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कोरोना अपडेट: लॉकडाउन ने यूरोप में लाखों लोगों की जान बचाई
एक शोध के मुताबिक़ लॉकडाउन ने यूरोप में तीस लाख से ज़्यादा लोगों की जान बचाई है.
लाइव कवरेज
ब्रिटेन में कैसी है कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक़ ब्रिटेन में संक्रमण के मामले बढ़कर 2 लाख 90 हज़ार के पार हो गए हैं. साथ ही मरने वालों की संख्या करीब 41 हज़ार हो गई है.
कोरोना महामारी पर होने वाली दैनिक प्रेस ब्रीफ़िंग को आज ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी आलोक शर्मा और हेल्थ एंड सेफ़्टी एक्ज़ीक्यूटिव की सीईओ साराह एल्बन ने संबोधित किया.
आज की प्रेस ब्रीफ़िंग के महत्वपूर्ण बिंदु
- सोमवार से ग़ैर ज़रूरी चीज़ों की दुकानें खुल सकेंगी लेकिन उनके लिए कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर जारी की गई गाइडलाइन्स का पालन करना होगा.
- जो दुकानदार गाइडलाइन्स का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
- बार रेस्त्रां और पब को चार जुलाई से दोबारा खोले जाने की योजना है.
- सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दो मीटर की दूरी बनाए रखने का नियम अब भी बना हुआ है. लेकिन इसकी समीक्षा की जा सकती है.
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लॉकडाउन ने यूरोप में लाखों लोगों की जान बचाई
एक शोध के अनुसार कोरोना महामारी के शिकार यूरोप में लॉकडाउन के कारण तीस लाख से भी ज़्यादा लोगों की जान बचाई जा सकी है.
इम्पीरियल कॉलेज लंदन की एक टीम का कहना है कि लॉकडाउन नहीं होता तो मरने वालों की संख्या बहुत ज़्यादा होती.
लेकिन इस टीम का ये भी कहना है कि कोरोना वायरस से बहुत कम लोग ही संक्रमित हुए हैं और अभी भी हमलोग इस महामारी के शुरुआती दौर में हैं.

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बीबीसी हिंदी का विशेष डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का विशेष डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए मोहनलाल शर्मा से
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चीन ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे अपने छात्रों को दी ये चेतावनी

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चीन ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे अपने यहाँ के छात्रों को यह कहते हुए ‘सावधानी बरतने’ की चेतावनी दी है कि उन्हें आने वाले दिनों में ‘नस्लवादी हमलों’ का सामना करना पड़ सकता है.
चीन के शिक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है, “महामारी के दौरान, ऑस्ट्रेलिया में एशियाई मूल के लोगों के साथ भेदभाव के कई मामले सामने आये हैं. इन मामलों में एशियाई लोगों को जान-बूझकर निशाना बनाया गया. विश्व स्तर पर, कोविड-19 के प्रकोप को अब तक प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया गया है. इसलिए यात्राएं करना और विश्वविद्यालय के खुले परिसरों में घूमना जोखिम भरा हो सकता है.”
लेकिन ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री डेन तेहान ने चीन के इस दावे को ग़लत बताया है.
उन्होंने कहा है कि उनके विश्वविद्यालय पूरी तरह सुरक्षित हैं. मंगलवार को उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स में पढ़ाई के लिहाज़ से ऑस्ट्रेलिया एक लोकप्रिय जगह है क्योंकि हम सफलतापूर्वक ऐसा कर पाये हैं, हमारे यहाँ कई तरह की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र हैं जो वर्ल्ड क्लास शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.”
“कोरोना को नियंत्रित करने में भी हम सफल रहे हैं. इसलिए हमारे विश्वविद्यालय पूरी तरह सुरक्षित हैं.”
वर्ष 2019 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले चीनी छात्रों की संख्या 20 लाख से अधिक थी.
लॉकडाउन के कारण पूरा नहीं हो सका सफ़र, मलेशिया ने हिरासत में लिये रोहिंग्या शरणार्थी

