कोरोना: गृह मंत्रालय जारी करेगा नई गाइडलाइन, कुछ ज़िलों को मिल सकती है ढील
भारत में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 1008 हो गई है और संक्रमण की चपेट में आए कुल लोगों की संख्या 31,787 हो गई है.
लाइव कवरेज
इस लाइव पेज के साथ बने रहने के लिए बीबीसी हिन्दी के सभी पाठकों और दर्शकों को शुक्रिया. अब यह लाइव पेज यहीं समाप्त होता है. कोरोना वायरस की महामारी से जुड़े देश-दुनिया के आगे के सभी ज़रूरी और बड़े अपडेट्स देखने के लिए यहां क्लिक करें.
भारतीयों को BCG का टीका बचा रहा है?
सोशल मीडिया में ये ख़बरें चल रही हैं कि भारत में कोरोना से मरने वालों की तादाद इसलिए कम है क्योंकि यहां के लोगों को बचपन में बीसीजी के टीके लगते हैं. और जिन लोगों को बीसीजी वैक्सीन लगे हैं, उन पर कोरोना का असर नहीं होता.
लेकिन क्या ये बात सच है कि जिन देशों में बीसीजी वैक्सीन लगते हैं, वहां कोरोना वायरस से कम मौतें हो रही हैं? पूरी जानकारी इस वीडियो में है.
सबसे ज़्यादा संक्रमण मामलों वाले देश, जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार ये हैं संक्रमण वाले टॉप-10 देश
अमरीका- 10,23,304
स्पेन-2,36,899
इटली-2,03,591
फ़्रांस-1,69,053
ब्रिटेन-1,62,357
जर्मनी-1,60,479
तुर्की-1,17,589
रूस-99,399
ईरान-93,657
चीन-83,940

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इबोला की दवा से ठीक होंगे कोरोना के मरीज़?
अमरीकी सरकार में संक्रामक बीमारियों के जाने-माने विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि वो कोरोना वायरस के इलाज के लिए इबोला की दवा के शुरुआती ट्रायल से आशान्वित हैं.
इस दवा का नाम रेमडेसिवियर है और यह एक एंटी-वायरल ड्रग है. शुरुआत में इसे इबोला के इलाज के लिए बनाया गया था.
डॉक्टर फ़ाउची ने कहा, “आंकड़े साफ़ दिखाते हैं कि रेमडेसिवियर से लोग जल्दी ठीक हो जाते हैं. शुरुआती आंकड़ों से पता चला है कि इस दवा से 15 दिनों में ठीक होने वाले मरीज़ 11 दिनों में ही ठीक हो जाते हैं. हो सकता है कि नतीजे जादुई न लगें लेकिन ये साबित हो चुका है इबोला की दवा कोरोना वायरस को रोक सकती है.”
अमरीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एलर्जी ऐंड इंफ़ेक्शियस डिजीज़(NIAID) रेमडेसिवियर का ट्रायल किया है लेकिन अभी इसके नतीजे प्रकाशित नहीं हुए हैं.
डॉक्टर फ़ाउची का यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब मेडिकल जर्नल लैंसेट ने चीन में रेमडेसिवियर के एक ट्रायल की विस्तृत जानकारी प्रकाशित की है. जर्नल में बताया गया है कि रेमडेसिवियर कोरोना वायरस के मरीज़ों की हालत में सुधार नहीं कर पाई. हालांकि चीन में यह ट्रायल पूरा नहीं हो पाया था.

