कि अमरीका में कोरोना वायरस, इंफेक्शन के दूसरे दौर में पहुंच गया है ?
महाराष्ट्रः पुलिस के 236 और जवान हुए कोरोना संक्रमित
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महाराष्ट्र पुलिस में कोरोना वायरस से संक्रमित जवानों की संख्या बढ़कर 8958 हो गई है.
पिछले 24 घंटे में पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने के 236 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं. इतना ही नहीं, एक पुलिस वाले की जान भी गई है.
राज्य में कोरोना से संक्रमित हुए कुल जवानों में 6952 पुलिसकर्मी ठीक भी हुए हैं.
पुलिसकर्मियों में सक्रिय मामलों की संख्या फिलहाल 1898 है.
हॉन्ग कॉन्ग में फैल सकती है बड़े पैमाने पर महामारी, सरकार ने जताई चिंता

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कोरोना वायरस के मामलों में हो रही तेज़ वृद्धि को लेकर हॉन्ग कॉन्ग की नेता कैरी लैम ने चेतावनी दी है कि शहर का हॉस्पिटल सिस्टम चरमरा सकता है.
उन्होंने लोगों से घरों के अंदर ही रहने की अपील की और कहा कि शहर में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस फैलने वाला है, जिसकी वजह से अस्पतालों में जगह नहीं बचेगी और इससे जानें दांव पर लगेंगी. इस बीच हॉन्ग कॉन्ग में बुधवार से नए कड़े प्रतिबंध भी लागू कर दिए गए हैं.
इस बात को एक महीने भी नहीं हुआ है जब हर रोज़ 10 से भी कम मामले आ रहे थे, लेकिन अब हर रोज़ 100 से ज़्यादा मामले आ रहे हैं.
कोरोना वायरस जब शुरू में फैला था तो चीन से लोगों का हॉन्ग कॉन्ग में आना-जाना कम कर दिया गया था, ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ का तरीक़ा अपनाया गया था और दूसरे प्रतिबंध लगा दिए गए थे. यही वजह है कि इस साल की शुरुआत में हॉन्ग कॉन्ग में हफ़्तों तक एक भी मामला नहीं आया था. लेकिन जब ज़िंदगी सामान्य होने लगी तो मामले बढ़ने शुरू हुए.
दिल्ली के होटलों को कोरोना अस्पतालों से अलग किया गया - केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली के कुछ अस्पतालों को कोरोना महामारी के दौरान अतिरिक्त बेडों की ज़रूरत को देखते हुए अस्पतालों के साथ जोड़ दिया गया था.
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से होटलों मे ये बेड खाली पड़े हैं जिसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने अब इन होटलों को अस्पतालों से अलग कर दिया है.
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अमरीका में मई के बाद पहली बार फिर बढ़े मामले

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अमरीका के छह दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड नए मामले दर्ज किए गए. वहीं देश भर में इस बीमारी से क़रीब 1600 मौतें हुईं. मई के बाद एक दिन में ये सबसे ज़्यादा वृद्धि है.
आरकनसो, कैलिफोर्निया, फ्लोरिडा, मोंटाना, ओरेगन और टेक्सस राज्य में संक्रमण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई. टेक्सस में भी कैलिफोर्निया और न्यू यॉर्क की तरह मामलों की संख्या चार लाख के पार हो गई है.
वायरस से निपटने के अपने तरीक़ों का बचाव करते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमरीका के ज़्यादातर हिस्से वायरस-मुक्त रहे. जबकि संघीय आकड़े बताते हैं सिर्फ एक राज्य, वरमोंट में स्थिति ठीक है. ट्रंप ने यह भी कहा कि शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ, एंथनी फाउची उनसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं.
भारत में सक्रिय मामले पांच लाख के पार

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भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 48,513 नए मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि 768 लोगों की मौत हो गई है.
वहीं देश में सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या पांच लाख के पार चली गई है यानी इस वक़्त इस बीमारी से 5,09,447 लोग जूझ रहे हैं.
जबकि 9 लाख 88 हज़ार 30 लोग कोरोना से लड़ाई की जंग जीत चुके हैं यानी ठीक हो चुके हैं.
इसी के साथ देश में अबतक संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 15.31 लाख हो गई है. देश में इस बीमारी से कुल 34,193 लोगों की मौत हो चुकी है.
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नए कैदियों का एंटीजन टेस्ट अनिवार्य

