कोरोना अपडेट: रेगुलर ट्रेनों के 1 जुलाई से 12 अगस्त के बीच टिकट रद्द किए गए

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रेलवे बोर्ड ने इसकी जानकारी दी है.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं और कैसे कर सकते हैं बचाव

  2. बिजली गिरना कैसे हो जाता है जानलेवा, कैसे बच सकती है जान

  3. बीबीसी हिंदी पर यह लाइव पेज यहीं समाप्त हो रहा है. लेकिन कोरोना वायरस पर अपडेट्स और विश्लेषण का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी है. शुक्रवार की तमाम अपडेट्स देखने के लिए यहां क्लिक करें.

  4. भारत-चीन तनावः चीन के बिना 'दवा' कहां से लाएगा भारत?

  5. छत्तीसगढ़ में आज से यात्री बसें चलेंगी

    आलोक प्रकाश पुतुल

    रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    छत्तीसगढ़ में शुक्रवार से यात्री बसों का संचालन शुरु किया जा रहा है.

    इसके अलावा क्लब, शॉपिंग माल, रेस्टोरेंट और होटल भी शुक्रवार से खुल जाएंगे. राज्य सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि क्लबों, शॉपिंग माल, रेस्टोरेंट, होटल संचालन के लिए पूर्व निर्धारित अनुमति तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी की शर्तों का पालन किया जाएगा.

    हालांकि सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं ऑडिटोरियम एसेम्बली हॉल एवं इस प्रकार के अन्य स्थान बंद रहेंगे.

    शॉपिंग माल के भीतर गेमिंग आर्केड, बच्चों के लिए प्ले एरिया बंद रहेगा. इसी तरह स्पोर्टिंग काम्पलेक्स एवं स्टेडियम में केवल खेल गतिविधियां संचालित हो सकेंगी. यहां दर्शकों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. इसी तरह मार्च से ही बंद बसों को भी कल से शुरु किया जा रहा है.

    फ़िलहाल इन बसों को राज्य के भीतर ही चलाये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं. यात्रा से पूर्व इन बसों के सैनेटाईजेशन के लिए सोडियम हाईपोफ्लोराईड जैसे रसायनों का छिड़काव किया जा सकता है. इसके अलावा यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का विवरण भी बस संचालकों को रखना होगा.

  6. कोरोना वायरस के मामले दिल्ली में मुंबई से भी ज़्यादा

  7. न्यूयार्क सिटी लॉकडाउन खोलने के तीसरे चरण की ओर

    कोरोना वायरस

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    न्यूयार्क सिटी के मेयर ने जानकारी दी है कि आगामी छह जुलाई से शहर में लॉकडाउन खोले जाने के तीसरे चरण की शुरुआत होगी.

    सिटी में इसी सप्ताह लॉकडाउन खोले जाने के दूसरे चरण की शुरुआत हुई है.

    तीसरे चरण में आउटडोर खेल कूद की सुविधाएं एथलेटिक्स सेंटर, टेनिस कोर्ट इत्यादि खुल जाएंगे. 50 प्रतिशत क्षमता के साथ लोग रेस्टोरेंट में खाना खा सकेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग के नियम प्रावधानों का पालन करने वाले बार भी खुल जाएंगे. इसके अलावा सैलून भी खुल जाएंगे.

    न्यूयार्क सिटी में 15 मार्च के बाद ये पहला मौका है जब अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या एक हज़ार से कम हुई है.

  8. रेगुलर ट्रेनों के 1 जुलाई से 12 अगस्त के बीच टिकट रद्द किए गए

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    रेलवे बोर्ड ने कहा है कि रेगुलर टाइम-टेबल वाली सभी ट्रेनों में 1 जुलाई से 12 अगस्त के बीच बुक टिकटों को रद्द कर दिया गया है. साथ ही इन ट्रेनों को 12 अगस्त तक के लिए रद्द कर दिया गया है.

    रद्द किए गए ट्रेन के टिकटों के पूरे पैसे वापस किए जाएंगे. हालांकि, स्पेशल राजधानी और मेल/एक्सप्रेस ट्रेन सेवाएं जारी रहेंगी.

