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UAPA अभियुक्त जेएनयू छात्र और फ़िलहाल असम की गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद शरजील इमाम कोरोना संक्रमित हो गए हैं.
शरजील इमाम पर दिल्ली पुलिस ने 29 अप्रैल को UAPA लगाया था. इमाम को बिहार के जहानाबाद से 28 जनवरी को गिरफ़्तार किया गया था. इमाम पर जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) से संबंधित भड़काऊ भाषण देकर 'जामिया में दंगे भड़काने' का आरोप है.
इमाम पर IPC के सेक्शन 124A (राजद्रोह) और 153(A) (धर्म, जाति, भाषा, समुदाय आदि के आधार पर वैमनस्य बढ़ाने) समेत कई धाराओं में केस दर्ज है.
CAA और NRC का विरोध करने के दौरान शरजील का एक वीडिया वायरल हुआ था. वायरल हुए वीडियो में शरजील कहते हैं कि "अगर हमें असम के लोगों की मदद करनी है तो उसे भारत से कट करना होगा."
शरजील ख़ुद को शाहीन बाग़ में चल रहे विरोध प्रदर्शन का मुख्य आयोजक बताते थे. उन्होंने दो जनवरी को धरना-प्रदर्शन वापस लेने का एलान किया था.
उस समय शरजील ने फ़ेसबुक पर लिखा था कि "शाहीनबाग़ रोड के चक्काजाम को राजनीतिक पार्टियों के गुंडों द्वारा हिंसा की आशंका और आंदोलन के राजनीतीकरण से बचाने के लिए वापस ले लिया है."
हालांकि इसके बाद भी शाहीन बाग़ में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा था.
बिहार विधान परिषद के एक सदस्य बीजेपी के सुनील कुमार सिंह की कोरोना से मौत हो गई है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उनकी मौत पर शोक जताया है.
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समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि उनका निधन राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूर्णीय क्षति है.
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राजद के नेता तेजस्वी यादव ने भी सुनील कुमार सिंह की मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.
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इमरान कुरैशी, बेंगलुरू से बीबीसी हिन्दी के लिए
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि “कल से कर्नाटक में कोई लॉकडाउन नहीं रहेगा क्योंकि यह कोई हल नहीं है.”
यू-ट्यूब और फ़ेसबुक के ज़रिये एक ऑनलाइन संबोधन में उन्होंने कहा कि ‘कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए ज़रूरी है कि लोग मास्क पहनें और फ़िजिकल डिस्टेन्सिंग का पालन करें.’
उन्होंने कहा, “मैं हाथ जोड़कर लोगों से प्रार्थना करता हूँ कि रोज़मर्रा में मास्क पहनिये, आपस में दूरी बनाकर रखिये. जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, इस महामारी को रोकने का यही तरीक़ा है. लॉकडाउन से इसे नहीं रोका जा सकता.”
उन्होंने कहा, “लोगों को काम पर लौटना होगा. अर्थव्यवस्था को ज़िंदा रखना बहुत ज़रूरी है.”
कर्नाटक सरकार के अनुसार, अब सिर्फ़ घोषित कंटेनमेंट ज़ोन के भीतर ही प्रतिबंध लागू होंगे.
कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए बेंगलुरु में 14 जुलाई से 21 जुलाई के बीच दोबारा लॉकडाउन लगाया गया था. बेंगलुरु के तुरंत बाद लॉकडाउन को प्रदेश के नौ अन्य ज़िलों में भी लागू कर दिया गया था.
लेकिन अब मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने इस मामले में यू-टर्न लिया है.
जिस वक़्त येदियुरप्पा का ऑनलाइन संबोधन चल रहा था, उस दौरान बहुत से लोग सोशल मीडिया पर उनके ताज़ा निर्णय का स्वागत कर रहे थे. वे लिख रहे थे, ‘लॉकडाउन हटना चाहिए. एमएसएमई क्षेत्र की कमर टूट गई है. पहले नेशनल लॉकडाउन रहा. अब कर्नाटक सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया. हमें इससे आज़ादी चाहिए.’
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सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग कर्नाटक सरकार के लॉकडाउन हटाने के निर्णय का समर्थन कर रहे हैं.
कुछ लोग सरकार को सुझाव दे रहे हैं कि प्रोफ़ेशनल कॉलेजों की होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी जायें.
लेकिन, येदियुरप्पा के इस फ़ैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार यह संदेश दे रही है कि वायरस से लड़ने में लोगों की बड़ी भूमिका है और उनकी ज़िम्मेदारी महत्वपूर्ण है.
येदियुरप्पा का ताज़ा बयान, उनकी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीमालू से बिल्कुल अलग है, जिन्हें अपने बयान के लिए काफ़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा था, “हमें सिर्फ़ भगवान बचा सकते हैं.”
