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कोरोना वायरस: इटली में लगातार तीसरे दिन सबसे कम मौतें
14 मार्च के बाद इटली में सबसे कम मौतों का आंकड़ा दर्ज किया गया है. इटली में 26,644 लोगों की मौत हुई है.
लाइव कवरेज
कोरोना वायरस के कारण अब तक दुनिया में क्या कुछ हुआ..

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दुनियाभर में कोरोना वायरस का क़हर जारी है. आइये जानते हैं दुनिया में क्या कुछ घट चुका है..
- 20 मार्च के बाद स्पेन में रोज़ाना होने वाली मौतों के आंकड़े में कमी आई है, वहां एक दिन में 288 लोगों की मौत हुई है. लॉकडाउन में ढिलाई देते हुए स्पेन में 14 साल से कम उम्र के बच्चों को एक घंटे के लिए घर से बाहर खेलने की अनुमति दी है.
- अस्पताल में 413 मौतों के बाद ब्रिटेन में मरने वालों का आंकड़ा 20,732 हो चुका है.
- पेरिस में पुलिस ने काला बाज़ारी के लिए रखे गए 1,40,000 फ़ेस मास्क ज़ब्त किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बारे में पता तब चला जब पेरिस के उत्तर में सेंट डेनिस से एक ट्रक से व्यापारी मास्क उतारते देखा गया.
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोविड-19 से ठीक होने के बाद सोमवार को काम पर लौट रहे हैं. वो मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे और ऐसी संभावना है कि रोज़ाना की न्यूज़ ब्रीफ़िंग ख़ुद करेंगे.
न्यूयॉर्क में मौतों की दर लगातार हो रही कम

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न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो का कहना है कि राज्य में मौतों के आंकड़ों में गिरावट आई है.
शुक्रवार को न्यूयॉर्क में जहां 437 लोगों की मौत हुई थी वहीं शनिवार को यह आंकड़ा केवल 367 था.
उन्होंने कहा कि संक्रमण और मौत की दर बताएगी कि राज्य को फिर से कैसे और कब खोलना है.
क्यूमो ने कहा कि जनता को यह कहना कि वो अनिश्चितकाल तक घरों में रहें और गर्मियों में कुछ भी न करें यह असंभव होगा.
उन्होंने एक रिपोर्ट की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि घरेलू हिंसा, ड्रग्स और शराब पीकर हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ चुकी हैं.
इटली में एक महीने के अंदर एक दिन में सबसे कम मौतें
14 मार्च के बाद इटली में सबसे कम मौतों का आंकड़ा दर्ज किया गया है. नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने एक दिन में 260 मौतों का आंकड़ा दर्ज किया है.
अमरीका के बाद इटली में सबसे अधिक मौतें हुई हैं. इटली में 26,644 लोगों की मौत हुई है.
इटली में लगातार तीसरे दिन मौतों के आंकड़ों में गिरावट आई है. कल इटली में 415 मौतें हुई थीं.
स्पेन में कैसा बीता बच्चों का दिन?
छह सप्ताह बाद बच्चों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति दिए जाने पर रविवार को स्पेन में बच्चे अपने घरों से बाहर निकले.
स्पेन ने लॉकडाउन नियमों में ढील देते हुए 14 साल से कम आयु के बच्चों को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक एक घंटे के लिए घरों से बाहर निकलने की अनुमति दी है.
14 मार्च से उनके घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी थी.
हालांकि, कुछ प्रतिबंध अभी भी जारी हैं जैसे कि बच्चों के सार्वजनिक पार्क में जाने या घर से एक किलोमीटर दूर जाने पर रोक है.

