तेल ने बिगाड़ा सऊदी का खेल, दूसरी तिमाही में 29.12 अरब डॉलर का घाटा

दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब में दूसरी तिमाही में तेल की बिक्री से आने वाले राजस्व में 45 फ़ीसद की कमी देखी गई.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं और कैसे कर सकते हैं बचाव

  2. कोरोना वायरस को लेकर बीबीसी हिंदी का यह विशेष पन्ना यहीं ख़त्म हो रहा है. लेकिन कोरोना संक्रमण को लेकर दुनिया भर से अपडेट्स और उसके विश्लेषणों का सिलसिला बीबीसी हिंदी पर जारी रहेगा. बुधवार के तमाम अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक करें.

  3. कोरोना संक्रमण को लेकर मंगलवार की सुर्ख़ियां

    कोरोना

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    कोरोना संक्रमण को लेकर दुनिया भर की सुर्ख़ियां इस तरह से रहीं-

    • दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 16 लाख 54 हज़ार से ज़्यादा हो चुके हैं. जबकि अब तक छह लाख 55 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
    • अमरीका में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 43 लाख नौ हज़ार से ज़्यादा, जबकि एक लाख 48 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
    • ब्राज़ील में 24 लाख 42 हज़ार से ज़्यादा संक्रमण के मामले हैं जबकि 86 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. तीसरे पायदान पर भारत है जहां कोरोना संक्रमण के मामले 15 लाख के पार हो चुका है, जबकि भारत में 34 हज़ार के क़रीब लोगों की मौत हो चुकी है.
    • कोरोना संक्रमण के चलते दुनिया भर में टूरिज़्म इंडस्ट्री को जनवरी से मई के दौरान क़रीब 320 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. यह आकलन यूएन वर्ल्ड टूरिज़्म ऑर्गेनाइजेशन (यूएनडब्ल्यूटीओ) का है. इस आकलन के मुताबिक यह नुकसान 2009 के ग्लोबल मंदी के दौरान हुए नुकसान से क़रीब तीन गुना ज़्यादा है.
    • वहीं दुनिया भर की एयरलाइंस कंपनियों का मानना है कि एविएशन इंडस्ट्री में रिकवरी 2024 से पहले नहीं हो पाएगी. पहले माना जा रहा था कि 2023 तक रिकवरी हो जाएगी. लेकिन अब कहा जा रहा है कि आकलन से एक साल ज़्यादा का वक़्त लगेगा.
    • जर्मनी के पब्लिक हेल्थ एजेंसी के प्रमुख ने देश में कोरोना वायरस के तेज़ी बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता जताई है. रार्बट कोच इंस्टीट्यूट (आरकेआई) के प्रमुख लोथार वेइलर ने कहा है कि हमारे यहां कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
  4. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे पर लगाई 12 घंटे की पाबंदी

    डोनाल्ड ट्रंप जूनियर

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    ट्विटर ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे के ट्वीट करने पर 12 घंटे की पाबंदी लगाई है.

    यह पाबंदी उन पर एक वीडियो पोस्ट करने के चलते लगाई गई है जिसमें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के फ़ायदे बताए गए हैं.

    अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कुछ लोगों ने मलेरिया की इस दवा को कोरोना वायरस में फ़ायदेमंद बताया है, हालांकि मेडिकल स्टडी में इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है.

    ट्विटर के मुताबिक ट्रंप जूनियर का वीडियो कोविड-19 को लेकर ग़लत सूचनाओं के नियम का उल्लंघन है.

    ट्विटर ने बीबीसी से कहा है कि उन लोगों ने अपनी नीति के तहत कार्रवाई की है.

    हालांकि इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप जूनियर अपने एकाउंट को ब्राउज कर पाएंगे और सीधे मैसेज भेज सकते हैं.

  5. दिल्ली में कोरोना को लेकर क्या है अपडेट

    दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली में 1056 नए मामले सामने आए हैं जबकि 28 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में कुल मामलों की संख्या एक लाख 32 हज़ार से ज़्यादा हो गई है हालांकि फ़िलहाल 10,887 एक्टिव मामले हैं. दिल्ली में अब तक कोरोना से 3,881 लोगों की मौत हो चुकी है.

