कोरोना अपडेटः WHO पर अमरीका का हमला

इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वर्ल्ड हेल्थ एसेंबली को संबोधित करते हुए कहा था कि चीन ने पूरी ज़िम्मेदारी के साथ काम किया है.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना संक्रमण : पटना, लखनऊ, मुंबई और कोलकाता में कितने मामले, भारत और दुनिया में कितने हैं मरीज़?

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  3. पंजाब में कुल 11 लाख प्रवासी मज़दूर

    पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक राज्य से करीब दो लाख प्रवासी मजदूर बाहर जा चुके हैं. सरकार की ओर से बनाए पोर्टल में कुल 11 लाख प्रवासियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने सीएमओ पंजाब के हवाले से बताया कि राज्य से रोजाना 20 ट्रेनें चल रही हैं. सोमवार को 16 ट्रेनें उत्तर प्रदेश और 6 बिहार के लिए थीं.

    मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का कहना है कि बिहार के लिए और भी ट्रेनें चलाए जाने की जरूरत है लेकिन फिलहाल वहां की सरकार प्रवासियों को वापस नहीं बुलाना चाहती क्योंकि उनके क्वारंटीन सेंटर भर चुके हैं.

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  4. प्रियंका ने मुहैया कराई बस और चालकों के डिटेल्स

    यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी के एक हज़ार बसों को प्रवासी मज़दूरों को उनके घर तक भेजने के लिए लगाए जाने की पेशकश को स्वीकार करते हुए उनसे बसों और उनके चालकों के डिटेल्स मांगे थे.

    इसके बाद प्रियंका गांधी की ओर से ये डिटेल्स यूपी सरकार को मुहैया करा दिया गया है, इस बाबत उने दफ़्तर ने चिट्ठी जारी करके मीडिया को जानकारी दी है.

    प्रियंका गांधी

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  5. 'मैं ख़ुद ही गंजा हो गया, कम से कम इस साल सैलून तो नहीं जाऊंगा'

  6. WHO पर अमरीका का हमला

    वर्ल्ड हेल्थ एसेंबली के दौरान अमरीका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर कड़ा प्रहार किया है.

    अमरीका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स आज़र ने एसेंबली में अपने शुरुआती भाषण में कहा, "हमें साफ़-साफ़ बात करनी चाहिए. दुनिया को जिस जानकारी की ज़रूरत थी, ये संस्था (विश्व स्वास्थ्य संगठन) उस जानकारी को जुटाने में नाकाम रही है. उसकी इस नाकामी से कई जानें गईं हैं."

    अमरीकी स्वास्थ्य मंत्री ने चीन का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन इसकी ओर इशारा करते हुए कहा, "कम से कम एक सदस्य देश ने इस महामारी को छुपाने की कोशिश की."

    उन्होंने आगे कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को 'निश्चित तौर पर और ज़्यादा पार्दर्शी और ज़िम्मेदार होना चाहिए.'

    अमरीका, कोरोना, विश्व स्वास्थ्य संगठन

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  7. यशवंत सिन्हा, संजय सिंह और दिलीप पाण्डेय को दिल्ली पुलिस ने राजघाट से हिरासत में लिया

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    भारत के पूर्व वित्त मंत्री और विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि ‘उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.’

    उनके साथ-साथ दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पाण्डेय और संजय सिंह को भी हिरासत में लिया है.

    ये सभी लोग दिल्ली स्थित राजघाट पर पैदल पलायन करने को मजबूर श्रमिकों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे.

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    दरअसल, यशवंत सिन्हा ने माँग की है कि ‘मोदी सरकार पैदल पलायन कर रहे मज़दूरों को सही सलामत और सम्मानपूर्वक तरीक़े से उनके घर पहुँचाने के लिए भारतीय फ़ौज और अर्धसैनिक बलों का सहायता ले.’

    इस माँग को लेकर यशवंत सिन्हा सोमवार सुबह दिल्ली स्थित राजघाट के पास धरने के लिए पहुँचे थे.

    सोमवार सुबह उन्होंने ट्वीट किया था, “अपनी माँग को लेकर हमने दिल्ली के राजघाट पर सुबह 11 बजे प्रदर्शन शुरू किया था. हम चाहते हैं कि मज़दूरों को मारने-पीटने और सड़कों पर मरने के लिए छोड़ने की बजाय, उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुँचाया जाए.”

    आम आदमी पार्टी भी उनकी इस माँग का समर्थन कर रही है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के साथ पार्टी के प्रवक्ता और दिल्ली की तिमारपुर सीट से विधायक दिलीप पाण्डेय भी यशवंत सिन्हा के साथ धरला स्थल पर थे.