  9. ईरान में मरने वालों की तादाद 'पाँच गुना ज़्यादा' हो सकती हैं

    ईरान, कोरोना

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    ईरान में कोरोना से मरने वालों की असल तादाद आधिकारिक संख्या की तुलना में पाँच गुना ज़्यादा हो सकती हैं.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा ने अपनी पड़ताल में यह जानकारी जुटाई है.

    आधिकारिक आकड़ों के मुताबिक़ ठंड के मौसम में अतिरिक्त मौतों की संख्या (एक्सेस मोर्टलिटी) 6400 ज़्यादा थी.

    एक्सेस मोर्टलिटी का मतलब है कि आम तौर पर जितनी मौतें होने की उम्मीद की गई है, उससे ज़्यादा मौतें हुई हैं.

    इस अवधि में कोरोना वायरस से पाँच हज़ार से ज़्यादा मौतों की पुष्टि हुई हैं.

    फ़रवरी और मार्च के महीने में क़ोम, गिलान, माज़ांदरान और गोलेस्तान प्रांत कोरोना महामारी के केंद्र थे.

    इसी दौरान राजधानी तेहरान में अतिरिक्त मौतों की संख्या पूरे ईरान में मौतों की आधिकारिक संख्या से ज़्यादा थी.

    पूरे मध्य पूर्व में ईरान कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है. और ईरान के दक्षिणी और पश्चिमी इलाक़ों में कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर देखे जा रहे हैं.

    यहाँ अब तक दस हज़ार लोगों के मरने की पुष्टि हुई है जबकि 2,15,000 संक्रमण के मामले अब तक सामने आ चुके हैं.

  10. यूरोपीय यूनियन रेगुलेटर ने रेमडेसिवियर के इस्तेमाल की दी इजाज़त

    रेमडेसिवियर

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    कोरोना मरीज़ों के इलाज के लिए एंटी-वायरल ड्रग रेमडेसिवियर के इस्तेमाल की इजाज़त यूरोपीय संघ के रेगुलेटर ने दे दी है.

    यूरोपीय संघ के हेल्थकेयर रेगुलेटर द यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी( ईएमए) ने गुरुवार को कहा कि न्यूमोनिया के शिकार लोगों को जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की ज़रूरत है, उन्हें ये दवा दी जा सकती है.

    लेकिन मरीज़ की उम्र 12 साल से अधिक होनी चाहिए.

    रेमडेसिवियर का इस्तेमाल इबोला वायरस के ख़िलाफ़ भी किया गया था. इस दुनिया का कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ इस्तेमाल के लिए पूरी दुनिया में शोध हो रहा है.

    ब्रिटेन में मई के महीने में कुछ चुने हुए कोरोना विशेष अस्पतालों में इस दवा के इस्तेमाल की मंज़ूरी दी गई थी.

    लेकिन यूरोपीय संघ के सभी देशों में इसके इस्तेमाल के लिए यूरोपीय आयोग की मंज़ूरी लेनी होगी.

  11. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए सारिका सिंह से.

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  12. बीबीसी हिदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'

    बीबीसी हिदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए सारिका सिंह से.

  13. कोरोना वायरस: दिल्ली संक्रमण के मामले में मुंबई से आगे कैसे हो गई?

  14. कोविड-19 महामारीः तो सबसे ज़्यादा मौतों की वजह वायरस नहीं होगा

  15. कोरोना संक्रमण: दिल्ली में दो करोड़ 90 लाख लोगों की होगी स्क्रीनिंग

    कोरोना

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    अरविंद केजरीवाल की सरकार ने कहा है कि वो शहर में रहने वाले तकरीबन तीन करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग करेगी ताकि कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले लोगों का पता लगाया जा सके.

    इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दिल्ली सरकार घर-घर जाकर सर्वे करेगी. दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उसकी वजह से दिल्ली ने मुबंई को पीछे छोड़ दिया है.

    70 हज़ार से भी ज़्यादा पुष्ट मामलों के साथ दिल्ली इस समय कोरोना संक्रमण के मामले में देश का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है. शहर के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी की रिपोर्टें आ रही हैं और इसे मौत के बढ़े हुए आंकड़ों की एक वजह बताया जा रहा है.

    दिल्ली की राज्य सरकार ने ये भी कहा है कि वो 20 हज़ार सैंपल्स की जांच करेगी ताकि शहर में संक्रमण के वास्तविक स्तर का पता लगाया जा सके.