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इमेज कैप्शन, डॉक्टर एंथनी फ़ाउची कोरोना वायरस: पिछले कुछ घंटे में दुनिया का हाल
- भारतीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने के मद्देनज़र नई गाइडलाइंस जारी की जाएंगी. मंत्रालय ने कहा है कि कुछ ज़िलों में चार मई से लॉकडाउन में ढील दी जाएगी.
- जर्मनी ने विदेशी यात्राओं पर 14 जून तक के लिए पाबंदी लगा दी है.
- ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक कुल 26 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. इन आंकड़ों में अस्पतालों से बाहर और केयर होम्स में मरने वाले वाले लोगों को भी शामिल किया है.
- इंटरनेशन लेबर ऑर्गनाइज़ेशन ने चेताया है कि कोरोना वायरस पैन्डेमिक की वजह से दुनिया के आधे मज़दूरों और कामगरों की रोज़ी-रोटी छिन सकती है.
- स्पेन में प्रशासन ने समुद्र तट पर ब्लीच के छिड़काव के लिए माफ़ी मांगी है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ‘भयानक नुक़सान’ हो सकता है.

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कोरोना संक्रमण है या मामूली बुख़ार? कैसे पहचानें?
आप कैसे कह सकते हैं कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है फिर किसी तरह की मामूली एलर्जी है?
कोरोना वायरस और फीवर के लक्षण समान हो सकते हैं. इसलिए लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि वो इस लक्षणों को साफ़ तौर पर पहचानें और जानें कि कौन से लक्षण हे फीवर के हैं और कौन से कोरोना संक्रमण के?
इस वीडियो के ज़रिए समझिए और यहां क्लिक कीजिए
यमन में कोरोना के पांच नए मामले, भयावह हो सकते हैं हालात
यमन में कोविड-19 संक्रमण के पांच नए मामले सामने आए हैं. इससे ठीक एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि ‘युद्ध से जर्जर हो चुके यमन में कोरोना वायरस फैल रहा है.’
इससे पहले यमन में संक्रमण के सिर्फ़ एक मामले का पता चला था. स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि यमन जैसे देश में कोरोना संक्रमण का फैलना बेहद ख़तरनाक हो सकता है. पांच वर्ष से ज़्यादा वक़्त तक चले गृह युद्ध ने यमन को तबाह कर दिया है और यहां का स्वास्थ्य तंत्र लगभग मृत है.
इतना ही नहीं, संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार यमन की एक करोड़ से ज़्यादा भुखमरी की कगार पर है और दो करोड़ के लगभग लोगों के पास पीने का साफ़ पानी, सफ़ाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं.

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रूस ने बढ़ाई विदेशियों के प्रवेश पर लगी रोक
रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन ने रूस में विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर लगी रोक की अवधि बढ़ा दी है. यह पाबंदी शुक्रवार को ख़त्म हो जाती लेकिन अब कोविड-19 संक्रमण ख़त्म होने तक इसे बढ़ा दिया गया है.
मिशुस्तिन ने बताया कि कुछ विदेशी नागरिकों को इस पाबंदी से छूट दी जाएगी. मसलन, स्वास्थ्य सेवा में सहायता करने आए विदेशियों को इस रोक से छूट दी जाएगी.
रूस में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से 108 लोगों की मौत हो गई. इसी के साथ वहां मौतों का आंकड़ा 972 पहुंच गया है. रूसी प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार वहां अभी संक्रमण के कुल 99,399 मामले हैं.