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  6. ब्रेकिंग न्यूज़, तेल ने बिगाड़ा सऊदी का खेल, दूसरी तिमाही में 29.12 अरब डॉलर का घाटा

    मोहम्मद अल-जादान

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    इमेज कैप्शन, सऊदी के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जादान

    सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में सऊदी अरब को 29.12 अरब डॉलर का घाटा हुआ है क्योंकि तेल की गिरती क़ीमतों ने राजस्व को प्रभावित किया है.

    कोरोना वायरस की महामारी के कारण दुनिया भर में तेल की मांग कम हुई और इससे क़ीमतों में भारी गिरावट आई है. जिन देशों की अर्थव्यवस्था तेल पर निर्भर है वो बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं.

    दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब में दूसरी तिमाही में तेल की बिक्री से आने वाले राजस्व में 45 फ़ीसद की कमी देखी गई. ये आमदनी घटकर 25.5 अरब डॉलर हो गई जबकि कुल राजस्व में 49 फ़ीसद की कमी देखी गई जो कि घटकर 36 अरब डॉलर हो गई. दूसरी तिमाही में कुल ख़र्च 17 फ़ीसद कम हुआ जो कि घटकर 65 अरब डॉलर हो गया.

    दूसरी तरफ़ अबु धाबी सरकार ने फ़ैसला किया है कि वो संयुक्त अरब अमीरात के 1500 नागरिकों के मॉर्टगेज लोन को ख़त्म करने और 476 सेवानिवृत्त लोगों को मॉर्टगेज रक़म देने से छू ट देने के लिए 75 करोड़ 70 लाख डॉलर ख़र्च करेगी.

    अबु-धाबी की सरकार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. अबु-धाबी के युवराज शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद अल-नहयान ने मुसलमानों के पर्व ईद-उल-अज़हा के अवसर पर इन छूटों की घोषणा की. मंगलवार से ही ईद-उल-अज़हा की चार दिनों की छुट्टी घोषित की गई है.

  7. कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर की अब तक की बड़ी बातें

    कोरोना

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    स्पेन की यात्रा नहीं करने की सलाह देने वालों की देशों की सूची में ब्रिटेन के साथ अब जर्मनी और बेल्जियम भी शामिल हो गया है.

    लेकिन ब्रिटेन के उलट जर्मनी और बेल्जियम ने अपने नागरिकों को स्पेन के कुछ हिस्सों की यात्रा न करने की सलाह दी है.

    जर्मनी ने कहा है कि एरागोन, कैटेलोनिया और नवारा की यात्रा करने से फ़िलहाल उसके लोगों को बचना चाहिए.

    बेल्जियम ने अपनी वॉर्निंग में कहा है कि एरागोन और कैटेलोनिया से लौटने वाले लोगों पर अतिरिक्त निगरानी रखे जाने की ज़रूरत है.

    स्पेन की यात्रा से लौटने वाले लोगों को दो हफ़्ते क्वारंटीन में रखने के ब्रिटेन के फ़ैसले को स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने ग़ैरवाजिब बताया है.

    उन्होंने कहा कि स्पेन की सरकार इस सिलसिले में ब्रिटेन से बात कर रही है ताकि ब्रिटेन को फ़ैसले पर पुनर्विचार के लिए मनाया जा सके.

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    जर्मनी में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता

    जर्मनी के रॉबर्ट कोच इंस्टिट्यूट के प्रमुख लोथार वीलर ने कहा है, "कोरोना संक्रमण के मामले हाल में जिस तरह से बढ़े हैं, वो हमारे लिए चिंता का बहुत बड़ा कारण है."

    उन्होंने कहा, "हमें अभी तक ये मालूम नहीं है कि ये संक्रमण की दूसरी लहर है या नहीं लेकिन ऐसा हो भी सकती है."

    'एक बड़ी लहर'

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रवक्ता डॉक्टर मार्गरेट हैरिस ने कहा है कि दुनिया अभी भी कोरोना संक्रमण के पहली 'बड़ी लहर' के बीच से ही गुजर रही है. ये 'एक बड़ी लहर' होगी.