  16. कोरोना वायरस: क्या भारत ने दवा खोज ली है?

    कोरोना वायरस की दवा

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    पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर ख़बरें चल रही हैं कि भारत में कोरोना की दवा बन गई है. लोग इस दवा का नाम भी ख़ूब शेयर कर रहे हैं.

    फ़ैबिफ़्लू नाम की इस दवा को कोरोना के तोड़ के तौर पर पेश किया जा रहा है. भारत में ये दवा ग्लेनमार्क फ़ार्मा कंपनी बनाती है.

    क्या है फ़ैबिफ़्लू ?

    फ़ैबिफ़्लू एक रीपर्पस्ड (Repurposed Drug) दवा है. इसका मतलब ये है कि इस दवा का इस्तेमाल पहले से फ़्लू की बीमारी के इलाज में किया जाता रहा है. रेमडेसिवियर की ही तरह ये भी एक एंटीवायरल दवा है.

    इस दवा को बनाने वाली फ़ार्मास्युटिकल कंपनी ग्लेनमार्क का दावा है कि कोविड-19 के माइल्ड और मॉडरेट मरीज़ों पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है और परिणाम सकारात्मक आए हैं.

    ग्लेनमार्क कंपनी का दावा है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (डीसीजीआई) ने इस दवा के ट्रायल के लिए सशर्त मंज़ूरी दी है.

    ये शर्त है- इस दवा का केवल इमरजेंसी में और रेस्ट्रिक्टेड इस्तेमाल करने के लिए.

    इमरजेंसी इस्तेमाल का मतलब ये है कि कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाज़त है.

    रेस्ट्रिक्टेड इस्तेमाल का मतलब है कि जिस किसी कोविड-19 के मरीज़ को इलाज के दौरान ये दवा दी जाएगी, उसके लिए पहले मरीज़ की सहमति अनिवार्य होगी.

    हालांकि बीबीसी ने इस बारे में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया से संपर्क किया है. अभी तक उनकी तरफ़ से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला है.

  17. तीन महीने के बाद पर्यटकों के लिए खुला पेरिस का आइफ़ल टावर

    आइफ़ल टावर

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    दुनिया भर में पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक पेरिस का आइफ़ल टावर तीन महीने से ज़्यादा वक़्त के बाद फिर से लोगों के लिए खोल दिया गया है.

    फ्रांस में लॉकडाउन लगने के साथ ही आइफ़ल टावर को भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था.

    दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार इतने लंबे समय के लिए आइफ़ल टावर आम लोगों के लिए बंद किया गया था.

    लेकिन अब भी वहां जाने वालों के लिए कई तरह की शर्तें लागू की गईं हैं.

    पर्यटकों की संख्या सीमित कर दी गई है, 11 साल से ज़्यादा के सभी लोगों को फ़ेस मास्क पहनना अनिवार्य है, और दूसरी मंज़िल के ऊपर आम लोग नहीं जा सकेंगे.

    पर्यटकों को सीढ़ियों का इस्तेमाल करना होगा क्योंकि 1 जुलाई तक लिफ़्ट के इस्तेमाल पर पाबंदी लगी हुई है.

    आइफ़ल टावर को 1889 में बनाया गया था. हर साल यहां क़रीब 70 लाख लोग घूमने आते हैं और उनमें से क़रीब 75 फ़ीसद लोग फ़्रांस के बाहर के होते हैं.

    फ्रांस यूरोप में कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित होने वाले देशों में से एक है.

    जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक़ फ्रांस में अब तक 1,97,885 मामले कोरोना संक्रमण के सामने आ चुके हैं और 29,734 लोगों की मौत हो चुकी है.

  18. कोरोना वायरस: नागालैंड में भारतीय सेना के 12 जवान संक्रमित

    कोरोना

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    नागालैंड के कोहिमा ज़िले में सेना के 12 जवान कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया ने गुरुवार को अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी.

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सेना के जाकहामा आर्मी कैंप क्वारंटीन सेंटर के 12 जवानों का कोरोना टेस्ट बुधवार को पॉज़िटिव आया.