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टॉम हैंक्स ने प्लाज़्मा रिसर्च के लिए किया रक्तदान
मशहूर हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स ने कोरोना वायरस रिसर्च के लिए अपना प्लाज़्मा दान किया है. उन्होंने इसकी तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट की हैं और लिखा है, “ये इतना आसान है जितना कि झपकी लेना.”
पिछले महीने टॉम हैंक्स और उनकी पत्नी रीटा विल्सन के कोविड-19 संक्रमण का शिकार होने की ख़बर आई थी. फ़िलहाल दोनों ठीक हो चुके हैं. पिछले हफ़्ते टॉम हैंक्स ने कोरोना नाम के एक लड़के को चिट्ठी लिखी थी जिसे उसके नाम की वजह से चिढ़ाया जा रहा था.
दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए प्लाज़्मा थेरेपीपर रिसर्च कर रहे हैं. इस थेरेपी में उन लोगों का ख़ून लेकर संक्रमित लोगों का इलाज किया जा रहा है जो कोरोना वायरस की चपेट में आकर ठीक हो चुके हैं और जिनके शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले पर्याप्त एंटीबॉडी बन चुके हैं.
प्लाज़्मा थेरेपी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
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ब्रेकिंग न्यूज़, 'चीन, अमरीका का दुश्मन नहीं है'
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए हैं और कोरोना संक्रमण से जुड़ी जानकारियां साझा कर रहे हैं. ब्रिटेन में चीन के राजदूत लियो शियाउमिंग ने बीबीसी को यह जानाकारी दी.
इससे एक हफ़्ते पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि वो चीन से ख़ुश नहीं हैं. उन्होंने कहा था, “मुझे लगता है कि चीन संक्रमण को शुरुआत में ही रोक सकता था.”
लियो शियाउमिंग ने बीबीसी से कहा, “मैं अमरीका के लोगों को बस इतना बताना चाहता हूं कि चीन अमरीका का दुश्मन नहीं है. वायरस अमरीका का दुश्मन है और हमें इससे मिलकर लड़ना होगा.”

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प्लाज़्मा थेरेपी के क्या ख़तरे हैं?
प्लाज़्मा थेरेपी को कोविड-19 के गंभीर मरीज़ों के लिए एक उम्मीद के तौर पर देखा गया. लेकिन मंगलवार को भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर चेतावनी दी है.
मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि प्लाज़्मा थेरेपी को कोविड-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ये अप्रूवड नहीं है और उन तमाम थेरेपी में से एक है, जिसके असर का फ़िलहाल पता लगाया जा रहा है.
उन्होंने चेताया कि प्लाज़्मा थेरेपी को अगर सही तरीक़े और सही गाइडलाइन के साथ इस्तेमाल ना किया जाए तो इससे जान को ख़तरा भी हो सकता है. देखिए, ये वीडियो.
स्वास्थ्यकर्मियों को पुलिस का शुक्रिया
दिल्ली पुलिस ने 51 बाइकों पर सवार होकर एम्स (अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान) अस्पताल की परिक्रमा की और कोरोना संक्रमण से लोगों की जान बचाने में दिन-रात जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का शुक्रिया अदा किया. इसकी अगुवाई एक महिला पुलिसकर्मी ने की.
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यूरोप: पाबंदियों और ढील के बीच झूलता महाद्वीप
यूरोप महाद्वीप में लॉकडाउन और पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जाने लगी है. हालांकि लगभग सभी देशों की सरकारें लोगों की आवाजाही को लेकर दुविधा में हैं. पर्यटन और एयरलाइन सेक्टर अब भी संघर्ष कर रहे हैं. स्थानीय प्रशासन इस बात को लेकर चिंतित है कि गर्मियों की छुट्टियों में हालात को कैसे काबू में रखा जाए.
-स्पेन में एक बीच पर ब्लीच का छिड़काव लिए जाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है और अब अधिकारियों ने इसके लिए माफ़ी मांगी है. अधिकारियों का कहना है ब्लीच का छिड़काव इसलिए किया गया ताकि बच्चों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाया जा सके लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ‘भयानक नुक़सान’ होगा.
-स्विटज़रलैंड में 10 साल के कम उम्र के बच्चे अब अपने दादा-दादी के गले लग सकते हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि छोटे बच्चों से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैलता. हालांकि बुजुर्गों को बच्चों के साथ ज़्यादा वक़्त न बिताने को कहा गया है.
-ग्रीस में प्रशासन डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर रहा है ताकि लोग घर बैठे सुविधाएं पा सकें. ग्रीस के एक मंत्री ने सरकारी ऑफ़िसों में फ़ैक्स मशीन पर पाबंदी लगाए जाने की सलाह भी दी है

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तीन मई के बाद लॉकडाउन बढ़ा तो?
सबकी निगाहें अब इस बात पर हैं कि तीन मई के बाद लॉकडाउन को लेकर क्या फ़ैसला लिया जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ लॉकडाउन को मददगार मानते हैं क्योंकि अगर लॉकडाउन ना होता तो एक व्यक्ति से औसतन तीन लोगों में वायरस जा सकता था. लेकिन बढ़ता हुआ लॉकडाउन अपने साथ कई चुनौतियों को भी लेकर चल रहा है, जो दिन बीतने के साथ-साथ बड़ी होती जा रही हैं. पढ़िए,गुरप्रीत सैनी की यह रिपोर्ट.

