झारखंड में कोरोना संक्रमित मरीज़ का पता चलने के बाद राजधानी राँची के एक रिहाइशी इलाके को सील कर दिया गया है. यहाँ विशेष सतर्कता बरती जा रही है. लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है.
राँची के उपायुक्त (डीसी) राय महिमापत रे ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा, "हमलोगों ने हिंदपीड़ी के तीन किलोमीटर के रेडियस को सील किया है. जिस महिला में कोरोना संक्रमण पाया गया है, वे पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में रह रही थीं. इसलिए ऐसा करना जरुरी था. राँची के दूसरे इलाक़ों में पहले से जारी लॉकडाउन का पालन कराया जा रहा है."
मलेशिया की है संक्रमित युवती
ग़ौरतलब है कि स्थानीय प्रशासन ने सोमवार सुबह हिंदपीड़ी इलाके की एक मस्जिद में रह रहे 24 लोगों को आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कराया था. इससे बाद उनके सैंपल कोरोना संक्रमण की जाँच के लिए भेजे गए थे.
इनमें से एक युवती की जाँच रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है.
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉक्टर नितिन मदन कुलकर्णी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि संक्रमित युवती मलयेशियाई मूल की है. उन्हें राजेंद्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल सांइसेज (रिम्स) के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है.
तबलिगी जमात में आयी थी भारत
संक्रमित युवती अपने पति के साथ तबलिगी जमात में शामिल होने दिल्ली आयी थी. वहाँ से 16 मार्च को वह राजधानी एक्सप्रेस से राँची आयी. उसके बाद से वे यहाँ की एक मस्जिद में रह रही थीं. उनके साथ 16 और लोग दो टोलियों में राँची आए थे.
इनमें से मलेशिया, हॉलैंड, गाम्बिया और ब्रिटेन से आए लोग शामिल हैं. ये सबलोग तबलिगी जमात में शामिल होने के बाद राँची आ गए थे. पिछले 17 मार्च से सबलोग राँची में थे.
बहरहाल, संक्रमित युवती की ट्रैवल हिस्ट्री पता चलने के बाद राँची के डीसी राय महिमापत रे ने एक टेलीफ़ोन नंबर जारी कर 16 मार्च को उस ट्रेन की बी-1 बोगी में यात्रा करने वाले सभी लोगों से तत्काल संपर्क कर जाँच कराने की अपील की है.
प्रशासन अपने स्तर से भी उन यात्रियों का पता लगा रहा है. इस बीत दक्षिण पूर्व रेलवे ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि हमने उस बोगी के सभी कर्मियों और पैसेंजर्स की जानकारी राँची ज़िला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है.