कांग्रेस के वरिष्ठ
नेता जयराम रमेश ने अमृतपाल सिंह के बारे में पार्टी सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान
को उनकी व्यक्तिगत राय बताया है.
जयराम रमेश ने अपनी एक पोस्ट में लिखा है, “चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतपाल सिंह
के बारे में जो विचार व्यक्त किए हैं, वो उनके अपने हैं, जो भारतीय राष्ट्रीय
कांग्रेस के रुख़ को नहीं दर्शाते हैं.”
पंजाब के पूर्व
मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार को लोकसभा में कहा
था, “बीजेपी हर रोज़ इमरजेंसी की बात करती है. लेकिन आज जो देश में अघोषित इमरजेंसी
है उसका क्या? इमरजेंसी ये भी है कि 20 लाख लोगों की तरफ़ से
पंजाब में चुना गया सांसद, एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाकर जेल में रखा गया है. उसके लोकसभा
क्षेत्र के लोगों की बात संसद में नहीं पहुंच पा रही है.”
हालांकि चरणजीत सिंह
चन्नी ने किसी का नाम नहीं लिया था, पर कांग्रेस विरोधी नेताओं का कहना है कि वे अमृतपाल सिंह के बारे में बोल रहे
थे.
बीजेपी सांसद दिनेश
शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “ये चन्नी की चाह
जो है, चंदे की चाह है, इनकी बोली जो है, ये अमृतवाणी जो निकल रही है अमृतपाल के बारे
में, ये उनके मन की वो टीस है, आम
आदमी पार्टी पर आरोप लगाते थे कि ये विदेशी चंदे से सरकार में आ रहे हैं. आज उसी
विदेशी पैसे से चलने वाले अमृतपाल के पक्ष में इनकी अमृतवाणी क्यों निकल रही है.”
लोकसभा में चरणजीत सिंह चन्नी के विवादित बयान पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “बजट पर तो वो
बोले ही नहीं, बोल दिया उन्होंने इमरजेंसी पर. मुझे लगता है कि चन्नी जी ये
जानकारी नहीं है. चन्नी जी को पता होना चाहिए 25 जून 1975 में जो तबकी सरकार थी,
कांग्रेस पार्टी जो थी, उन्होंने हमारे संविधान के साथ क्या किया. उन्होंने संविधान
की हत्या की है.”