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ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: भारत में आएगी नई गाइडलाइन
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने के मद्देनज़र नई गाइडलाइंस जारी की जाएंगी. मंत्रालय ने कहा है कि कुछ ज़िलों में चार मई से लॉकडाउन में ढील दी जाएगी.
भारत में दूसरे चरण का लॉकडाउन तीन मई तक लागू है. हालांकि कुछ राज्यों ने लॉकडाउन का समय बढ़ा दिया है और कुछ इसकी योजना बना रहे हैं.

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पिछले कुछ घंटों में भारत में क्या हुआ
- केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान महिला और बाल विकास मंत्रालय की इमर्जेंसी चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के ज़रिए 898 बाल विवाह रुकवाए गए. (PTI)
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि कोविड-19 के कुल सक्रिय मामलों में से सिर्फ़ 0.33 फ़ीसदी मरीज़ ही वेंटिलेटर पर हैं. 1.5 फ़ीसदी मरीज़ ऑक्सीजन सपोर्ट पर और 2.34 फ़ीसदी मरीज़ आईसीयू में हैं.
- विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में फ़्रेशर (नए) छात्रों का शैक्षणिक सत्र सितंबर में शुरू होगा और पहले से रजिस्टर्ड छात्रों का सत्र अगस्त से शुरू होगा.
- एमफ़िल और पीएचडी के शोधार्धियों को छह महीने का वक़्त और दिया जाएगा. इसके साथ ही उनका वाइवा (मौखिक परीक्षा) वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए होगा. अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं जुलाई में होंगी. (UGC)

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ब्रितानी सरकार की दैनिक ब्रीफ़िंग की प्रमुख बातें
-ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 26 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है. इन आंकड़ों में पहली बार केयर होम्स और अस्पतालों से बाहर हुई मौतों को भी शामिल किया गया है. इन आंकड़ों में उन लोगों को भी शामिल किया गया है जिनकी मौत कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद हुई है.
-ब्रितानी विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा कि गुरुवार तक ब्रिटेन में रोज़ाना होने वाले टेस्ट की संख्या एक लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है.
-ब्रिटेन के हर इलाके में अस्पताल जाने वाले लोगों की संख्या में कमी है लेकिन अब भी देश संक्रमण के सबसे नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है.

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ब्रिटेन को लॉकडाउन से राहत नहीं
डोमिनिक राब ने ये भी कहा कि ब्रिटेन में लॉकडाउन में तब तक ढील नहीं दी जाएगी जब तक सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त न हो जाए कि ‘दूसरे दौर के संक्रमण’ को टाला जा सकता है.
उन्होंने कहा कि सरकार ‘दूसरे चरण’ के लिए काम कर रही है. राब ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि ब्रितानी मंत्री कोई भी फ़ैसला लेने से पहले मई की शुरुआत में वैज्ञानिकों की सलाह का इंतज़ार करेंगे.

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'संक्रमण के मामले कम लेकिन अब भी नाज़ुक मोड़ पर ब्रिटेन'
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब का कहना है कि बुधवार को ब्रिटेन में 52,429 टेस्ट हुए और सरकार का लक्ष्य है कि गुरुवार तक यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाए.
उन्होंने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण ‘धीरे-धीरे काबू में आ रहा है’. राब ने कहा कि ब्रिटेन के लोगों ने लॉकडाउन जैसी पाबंदियों का ‘बहुत समर्थन’ किया है लेकिन देश अब भी ‘बेहद नाज़ुक और ख़तरनाक’ स्थिति में है.
