अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: कई राज्यों में वोटिंग समाप्त, अब तक की बड़ी बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग जारी है. अमेरिका के पूर्वी तट के समय के अनुसार, सुबह 7 बजे ईएसटी शुरू हुई वोटिंग रात 8:30 बजे तक चलेगी. इस बीच शुरुआती एग्ज़िट पोल भी सामने आने लगे हैं. ये हैं चुनाव से जुड़ी अब तक की बड़ी बातें

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, कीर्ति रावत और अभय कुमार सिंह

  1. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: कई राज्यों में वोटिंग समाप्त, अब तक की बड़ी बातें

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    राष्ट्रपति चुनाव के लिए अमेरिका में वोटिंग जारी है. हालांकि, कुछ राज्यों में वोटिंग समाप्त हो चुकी है. अब तक की बड़ी बातें जानिए:

    • केंटकी, इंडियाना, साउथ कैरोलाइना, वर्मोंट, वर्जीनिया और अहम बैटलग्राउंड स्टेट जॉर्जिया में वोटिंग समाप्त हो गई है.जॉर्जिया उन सात राज्यों में से एक है जो राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे तय करेंगे.
    • वॉशिंगटन डीसी में कमला हैरिस के समर्थक हावर्ड यूनिवर्सिटी के बाहर इकट्ठा हो रहे हैं. कमला हैरिस इसी यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं और आज की इलेक्शन नाइट पार्टी की जगह भी यही तय की गई है.
    • डोनाल्ड ट्रंप की इलेक्शन पार्टी के लिए मीडिया आयोजन स्थल पर तैयार है. वहां समर्थकों और राष्ट्र के लिए संभावित संबोधन के लिए मंच सजाया गया है.
    • शुरुआती एग्ज़िट पोल में जिन लोगों से पूछा गया है, उनमें से लगभग तीन-चौथाई का कहना है कि उन्हें लगता है कि अमेरिका में लोकतंत्र "बहुत" या "कुछ हद तक" खतरे में है. लगभग 10 में से 7 वोटर चुनाव के नतीजों से जुड़ी हिंसा की आशंका जता रहे हैं.
    • शुरुआती एग्ज़िट पोल के मुताबिक़, लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था इस चुनाव में वोटरों के लिए सबसे बड़े मुद्दे हैं.
    • इससे पहले वोटिंग के बीच कई केंद्रों पर बम से जुड़ी धमकियां मिलीं. एफ़बीआई का कहना है कि इनमें से कई धमकियां "रूस के ईमेल डोमेन से आती दिखाई दे रही हैं."

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  2. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: शुरुआती एग्ज़िट पोल के मायने क्या हैं?, एंथनी जर्चर, बीबीसी के उत्तरी अमेरिका संवाददाता

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    इमेज कैप्शन, प्रतीकात्मक तस्वीर

    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए आए शुरुआती एग्ज़िट पोल से कोई ख़ास हैरानी नहीं होती है.

    अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति अमेरिकी वोटरों के लिए इस साल सबसे बड़े मुद्दे हैं, जैसा कि पिछले कुछ महीनों में सर्वे में भी देखा जा रहा था.

    लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो वोटरों के बीच पार्टी के आधार पर मुद्दों का बंटवारा साफ़ तौर पर देखा जा सकता है.

    रिपब्लिकन वोटरों के लिए, अर्थव्यवस्था के साथ इमिग्रेशन सबसे बड़ी चिंता का विषय है, जबकि डेमोक्रेट वोटरों के लिए ये मुद्दा ख़ास मायने नहीं रखता.

    दूसरी ओर, डेमोक्रेट्स के लिए अबॉर्शन के अधिकार और लोकतंत्र कहीं अधिक अहम मुद्दे हैं.

    ये थोड़ा हैरान करने वाला है कि अमेरिकी वोटरों के लिए अर्थव्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा नहीं बन सकी है, ख़ासकर तब जब राजनीतिक बहस में महामारी के बाद आई महंगाई का ज़िक्र ख़ूब रहा है.

    इसकी वजह ये हो सकती है कि कुछ रिपब्लिकन भी अमेरिकी लोकतंत्र की स्थिति को लेकर चिंतित हैं, हालांकि उनके कारण डेमोक्रेट्स से अलग हैं.

    साफ़ तौर पर ये एग्ज़िट पोल सिर्फ़ शुरुआती आंकड़े हैं, इन्हें अंतिम नतीजे नहीं माना जाना चाहिए. इस चुनाव का फ़ैसला अभी आना बाकी है.

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  3. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े शुरुआती एग्ज़िट पोल आए सामने, पूरा ब्योरा जानिए

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    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े शुरुआती एग्ज़िट पोल के मुताबिक़, लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था इस चुनाव में वोटरों के लिए सबसे बड़े मुद्दे हैं.