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उत्तर प्रदेश में गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेकेट्री अवनीश अवस्थी ने बताया कि जिन ज़िलों में अभी तक अस्थाई जेल नहीं है, वहां अस्थाई जेल बनाई जाएगी, ताकि नए कैदियों को वहां रखा जा सके.
अस्थाई जेलों में भेजने से पहले नए कैदियों का एंटीजन टेस्ट करना होगा. जो कोरोना संक्रमित निकलेंगे उन्हें एल-1 अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया जाएगा.
इसके अलावा जिन कैदियों की रिपोर्ट नेगेटिव आएगी उन्हें अस्थाई जेल में ही अलग से 14 दिन के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा.
अमरीकी कंपनी मॉडर्ना को बंदरों पर टीके के प्रयोग में मिली कामयाबी

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अमरीकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना ने कहा है कि कोरोना वायरस के उनके एक टीके के बंदरों पर प्रयोग के दौरान मिले नतीजे अच्छे रहे हैं.
मॉडर्ना ने कहा कि ये टीका फेफड़ों और नाक के संक्रमण से बचाता है और फेफड़ों की बीमारी को रोकता है.
सोमवार को, इस कंपनी ने इंसानों पर भी टेस्ट शुरू किया जिसमें 30 हज़ार स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं.
कंपनी को अमरीका सरकार ने एक विशेष कार्यक्रम के तहत एक अरब डॉलर का फ़ंड दिया है.
ऑपरेशन वॉर्प स्पीड नाम के इस कार्यक्रम के तहत कोरोना वायरस का टीका बनाने के लिए किए जा रहे कई प्रयासों को पैसे दिए जा रहे हैं.
हॉन्ग कॉन्ग में आज से कड़े नियम

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कोरोना वायरस के नए मामलों में तेज़ बढ़ोत्तरी के बाद हॉन्ग कॉन्ग में अबतक के सबसे कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं. बुधवार से रेस्त्रां में खाने पर प्रतिबंध होगा, अलग घरों के सिर्फ दो लोग आपस में मिल सकते हैं. सार्वजनिक जगहों पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा.
शुरू में कोविड-19 पर कामयाबी हासिल करने वाले हॉन्ग कॉन्ग में अब लगातार हर दिन 100 से ज़्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. इसे देखते हुए इस महीने प्रतिबंध फिर से कड़े कर दिए गए हैं. बार, जिम और ब्यूटी पार्लर पहले ही बंद कर दिए गए थे. हॉन्ग कॉन्ग में गुरुवार को संक्रमण के और 106 मामलों की पुष्टि हुई. 23वीं मौत हुई. वहीं सोमवार को रिकॉर्ड 145 मामले दर्ज किए गए थे.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़, सेंटर फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन में संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख डॉ चुआंग शुक-क्वान ने कहा, “फिलहाल ढील की कोई गुंजाइश नहीं. हमें अभी भी ट्रेंड पर नज़र रखनी होगी.अभी तक हमने ख़तरनाक बढ़ोत्तरी तो नहीं देखी है. लेकिन आंकड़े चिंतित करने वाले हैं.”
जिस शख़्स की हाल में मौत हुई है वो एक केयर होम में रहते थे, जहां कम से कम 45 संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं. स्थानीय वैज्ञानिकों ने हॉन्ग कॉन्ग में फैल रहे वायरस के प्रकार को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि ये बहुत नुक़सान पहुंचा सकता है. कहा जा रहा है कि इसमें कम से कम 22 दिन से म्यूटेशन नहीं हुआ है. इसका मतलब ये हो सकता है कि इसने इंसानी शरीर के अनुकूलन खुद को ढाल लिया है और आसानी से ट्रांस्मिट हो रहा है.
ताज़ा नियम लागू करने से पहले ख़बरे आई थीं कि हॉन्ग कॉन्ग के संसदीय चुनाव एक साल के लिए टाले जा सकते हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सरकार ने फ़ैसला ले लिया है, जिसकी आधिकारिक घोषणा बाक़ी है.