    उन्होंने उत्तरी गोलार्ध में गर्मियों के दौरान संक्रमण के रोकथाम में किसी भी तरह की कोताही को लेकर चेताया है.

    डॉक्टर मार्गरेट हैरिस ने कहा है कि कोरोना वायरस इन्फ्लुएंज़ा की तरह नहीं है जिनका प्रकोप मौसमी किस्म का होता है.

    उन्होंने कहा, "लोग अभी भी ये सोच रहे हैं कि ये मौसमी बीमारी है. हमें ये बात अपने दिमाग से निकाल देनी चाहिए. कोरोना एक नया वायरस है और ये अलग तरह से बर्ताव कर रहा है."

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    ईरान में संक्रमण से मरने वालों की संख्या में रिकॉर्ड उछाल

    कोरोना महामारी के कारण ईरान में मरने वालों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में पिछले 24 घंटे में 235 लोगों की मौत हुई है.

    रोज़ दर्ज किए जाने वाले मौत के मामलों की संख्या के लिहाज ये एक रिकॉर्ड ही है. मध्य पूर्व के देशों में ईरान कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है.

    यहां अब तक 16,147 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है.

    दक्षिण एशिया में कोरोना संक्रमण के नए मामलों का बढ़ना जारी

    फिलिपींस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में कोरोना संक्रमण के 1678 नए मामलों की पुष्टि हुई है. पिछले 14 दिनों से फिलिपींस में हर दिन एक हज़ार से ज़्यादा नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं.

    उधर, हॉन्ग कॉन्ग में भी 106 नए मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें 98 मामले स्थानीय ही हैं. पिछले सात दिनों से हॉन्ग कॉन्ग में संक्रमण के मामले तीन अंकों में रिपोर्ट किए जा रहे हैं. दूसरी तरफृ, इंडोनेशिया में कोरोना संक्रमण ते 1748 नए मामलों की पुष्टि हुई है.

    इसके साथ ही इंडोनेशिया में कोरोना संक्रमण के 102,051 मामले अब तक दर्ज किए जा चुके हैं. उधर, ताइवान भी कोरोना संक्रमण के एक स्थानीय मामले की जांच कर रहा है. पिछले एक महीने से ज़्यादा समय से उसके यहां कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है.

    वियतनाम ने डानांग शहर में 15 दिनों के लिए हवाई सेवाएं बंद कर दी हैं. यहां कोरोना संक्रमण के नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे थे.

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    चीनः विगर मुसलमानों के नज़रबंदी शिविरों में कोरोना का ख़तरा बढ़ा

    चीन के शिनजियांग इलाके में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र इस बात की आशंकाएं बढ़ गई हैं महामारी उन गोपनीय नज़रबंदी शिविरों तक पहुंच सकती है, जहां माना जाता है कि चीन ने लाखों अल्पसंख्यक वीगर मुसलमानों को हिरासत में रखा है.

    चीन के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण के 68 मामले रिपोर्ट होने की पुष्टि की है. इनमें 57 मामले शिनजियांग के पश्चिमी इलाके के हैं. इस इलाके में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है.

    इस क्षेत्र में चीन ने बड़े पैमाने पर वीगर और तुर्किक मुसलमानों को हिरासत में रखा हुआ है. इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी होती रही है.

    बोलसोनारोः 'मुझे कोई समस्या नहीं है'

    ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने सार्वजनिक तौर पर अपना मास्क हटा लिया और ब्रासीलिया में अपने समर्थकों का अभिवादन किया. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने कहा था कि वे अब कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गए हैं.

    उनका कहना है कि संक्रमण से उनके स्वास्थ्य पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ा. दक्षिणपंथी राजनीतिक विचारों वाले जायर बोलसोनारो इस महीने की शुरुआत में कोरोना संक्रमित हो गए थे और उन्होंने अपने घर में क्वारंटीन में वक्त गुजारा.