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    • दिलीप पाण्डेय ने ट्वीट किया है, “दिल्ली पुलिस ने हमें गिरफ़्तार कर लिया है. हम मज़दूरों की आवाजाही के लिए सरकार से माँग कर रहे थे. फ़रत भड़काने वाले सांसद को भाजपा की पुलिस गिरफ़्तार नहीं करती, लेकिन मजदूरों के हक़ की आवाज़ उठाई, तो हम सबको अरेस्ट कर लिया.”
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    • वहीं पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया है, “वाह रे भाजपा सरकार, ग़रीब मज़दूरों को घर पहुँचाने की माँग करना भी गुनाह हो गया है राजघाट पर. यशवंत सिन्हा के धरने पर गिरफ़्तारी हो गई. अब थाने ले जाया जा रहा है. भाजपा ने ग़रीबों को मरने के लिए छोड़ दिया. भाजपा केवल अमीरों की सोचती है, अमीरों की पार्टी है. क्या ग़रीब मज़दूरों के हक़ की आवाज़ उठाना गुनाह है? चाहे जेल भेजो या लाठी चलाओ, हम प्रवासी मज़दूरों की आवाज़ उठाते रहेंगे.”

    दिल्ली पुलिस के अनुसार धरना स्थल पर मौजूद क़रीब 15 लोगों को राजेंद्र नगर थाने में ले जाया गया है. पुलिस का कहना है कि इन सभी लोगों ने धारा-144 का उल्लंघन किया है.

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  11. कोरोना से मिले कौन से सबक़ हम याद रखेंगे?

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, चीन ने कोरोना पर क़ाबू पाने के बाद समीक्षा का समर्थन किया

    कोरोना

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    वर्ल्ड हेल्थ एसेंबली में बोलते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि चीन ने कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ पूरी तरह पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी के साथ काम किया है.

    उन्होंने कोविड-19 को लेकर दुनिया भर की कोशिशों की विस्तृत समीक्षा किए जाने पर बल दिया है. हालांकि उन्होंने कहा कि यह कोरोना वायरस पर नियंत्रण होने के बाद किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि निष्पक्षता के साथ समीक्षा होनी चाहिए.

    शी जिनपिंग ने अगले दो साल के लिए दो अरब डॉलर की मदद भी माँगी है, साथ में उन्होंने कहा कि अगर चीन कोरोना वायरस का टीका बनाता है तो यह दुनिया भर की सार्वजनिक संपत्ति होगी.

  13. दिल्ली में सारे बाज़ार खुलेंगे- आधी दुकानें एक, आधी दुकानें दूसरे दिन

  14. कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में विश्व युद्ध के दौर से क्या सीख सकते हैं?

  15. मज़दूर, महिलाएं, बच्चे और सैकड़ों किलोमीटर का सफ़र

  16. लॉकडाउन-4 में दिल्ली वालों को क्या-क्या छूट मिलेगी? सीएम केजरीवाल ने बताया

    Twitter/@ArvindKejriwal

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    केंद्र सरकार से चर्चा के बाद दिल्ली सरकार ने भी लॉकडाउन-4 का एक विस्तृत प्लान तैयार किया है जिसके बारे में बताने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता की.

    पढ़ें प्रेस वार्ता में अरविंद केजरीवाल ने क्या-क्या कहा:

    • कोरोना महीने-दो महीने में जाने वाला नहीं है. जब तक इस बीमारी का टीका नहीं आ जाता, यह बीमारी हमारे बीच रहेगी.
    • लॉकडाउन से जो सप्ताह हमें मिले हैं, उनमें हमें अपनी तैयारी करने का समय मिला.
    • इसलिए हमेशा के लिए लॉकडाउन नहीं रह सकता. अब हमें अपनी अर्थव्यवस्था को भी संभालना है.
    • मेट्रो, कोचिंग-ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, होटल, सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, सलून, बार, थियेटर, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल, स्कूल व शैक्षिक संस्थान बंद रहेंगे.
    • कोई धार्मिक, राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी. धार्मिक स्थान बंद रहेंगे.
    • शाम 7 से सुबह 7 बजे के बीच सिर्फ़ बेहद ज़रूरी काम के लिए ही घर से निकलने की अनुमति होगी.
    • 65 साल से अधिक उम्र वाले, दस साल से कम उम्र वाले, गर्भवति महिलाओं, दिल की बीमारी वाले, शुगर के मरीज़ों के लिए घर से निकला वर्जित होगा क्योंकि इन लोगों के लिए कोरोना जानलेवा साबित होता है.
    • रेस्त्रां सिर्फ़ होम डिलीवरी कर सकेंगे.
    • स्टेडियम खोले जा रहे हैं, पर दर्शकों के स्टेडियम में जाने की अनुमति नहीं है.
    • ऑटो में एक, टैक्सी और कैब में सिर्फ़ दो यात्री बैठ सकेंगे. हर सवारी के उतरने के बाद ड्राइवर को कार साफ़ करनी होगी.
    • बसें शुरू होंगी. एक बस में 20 से ज़्यादा यात्री नहीं चढ़ सकेंगे. सभी यात्रियों की बस में चढ़ने से पहले स्क्रीनिंग होगी.
    • दुपहिया वाहनों पर एक और कारों में ड्राइवर के साथ दो लोग बैठ सकेंगे.
    • सभी सरकारी और प्राइवेट दफ़्तर खुल जाएंगे. मगर प्राइवेट कंपनियों वाले जितना हो सके, अभी वर्क फ़्रॉम जारी रखने की कोशिश करें.
    • कंस्ट्रक्शन के काम शुरू किये जा रहे हैं, लेकिन इन कामों में सिर्फ़ दिल्ली में रहने वाले मज़दूर ही काम कर सकेंगे. पड़ोसी राज्य से आने-जाने वाले मज़दूरों को अभी अनुमति नहीं है.
    • शादी के लिए 50 मेहमानों की दावत की अनुमति होगी. अंतिम संस्कार में 20 लोगों की ही अनुमति होगी. इनमें सोशल डिस्टेन्सिंग का ध्यान रखना होगा.
    • कंटेनमेंट ज़ोन में किसी गतिविधि की अनुमित नहीं होगी.
    • मास्क पहनना अनिवार्य है.
  17. बीबीसी हिन्दी पर आज का कार्टून