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असम के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को मुफ़्त पहुंचाया जा रहा घर

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दिलीप कुमार शर्मा
गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी जारी लॉकडाउन के बीच असम सरकार ने हज़ारों लोगों को राज्य के एक हिस्से से दूसरे हिस्से मेंपहुंचाने के लिए बस सेवा शुरू की है.
असम के परिवहन मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन के कारण फंसे 17 हज़ार से अधिक लोगों को अब तक असम राज्य परिवहन निगम (एएसटीसी) की 800 बसों से उनके घरों तक पहुंचाया गया है.
इस दौरान बसों मेंसोशल डिस्टन्सिंग के मानदंडों को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बस में कुल यात्रियों की क्षमता में से 50 प्रतिशत सीटों का ही उपयोग किया गया है.
परिवहन मंत्री ने बताया," राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे 41 हज़ार 651 लोगों ने हमारे हेल्पलाइन नंबरों पर आवेदन किया था, उनमें से पांच हज़ार यात्रियों को शनिवार को एएसटीसी की 300 बसों से उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जा चुका है."
एएसटीसी ने इन यात्रियों को उनके घरों तक पहंचाने के लिए 800 से अधिक बसों की व्यवस्था की है. शनिवार से शुरू हुई यह निःशुल्क सरकारी बस सेवा सोमवार तक ही जारी रहेगी. इसके अलावा एएसटीसी की बसों से रविवार को 12 हज़ार से अधिक यात्रियों को उनके घर छोड़ा गया है.
दरअसल, इससे पहले असम केस्वास्थ्य मंत्री हिमंतबिस्वा सरमाने एक प्रेसकॉन्फ्रेंसमें कहा था कि ये बस यात्रा एक तरफ़ायात्रा के लिए होगीअर्थात जो व्यक्ति लॉकडाउन के कारण किसी शहर में फंसे हुए हैं वे केवल अपने घर जा सकते हैं लेकिन वापस नहीं आ सकते.
ये बस यात्रा पूरी तरह मुफ़्त रखी गई है जिसमें किसी भी यात्री से पैसे नहीं लिए गए हैं. जिन लोगों ने सरकारी बसों से यात्रा के लिए आवेदन किया था उन सबके मोबाइल पर एक यात्रा टिकट भेजा गया था जिसमें बस पकड़ने के स्थान तक का उल्लेख किया गया था.
इसके अलावा अपनी ख़ुद की गाड़ी से यात्रा करने के लिए 51 हज़ार 402 लोगों ने सरकार के समक्ष आवेदन किया था लेकिन इनमें से फ़िलहाल केवल 12 हज़ार 206 लोगों को ही यात्रा पास जारी किया गया है. जबकि प्रशासन ने क़रीब 19 हज़ार आवेदन को ख़ारिज कर दिए हैं. बाकिके आवेदनों पर ज़िला प्रशासन ग़ौरकर रहा है.
ब्रिटेन में क्या अलग से 1,00,000 मौतें हो सकती हैं?

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डेविड शुकमैन
साइंस एडिटर, बीबीसी न्यूज़
ऐसा नया अनुमान लगाया गया है कि इस साल के आख़िर तक कोविड-19 से ब्रिटेन में 1,00,000 से अधिक लोगों की मौत हो सकती है.
ऐसी संभावना इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने एक शोध के ज़रिए जताई है. हालांकि, एक विशेष तरह की स्थिति में ही इस घटना के होने का आंकलन किया गया है.
शोधकर्ताओं ने ऐसी परिस्थिति का मूल्यांकन किया है जिसमें कमज़ोर लोगों के अलावा सभी को लॉकडाउन से छूट दे दी जाएगी. केवल बुज़ुर्ग और जिनको स्वास्थ्य समस्याएं होंगी उनको सुरक्षित रखना होगा.
इस पर इंपीरियल कॉलेज के प्रोफ़ेसर नील फ़र्ग्यूसन ने अनहर्ड वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इन लोगों को अधिक ख़तरा है और इनको बहुत मदद की ज़रूरत है इसलिए इनकी देखभाल करने वालों के साथ बातचीत करने की ज़रूरत है.
प्रोफ़ेसर फ़र्ग्यूसन के शोध के अनुसार, इस तबके में अगर संक्रमण का ख़तरा 80 फ़ीसदी कम भी कर दिया जाए तो भी 1,00,000 लोगों की जानें जा सकती हैं.
इस मौक़े पर यह भी ध्यान देने वाली बात है कि ब्रिटेन सरकार ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि वो कैसे या कब लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील देगी. हालांकि, अभी यह शोध जारी होना बाकी है जो आने वाले कुछ दिनों में जारी होगा.
इससे वायरस के ख़तरे के बारे में और भी पता चला है और इसमें बेहद कठिनाई है कि इसका सामना करने के लिए और क्या क़दम उठाए जा सकते हैं.
1,40,000 मास्क की होनी थी काला बाज़ारी, पेरिस पुलिस ने किए ज़ब्त