    इस एग्ज़िट पोल का अनुमान है कि डोनाल्ड ट्रंप के वोटरों की तुलना में कमला हैरिस के वोटर इस बात को लेकर अधिक आश्वस्त हैं कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से होगा.

    ट्रंप के वोटरों के लिए अर्थव्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा है, इसके बाद इमिग्रेशन का मुद्दा है.

    वहीं, हैरिस के वोटरों के लिए लोकतंत्र सबसे बड़ी चिंता है, इसके बाद गर्भपात का मुद्दा आता है. दोनों ही तरफ़ से ज़्यादातर वोटर सिर्फ़ चिंता में नहीं बल्कि डरे हुए हैं कि अगर दूसरे पक्ष का उम्मीदवार जीतेगा तो क्या होगा. हालांकि, ज़्यादातर वोटर इस चुनाव के निष्पक्ष तरीके से होने का भरोसा जता रहे हैं. इस बात पर हैरिस के वोटरों को ट्रंप के वोटरों से ज़्यादा भरोसा है.

    करीब 10 में से 7 वोटरों को आशंका है कि राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से जुड़ी हिंसा हो सकती है. ये पहली बार है जब 1970 के दशक से अब तक के इतिहास में एग्ज़िट पोल में वोटरों से ख़ास तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े हिंसा की आशंका के बारे में पूछा गया.

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    अमेरिका में एग्ज़िट पोल कैसे होता है?

    बता दें कि यहां पर एग्ज़िट पोल सीधे चुनाव के नतीजों का अनुमान नहीं लगाते, बल्कि ये दिखाते हैं कि वोटर आखिर किन वजहों से वोट डाल रहा है और वोटरों की राय क्या है. इसे उम्र, लिंग, शिक्षा और दूसरे पैमानों पर बांटा जाता है.

    एडिसन रिसर्च के पोलस्टर देशभर में हजारों लोगों से डेटा इकट्ठा करते हैं, जिसमें स्विंग स्टेट्स भी शामिल होते हैं. ये डेटा न्यूज़ ऑर्गेनाइजेशंस के एक समूह के लिए इकट्ठा किया जाता है.

    इसे इकट्ठा करने के लिए वोटिंग सेंटर से निकलते समय लोगों को एक सवाल-जवाब भरने के लिए कहा जाता है, ताकि ये जाना जा सके कि उन लोगों ने किस आधार पर वोट दिया है.

    जो अमेरिकी पहले ही मतदान कर चुके हैं, उनकी राय जानने के लिए भी फोन सर्वे किया जाता है.

    जब भी आप एग्ज़िट पोल का आंकड़ा देखें, याद रखें कि ये बस एक झलक है जो बाद में बदल भी सकती है और इसमें गलतियों की गुंजाइश है, इसे सटीक नतीजों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

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  4. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: यहां रह रहे भारतीयों के मुद्दे और उम्मीदें क्या हैं?

    अमेरिकी चुनाव
    इमेज कैप्शन, नंदिनी उम्मन, पुरू त्रिवेदी, दिव्या आर्य, मनन शाह (बाएं से दाएं)

    अमेरिका में भारतीय मूल के लगभग 48 लाख लोग रहते हैं, और इस समुदाय का वोट कितना महत्वपूर्ण है, ये ट्रंप और हैरिस के कैंपेन से साफ़ झलकता है.

    अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी होने का क्या मतलब है, उनकी चुनौतियां, मुद्दे और उम्मीदें क्या हैं, इन सब पर चर्चा करने के लिए बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य ने वॉशिंगटन डीसी में भारतीय-अमेरिकी समुदाय से बात की है.

    पुरू त्रिवेदी, जो अमेरिका में पैदा हुए, भारत में रहे और अब फिर से अमेरिका में रह रहे हैं. नंदिनी उम्मन, जो पिछले 30 साल से अमेरिका में हैं और हाल ही में नागरिकता प्राप्त की है. मनन शाह, जो अमेरिका में पैदा हुए और जिनके माता-पिता इमीग्रेंट थे.

    अमेरिकी चुनवा

    भारतीय-अमेरिकी समुदाय

    पुरू त्रिवेदी का मानना है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिकी समाज में बहुत प्रगति कर रहा है और उनका प्रतिनिधित्व यूएस में सबसे बड़ा है.

    वो कहते हैं, ''अमेरिका में भारतीय अच्छे पेशों में काफी सफल हैं जैसे डॉक्टर, वकील. यहां लोग दीवाली का महत्व जानते हैं और शुभकामनाएं भी देते हैं.'' पुरू कहते हैं कि भारतीय मनोरंजन जगत के सितारों जैसे प्रियंका चोपड़ा का भी आना भारतीय समुदाय और संस्कृति के लिए अच्छा है.