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इमेज कैप्शन, रेस्त्रां में बैठकर खाने पर रोक रहेगी. 80 लाख लोगों ने पीएफ़ से पैसा निकाले, आप पर क्या होगा असर: नज़रिया

पिछले साल डेढ़ करोड़ लोगों ने पीएफ़ से पैसे निकाले थे. कोरोना काल में तीन महीनों में ही एक करोड़ लोग इसके लिए आवेदन भेज चुके हैं. पढ़िए क्या है इसका मतलब?
ब्रेकिंग न्यूज़, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को कारगर बताया

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए हॉइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल के समर्थन किया है.
उन्होंने कहा है कि मलेरिया की दवा कोविड-19 के इलाज में केवल इसलिए ख़ारिज किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने इसे सजेस्ट किया है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, "जब मैं कोई चीज़ रिकमेंड करता हूं तो वे इसे ख़ारिज करना पसंद करते हैं."
हालांकि इस दवा के कोरोना के इलाज में कारगर होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक इस दवा के इस्तेमाल से हृदय संबंधी मुश्किलें बढ़ जाती हैं. पिछले ही महीने अमरीकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने कोरोना संक्रमण के इलाज में इस दवा के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के कोरोना के इलाज में कारगर होने के अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं. उनके इस बयान से पहले ट्विटर ने उनके बड़े बेटे पर इस दवा की प्रशंसा वाले एक वीडियो पोस्ट करने के बाद 12 घंटे के लिए पाबंदी लगाई है.
कोरोना वायरस के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले मार्च में कारगर बताया था. 73 साल के डोनाल्ड ट्रंप ने इसके बाद मई में कहा कि उन्होंने इस दवा से अपना इलाज किया.
उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि 14 दिनों तक इस दवा का सेवन करने के बाद भी उन्हें कोई साइड इफेक्ट महसूस नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, "मैं केवल अपनी बात रख सकता हूं, काफ़ी पढ़ने और जानकारी हासिल करने के बाद मुझे लगता है कि शुरुआती स्टेज में यह कारगर दवा है. मेरे ख्याल से इसके इस्तेमाल से आपका कोई नुकसान नहीं होता है, वरना यह इतनी लोकप्रिय नहीं होती."
टूरिज़्म इंडस्ट्री को कोरोना के चलते जनवरी से मई तक कितना नुकसान

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कोरोना संक्रमण को लेकर दुनिया भर की सुर्ख़ियां इस तरह से रहीं-
- दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 16 लाख 54 हज़ार से ज़्यादा हो चुके हैं. जबकि अब तक छह लाख 55 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
- अमरीका में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 43 लाख नौ हज़ार से ज़्यादा, जबकि एक लाख 48 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
- ब्राज़ील में 24 लाख 42 हज़ार से ज़्यादा संक्रमण के मामले हैं जबकि 86 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. तीसरे पायदान पर भारत है जहां कोरोना संक्रमण के मामले 15 लाख के पार हो चुका है, जबकि भारत में 34 हज़ार के क़रीब लोगों की मौत हो चुकी है.
- कोरोना संक्रमण के चलते दुनिया भर में टूरिज़्म इंडस्ट्री को जनवरी से मई के दौरान क़रीब 320 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. यह आकलन यूएन वर्ल्ड टूरिज़्म ऑर्गेनाइजेशन (यूएनडब्ल्यूटीओ) का है. इस आकलन के मुताबिक यह नुकसान 2009 के ग्लोबल मंदी के दौरान हुए नुकसान से क़रीब तीन गुना ज़्यादा है.
- वहीं दुनिया भर की एयरलाइंस कंपनियों का मानना है कि एविएशन इंडस्ट्री में रिकवरी 2024 से पहले नहीं हो पाएगी. पहले माना जा रहा था कि 2023 तक रिकवरी हो जाएगी. लेकिन अब कहा जा रहा है कि आकलन से एक साल ज़्यादा का वक़्त लगेगा.
- जर्मनी के पब्लिक हेल्थ एजेंसी के प्रमुख ने देश में कोरोना वायरस के तेज़ी बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता जताई है. रार्बट कोच इंस्टीट्यूट (आरकेआई) के प्रमुख लोथार वेइलर ने कहा है कि हमारे यहां कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