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फ़्रांस में पुलिस ने कहा है कि उसने काला बाज़ारी के लिए रखे गए 1,40,000 फ़ेस मास्क ज़ब्त किए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बारे में पता तब चला जब पेरिस के उत्तर में सेंट डेनिस से एक ट्रक से व्यापारी मास्क उतारते देखा गया.
फ़्रांस का कहना है कि फ़ेस मास्क का स्टॉक और उसका उत्पादन केवल स्वास्थ्यकर्मियों के लिए होना चाहिए.
कोरोना वायरस की महामारी जब से शुरू हुई उसके बाद से पेरिस क्षेत्र से कई बार मास्क की बरामदगी की गई है.
प. बंगाल में कोरोना से मरने वालों की तादाद हुई 20, भाजपा ने दिया मूक धरना

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पश्चिमबंगाल में दो और मरीज़ों की मौत के साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की तादाद बढ़कर 20 हो गई है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गई. इसमें कहा गया है कि बीते 24 घंटे के दौरान 38 नए मरीज़ों के सामने आने से संक्रमितों की कुल तादाद बढ़कर 461 तक पहुंच गई है.
इस बीच, कोरोना से निपटने में ममता बनर्जी सरकार की कथित नाकामी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कथित घोटाले के विरोध में भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को दोपहर 11 से एक बजे तक अपने घरों में बैठकर ही मूक धरना दिया.
दूसरी ओर, बंगाल पहुंची दोनों केंद्रीय टीमों ने भी कोलकाता और सिलीगुड़ी के कई इलाक़ों का दौरा किया.
भाजपा की ओर से आयोजित धरने में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, बांकुड़ा के सांसद सुभाष सरकार समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल थे. इस दौरान इन लोगों ने अपने हाथों में पोस्टर भी ले रखे थे.

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इमेज कैप्शन, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष (बाएं) प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने पत्रकारों से कहा, “सरकार कोरोना पर अंकुश लगाने और राशन मुहैया कराने में नाकाम रही है. बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं का आधारभूत ढांचा पूरी तरह ढह गया है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि हालात बेकाबू होने के बावजूद सरकार कोरोना संक्रमण से निपटने की बजाय आंकड़ों और तथ्यों को छिपाने में जुटी है.
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल दौरे पर आईं केंद्रीय टीमों ने लॉकडाउन की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए रविवार को कोलकाता और सिलीगुड़ी के कई इलाक़ों का दौरा किया.
कोलकाता पहुंची टीम ने वरिष्ठ अधिकारी अपूर्व चंद्र के नेतृत्व में महानगर के गार्डेनरीच, इकबालपुर, खिदिरपुर,मोमिनपुर और कालीघाट इलाक़ों का दौरा किया. कोलकाता पुलिस के अधिकारी भी उनके साथ थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया या आम लोगों से बात नहीं की.
दूसरी ओर,सिलीगुड़ी पहुंची टीम ने विधान मार्केट और उससे लगे इलाक़ों का दौरा किया और दुकानदारों के अलावा स्थानीय लोगों से भी बातचीत की. इस टीम के प्रमुख विनीत जोशी ने पत्रकारों से कहा कि कुछ लोग लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे है. उनको इसे गंभीरता से लेना चाहिये.
मध्य प्रदेश में मरने वालों का आंकड़ा 100 के पार, संक्रमित मरीज़ 2090