    मनन शाह भी मानते हैं कि भारतीय-अमेरिकियों को यहां सफलता मिली है. लेकिन वो ये भी कहते हैं कि उन्हें यहां चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

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    चुनौतियां और मुद्दे

    मनन कहते हैं, ''मुझे बड़े होते समय नस्लवाद का सामना करना पड़ा, और अपनी संस्कृति और धर्म को लेकर मजाक का सामना करना पड़ा. मुझे अपनी पहचान को स्वीकार करना पड़ा.''

    मनन शाह के मुताबिक, शिक्षा भी एक अहम मुद्दा है और इसमें निवेश बढ़ाया जाना चाहिए. पुरू त्रिवेदी कहते हैं कि 'गन वाइलेंस' और इससे जुड़े नियम-कानून, एक गंभीर मुद्दा है जो किसी भी नए व्यक्ति के लिए चुनौती बन सकता है जो यहां बसना चाहता है.

    वहीं, नंदिनी का मानना है कि अमेरिका इस वक़्त अप्रत्यक्ष रूप से कई जंग में शामिल हो गया है. वो उम्मीद कर रही हैं कि मौजूदा चुनाव और उसके नतीजे इन हालात को बदलेंगे.

    नंदिनी, वैध तरीके से अमेरिका आने के बाद भी ग्रीन कार्ड हासिल करने में लगने वाले समय को चुनौती मानती हैं.

    वो कहती हैं, ''पहले छात्र वीजा पर आने वालों के लिए नौकरी मिलने पर ये समस्या कम थी, पर अब ये अमेरिका और भारतीय संभावित इमीग्रेंट दोनों के लिए मुश्किल हो गया है.''

    नंदिनी ये भी कहती हैं कि जब वो भारत में थी तो महिला अधिकारों के बारे में उतना नहीं सोचती थी, लेकिन अमेरिका में महिलाओं के अधिकार, प्रजनन और एबॉर्शन से जुड़े हक प्रमुख मुद्दा बन गए हैं.

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  5. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: वोटों की गिनती कब और कैसे होगी?

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    अमेरिकी चुनाव में जब तक पूरी तरह से वोटों की गिनती और सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक चुनाव के नतीजे आधिकारिक नहीं होंगे.

    कई मामलों में गिनती और सत्यापन दोनों के पूरा होने में कई दिन लग सकते हैं.

    बैटलग्राउंड स्टेट्स में इस प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी की जाएगी. ट्रंप पहले से ही कई मतदान से जुड़ी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं. ट्रंप ने 2020 में कई नतीजों को कोर्ट में चुनौती दी थी.

    ऐसे में वोटिंग और काउंटिंग से जुड़ी कुछ अहम बातें जानिए:

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    वोटों की गिनती कब शुरू होगी और इसमें कितना समय लगेगा?

    सबसे पहले वोटिंग सेंटर मंगलवार को अमेरिका के पूर्वी तट के समय के अनुसार देर शाम बंद होंगे, लेकिन वोटों की गिनती इसके बाद भी काफी देर तक चलेगी.

    कई मामलों में तो आधिकारिक गिनती तक पहुंचने में हफ्तों का समय लग सकता है, इसका कारण अलग-अलग राज्यों के अपने नियम भी हैं.

    वोटों की गिनती कैसे होती है?

    वोटों की गिनती का तरीका भी अलग-अलग जगहों के आधार पर अलग होता है, साथ ही इस्तेमाल किए गए उपकरणों पर भी निर्भर करता है.

    कुछ जगहों पर बैलट्स को स्कैनर में डाला जाता है, जबकि दूसरी जगहों पर वोट रिकॉर्ड करने के लिए टच-स्क्रीन सिस्टम या बैलेट-मार्किंग डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है.

    वोटों की गिनती धीमी कैसे पड़ सकती है?

    वोटों की गिनती के दौरान कोई रुकावट आ जाए, कानूनी चुनौतियां आ जाएं या प्रोविजनल बैलेट्स से जुड़ी कोई दिक्कत आ जाए तो प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है. कई कानूनी चुनौतियां पहले ही दायर की जा चुकी हैं.

    दोबारा गिनती किस स्थिति में की जाएगी?

    हर राज्य के पास दोबारा गिनती के लिए अपनी-अपनी प्रक्रिया होती है, साथ ही इसे किस वजह से किया जाए, इसके लिए भी अपने-अपने नियम-कानून होते हैं. बैटलग्राउंड राज्यों जैसे पेंसिल्वेनिया और मिशिगन में, दोबारा गिनती तब अपने आप शुरू होती है, जब हर उम्मीदवार को हासिल वोटों की संख्या बहुत करीब होती है.

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  6. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: कई चुनाव केंद्रों पर मिली 'फर्जी बम धमकियों' पर एफ़बीआई ने क्या कहा?