    लेकिन शनिवार को हुए टेस्ट में उनका रिजल्ट निगेटिव आया था. सोमवार को उन्होंने कहा, "मुझे कोई दिक्कत नहीं है."

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, मौसम बदलने से कोरोना वायरस से राहत नहीं मिलने वाली: WHO

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि इस गर्मी में उत्तरी गोलार्ध में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लापरवाही ना बरतें. उनके अनुसार कोरोना वायरस एंफ़्लुएंज़ा जैसे नहीं करता है जो कि मौसम के चलन के अनुसार व्यवहार करता है.

    जिनेवा में एक वर्चुअल ब्रीफ़िंग के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन की मार्ग्रेट हैरिस ने कहा, “लोग अभी भी मौसम के बारे में सोच रहे हैं. लेकिन हम सबको समझने की ज़रूरत है कि यह एक नया वायरस है, यह अलग तरह से व्यवहार कर रहा है.”

    हैरिस ने अधिक संख्या में एक जगह जमा होने के कारण फैल रहे वायरस की रफ़्तार को धीमा करने के लिए किए जा रहे उपायों पर नज़र रखने का आग्रह किया.

    उन्होंने ये भी चेताया कि इसे वायरस की एक तरंग की तरह ना समझा जाए, ‘’यह वायरस एक बड़ा वेव है. यह ऊपर भी जाएगा और फिर थोड़ा नीचे भी आएगा. सबसे बेहतर यही है कि इसे ख़त्म कर दिया जाए और ऐसा कर दिया जाए कि यह वायरस आपके पैरों पर आ गिरे.’’

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  9. चीन, पाकिस्तान, नेपाल और अफ़ग़ानिस्तान में क्या पक रही है खिचड़ी

  10. कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंजेक्शन ख़ुद लेने वाला चीनी वैज्ञानिक

    गाओ फू

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    चीन के सेंटर फ़ॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के प्रमुख गाओ फू ने बताया है कि उन्होंने कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंजेक्शन ख़ुद भी लिया है.

    गाओ फू का कहना है कि उनका इरादा इस वैक्सीन को मंज़ूरी मिलने के बाद लोगों को इसके इस्तेमाल के लिए उत्साहित करने का था.

    वे चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा और वैज्ञानिक जर्नल पब्लिश करने वाली अमरीकी पब्लिशर सेल प्रेस की ओर से आयोजित एक वेबीनार में हिस्सा ले रहे थे.

    उन्होंने कहा, "मैंने ख़ुद भी एक वैक्सीन का इंजेक्शन लिया है. मुझे उम्मीद है कि ये काम करेगी."

    चीन में सरकार की मंजूरी मिलने से पहले ही एक सरकारी कंपनी ने मार्च के महीने में अपने कर्मचारियों को प्रयोग के तौर पर इसके इंजेक्शन लगाए थे.

    इसे लेकर विशेषज्ञों ने चिंताएं भी ज़ाहिर की थीं. हालांकि गाओ फू ने ये नहीं बताया कि उन्होंने कब और कैसे इस वैक्सीन की खुराक ली.

    कोरोना वैक्सीन

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    फ़िलहाल ये भी स्पष्ट नहीं है कि क्या गाओ सरकार की मंज़ूरी से हो रहे ह्यूमन ट्रायल में ख़ुद शरीक हुए थे और क्या उन्होंने इसका इंजेक्शन इसी ट्रायल में लिया था?

    गाओ फू के दावे ने लोगों का ध्यान कोरोना वैक्सीन विकसित करने के लिए अमरीका और ब्रिटेन के साथ चल रही चीन की प्रतिस्पर्धा की ओर खींचा है.

    चीन, ब्रिटेन और अमरीका तीनों ही देशों की कंपनियां कोरोना वैक्सीन पहले ईजाद करने के लिए काम कर रही हैं.

    इसका राजनीतिक महत्व तो है ही साथ ही जो ये पहले कर पाएगा, इस कामयाबी को उसकी राजनीतिक जीत के तौर पर देखा जाएगा.