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शुरैह नियाज़ी भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिये,
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों का आंकड़ा 100 के पार हो चुका है.
अब तक 103 लोगों की जान जा चुकी है.
वहीं प्रदेश में कोरोना मरीज़ों की तादाद में 145 का इज़ाफा हो गया है.
अब प्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या 2,090 हो चुकी है.
राज्य सरकार के स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक़, रविवार को चार और मरीजों की मौत हुई है. इनमें से दो उज्जैन में और एक-एक व्यक्ति की मौत खंडवा और होशंगाबाद में हुई है.
इस तरह कुल 103 व्यक्ति कोरोना से अपनी जान गंवा चुके है. सबसे ज्यादा 57 मौतें इंदौर में हुई है.
उसके बाद उज्जैन में 17, भोपाल में 9, देवास में 6, होशंगाबाद में 2 लोगों की मौत हुई है.
इंदौर में रविवार को कोरोना के सबसे ज्यादा 91 नये मामले आये हैं. इंदौर में कोरोना संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1,176 पर पहुंच गया है.
वहीं, राजधानी भोपाल में अब तक 415 मरीज़ पाये गये हैं. उज्जैन ज़िले में भी आंकड़ा 106 पहुंच गया है.
प्रदेश में 302 कोरोना पीड़ित उपचार के बाद अपने घर पहुंच चुके हैं.
कोरोना से बचाव के लिये सरकार ने 617 कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किये हैं जहां पर लॉकडाउन में रियायत नही दी जा रही है.
वहीं, रविवार को कोरोना से पूरी तरह से ठीक हुये 19 लोगों को चिरायु अस्पताल से छुट्टी मिल गई.

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ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना संक्रमण- भारत का ताज़ा हाल

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भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार क्लयाण मंत्रालय के मुताबिक भारत में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 26,917 हैं जबकि 826 लोगों की मौत हो चुकी है.
रविवार को महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 440 नए मामले सामने आए हैं जबकि 19 मरीजों की मौत हो गई. इसमें मुंबई में अकेले 324 नए मामले सामने हैं जबकि भारत की व्यापारिक राजधानी में रविवार को 13 लोगों की मौत हुई है.
इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले 8,068 तक पहुंच गए हैं जबकि रविवार की शाम तक राज्य में 342 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि इलाज से अब तक राज्य में 1188 लोग ठीक भी हुए हैं.
गुजरात में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 230 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 18 लोगों की मौत हुई है. राज्य में अब तक कोरोना से 155 लोगों की मौत हो चुकी है.
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 2090 तक पहुंच गए हैं जबकि 103 लोगों की मौत हुई है.
तमिलनाडु में रविवार को कोरोना संक्रमण के 64 नए मामले सामने आए हैं. राज्य में अब तक कुल 1885 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जबकि 24 लोगों की मौत हुई है. राज्य में फ़िलहाल कोरोना के 883 एक्टिव मामले हैं.
तेलंगाना में बीते 24 घंटे में कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई है. लेकिन इस दौरान राज्य में संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए हैं, राज्य में एक्टिव मरीज़ों की संख्या 660 हो चुकी है.
उत्तर प्रदेश में रविवार तक कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या 1843 तक पहुंची है, इसमें 29 लोगों की मौत भी हुई है.
पश्चिम बंगाल में कोरोना के 461 एक्टिव मामले हैं जबकि 20 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. बिहार में कोरोना संक्रमण के मामले 274 तक पहुंच गए हैं.
झारखंड में अब तक 82 कोरोना संक्रमित