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इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो मलेशिया ने लगभग 270 रोहिंग्या शरणार्थियों को हिरासत में लिया है जिनकी कश्ती कोरोनो वायरस लॉकडाउन के कारण लगभग दो महीने से किनारे नहीं लग पाई थी.
हिरासत में लिये गए लोग दक्षिणी बांग्लादेश से अप्रैल महीने में निकले थे, लेकिन वे किसी किनारे तक पहुँचने में नाकाम रहे.
इस नौका में सवार क़रीब दर्जन भर लोगों ने तैर कर किनारे तक पहुँचने का प्रयास किया लेकिन मलेशिया के तट-रक्षकों ने सोमवार को उन्हें हिरासत में ले लिया.
बीते कुछ वर्षों में, अत्याचार से तंग आकर लाखों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है.
इनमें से क़रीब दस लाख रोहिंग्या मुसलमान दक्षिणी बांग्लादेश में बतौर शरणार्थी रह रहे हैं.
जबकि बहुत से लोग भागकर मलेशिया पहुँचे हैं जिसे वो अपने लिए सुरक्षित जगह मानते हैं.
लेकिन महामारी को कारण बताते हुए मलेशिया ने अब रोहिग्या शरणार्थियों के अपने यहाँ आने पर रोक लगा दी है.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोविड-19 टेस्ट में नेगेटिव पाये गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोविड-19 टेस्ट में नेगेटिव पाये गए हैं यानी वे कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हैं.
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह सूचना दी है.
रविवार को हल्के बुखार, खांसी और गले में खराश की शिक़ायत के बाद उन्हें घर पर रहने की सलाह दी गई थी और मंगलवार सुबह उनका सैंपल जाँच के लिए भेजा गया था.
महामारी के दौर में जापान ने बनाये साइकिल चालकों के लिए 'अजीब नियम'

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कई अन्य देशों की तरह जापान में भी महामारी के दौरान साइकिल इस्तेमाल करने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है. क्यों? क्योंकि दफ़्तर आने-जाने के लिए लोग भीड़भाड़ वाली बसों या मेट्रो ट्रेनों के इस्तेमाल से बच रहे हैं.
नौबत ये है कि जापान प्रशासन को साइकिलिंग से संबंधित कुछ दिशा-निर्देश जारी करने पड़े हैं.
इनके अनुसार सड़क पर चलते समय साइकिल की घंटी बजाने पर प्रतिबंध है, बेवजह ब्रेक लगाने पर प्रतिबंध है, पैदल चलने वालों का रास्ता जाम करने पर रोक है.
प्रशासन ने ये दिशा-निर्देश यह कहते हुए जारी किये हैं कि इससे लोगों की सेफ़्टी सुनिश्चित की जा सकेगी.
30 जून से ये नियम लागू होंगे. इनके अनुसार 14 साल से अधिक उम्र वाले किसी साइकिल चालक को बेवजह घंटी बजाने पर 500 अमरीकी डॉलर का चालान भरना पड़ सकता है. साथ ही प्रशासन द्वारा तैयार किया गया एक ट्रैफ़िक सेफ़्टी कोर्स भी करना पड़ सकता है.
जापान में सोशल मीडिया पर इन नियमों का मज़ाक बनाया जा रहा है. काफ़ी लोग इन नियमों को अजीब मान रहे हैं.
बिहार का प्रवासियों के लिए क्या प्लान है?

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लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मज़दूरों के मामले पर स्वत: संज्ञान नेते हुए भारत की सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को एक आदेश सुनाया है.
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि "सभी मज़दूरों का रजिस्ट्रेशन किया जाए और आज से 15 दिनों के अंदर सभी को उनके घर भेजा जाए. ट्रेन की माँग के 24 घंटे के अंदर केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त ट्रेनें दी जाएं"
राज्य सरकारों से कोर्ट ने कहा कि लौटकर आने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए काउंसलिंग सेंटर की स्थापना की जाए. उनका डेटा इकट्ठा किया जाए, जो गांव और ब्लाक स्तर पर हों. साथ ही उनके स्किल की मैपिंग की जाए, जिससे रोज़गार देने में मदद हो. अगर मज़दूर वापस काम पर लौटनाचाहते हैं तो राज्य सरकारें मदद करें."
वैसे देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट का यह सुप्रीम आदेश ज़रा देरी से आया है. इसके पहले ही लाखों मज़दूर अपने घर लौट कर आ चुके हैं. फिर भी अदालत का यह आदेश राज्य सरकारों के लिए अहम है क्योंकि 15 दिनों के अंदर उन्हें अपने यहां की विस्तृत कार्ययोजना पेश करनी है.
सुप्रीम कोर्ट के इन्हीं आदेशों को मद्देनज़र रखते हुए आइए जानते हैं कि बिहार का प्रवासियों को लेकर क्या प्लान है?
भारत में कोरोना तोड़ रहा है नए रिकॉर्ड
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर आज का कार्टून: पूछती है सरकार!

कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत से जुड़ा एक और सुराग?
हेलेन ब्रिग्स, बीबीसी हेल्थ और साइंस जर्नलिस्ट

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छह महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि ‘कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण की शुरुआत आख़िर कब से हुई?’
आधिकारिक तौर पर चीन के हूबे प्रांत में स्थित वुहान शहर में इस संक्रमण के सबसे पहले मामले दर्ज हुए थे.
दिसंबर 2019 में वुहान के स्थानीय सी-फ़ूड मार्केट से जुड़े कुछ लोग साँस की तकलीफ़ लेकर अस्पताल पहुँचे थे जिनमें से कुछ की शुरुआती हफ़्ते में ही मौत हो गई थी.
साँस की परेशानी से जूझ रहे वुहान के अधिकांश लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी, लेकिन ये सभी लोग वुहान के सी-फ़ूड मार्केट से जुड़े हों, ऐसा नहीं था और ना ही स्पष्ट रूप से यह पता चल पाया है कि कौनसा जानवर इस वायरस का सोर्स है.
इस तरह के कुछ संकेत ज़रूर मिले हैं कि कोरोना वायरस से होने वाला संक्रमण शायद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ वक़्त पहले से फैल रहा था.
फ़्रांस के एक डॉक्टर दावा कर चुके हैं दिसंबर में लिये गए उनके कुछ मरीज़ों के सैंपल कोरोना पॉज़िटिव पाये गए हैं.

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अब इस ओर इशारा करने वाले कुछ और सुराग मिले हैं जिनके अनुसार गर्मियाँ समाप्त होने और शरद ऋतु शुरू होने पर चीन के अस्पतालों में भीड़ में बढ़ोतरी देखी गई थी.
सेटेलाइट से ली गई तस्वीरों के आधार पर यह तुलना की गई है. मगर चीन की सरकार ने इस अध्ययन को 'बेहद मूर्खतापूर्ण' बताते हुए खारिज कर दिया है.
इसके अलावा यह भी पाया गया है कि वुहान में इस बीमारी के आम लक्षणों, जैसे- बलगम, बुखार, डायरिया के बारे में इंटरनेट पर सर्च करने वालों की संख्या भी बढ़ी थी.
बहरहाल, एक गंभीर जाँच के ज़रिये ही यह पता लगाया जा सकता है कि असल में यह कब से शुरू हुआ और कैसे शुरू हुआ. इसके लिए इंसानों और जानवरों, दोनों में जाँच की ज़रूरत है. शायद तभी हमें इन सवालों के जवाब मिल पायें.
यूके पहुँची वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम को क्वारंटीन में रखा जाएगा
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इंग्लैण्ड के साथ टेस्ट क्रिकेट सिरीज़ खेलने के लिए वेस्टइंडीज़ की क्रिकेट टीम मंगलवार सुबह ब्रिटेन पहुँची जिन्हें अब तीन हफ़्ते के लिए क्वारंटीन में रहना होगा.
कोरोना वायरस महामारी के बाद यह पहली क्रिकेट टीम है जो ब्रिटेन पहुँची है.
हवाई अड्डे पर पहुँचने के बाद पूरी टीम का कोविड-19 टेस्ट किया गया जिसमें सभी खिलाड़ी नेगेटिव पाये गए.
अब इन खिलाड़ियों को ओल्ड ट्रेफ़र्ड के एक होटल में तीन सप्ताह के लिए रहना होगा.
कोविड-19: सिंधिया और उनकी माँ अस्पताल में भर्ती हुए हैं

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भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी माँ माधवी राजे सिंधिया की तबीयत ख़राब होने के बाद दोनों को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
ज्योतिरादित्य सिंधिया को कोरोना टेस्ट के बाद पॉज़िटिव पाया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार 'ज्योतिरादित्य और उनकी माँ माधवी राजे सिंधिया को गले में ख़राश और बुख़ार की शिकायत होने पर सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आज दूसरे दिन उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. कल ही दोनों का कोरोना टेस्ट किया गया था.'
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उनके जल्द ठीक होने की कामना की है.
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बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी सिंधिया और उनकी मां के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की है.
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी मां के जल्द ठीक हो जाने की कामना की है.
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कोरोना वायरस ने कैसे एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया?
पीएम मोदी की चिट्ठी पर एक मज़दूर के पिता का आया है जवाब
'दिल्ली में जुलाई अंत तक होंगे कोरोना वायरस संक्रमण के साढ़े पाँच लाख मामले'

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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा:
अनुमान है कि 14 जून तक दिल्ली में - 44 हज़ार
30 जून तक - एक लाख
15 जुलाई तक - 2.25 लाख
और 31 जुलाई तक - 5.5 लाख केस होंगे.
उन्होंने कहा, “जुलाई के अंत में हमें दिल्ली के लोगों के लिए कम से कम 80,000 बेड की ज़रूरत होगी.”
रिपोर्ट में पढ़िए, प्रेस से बात करते हुए उन्होंने और क्या-क्या कहा...