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    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए चल रही वोटिंग के बीच कई केंद्रों पर बम से जुड़ी धमकियां मिली हैं.

    एफ़बीआई का कहना है कि इनमें से कई धमकियां "रूस के ईमेल डोमेन से आती दिखाई दे रही हैं."

    एफ़बीआई ने कहा है कि, "अब तक इनमें से किसी भी धमकी को विश्वसनीय नहीं माना गया है."

    इससे पहले बीबीसी ने जॉर्जिया में फर्जी बम धमकियों की जानकारी दी थी, जिनके बारे में जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने कहा था कि इन धमकियों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है.

    एफ़बीआई का कहना है कि चुनाव की निष्पक्षता उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और वो राज्य और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है.

  7. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: पूरे देश में वोटिंग शुरू, अब तक की बड़ी बातें, दिव्या आर्य, बीबीसी संवाददाता

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    इमेज कैप्शन, वोट डालने आए एक अमेरिकी नागरिक

    राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 5 नवंबर, मंगलवार को जारी है. अमेरिका के पूर्वी तट के समय के अनुसार, सुबह 7 बजे ईएसटी शुरू हुई वोटिंग रात 8:30 बजे तक चलेगी. ये हैं चुनाव से जुड़ी अब तक की बड़ी बातें:

    • अमेरिका के सभी राज्यों में वोटिंग जारी है. सबसे आखिरी में हवाई में वोटिंग सेंटर खुले हैं.
    • इस चुनाव में सिर्फ ट्रंप और हैरिस के बीच मुकाबला नहीं है. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के सभी सदस्य और कुछ राज्यों में सीनेट के सदस्यों का चुनाव भी हो रहा है. कुछ राज्यों में गर्भपात के अधिकार पर भी वोटिंग हो रही है.
    • डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने फ्लोरिडा में मतदान किया है. वहीं कमला हैरिस, वॉशिंगटन डीसी की हावर्ड यूनिवर्सिटी में अपने पार्टी वर्कर्स के साथ चुनाव नतीजे देखेंगी.
    • वोटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "मुझे बहुत आत्मविश्वास महसूस हो रहा है और ऐसा लग रहा है कि रिपब्लिकन बड़ी संख्या में आए हैं."
    • इस बीच कमला हैरिस कुछ रेडियो इंटरव्यूज़ में अमेरिका के लोगों से "बाहर आकर वोट डालने" का आग्रह कर रही हैं. उन्होंने अटलांटा के स्टेशन डब्ल्यूवीईई-एफएम पर कहा, "हमें ये काम पूरा करना है. आज मतदान का दिन है और लोगों को बाहर निकलकर आना चाहिए."
    • पूरे अमेरिका में कुल 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं, जिनमें से 270 या अधिक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार विजेता होंगे. सभी की नजरें उन ‘स्विंग’ स्टेट पर हैं जहां वोटर्स ने अभी किसी एक पार्टी को वोट देने का मन नहीं बनाया है.
    • ये सात स्विंग स्टेट हैं: विस्कांसिन, मिशिगन, पेन्सिलवेनिया, नेवाडा, एरिज़ोना, नॉर्थ कैरोलाइना, जॉर्जिया. इनके कुल 93 इलेक्टोरल वोट्स चुनाव का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
    • भारत के तमिलनाडु के गांव थुलासेंद्रापुरम में लोग कमला हैरिस की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जो यहां की जड़ों से जुड़ी हैं और उप-राष्ट्रपति बनने के बाद भी ये गांव चर्चा में रहा है.
    • बता दें कि नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण 20 जनवरी 2025 को यूएस कैपिटल में होगा. ये अमेरिकी इतिहास का 60वां राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह होगा.

    वोटिंग से जुड़ी तस्वीरें देखिए:

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    • ट्रंप या हैरिस: अमेरिकी चुनाव में किसकी जीत भारत के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद
    • अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव: ट्रंप और कमला हैरिस की वो ख़ूबियां, जिनसे मिल सकती है जीत
  8. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: डोनाल्ड ट्रंप ने वोट डालने के बाद क्या कहा?

    डोनाल्ड ट्रंप

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    डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने कुछ देर पहले फ्लोरिडा में अपना वोट डाला है.

    इस दौरान वह अपने ट्रेडमार्क लाल कैप पहने हुए दिखे.

    मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "मुझे बहुत आत्मविश्वास महसूस हो रहा है और ऐसा लग रहा है कि रिपब्लिकन बड़ी संख्या में आए हैं."

    ट्रंप का कहना है कि उन्हें "सम्मानित" महसूस हो रहा है कि कतारें काफी लंबी हैं.

    अपनी मिशिगन रैली का ज़िक्र करते हुए वह बोले, "हम कल रात काफी देर से लौटे, मैंने सुना है कि हम बहुत अच्छा कर रहे हैं."

