लाइव, नेपाल बाढ़: मरने वालों की संख्या 1100 के पार हुई

नेपाल पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि मंगलवार शाम तक बाढ़ से 1,127 शव बरामद किए गए हैं. मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है.

सारांश

वीडियो छोड़ें और जारी रखें
  • नेपाल में इस तरह की जा रही है शवों की पहचान
  • नेपाल के चितवन ज़िले में नदी में बहकर आ रहे शव
  • Nepal flood
  • नेपाल बाढ़
  • nepal flood
  • इंज़माम उल हक
  • basekminute

लाइव कवरेज

सौरभ कुमार यादव

  1. नेपाल बाढ़: मरने वालों की संख्या 1100 के पार हुई

    नेपाल

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, नेपाल बाढ़ के बाद अभी भी हज़ारों लोग लापता है

    नेपाल पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि मंगलवार शाम तक बाढ़ से 1,127 शव बरामद किए गए हैं. मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है.

    सैकड़ों लोगों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है. नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर लापता लोगों की संख्या 4,858 है और खोज जारी है.

    प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा है कि सरकार अब तलाशी, बचाव और राहत सामग्री बांटने के बाद प्रभावित लोगों के पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ रही है.

    अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है. आशंका है कि लापता लोगों में कई लोग अब भी जलविद्युत परियोजना की सुरंगों में फंसे हो सकते हैं. पिछले कुछ दिनों से विदेशी टीमें भी इस अभियान में मदद कर रही हैं.

    अधिकारियों ने बताया कि नदी से मिले अज्ञात शवों को रखने के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई है. अब तक बरामद किए गए शवों में से केवल कुछ की ही पहचान हो पाई है.

    पुलिस ने बताया है कि अगर लापता नेपाली या विदेशी नागरिकों के करीबी खून के रिश्तेदार डीएनए जांच की मांग करते हैं, तो उनके ताज़ा खून के नमूने लिए जा सकते हैं. इन नमूनों की मदद से डीएनए जांच के जरिए शवों की पहचान की जा सकती है.

  2. भारत ने नेपाल को भेजी 5.5 टन राहत सामग्री की एक और खेप

    नेपाल बाढ़

    इमेज स्रोत, @DrSJaishankar

    इमेज कैप्शन, भारत का पांचवां विमान नेपाल के लिए रवाना हुआ है

    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत लगातार राहत सामग्री भेज रहा है. इसी क्रम में भारत का पांचवां विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ है.

    विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.

    उन्होंने लिखा, "भारत का पांचवां एयरक्राफ्ट नेपाल के लिए रवाना हुआ है. इसमें खास उपकरणों के साथ 11 सदस्यों की बचाव टीम और 5.5 टन ज़रूरी दवाएं हैं."

    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हज़ार से ज़्यादा लोग की मौत हो चुकी है. कम से कम 4 हज़ार से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं.

    नेपाल पुलिस के मुताबिक मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है.

    नेपाल के चितवन जिले में सबसे ज़्यादा लाशें मिली हैं. लाशों की हालत को देखते हुए उन्हें समूह में दफनाने का काम किया जा रहा है.

  3. जर्मनी ने रूस पर लगाया एयरपोर्ट पर हमले का आरोप, पुतिन ने दिया ये जवाब, जेम्स ग्रेगरी और जेसिका पार्कर, बीबीसी न्यूज़

    लीपज़िग एयरपोर्ट

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, 4 अगस्त को लीपज़िग एयरपोर्ट पर एक ड्रोन अटैक हुआ था

    जर्मनी ने कहा है कि पिछले महीने लीपज़िग एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले के पीछे रूस का हाथ था.

    चार अगस्त को पूर्वी जर्मनी के लीपज़िग/हाले एयरपोर्ट पर एक ड्रोन मिला था. इसमें विस्फोटक लगा हुआ था और यह यूक्रेन के कार्गो विमानों के पास था.

    ड्रोन में विस्फोट नहीं हुआ, क्योंकि माना जा रहा है कि उसका डेटोनेटर खराब था. जांचकर्ताओं को शक है कि एक दूसरा ड्रोन पास में मौजूद एक कार्गो विमान से टकरा गया था. इसके 10 दिन बाद एयरपोर्ट के पास एक तीसरा ड्रोन भी मिलने की खबर आई.

    जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्ज़ेंडर डोब्रिंट ने कहा कि लीपज़िग एयरपोर्ट पर हुआ हमला यूरोप में रूस की "हाइब्रिड गतिविधियों के लंबे समय से चले आ रहे तरीके" का हिस्सा था. उन्होंने कहा कि यह मानकर चलना चाहिए कि जर्मनी को फिर निशाना बनाया जा सकता है.

    व्लादिमीर पुतिन

    इमेज स्रोत, Vyacheslav PROKOFYEV / POOL / AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, रूस ने जर्मनी के आरोपों को बेतुका बताया है

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को जर्मनी पर आरोप लगाया कि उसने लीपज़िग एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले के लिए रूस को ज़िम्मेदार ठहराने के मक़सद से सबूत प्लांट किए हैं.

    पुतिन ने अपने आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया.

    इस बीच, बर्लिन में रूसी दूतावास ने रूस के हमले के लिए ज़िम्मेदार होने के आरोप को "बेतुका" बताया है.

    डोब्रिंट ने कहा कि ड्रोन में इस्तेमाल किए गए उपकरणों की जांच और खुफिया जानकारी से रूस की इस हमले में भूमिका साबित होती है.

  4. अमेरिकी हमलों के जवाब में कार्रवाई करते हुए ईरान बोला, ‘अमेरिका को पछताना पड़ेगा’, जो कॉगलन, बीबीसी न्यूज़

    आईआरजीसी के लड़ाके

    इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images

    इमेज कैप्शन, आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिका को इन हमलों पर "पछताना पड़ेगा" (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान पर फिर से हमले शुरू किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इसकी जानकारी दी है.

    सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिका के ये हमले ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज़ों पर हाल में किए गए "हमलों के प्रयासों" के बाद किए गए हैं.

    ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक़, अमेरिकी हमलों में चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है. 50 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

    ईरानी रेड क्रिसेंट ने बताया कि दक्षिणी ईरान के सिरिक में अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद उसके छर्रे वहां चल रहे एक शादी समारोह के दौरान एक घर में जा गिरे. इसी घटना में ये लोग मारे गए और घायल हुए.

    इसके जवाब में ईरान ने इराक़ और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. स्थानीय सरकारी मीडिया और जॉर्डन की सशस्त्र सेना ने इसकी जानकारी दी है.

    वहीं, कुवैत और बहरीन में भी हमलों की ख़बरें सामने आई हैं.

    आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिका को इन हमलों पर "पछताना पड़ेगा".

    ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक़, बुधवार तड़के ईरान ने सिरिक हमले के जवाब में जॉर्डन के अकाबा में अमेरिकी मरीन बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की.

    जॉर्डन की सशस्त्र सेना ने कहा कि उसने 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका. इनमें से 10 को नष्ट कर दिया गया, जबकि तीन मिसाइलें दूरदराज़ के इलाक़ों में गिरीं.

    ईरान के इस हमले में किसी की भी मौत या घायल होने की ख़बर नहीं है.

    इस बीच, कुवैत की सेना ने कहा है कि बुधवार तड़के ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में उसके एयर डिफ़ेंस सिस्टम एक्टिव थे.

  5. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सौरभ कुमार यादव अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.