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रवि प्रकाश राँची से,
बीबीसी हिन्दी के लिएझारखंड में रविवार को 15 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. अब राज्य में कोरोना के 82 मामले हो चुके हैं.
इनमें से एक महिला समेत 3 बुज़ुर्गों की मौत हो चुकी है.
इस बीच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 13 लोगों को संबंधित अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है. स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री बन्ना गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने कहा, "सुबह की शुरुआत एक सुखद समाचार के साथ हुई है. स्वस्थ होने की रफ्तार इस सप्ताह 18% रही. कुछ मरीज संक्रमित हैं, जिनका इलाज चल रहा है. मुझे उम्मीद है ये लड़ाई हम जीतेंगे. अंतिम अपडेट के मुताबिक़ राज्य में अभी तक 8641 लोगों के सैंपल लिए गए हैं. कई सैंपल अभी जाँच की प्रक्रिया में ही हैं."
ब्रेकिंग न्यूज़, तीसरी बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे पीएम मोदी

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पीएम मोदी कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए सोमवार को भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से बैठक करेंगे.
ये पीएम मोदी और मुख्यमंत्रियों के बीच तीसरी मीटिंग होगी.
ऐसा माना जा रहा है कि इस मीटिंग में प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री लॉकडाउन से चरणबद्ध ढंग से निकलने के विषय पर बात कर सकते हैं.
रविवार को प्रसारित हुए मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी कह चुके हैं कि देश इस समय युद्ध के बीच में हैं और लोगों को सावधान रहने और बचाव के कदम उठाने की ज़रूरत है.
पीएम मोदी ने विशेष तौर पर हिंदी के एक मुहावरे सावधानी हटी – दुर्घटना घटी का प्रयोग किया.
बीते दिनों गृह मंत्रालय की ओर से अलग अलग तरह की छूट दिए जाने की घोषणाएं हुई हैं.
हालिया फ़ैसले के तहत, केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सभी तरह की दुकानें खोलने की अनुमति दी है.
इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में आस-पड़ोस की दुकानों को खोलने की इजाज़त दी गई है.
सोमवार को होने वाली बैठक में आने वाले दिनों को लेकर क़दम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है.
ब्रेकिंग न्यूज़, तीन से चार महीने बेहद अहम: उद्धव ठाकरे

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा है कि माहराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 80 प्रतिशत मामलों में मरीज़ों में कोई लक्षण नहीं दिखा.
भारत में कोरोना संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले महाराष्ट्र में ही हैं. राज्य में कोरोना संक्रमण का कुल मामला 7,628 तक पहुंच गया है, यह देश भर के कुल 26 हजार मामलों में एक चौथाई से भी ज़्यादा है.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि इस महीने के अंत तक लॉकडाउन पर उनकी सरकार फैसला लेगी. ठाकरे ने कहा, "30 अप्रैल के बाद क्या करेंगे, इस पर फैसला लेना है. अभी हम लोग कुछ चीज़ शुरू कर रहे हैं. हमलोग देख रहे हैं कि हालात कैसे सामान्य होंगे."
उद्धव ठाकरे के मुताबिक महाराष्ट्र में डॉक्टरों को क्लीनिक खोलने की अनुमति दी जा रही है और डायलिसिस सेंटर भी खोले जाएंगे. हालांकि उद्धव ठाकरे ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि अभी लॉकडाउन के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है.
उन्होंने कहा, "कोरोना वायरस तुरंत में ग़ायब नहीं हो रहा. आप लोगों को मास्क पहनना है. भीड़ में एकत्रित नहीं होना है. घरों में रहना है और लक्षण होने पर इलाज कराना है." उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगले तीन से चार महीने बेहद अहम होने वाले हैं.
जानी मानी गायिका लता मंगेशकर ने ट्वीट करके उद्धव ठाकरे की सराहना की है.
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संक्रमण की दर क्यों है महत्वपूर्ण
डेविड शुकमैन
साइंस एडिटर, बीबीसी