    कीर्तिश का कार्टून
  18. केंद्र सरकार की जन विरोधी शर्तें नहीं मानी जाएंगी: ममता बनर्जी

    ममता

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    पश्चिम बंगाल सरकार ने भी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया है.

    लेकिन कुछ बातें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पष्ट की हैं.

    • उन्होंने कहा है कि ‘पश्चिम बंगाल में आधिकारिक रूप से कोई नाइट कर्फ़्यू नहीं रहेगा, पर लोगों से गुज़ारिश है कि वे शाम 7 बजे के बाद घूमने ना निकलें.’
    • उन्होंने कहा है कि 27 मई से फेरी वालों को अपने सामान की बिक्री करने की इजाज़त होगी. हालांकि कंटेनमेंट ज़ोन में जाने की अनुमति उन्हें नहीं होगी.
    • समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ममता बनर्जी ने कहा है कि वे पश्चिम बंगाल के श्रमिकों के लिए 105 स्पेश्ल ट्रेनों की माँग कर चुकी हैं और 100 से ज़्यादा ट्रेनों की माँग वो जल्द करेंगी ताकि पश्चिम बंगाल के श्रमिक अपने घर लौट सकें.
    • उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार केंद्र सरकार की जन विरोधी शर्तों का पालन नहीं करेगी.” उन्होंने केंद्र सरकार के आर्थिक पैकेज को एक ‘बड़ा शून्य’ बताया है.
  19. कोरोना वायरस: प्रवासी मज़दूरों के लिए क्या कर रही है मोदी सरकार

  20. योगी सरकार ने स्वीकार किया प्रियंका गांधी का मज़दूरों के लिए 1000 बसें भेजने का प्रस्ताव

    ANI

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    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की ओर से उत्तर प्रदेश में अपने घर लौटने के इच्छुक प्रवासी मज़दूरों के लिए एक हज़ार बसें चलवाने के प्रस्ताव को आदित्यनाथ योगी सरकार ने स्वीकार कर लिया है.

    इस बारे में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी की ओर से प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिखी गई है और उनसे बसों की लिस्ट माँगी गई है.

    इस पत्र में अवस्थी ने लिखा है, ‘प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है. अतएव अविलम्ब एक हज़ार बसों की सूची चालक/परिचालक का नाम व अन्य विवरण सहित उपलब्ध कराने का कष्ट करें.’

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    दरअसल, 16 मई को प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया था, ‘आज यूपी सरकार को पत्र लिखकर कांग्रेस की तरफ से 1,000 बसें चलाने की अनुमति माँगी है. रोज़ होती दुर्घटनाएं, असहनीय पीड़ा, अमानवीय हालात. हमारे कामगार भाई-बहन और उनके बच्चे संकट के दौर से गुज़र रहे हैं. मैंने सरकार से पहले भी अपील की है कि कृपया बसें चलाकर पैदल चल रहे मज़दूरों को घर पहुंचाएं. केवल आज के ही दिन में 3 भीषण दुर्घटनाएं घट गईं. ये मजदूरों को अकेले छोड़ देने का समय नहीं है. आशा है उत्तर प्रदेश सरकार से सकारात्मक जवाब आएगा.’

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    उसी दिन समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी प्रियंका गांधी से पहले एक ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था, ‘पैदल घर पहुँचने के लिए वाहनों में विवश होकर चलने पर मजबूर व हादसों में अपनी जान गवाँ रहे प्रवासी मज़दूरों को सम्मान और सुरक्षा के साथ घर पहुँचाने के लिए प्रदेश सरकार को दस हज़ार सरकारी बसों को तत्काल चलाना चाहिए. क्या ग़रीब का कोई हक़ नहीं होता?’