अपने संबोधन में येदियुरप्पा में माना कि कोविड-19 टेस्ट के नतीजों को लेकर कुछ अस्तव्यस्तता थी, लेकिन सभी ज़रूरी क़दम उठाये गए हैं ताकि मरीज़ों को 24 घंटे के भीतर कोविड टेस्ट की रिपोर्ट मिल सके.

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उन्होंने कहा कि सिर्फ़ 5 फ़ीसद मरीज़ ऐसे हैं जिन्हें आईसीयू में भर्ती करने की ज़रूरत पड़ रही है और अधिकांश मरीज़ घर में ही साधारण इलाज से ठीक हो रहे हैं.
उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्राइवेट अस्पताल 50 फ़ीसद बेड सरकार को देने के लिए तैयार हो गए हैं ताकि जिन कोविड मरीज़ों की हालत नाज़ुक है, उनका इलाज किया जा सके.
बीते 24 घंटे में कर्नाटक में 3649 नये मामले सामने आये हैं और 61 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है.
प्रदेश सरकार के अनुसार, अब तक कर्नाटक में 67 हज़ार से ज़्यादा लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, संक्रमण से 1403 लोगों की मौत हुई है. बताया गया है कि क़रीब डेढ़ लाख लोग क्वारंटीन में हैं जिसमें से क़रीब 83 हज़ार लोग अकेले बेंगलुरु शहर में हैं.
मंगलवार को येदियुरप्पा ने माना कि पड़ोसी राज्यों- महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु से लौटे लोगों के कारण कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल देखने को मिला है.
हालांकि संबोधन में अंत में उन्होंने कहा, “कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में राज्य के अब ये पाँच मंत्र होंगे- ट्रेस, ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टेक्नॉलोजी.”
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भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी राजेश भूषण के मुताबिक विश्व के बड़े देशों की तुलना में भारत में संक्रमण के मामले कम ही हैं. इतना ही नहीं भारत में कोरोना से मृत्युदर भी 20.4 है. भारत में टेस्टिंग की दर पर राजेश भूषण ने बताया कि प्रति दस लाख आबादी पर अभी भारत में 180 लोगों का टेस्ट हो रहा है.
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बीते चार महीने में पहली बार अपने मंत्रीमंडल के साथ बैठक की है. ये मीटिंग फॉरेन ऑफ़िस में हुई जहां सोशल डिस्टेंसिंग के लिए डाउनिंग स्ट्रीट के कॉन्फ्रेंस रूम से ज़्यादा जगह है.
इस बैठक में प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से उनकी सरकार के उग्र और सुधारवादी एजेंडे पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
जॉनसन ने अपने मंत्रीमंडल आने वाले दिनों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले महीने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.
उन्होंने कहा, “अगले कुछ महीनों के लिए, हमें संतुलन बनाना होगा. हमें इस वायरस के मुद्दे पर लगातार काम करते रहना है, और इसे उसी तरह नियंत्रण में रखना है जिस शानदार अंदाज में ब्रितानी जनता ने अब तक काम किया है.”
“लेकिन हमें सजग भी रहना चाहिए. सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए अपनी अर्थव्यवस्था को भी चलाते रहना चाहिए और अपने लोगों को वापस काम पर लाना चाहिए.”
जॉन्सन ने अपने मंत्रियों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करते हुए आमने सामने मुलाक़ात करके एक मिसाल बनाने के लिए उनकी तारीफ़ की.

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भारत की राजधानी दिल्ली में प्रत्येक चार में से एक शख़्स कोविड-19 से संक्रमित हो सकते हैं. यह आकलन नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की ओर से दिल्ली में कराए गए सर्वे का है.
इस सरकारी सर्वे के लिए दिल्ली में रैंडम ढंग से 21,387 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए. इनमें 23.48 प्रतिशत लोगों के ब्लड में कोविड-19 एंटीबॉडी पाया गया.
इस सर्वे के नतीजे से ज़ाहिर है कि कोरोना की स्थिति दिल्ली में जितनी बताई जा रही है उससे कहीं ज़्यादा ख़राब है.
दिल्ली में में अब तक 1,23,747 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. यानी 1.98 करोड़ की आबादी वाले दिल्ली में एक प्रतिशत से भी कम लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है.
दिल्ली के ताज़ा सर्वे के मुताबिक से देखें तो 23.44 प्रतिशत के हिसाब से दिल्ली में 46.5 लाख लोगों में कोरोना संक्रमण होने की आशंका जताई जा सकती है.