    दुनिया भर में तकरीबन दो दर्जन कोविड वैक्सीन डिवेलपमेंट प्रोजेक्ट ह्यूमन ट्रायल के स्तर पर हैं और इनमें आठ केवल चीन के हैं. ये संख्या किसी भी देश से ज़्यादा है.

    गाओ का कहना है कि उन्होंने वैक्सीन पर लोगों का भरोसा मजबूत करने के लिए ये इंजेक्शन लिए थे.

  11. कोरोना वायरस के कारण पूर्व भारतीय कप्तान को करनी पड़ रही मजदूरी

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस के चलते पूर्व भारतीय कप्तान को करनी पड़ रही मजदूरी

    भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मजदूरी करने के लिए मजबूर हैं.

    राजेंद्र धामी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मजदूरी कर रहे हैं.

    कोरोना वायरस और बेरोज़गारी के चलते उन्हें मनरेगा के तहत मजदूरी करनी पड़ रही है.

    उनकी सरकार से मांग से कि उन्हें उचित रोजगार मुहैया करवाए.

  12. कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड क्यों नही मान रही मोदी सरकार?

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड क्यों नही मान रही मोदी सरकार?

    जून की शुरुआत में 45 साल के राजेश कुमार को खांसी आनी शुरू हो गई. चंद दिनों के भीतर ही उन्हें तेज़ बुखार हो गया.

    उन्होंने कोरोना वायरस का टेस्ट नहीं कराया. इसके बजाय वे पाँच दिनों तक बुखार की दवाई लेते रहे. लेकिन, बुखार बना रहा और जल्द ही उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ़ होने लगी.

    उनके परिवार ने उन्हें टेस्ट कराने के लिए कहा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. उन्हें लग रहा था कि उन्हें किसी क़ीमत पर कोरोना नहीं हो सकता क्योंकि दिल्ली में अपने घर से वे शायद ही बाहर निकले हों.

    साथ ही उन्होंने किसी ऐसे शख्स से मुलाक़ात भी नहीं की थी जिसे वायरस का संक्रमण हुआ हो या जिसके संक्रमित होने का शक रहा हो.

    लक्षण दिखाई देने के आठ दिन बाद उनकी हालत बिगड़ गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया. टेस्ट में वे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए.

    उन्होंने कहा, "मैं बच गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि अगर मुझे अस्पताल लाने में और देरी की गई होती तो ये चूक मेरी ज़िंदगी पर भारी पड़ सकती थी."

  13. कोरोना वायरस वैक्सीन से जुड़े अलग-अलग दावों की हक़ीक़त

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस वैक्सीन से जुड़े अलग-अलग दावों की हक़ीक़त

    ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल को लेकर भले ही बड़ी कामयाबी मिली हो लेकिन सोशल मीडिया पर इसके बारे में कई ग़लत दावे किए जा रहे हैं.

    वैक्सीन के सुरक्षित होने को लेकर गुमराह करने वाली कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर की जा रही हैं.

    हाल के सालों में टीकाकरण के विरोध में चलाए जा रहे ऑनलाइन अभियान ने जोर पकड़ लिया है और अब इसका निशाना कोरोना वायरस के वैक्सीन के दावों पर केंद्रित हो चुका है.

    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब चल रहा है जो कथित तौर पर ऑस्टिओपैथ कैरी मडेज का बताया जा रहा है. इसमें कोरोना वायरस के वैक्सीन से जुड़े ग़लत दावे किए गए हैं.

    इस वीडियो में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस का वैक्सीन डीएनए में बदलाव ला देगा. वीडियो में कहा गया है, "कोविड-19 का वैक्सीन इस तरह से बनाया जा रहा है जो हमें आनुवांशिक तौर पर बदल देगा."

    वीडियो में वो बिना किसी प्रमाण के यह भी दावा करती हैं कि "वैक्सीन हमें किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंटरफेस से भी जोड़ देगा."

  14. कोरोना वैक्सीनः कहाँ तक पहुँची है ज़िंदगी बचाने की जंग

    कोरोना वैक्सीन

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    क्या आपको मालूम है कि दुनिया में इससे पहले सबसे तेज़ वैक्सीन किस बीमारी के लिए खोजी गई थी. टाइम मैगज़ीन के मुताबिक़ वो बीमारी मम्प्स थी, जिसकी वैक्सीन तैयार करने में वैज्ञानिकों को चार साल का वक़्त लगा था.