    जाकहामा गैरीसन में सेना के जवानों का एक समूह देश के अलग-अलग हिस्सों से वापस आया था. अधिकारियों ने बताया कि सेना के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीज़र (एसओपी) नियमों के तहत इन जवानों को कैंप में ही सख़्त क्वारंटीन में रखा गया था.

    बुधवार को 12 जवानों के संक्रमित होने की रिपोर्ट आने के साथ ही जाकहामा कैंप में कोरोना संक्रमित जवानों की संख्या बढ़कर 15 हो गई.

    इससे पहले 19 जून को इस कैंप में कोरोना संक्रमण का पहला मामला रिपोर्ट हुआ था, इसके बाद 23 जून को दो और मामले दर्ज किए गए. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सभी 15 जवानों में संक्रमण तो है पर इसके लक्षण नहीं है.

    उन्हें जाकहामा आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग और सेना ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम शुरू कर दिया है ताकि ये पता लगाया जा सके कि आर्मी कैंप पहुंचने से पहले संक्रमित जवान किन-किन लोगों के संपर्क में आए थे.

    सेना के 15 संक्रमित जवानों को मिलाकर नगालैंड में कोरना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 347 हो गई है.

  19. मुबंई में लॉकडाउन के बीच मस्जिद में इकट्ठा हुए लोग, पांच पर केस

    मुंबई

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    मुंबई के अंधेरी इलाके की एक मस्जिद में गुरुवार को लॉकडाउन के आदेश का उल्लंघन कर कुछ लोगों के इकट्ठा होने पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया है कि इस सिलसिले में पांच लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है. ये लोग मस्जिद की परिसर मे इकट्ठा हुए थे. जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनमें मस्जिद के ट्रस्टीज़ भी शामिल हैं.

    एक अधिकारी ने बताया कि डीएन नगर पुलिस थाने में फोन आया था कि कुछ लोग सुबह के वक़्त अंधेरी की ईदगाह मस्जिद में इकट्ठा हुए थे. इस जानकारी पर वहां एक टीम भेजी गई.

    उन्होंने बताया, "वहां पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि मस्जिद के परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कोई पालन नहीं किया जा रहा था. पुलिस की जांच के बाद ये बात सामने आई कि वे लोग वहां नमाज के लिए इकट्ठा नहीं हुए थे बल्कि वे वहां किसी मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे."

    डीएन नगर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर परमेश्वर गनामे ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "फिलहाल हमने एफ़आईआर में पांच लोगों के नाम नामजद किए हैं जिनमें मस्जिद के ट्रस्टीज़ भी शामिल हैं. इस सिलसिले में आईपीसी के सेक्शन 188 और दूसरे प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है."

    इस बीच मस्जिद में मौजूद एक शख़्स ने ये दावा किया हा कि वहां इकट्ठा हुए लोग ग़रीबों को ज़रूरी चीज़ों के वितरण के बारे में बात कर रहे थे और परिसर में ज़रूरी सावधानी भी बरती गई थी.

  20. ट्रंप का वो फ़रमान, जिससे अमरीका में रहने वाले भारतीय हुए हलकान

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमरीका के टेक्सास प्रांत के डलास शहर में रहने वाले विनोद कुमार आज कल डरे हुए से रहते हैं. उन्हें लगता है कि एक रोज़ उन्हें ये देश छोड़कर जाना होगा.

    ट्रंप प्रशासन में अप्रवासन संबंधी पाबंदियों, सीमा पर दीवार, वीज़ा में देरी जैसे मुद्दों पर जिस तरह से बयानबाज़ी तेज़ हो रही है, उससे विनोद कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में जिस सरकारी आदेश पर दस्तख़त किए हैं, उसमें कुछ ग्रीन कार्ड्स और विदेश से काम करने के लिए आने वाले लोगों को साल 2020 तक वीज़ा देने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है.

    विनोद कुमार इन सब बातों से आज कल बेचैन रहते हैं. वे कहते हैं, "काश कि मैं इस मुल्क को अपना घर बना पाता. लेकिन मैं आज कल डर के इसी साये में जी रहा हूं."

    अप्रवासन मुद्दों के जानकारों को इन क़दमों की पहले से ही उम्मीद थी. एक विशेषज्ञ ने तो यहां तक कहा कि उद्योग जगत की तरफ़ से की गई एक भी पैरवी किसी काम नहीं आई.