लेकिन सरकार का कहना है कि अभी तक दिल्ली में ज़्यादा लोगों में कोरोना की पुष्टि नहीं होने की वजह यही है कि बड़ी संख्या में संक्रमित लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं देखे गए हैं. हालांकि यह भी आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली में जिस तरह से आबादी का घनत्व है उसमें यह आंकड़ा 23.44 प्रतिशत से भी ज़्यादा हो सकता है.
विशेषज्ञों के मुताबिक यह भारत में अपनी तरह का पहला सर्वे है, लेकिन इससे अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की भयावहता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

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यूरोपीय संघ के सदस्य देश ये बता चुके हैं कि उन्हें 750 अरब यूरो के पैकेज़ में से कितनी धनराशि मिलने जा रही है.
दरअसल, यूरोपीय संघ के देशों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए एक राहत कोष की घोषणा की है.
इस कोष में से उन देशों को सबसे ज़्यादा आर्थिक मदद मिलेगी जो कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए थे.
लेकिन अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़, यूरोपीय संघ के इन देशों को निम्नलिखित राशि मिलेगी.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अफ़्रीका में कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर एक चेतावनी जारी की है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि ये संभव है कि अफ़्रीका कोरोना वायरस के मामले में जिस स्थिति पर पहुंचने जा रहा है, वो स्थिति वर्तमान आंकड़ों में बताई गई स्थिति से कहीं बदतर हो सकती है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन में आपातकाल विभाग के प्रमुख माइकल रायन ने कहा, “मैं बेहद चिंतित हूँ. हमें ये दिखने लगा है कि अफ़्रीका में ये बीमारी तेजी से फैलने लगी है.”
अब तक ये महाद्वीप कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बनने से बचा हुआ था.
आंकड़ों में कहें तो अफ़्रीका में अब तक सिर्फ 15000 मौतें और 725000 लोग संक्रमित हुए हैं.
इस महाद्वीप में कोरोना वायरस का सबसे ज़्यादा असर दक्षिण अफ़्रीका पर पड़ा है जहां अब तक 5000 लोगों की मौत हुई है और 370000 लोग संक्रमित हुए हैं.
लेकिन दक्षिण अफ़्रीका में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार में आई तेजी को पूरे महाद्वीप के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है.
रायन कहते हैं कि ये चेतावनी सिर्फ दक्षिण अफ़्रीका के लिए नहीं है, बल्कि हमें अफ़्रीका में जो हो रहा है, उसे काफ़ी गंभीरता से लेने की ज़रूरत है.

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कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क पहनने को एक कारगर तरीका बताया गया है. इसके लिए ट्रिपल लेयर मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है.
लेकिन अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने मास्क से जुड़ी सलाह जारी करते हुए लिखा है कि वाल्व लगे N95 मास्क कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में सक्षम नहीं है.
हर्ष वर्धन ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “छिद्रयुक्त श्वसन यंत्र लगा N-95 मास्क कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपनाए गए नियमों के विपरीत है. सभी से आग्रह है कि कपड़े से बने ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल करें व अन्य को इसके प्रति प्रोत्साहित भी करें.
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कोरोना वायरस की मार झेल रही भारत की राजधानी दिल्ली में किए गए सेरो-सर्विलांस अध्ययन के नतीजे सामने आ गए हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कराया गया ये सर्वे बताता है कि दिल्ली में औसतन 23.48 फीसदी लोगों में IgG एंटीबॉडीज़ पाए गए हैं. इस अध्ययन में ये भी सामने आया है कि दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले ज़्यादातर लोगों में लक्षण सामने नहीं देखे गए हैं.
मंगलवार सुबह तक भारत की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 123747 हो चुकी है. अब तक इस वायरस से संक्रमित होकर 3663 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, एक लाख से ज़्यादा लोग रिकवर हो चुके हैं.
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केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब दिया है.
जावड़ेकर ने कहा है कि राहुल गांधी जी छह महीने में अपनी उपलब्धियों पर भी ध्यान दें.
राहुल गांधी की तर्ज़ पर प्रकाश जावड़ेकर ने लिखा है...
फरवरी: शाहीन बाग़ और दंगे
मार्च: मध्य प्रदेश और ज्योतिरादित्य सिंधिया को गँवाना
अप्रैल: प्रवासी मज़दूरों को भड़काना
मई: कांग्रेस की ऐतिहासिक हार की छठी सालगिरह
जून: चीन का बचाव करना
जुलाई: राजस्थान में पतन की ओर कांग्रेस
प्रकाश जावड़ेकर ने आगे लिखा है - "राहुल बाबा, कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में भारत की उपलब्धियाँ नोट कर लें. औसत मामलों, एक्टिव मामलों और मृत्यु दर के मामले में भारत का औसत अमरीका, यूरोप और ब्राज़ील से भी कम है. मोमबत्ती जलाने का मज़ाक उड़ाकर आपने भारत के लोगों और साहसी कोरोना वॉरियर्स का अपमान किया है.