    ये भी पढ़ें: ट्रंप और कमला हैरिस की वो ख़ूबियां, जिनसे मिल सकती है जीत. इस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

  9. नमस्कार!

    अभी तक बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावतइस लाइव पेज के ज़रिए आप तक ख़बरों को पहुंचा रही थीं.

    अब बीबीसी संवाददाता अभय कुमार सिंह आप तक अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों की ख़बरों को पहुंचाने की ज़िम्मेदारी निभाएंगे.

    तब तक हमारे बीबीसी हिंदी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी खबरें उनके लिंक के साथ नीचे दी जा रही हैं. आपको उन ख़बरों को पढ़ना चाहिए.

    - अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव: ट्रंप और कमला हैरिस की वो ख़ूबियां, जिनसे मिल सकती है जीत. इस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

    - कमला हैरिस के लिए भारत के किस गांव में हो रही है पूजा? इस रिपोर्ट को देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

    - जन्म के समय अदला-बदलीः दो महिलाओं के बदल चुके जीवन की कहानी. इस ख़बर को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

    - कनाडा हिंदू मंदिर हिंसा: कौन हैं निलंबित पुलिस अधिकारी और गिरफ़्तार हुए तीन लोग? इस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

  10. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावः नॉर्थ कैरोलिना में बाढ़ की तबाही भी नहीं रोक पाई मतदान, ब्रैंडन ड्रेनन, बीबीसी संवाददाता

    डेबरा केंड्रिक और उनके पति रॉबर्ट नॉर्थ कैरोलिना के मतदाता

    इमेज स्रोत, ब्रैंडन ड्रेनन, बीबीसी संवाददाता

    इमेज कैप्शन, डेबरा केंड्रिक और उनके पति रॉबर्ट नॉर्थ कैरोलिना के मतदाता

    नॉर्थ कैरोलिना के स्थानीय निवासी डेबरा केंड्रिक और उनके पति रॉबर्ट कीचड़ से भरी सड़कों और पानी से भरे गड्ढों के बीच से रास्ता बनाकर मतदान करने गए.

    दोनों पति-पत्नी बारिश में डोनाल्ड ट्रंप के लिए पश्चिमी नॉर्थ कैरोलिना में मतदान के लिए लगे एक टेंट में मतदान करने पहुँचे.

    यह टेंट बंकॉम्ब काउंटी में स्थित एक क्षतिग्रस्त मतदान स्थल की जगह पर लगाया गया था, जहां तूफान हेलेन से काफी नुकसान हुआ था.

    डेबरा बताती हैं कि इस तूफान से उनके घर को कोई नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन उनके शहर को आने वाले सभी रास्ते पूरी तरह टूट गए थे.

    उन्हें वहां से बाहर किसी व्यक्ति ने निकाला. इस सब के बावजूद उन्हें वोट डालने से कोई नहीं रोक सकता था.

    रॉबर्ट कहते हैं, "मैं बस खुश हूँ कि हमें वोट डालने के लिए एक जगह मिली. यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण चुनाव है. हमें लगता है कि देश ग़लत दिशा में जा रहा है."

    "सीमा पर संकट है, (बाइडन-हैरिस प्रशासन) इसे नियंत्रित नहीं कर रहे हैं. शायद यह सबसे बड़ी समस्या है."

    हेलेन में आए हेलेन तूफ़ान में राहत और बचाव को लेकर ट्रंप ने आरोप लगाए थे कि वहां कोई भी बचाव हेलीकॉप्टर नहीं तैनात किए गए.

    हालांकि बाद में वहां के प्रशासन ने कहा कि हेलीकॉप्टर से कई लोगों को बचाया गया था.

  11. नेटफ़्लिक्स के यूरोप ऑफिस पर पड़ा छापा

    फ्रांस के अधिकारियों ने नेटफ़्लिक्स के पेरिस ऑफिस पर मारा छापा

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    इमेज कैप्शन, फ्रांस के अधिकारियों ने नेटफ़्लिक्स के पेरिस ऑफिस पर मारा छापा

    फ्रांस के न्यायिक सूत्रों के मताबिक, वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म नेटफ़्लिक्स के पेरिस और एम्स्टर्डम के ऑफिसों पर फ्रांसीसी और डच अधिकारियों ने टैक्स की धोखाधड़ी की जांच के तहत छापा मारा है.

    दोनों देशों के अधिकारी नवंबर 2022 में जांच शुरू होने के बाद से इस मामले में साथ काम कर रहे हैं.

    नेटफ्लिक्स ने इन छापों पर अब तक कोई विशेष टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन कंपनी का कहना है कि वह जहां भी काम करती है, वहां के टैक्स के कानूनों का पालन करती है.