    लेकिन कोरोना महामारी जिस तेज़ी से फैल रही है और जिस रफ़्तार से लोगों की जान ले रही है, उसे देखते हुए इसकी वैक्सीन विकसित करने का काम ऐतिहासिक रूप से तेज़ गति से चल रहा है. इस समय कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ दुनिया भर में वैक्सीन विकसित की लगभग 23 परियोजनाओं पर काम चल रहा है.

    लेकिन इनमें से कुछ ही ट्रायल के तीसरे और अंतिम चरण में पहुँच पाई हैं और अभी तक किसी भी वैक्सीन के पूरी तरह से सफल होने का इंतज़ार ही किया जा रहा है. इनमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, मॉडर्ना फार्मास्युटिकल्स, चीनी दवा कंपनी सिनोवैक बॉयोटेक के वैक्सीन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स अहम हैं.

    आइए हम जानते हैं कि इनमें से कौन सी वैक्सीन फ़िलहाल किस चरण में हैं.

  15. कुवैत में भारतीयों के लिए राहत, नौकरी वाले क़ानून में छूट की घोषणा

    कुवैत

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    कुवैत की सरकार ने एक क़ानून का मसौदा तैयार किया है जिसमें विदेशी लोगों को देश में काम करने की इजाज़त दी जाएगी.

    कुवैत अपने नागरिकों और बाहर से आए लोगों के बीच रोज़गार का संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.

    अंग्रेज़ी अख़बार 'अरब न्यूज़' के अनुसार, नए क़ानून के तहत घरेलू कामगारों, गल्फ़ कॉर्पोरेशन काउंसिल के सदस्य देशों के नागरिकों, सरकारी ठेकों में काम करने वाले लोगों, राजनयिकों और कुवैती नागरिकों के रिश्तेदारों को कोटा सिस्टम से बाहर रखा जाएगा.

    स्थानीय अख़बार कुवैत टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क़ानून का मक़सद दूसरे देशों के लोगों को कुवैत में नौकरी हासिल करने से रोकना है.

    हालांकि नियोक्ताओं को एक निश्चित संख्या में विदेशी लोगों को नौकरी देने की छूट दी गई है.

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तानः कोरोना को लेकर जानवरों की क़ुर्बानी पर मुसलमानों से यह अपील

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान में सरकार ने लोगों से बकरीद में दी जाने वाली क़ुर्बानी के लिए जानवर ऑनलाइन ख़रीदने की अपील की है.

    मवेशी बाज़ार जाने वाले लोगों के लिए सरकार ने कम से कम मास्क पहनने की अपील की है. सरकार को डर है कि बकरीद के मौक़े पर बाज़ार में गहमागहमी बढ़ने से कोरोना संक्रमण के कम हो रहे मामले फिर बढ़ सकते हैं.

    इस साल पाकिस्तान की सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के जो नियम लगाए हैं, उनके तहत बाज़ारों को आधे दिन बंद रखने का फ़ैसला किया गया था.

    इससे गुलज़ार रहने वाले बाज़ारों में पहले से ही ख़ामोशी का माहौल बना हुआ था.

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    पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची के मुख्य मवेशी बाज़ार में इस रविवार को बीते सालों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दे रही है जबकि त्योहार महज़ छह दिन दूर हैं.

    मवेशी व्यापारी अल्लाह दित्ता लंबी दूरी तय करके अपने जानवर बेचने आए थे.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स से अल्लाह दित्ता ने बताया कि उनके ग्राहकों की संख्या घटकर आधी रह गई है.

    इस मवेशी बाज़ार में बहुत से लोग बिना मास्क के दिखाई दे रहे थे जबकि कुछ बच्चों को लेकर भी आए थे जबकि इस साल बच्चों को मवेशी बाज़ार में लाने पर पाबंदी है.