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दुनिया भर में सरकारों के लिए चिंता की सबसे बड़ी वजह होती है संक्रमण की दर या रेट ऑफ़ इन्फ़ेक्शन जिसे ‘R’ नंबर कहा जाता है.
पिछले महीने ब्रिटेन में जिसके भी शरीर में वायरस आया, वो औसतन तीन और लोगों को संक्रमित कर रहा था.
लॉकडाउन और दूसरे उपायों से ऐसा अनुमान है कि ये दर अब घटकर 0.7 हो गई है.
1.0 यानी एक से नीचे रहने की ये सीमा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ऊपर की कोई भी संख्या का मतलब होगा कि एक व्यक्ति एक से ज़्यादा लोगों को संक्रमित कर रहा है और फिर ये संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी.
लंदन के इंपीरियल कॉलेज का अनुमान है कि अभी किसी तरह के जमावड़े से इस दर में 0.6 का इज़ाफ़ा हो सकता है, यानी ये दर बढ़कर फिर 1.0 की सीमा से ऊपर चला जाएगा.
मगर उनको लगता है कि ये संभव है कि अगर स्कूल खोले जाएँ तो संक्रमण दर में 0.2 की वृद्धि होगी, लेकिन इसे लेकर बहुत अनिश्चितता है.
किसी को भी नहीं मालूम कि बच्चों से अलग-अलग घरों में वायरस फैल सकता है या नहीं.
ब्रिटेन सरकार को परामर्श देने वाले एक वैज्ञानिक ने कहा कि ये मुद्दा अभी हमारे सामने "शोध के लिए एक बड़ा सवाल है".
ब्रेकिंग न्यूज़, महीने भर बाद स्पेन के लिए अच्छी ख़बर
स्पेन में बीते 24 घंटे में 288 लोगों की मौत हुई है. 20 मार्च के बाद यह पहला मौका है जब इतने कम लोगों की मौत हुई है. शनिवार को स्पेन में 378 लोगों की मौत हुई थी.
स्पेन में कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों की कुल संख्या 23,190 हो गई है.
रविवार को छह सप्ताह के बाद पहली बार स्पेन में 14 साल से कम उम्र के बच्चों को घर से बाहर निकलने की अनुमति दी गई थी.

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ब्रेकिंग न्यूज़, सोमवार से काम पर लौटेंगे बोरिस जॉनसन

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कोरोना संक्रमण की वजह से तीन सप्ताह तक काम से दूर रहने वाले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अब काम पर लौटने को लेकर 'काफ़ी उत्सुक' हैं.
बोरिस जॉनसन सोमवार से वापस लंदन स्थित अपने निवास 10, डाउनिंग स्ट्रीट से काम शुरु करने वाले हैं.
उनकी अनुपस्थिति में उनका दायित्व संभाल रहे विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने बीबीसी के एंड्र्यू मार से कहा कि उनके लौटने से देश का उत्साह बढ़ेगा.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री को कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद 5 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था जहाँ वो एक सप्ताह रहे और इनमें पाँच दिन उन्हें आईसीयू में बिताना पड़ा.
12 अप्रैल को डिस्चार्ज होने के बाद से वो लंदन के बाहर ब्रिटिश प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास चेकर्स में सेहत ठीक कर रहे थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में अब तक 826 लोगों की मौत
भारत में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 26,917 हो गई है. भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक देश भर में 20177 एक्टिव केस हैं, जबकि 826 लोगों की मौत हो चुकी है.
जबकि इलाज से अब तक 5914 लोग ठीक हो चुके हैं. बीते 24 घंटे में संक्रमण के 1975 नए मामले सामने आए हैं जबकि इस दौरान 47 लोगों की मौत हुई है.

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ब्रेकिंग न्यूज़, जब तक कोरोना मिटेगा नहीं तब तक धैर्य रखना है: मोहन भागवत