    फ्रांसीसी जांच राष्ट्रीय वित्तीय अभियोजक कार्यालय (पीएनएफ) की ओर से की जा रही है, जो उच्च-स्तरीय वित्तीय अपराधों की जांच करने वाली एक विशेष इकाई है.

    पीएनएफ के मुताबिक, यह जाँच "गंभीर टैक्स की धोखाधड़ी और ऑफ-द-बुक्स काम को छिपाने" के शक से जुड़ी है.

    वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म नेटफ़्लिक्स साल 2019, 2020 और 2021 के टैक्स चुराने को लेकर भी जांच के दायरे में है.

  12. सुप्रीम कोर्ट के यूपी मदरसा एक्ट बरकरार रखने के फैसले पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव

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    इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के यूपी बोर्ड ऑफ़ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 को संवैधानिक क़रार दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "ये फटकार कोई नई नहीं है. अभी तक के कार्यकाल को देखें तो सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की फटकार सबसे ज़्यादा उत्तर प्रदेश सरकार को पड़ी है."

    "हमें पूरा भरोसा है कि सरकार ने अभी तक जितने भी असंवैधानिक फै़सले लिए हैं वो सब रद्द होने चाहिए."

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फ़ैसले को ग़लत क़रार दिया है, जिसमें यूपी मदरसा बोर्ड एक्ट को असंवैधानिक बताया गया था.

    फैसला सुनाते हुए चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शिक्षा के मानदंडों को तय करने के लिए नियम बना सकती है.

    कोर्ट ने कहा है कि मदरसों में कुछ धार्मिक शिक्षा दी जाती है इस वजह से उन्हें रोका नहीं जा सकता है.

    अमेरिकी चुनाव 2024 से जुड़ी खबरें आप यहां पढ़ सकते हैं.

  13. गुजरात में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट हादसा: पुल का हिस्सा गिरा, कई मजदूर फंसे

    गुजरात: आणंद में बुलेट ट्रेन के लिए बन रहा पुल गिरा, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

    इमेज स्रोत, ANI

    गुजरात में आणंद के वासद में बुलेट ट्रेन के लिए बनाए जा रहे ट्रैक का निर्माणाधीन पुल गिर गया है.

    बीबीसी संवाददाता नचिकेत मेहता के मुताबिक निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा और कुछ खंभे ढह गए हैं और कम से कम 4 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, "बचाव कार्य जारी है. आणंद पुलिस, दमकल विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं."

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

    बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट हादसा
    इमेज कैप्शन, निर्माणाधीन पुल गिरा

    इस मामले पर बात करते हुए आनंद डीसीपी गौरव जशानी ने मीडिया से कहा, ''आणंद के वासद में राजुपुरा गांव के पास बुलेट ट्रेन निर्माण परियोजना चल रही थी, जहां किसी कारण से लोहे के गाटर गिर गए."

    "इसकी वजह से 3 से 4 लोग दब गए. तुरंत पुलिस और प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है. दो लोगों को जिंदा बचाया गया है."

  14. जम्मू-कश्मीर: बांदीपोरा में चरमपंथियों और भारतीय सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़

    कश्मीर में तैनात भारतीय सेना (फाइल फोटो)

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    इमेज कैप्शन, कश्मीर में तैनात भारतीय सेना (फाइल फोटो)

    जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ हुई है.

    भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स के मुताबिक, "खुफिया जानकारी के मुताबिक, कैटसन के जंगलों में चरमपंथियों की मौजूदगी का इनपुट मिला है."

    "भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्रीनगर सेक्टर सीआरपीएफ ने चरमपंथियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान शुरू कर दिया था. अभियान अभी भी चल रहा है."

  15. अमेरिकी चुनाव 2024: ठंड के बावजूद मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी क़तारें, देखें तस्वीरें

    अमेरिकी चुनाव

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए पांच नवंबर यानी मंगलवार को मतदान हो रहा है. सुबह 7 बजे खुली वोटिंग रात साढ़े आठ बजे तक चलेगी.
    अमेरिका के अटलांटा में वोट डालने के लिए लाइन में लगे लोग

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    इमेज कैप्शन, सुबह की ठंड के बावजूद यहाँ लोगों मतदान केंद्र खुलने से पहले ही लाइन में लगना शुरू कर दिया था. (तस्वीरः अटलांटा में वोटिंग.)
    अमेरिकी चुनाव
    इमेज कैप्शन, इस चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच कड़ी टक्कर है. (तस्वीरः पेनसिल्वेनिया के शहर फिलाडेल्फिया में मतदान.)
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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति चुनावों से पहले के सर्वे में कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर बताई गई है और उनके बीच महज एक प्वाइंट का अंतर है. (तस्वीरः ओहियो के सिनसिनाटी में ऑब्ज़रवेटरी में मतदान की तस्वीर.)
    ओहियो के सिनसिनाटी शहर में सिनसिनाटी Observatory में मतदान करते मतदाता