    एक और मवेशी कारोबारी मोहम्मद अकरम ने कहा, "मैं इस कोरोना वायरस को समझ नहीं पा रहा हूं. मैंने किसी को इस वायरस के कारण मरते हुए नहीं देखा है. अपने आसपास देखिए, किसी ने मास्क नहीं पहन रखा है."

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान में अभी तक कोरोना संक्रमण के 270,000 मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं जबकि वहां इस महामारी ने छह हज़ार लोगों की जान भी ली है.

    रविवार को पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण के रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या 1200 से कम थी जबकि पिछले महीने के ख़राब हालात के दौरान रोज़ दर्ज किए जाने वाले संक्रमण के मामले बढ़कर 7000 तक पहुंच गए थे.

    पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री ज़फ़र मिर्ज़ा ने रविवार को कहा था, "पिछले चार हफ़्तों के दौरान पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार हुआ है. मरने वालों की संख्या में 80 फीसदी तक की गिरावट आई है."

  17. अरब देशों का संकट: क्या महामारी ने तेल का दौर ख़त्म कर दिया है?

    ओपेक देशों का तेल संकट

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    कोरोना वायरस संकट ने दुनिया के तेल बाज़ार को उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है जहां तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के लिए मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं.

    इस साल की शुरुआत में ही महामारी ने तेल की रोज़ाना होने वाली खपत को एक तिहाई पर पहुंचा दिया.

    और ये सब कुछ ऐसे वक्त में हुआ जब दुनिया भर में बैटरी से चलने वाली गाड़ियों की मांग तेज़ी से बढ़ रही थी और लोगों का रुझान ऊर्जा के ग़ैरपरंपरागत स्रोतों की तरफ़ बढ़ रहा था.

    ऊर्जा विशेषज्ञ पहले से ही लंबे समय में होने वाली तेल की मांग में कमी आने का संकेत दे रहे थे.

    साठ साल पहले वजूद में ओपेक के कुछ अधिकारियों ने ये सवाल पूछना शुरू कर दिया था कि क्या बदलाव के इस संकेत को स्थाई मान लिया जाए और हालात तेल का दौर ख़त्म होने की ओर बढ़ने लगे तो आपूर्ति का प्रबंधन कैसे किया जाएगा.

    ओपेक देशों का तेल संकट

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    समाचार एजेंसी रॉयटर्स का तेल उद्योग के सूत्रों के हवाले से कहना है, "लोगों को नई हकीकत का एहसास हो रहा है. वे इस दिशा में सोच भी रहे हैं. सबको अंदाज़ा है कि तेल की मांग शायद कभी भी पहले वाले स्तर तक न पहुंच पाए."

    इस साल कच्चे तेल की कीमत 16 डॉलर प्रति बैरल के नीचे तक चली गई थी, इससे ओपेक देशों ने लंबे समय में मांग की संभावनाओं पर फिर से विचार किए जाने की मांग की है.

    महज 12 साल पहले इन्हीं ओपेक देशों में पैसे की बाढ़ आ गई थी जब कच्चे तेल की कीमत 145 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई थी.

    लेकिन अब हालात बदल गए हैं और तेल की खपत में कमी का दौर जारी रहने की बात कही जा रही है. ओपेक देश रूस के साथ काम करने की संभावना तलाश रहे हैं ताकि राजस्व में कमी को संभाला जा सके.

    ओपेक देशों का तेल संकट

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    हसन क़बाज़र्द साल 2006 से 2013 के बीच ओपेक के रिसर्च विभाग के चीफ़ रह चुके हैं और इन्वेस्टमेंट बैंक्स और हेज फंडों को सलाह देते हैं.

    उनका कहना है, "ग़ैर-ओपेक देशों में तेल का उत्पदान बढ़ने से और तेल की मांग में कमी आने से ओपेक का काम मुश्किल हो जाएगा."

    ओपेक के एक सदस्य देश के तेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अतीत में भी तेल की मांग में कमी और उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव के बीच संबंध देखा गया था.