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यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच कई दिनों की बातचीत के बाद कोरोना वायरस रिकवरी पैकेज़ की राशि को लेकर एक सहमति बन गई है.
इसके तहत 27 देशों का संगठन 750 अरब यूरो यानी 64,115 अरब रुपये का कोष जुटाएगा. इस कोष की मदद से कोरोना वायरस के चलते होने वाले आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए अनुदान और कर्ज दिए जाएंगे.
इस सम्मेलन के चेयरमैन चार्ल्स मिशेल ने कहा है कि ये यूरोप के लिए एक “अहम लम्हा” था.
जब सामने आई एक दरार
इस बातचीत के दौरान कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित देशों और कमजोर अर्थव्यवस्था वाले यूरोपीय देशों के बीच एक दरार सी पैदा होती हुई भी दिखी.
समाचार न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी द्वारा देखे गए समझौते से जुड़े एक दस्तावेज़ के मुताबिक़, इस समझौते के केंद्र में 390 अरब यूरो का अनुदान है जो महामारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों को दिया जाएगा.
इसके साथ ही यूरोपीय संघ के अगले सात सालों के बजट पर भी सहमति बन गई है जो कि 1.1 ट्रिलियन यूरो होगा.
बीते शुक्रवार शुरु होने वाले इस सम्मेलन में 90 घंटे की बातचीत हुई.
साल 2000 में फ्रांस के नाइस शहर में पांच दिनों तक चलने वाली बैठक के बाद ये यूरोपीय संघ के इतिहास की सबसे लंबी बैठक है.

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ये सब कैसे हो पाया?
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने 27 देशों के नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद मंगलवार लगभग 03:15 GMT को ट्वीट किया जिसमें सिर्फ एक शब्द था– डील.
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कई दिनों तक चली इस बातचीत के दौरान नेताओं के बीच बातचीत के दौरान आक्रामकता भी नज़र आई.
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच एक दरार बनती भी दिखी है जिसके एक ओर आर्थिक रूप से कमजोर यूरोपीय देश थे और एक ओर इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित देश थे.
महामारी से प्रभावित देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सुधारने के प्रति सजग थे. लेकिन कमजोर अर्थव्यवस्थाओं वाले देश रिकवरी प्लान की राशि को लेकर चिंतित थे.

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स्वघोषित कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देश स्वीडन, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड समेत फिनलैंड ने 500 बिलियन यूरो को अनुदान के रूप में देने का विरोध किया.
इस समूह ने ही असल में डेनमार्क के राष्ट्रपति मार्क रुटे के नेतृत्व में 375 बिलियन यूरो की सीमा तय की थी. इसके साथ ही अनुदान के निवदेनों को ख़ारिज करने की शर्तें भी रखीं.
अन्य सदस्य देश जैसे स्पेन और इटली 400 बिलियन यूरो से कम खर्च नहीं करना चाहते थे.
एक लम्हा ऐसा भी आया जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कथित रूप से अपना घूंसा मेज पर मारते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि ‘फ्रूगल फोर’ (कमजोर अर्थव्यवस्थाओं वाले चार देश) यूरोपीय परियोजना को ख़तरे में डाल रहे हैं.
390 बिलियन यूरो की राशि को एक समझौते के रूप में सुझाया गया था. और कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों ने बजट में छूट के मुद्दे पर बढ़त हासिल की.
यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि ये“यूरोप के लिए एक ऐतिहासिक दिन”है.
बेल्जियम की प्रधानमंत्री सोफी विल्मेस ने ट्वीट किया है,“यूरोपीय संघ ने इससे पहले भविष्य में इस तरह निवेश नहीं किया है.”
चार्ल्स मिशेल ने कहा कि ब्लॉक ने “हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी और एक साझे भविष्य में हमारे भरोसे” को दिखाया है.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोरोना काल में सरकार की 'उपलब्धियों' पर ट्वीट किया है.
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बीते 24 घंटों में भारत में 37,148 कोरोना वायरस संक्रमण के मामले आने के बाद कुल मामलों की संख्या 11 लाख 55 हज़ार के पार जा चुकी है. बीते 24 घंटों में 587 लोगों की मौत हो गई है.
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के जारी नए आंकड़ों के मुताबिक़, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 11 लाख 55 हज़ार से अधिक हो चुके हैं.
देश में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक 28 हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
20 जुलाई तक देश में 1,43,81,303 टेस्ट किये जा चुके हैं. आईसीएमआर के मुताबिक़ इनमे से 3,33,395 सैंपल 20 जुलाई को टेस्ट किये गए.
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