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    इमेज कैप्शन, इन चुनावों में आप्रावासन एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि ट्रंप ने नियम कड़े करने की बात कही है. (तस्वीरः ओहियो के सिनसिनाटी शहर में मतदान)
    उत्तरी कैलिफ़ोर्निया

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    इमेज कैप्शन, इस बार का ऐतिहासिक रूप से क़रीबी मुक़ाबला है. (तस्वीरः नॉर्थ कैलिफ़ोर्निया के थॉमसविल लाइब्रेरी में मतदान की.)
  16. कमला हैरिस के नाना-नानी के गांव में जीत का इंतजार, क्या कह रहे हैं लोग, इशाद्रिता लाहिड़ी

    तमिलनाडु के थुलासेंद्रापुरम गांव में कमला हैरिस का पोस्टर पकड़े लोग

    इमेज स्रोत, इशाद्रिता लाहिड़ी, बीबीसी संवाददाता

    इमेज कैप्शन, तमिलनाडु के थुलासेंद्रापुरम गांव में कमला हैरिस का पोस्टर पकड़े लोग

    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है.

    भारत के एक छोटे से गाँव के लोग अमेरिकी चुनाव को बड़ी उत्सुकता के साथ देख रहे हैं.

    दक्षिण भारत के तमिलनाडु में स्थित थुलासेंद्रापुरम नाम का यह गाँव साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया था. इस गांव में तब भव्य समारोह हुआ था, जब कमला हैरिस अमेरिका की उप-राष्ट्रपति बनी थीं.

    थुलासेंद्रापुरम कमला हैरिस की मां का गांव है. उनके नाना पी. वी. गोपालन यहाँ सात दशक पहले रहते थे, उसके बाद वह लगभग 200 किमी दूर चेन्नई शहर में बस गए थे.

    कमला की माँ का जन्म चेन्नई में हुआ था और 19 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई के लिए वे अमेरिका चली गई थीं.

    इस बार गाँव काफी सावधानी के साथ कदम उठा रहा है. गांव के लोग चुनाव के नतीजे आने से पहले कोई जश्न नहीं मनाना चाहते हैं.

    क्षेत्र के स्थानीय पार्षद अरुलमोझी सुधाकर कहते हैं, "आज हम उनकी जीत के लिए एक छोटा सा प्रार्थना समारोह कर रहे हैं. अगर उन्हें जीत मिलती है, तो हम एक बड़ा समारोह करेंगे."

    गाँव के मंदिर के बाहर कमला हैरिस का एक बड़ा-सा पोस्टर लगाया गया है. साल 2014 में इस मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए हैरिस ने पाँच हज़ार रुपये ($60) का दान दिया था.

    मंदिर के परिसर में एक पट्टिका भी लगी है, जिसमें दानकर्ताओं की सूची में उनका नाम भी शामिल है.

    स्थानीय निवासी सुधाकर कहते हैं, "साल 2020 में, गाँव के लोग हैरिस या अमेरिकी चुनावों के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे. बहुत से लोगों को यह भी समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है. इस बार लोग ज्यादा जागरूक हैं. मैंने मंदिर के बाहर यह पोस्टर लगाया है. अगर वे जीतती हैं, तो लोग जान सकें कि वह हमारे गाँव से हैं."

    वह कहते हैं, "अब, जब भी पर्यटक आस-पास के क्षेत्रों में आते हैं, तो वो लोग हमारे गाँव में भी आते हैं, क्योंकि यह हैरिस का गाँव है. उन्होंने हमारी स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाया है, भले ही वे यहाँ कभी नहीं आई हैं."

    उनके मुताबिक, कुछ साल पहले जब गाँव का कोई व्यक्ति वाशिंगटन डीसी गया था, तो उसे बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के हैरिस से मिलने का मौका मिला था.

    वह यह भी कहते है, "अगर वह जीतती हैं, तो वह भारत-अमेरिका संबंधों को सुधारेंगी. आज वह जहाँ भी हैं, वहाँ अपनी भारतीय जड़ों की वजह से नहीं है, बल्कि अपनी मेहनत की वजह से वहां पहुंची है. हमें उम्मीद है कि वह एक दिन गाँव आएंगी. पूरा गाँव उनका स्वागत करने के लिए तैयार है."

    अमेरिकी चुनाव 2024 से जुड़ी खबरें आप यहां पढ़ सकते हैं.

  17. अमेरिका से लाइव: राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, कैसा है माहौल?, ज्यादा जानकारी दे रही हैं बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य और देबलिन रॉय.

    अमेरिका से लाइव: राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, कैसा है माहौल?
    इमेज कैप्शन, बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य

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  18. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव: मतदान शुरू, ट्रंप और हैरिस के बीच कांटे की टक्कर, दिव्या आर्य, बीबीसी संवाददाता

    वॉशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है.