    इस बार भी कुछ अलग नहीं होने जा रहा है. साल 2019 में दुनिया भर में 99.7 मिलियन बैरल तेल की खपत हर रोज़ के हिसाब से हो रही थी और साल 2020 के लिए ओपेक का अनुमान था कि ये बढ़कर 101 मिलियन बैरल प्रति दिन हो जाएगा.

    लेकिन दुनिया भर में लगाए गए लॉकडाउन के कारण ओपेक ने इस पूर्वानुमान को कम करके 91 मिलियन बैरल प्रति दिन कर दिया है जो 2019 के स्तर से भी कम है.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, चीन के नौ शहरों में फैला संक्रमण, नए मामलों ने बढ़ाई चिंता

    दालियन

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    चीन के पू्र्वोत्तर में तटवर्ती शहर दालियन में संक्रमण के नए मामले अब दूसरे प्रांतों में भी फैलने लगे हैं.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि इसे देखते हुए फिर से पाबंदियाँ लगाना पड़ रहा है.

    कोरोना संक्रमण का पहला मामला चीन में ही पिछले साल सामने आया था, लेकिन उसने लॉकडाउन और अन्य सख्तियाँ कर स्थिति को क़ाबू में कर लिया.

    लेकिन चीन में पिछले कुछ समय से जगह-जगह संक्रमण फैल रहे हैं जिसने सरकार के लिए चिन्ता पैदा कर दी है.

    मंगलवार को चीन में 68 नए मामलों को दर्ज किया गया. ये अप्रैल के बाद अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.

    इनमें से 57 मामले शिन्जियांग प्रांत से हैं. वहीं मंगलवार को लिएओनिंग प्रांत के पोर्ट सिटी दालियन में भी छह नए मामले सामने आए.

    पिछले सप्ताह यहाँ एक सी-फ़ूड प्रोसेसिंग फ़ैक्टरी में कई लोग संक्रमित हो गए हैं.

    नए मामलों को मिलाकर दालियान में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है.

    दालियन

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    स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दालियन से निकला संक्रमण पूरे देश में पाँच प्रांतों के नौ शहरों में पहुँच गया है.

    इनमें वहाँ से 1500 किलोमीटर दूर, दक्षिण पूर्वी तटीय प्रांत फुजियान भी शामिल है.

    वहाँ दालियन से बिना लक्षण वाले एक मरीज़ का पता चलने के बाद अधिकारियों ने ख़ास तौर से बाहर से आने वाले लोगों की जाँच सख़्त कर दी है.

    बीजिंग में भी मंगलवार को एक मामले का पता चला.इसके तार भी दालियन के एक मरीज़ से जुड़े थे जिसमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं थे.

    दालियन में मंगलवार को ऐसे 12 मामलों को दर्ज किया गया जिनमें कोई लक्षण नहीं थे.

    दालियन के स्थानीय अधिकारियों ने रविवार को कहा था कि अगले चार दिनों में शहर के सभी 60 लोगों का टेस्ट किया जाएगा.

    पूरे चीन में अभी 391 संक्रमित लोग अस्पताल में भर्ती हैं. अब तक चीन में कुल 83.959 लोगों को कोरोना संक्रमणहुआ है.

  19. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अस्पताल से ही मंत्रिमंडल की बैठक में हुए शामिल

    शिवराज सिंह चौहान

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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के ज़रिए मंत्रिमंडल के साथ बैठक की. कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद से मुख्यमंत्री भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती हैं.

    कोविड-19 की वजह से मध्यप्रदेश में मंगलवार को वर्चुअल कैबिनेट बैठक हुई. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री अरविंद भदौरिया दोनों ही कोरोना पीडि़त हैं और अस्पताल में हैं.

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोमवार को भी दो बैठकें अस्पताल से ही की थीं. सोमवार की एक बैठक में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा की. वहीं दूसरी बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की गई.

    शिवराज सिंह चौहान

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  20. स्कूल को लेकर बंटा अमरीकी समाज

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: स्कूल को लेकर बंटा अमरीकी समाज

    कोरोनाकाल में स्कूल खोलने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंशा पर टीचरों और बच्चो के मां-बाप में नाराज़गी, लोगों का कहना बच्चों को ख़तरे में ना डाले सरकार