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने लोगों से अपील की है कि जब तक कोरोना समाप्त नहीं होता तब तक उन्हें धैर्य रखना है. उन्होंने कोरोना से संघर्ष में भारत सरकार के काम की तारीफ़ करते हुए कहा है कि तत्परता पूर्वक शासन ने व्यवस्थाएं लागू कीं, लोगों ने भी अमल लाया है.
उन्होंने ये भी कहा है, 'भारत ने अपना नुकसान झेलकर भी दुनिया को दवाईयां भेजी हैं. जो मांगेंगे उनको देंगे.' 'हम इंसानों में भेद नहीं करते. ऐसे संकट में हम भेद नहीं करते. जो लोग इस काम में लगे हुए हैं, उनको साथ लेकर काम करना है, सामूहिकता से काम करना है.' 'सब अपने लोग हैं, सबकी सेवा करनी है. सबको उत्तम सेवा देनी है. सावधानी आवश्यक है.'
'काम करते हुए हम लोग बीमार ना हो जाएं, यह ध्यान रखना है. मास्क लगाना, हाथ धोना, अंतर रखना यह सब करना है.' 'काम करना है, धैर्य रखना है. सतत करना है. कब तक करना है, इस पर ध्यान नहीं देना. जब तक मिटता नहीं है तब तक करना है.'
महाराष्ट्र के दो संन्यासियों के हत्या पर मोहन भागवत ने कहा कि ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए. उन्होंने लॉकडाउन के नियमों के पालन करने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन खुलने पर कैसे लोगों में दूरी रहे यह देखना होगा. डिस्टेंस मेंटेन करना होगा. बाज़ार खुलेंगे, फैक्ट्री खुलेंगे तो लोगों को आपस में अंतर रखना सीखना होगा. उन्होंने यह भी बताया कि आरएसएस ने 30 जून तक सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.
स्वदेशी आचरण को अपनाना होगा, अपने देश के सामानों का ही इस्तेमाल करना होगा. विदेशों पर अवलंबन नहीं होना चाहिए.
लॉकडाउन के दौरान पर्यावरण का काफी शुद्ध हो गया है. हमें देखना होगा कि जब स्थिति सामान्य हो हमें जैविक तरीकों से जीवन को चलाना होगा.
पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमित सहायक स्वास्थ्य निदेशक की मौत

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प्रभाकर मणि तिवारी कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ चिकित्सक और पश्चिम बंगाल हेल्थ सर्विसेज के सहायक निदेशक डा. बिप्लब कांति दासगुप्ता (60) की रविवार तड़के कोलकाता के संक्रामक बीमारियों के अस्पताल में मौत हो गई.
एक सप्ताह पहले जांच में वे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे.
साठ वर्षीय डा. दासगुप्ता बंगाल में कोरोना संक्रमण के दौर में मरने वाले पहले डाक्टर हैं.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डा. दासगुप्ता के निधन पर गहरा शोक जताया है. उनकी पत्नी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और फिलहाल एक अस्पताल में भर्ती हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने एक ट्वीट में कहा, “डा. दासगुप्ता ने मानवता की सेवा में अपना बलिदान दिया है. वे हमारे दिलो में बने रहेंगे. उनकी मौत कोविड-19 से लड़ने वालों को इस ख़तरनाक वायरस से लड़ने के इरादों को और मजबूत बनाएगी.”
पश्चिम बंगाल डाक्टर्स फोरम ने भी डा. दासगुप्ता के निधन पर गहरा शोक जताया है. इसके साथ ही उसने राज्य में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए उपलब्ध सीमित संसाधनों पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे ऐसे कर्मचारियों के जीवन पर खतरा है.
फोरम के अध्यक्ष अर्जुन दासगुप्ता ने कहा, “स्वास्थ्यकर्मियों की और सघन जांच और उनको समुचित पीपीई मुहैया कराना जरूरी है. बीते कुछ दिनों से कोरोना की चपेट में आने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है.”
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि डाक्टर दासगुप्ता दिल की बीमारी के अलावा हाई ब्लड प्रेशर और डाइबिटीज से भी पीड़ित थे.
अब राज्य सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति इस बात की जांच करेगी कि उनकी मौत कोरोना की वजह से हुई है या दूसरी बीमारियों की. डा. दासगुप्ता को बीते 18 अप्रैल को अस्पताल में दाखिल कराया गया था.
फिलहाल वे कोलकाता के मौलाली स्थित सेंट्रल मोडिकल स्टोर के इंचार्ज थे. पीपीई और दूसरे सुरक्षा उपकरणों की सप्लाई वहीं से की जाती थी.