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    अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है.

    हम मार्टिन लूथर किंग लाइब्रेरी में बने मतदान केंद्र के बाहर हैं. फिलहाल सुबह के करीब सात बजे हैं. सुबह की ठंड के बावजूद यहाँ लोगों मतदान केंद्र खुलने से पहले ही लाइन में लगना शुरू कर दिया था.

    सुबह 7 बजे खुली वोटिंग रात साढ़े आठ बजे तक चलेगी. एक वोटर ने हमें बताया कि वो सुबह-सुबह इसलिए आए हैं क्योंकि उन्हें उसके बाद दफ़्तर जाना है और उनके दफ़्तर ने वोट डालने के लिए सुबह एक घंटे की रियायत दी है.

    मार्टिन लूथर किंग लाइब्रेरी में बने मतदान केंद्र के बाहर
    इमेज कैप्शन, मार्टिन लूथर किंग लाइब्रेरी में बने मतदान केंद्र के बाहर की तस्वीर

    इस बार का चुनाव अमेरिकी इतिहास में सबसे कांटे की टक्कर वाला माना जा रहा है.

    मतदान की पूर्व संध्या तक डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस पेनसिल्वेनिया में और रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप पेन्सिल्वेनिया, मिशिगन और नॉर्थ कैरोलाइना में लोगों से वोट की अपील कर रहे थे.

  19. पाकिस्तान: कराची में सुरक्षा गार्ड ने की फायरिंग, दो चीनी नागरिक घायल

    कराची में सुरक्षा गार्ड की फायरिंग में दो चीनी नागरिक घायल

    इमेज स्रोत, काशिफ़ नज़ामी

    पाकिस्तान के कराची शहर में सुरक्षा गार्ड की फायरिंग में दो चीनी नागरिक घायल हो गए हैं.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक डीआइजी असद रज़ा ने दो चीनी नागरिकों के घायल होने की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने ज़्यादा जानकारी नहीं दी है.

    वहीं इस मामले पर सिंध के आंतरिक मंत्री जिया-उल-हसन के कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इसे 'सुरक्षा गार्ड और विदेशी प्रतिनिधियों के बीच विवाद की घटना' बताया गया है. साथ ही कराची पुलिस को घटना में शामिल सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है.

    सिंध के आंतरिक मंत्री ने चीनी विशेषज्ञों और चीनी निवासियों सहित विदेशियों को सुरक्षा प्रदान करने वाली कंपनियों के ऑडिट करने के आदेश जारी किए हैं. उनका कहना है कि सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कामों को करने के लिए सुरक्षाकर्मियों की शारीरिक और मानसिक फिटनेस का परीक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

    प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "केवल प्रशिक्षित और पूरी तरह से फिट सुरक्षा गार्डों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए"

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार दो चीनी नागरिकों को घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया है, जिसमें एक की हालत गंभीर है.

    अधिकारियों की तरफ़ से फ़िलहाल यह साफ़ नहीं है कि घटना के पीछे का कारण क्या था और घायल चीनी नागरिक किस वजह से कराची में मौजूद थे.

    चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से संबंधित परियोजनाओं में काम करने के लिए बड़ी संख्या में चीनी प्रवासी पाकिस्तान में मौजूद हैं और पिछले कुछ सालों में उन पर हमले हुए हैं.

    पिछले महीने कराची के जिन्ना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक बम विस्फोट में दो चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी, जिसकी जिम्मेदारी बलूचिस्तान अलगाववादी समूह ने ली थी.

  20. ज़िम्बाब्वे: ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों के मोबाइल इस्तेमाल करने पर लगा बैन

    ज़िम्बाब्वे सरकार ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के मोबाइल यूज करने पर लगाया बैन

    इमेज स्रोत, AFP

    इमेज कैप्शन, ज़िम्बाब्वे पुलिस

    ज़िम्बाब्वे सरकार ने तुरंत प्रभाव से पुलिसकर्मियों पर काम के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

    एक मेमो के जरिए प्रतिबंध की जानकारी दी गई है, जिसमें पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की निजी बातचीत के लिए मोबाइल फोन का यूज नहीं करने का आदेश दिया है.

    सभी अधिकारियों को पुलिस स्टेशन पहुंचते ही अपने मोबाइल सुपरवाइजर के पास जमा करने को कहा गया है. पुलिसकर्मियों को सिर्फ ब्रेक के दौरान ही मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है.

    मेमो में इस प्रतिबंध के पीछे कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि यह पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को कम करने की एक कोशिश है.

    यह फैसला सोशल मीडिया पर एक वीडियो के वायरल होने के बाद आया है, जिसमें ज़िम्बाब्वे की राजधानी हरारे में दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों से घूस लेते हुए दिख रहे थे.