लाइव, 'ईरान में स्कूल पर हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार हो सकता है': पूर्व सीआईए डायरेक्टर

अमेरिका की केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी (सीआईए) के पूर्व निदेशक और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व कमांडर जनरल डेविड पेट्रेयस ने ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर अमेरिका की संभावित भूमिका पर टिप्पणी की है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली

  1. 'ईरान में स्कूल पर हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार हो सकता है': पूर्व सीआईए डायरेक्टर

    जनरल डेविड पेट्रेयस

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    अमेरिका की केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी (सीआईए) के पूर्व निदेशक और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व कमांडर जनरल डेविड पेट्रेयस ने ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर अमेरिका की संभावित भूमिका पर टिप्पणी की है.

    ईरानी अधिकारियों के मुताबिक़, युद्ध के पहले दिन हुए इस हमले में 168 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे.

    बीबीसी न्यूज़ चैनल से बातचीत में पेट्रेयस ने कहा कि उन्होंने जांच में देखे जा रहे सबूत सीधे तौर पर नहीं देखे हैं, लेकिन उनका मानना है कि 'यह हमला अमेरिका की ओर से हुआ हो सकता है, क्योंकि इस युद्ध में टॉमहॉक मिसाइलें केवल हमारे पास ही हैं.'

    उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए कुछ पुराने डेटा के आधार पर उस इमारत को निशाना बनाया गया हो.

    उनके मुताबिक़, कई साल पहले यह इमारत ईरानी नौसेना के एक बड़े सैन्य परिसर का हिस्सा हुआ करती थी.

    बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका की शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि इस हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार हो सकता है.

    हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्कूल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था और संभव है कि वह ग़लती से निशाने पर आ गया हो.

  2. पाकिस्तान की बांग्लादेश के हाथों बड़ी हार पर नाराज़ हुए पूर्व क्रिकेटर

    मोहम्मद आमिर

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रदर्शन पर मोहम्मद आमिर ने नाराज़गी जताई है

    पाकिस्तान की मेंस क्रिकेट टीम की पहले वनडे में बांग्लादेश के हाथों आठ विकेट की हार के बाद पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने टीम की तीखी आलोचना की है.

    ढाका में खेले गए मैच में 115 रन के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने सिर्फ़ 15.1 ओवर में मैच जीत लिया. इसी के साथ बांग्लादेश तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में 1-0 से आगे हो गया है.

    टीम की हार पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "हमारी बैटिंग लगातार ढह रही है. बांग्लादेश ने बहुत स्मार्टली प्ले किया है. हम उम्मीद कर रहे थे कि ये स्पिन ट्रैक होगा, उन्होंने बाऊंसी ट्रैक बना दी."

    उन्होंने कहा, "हम तेज़ गेंदबाज़ी खेल ही नहीं पा रहे हैं. बांग्लादेश पाकिस्तान के लिए आउट ऑफ़ सिलेबस साबित हुआ."

    वहीं पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ़ ने एक्स पर लिखा, "विश्वास ही नहीं होता कि हम कितना नीचे गिर गए हैं कि अब बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भी हमें संघर्ष करना पड़ रहा है."

    उन्होंने कहा, "अगर यही हमारा स्तर है, तो पाकिस्तान अपनी वह पुरानी गरिमा कैसे वापस पाएगा?

  3. सऊदी अरब ने 18 ड्रोन गिराने का दावा किया

    सांकेतिक तस्वीर

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    सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश के पूर्वी इलाके़ में 18 ड्रोन को गिराया गया है.

    सरकारी समाचार एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक़, पिछले कुछ दिनों में कई ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया है. हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि ये ड्रोन किसने भेजा थे.

    कुछ देर बाद यह भी बताया गया कि शायबह तेल ठिकाने की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को रुब अल खली यानी एम्प्टी क्वार्टर रेगिस्तान के किनारे पर इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया.

    अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर पिछले महीने की आख़िर में हमले शुरू किए थे, जिसके बाद संघर्ष जारी है.

    वहीं ईरान मध्य पूर्व के देशों में अमेरिका और इसराइल के ठिकानों को निशाना बना रहा है.

  4. रूसी तेल से पाबंदियां 'हटाने' को लेकर मैक्रों ने जताई नाराज़गी

    इमैनुएल मैक्रों

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    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जी-7 देशों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंस के बाद कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में पैदा हुई स्थिति का हवाला देकर रूस पर लगे प्रतिबंध हटाना ग़लत है.

    मैक्रों ने कहा, "ईरान की स्थिति के कारण यूक्रेन पर हमारा ध्यान, यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर हमारी स्पष्टता कम नहीं होनी चाहिए."

    यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए थे, जिसके कारण कई देशों को सप्लाई के लिए दूसरे रास्तों की तलाश करनी पड़ी.

    हाल ही में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अस्थायी रूप से इन प्रतिबंधों में ढील दी है, ताकि भारत जैसे देश समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल ख़रीद सके.

    प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने यह फै़सला इसलिए लिया क्योंकि भारत ने ज़िम्मेदार रवैया दिखाया है और पहले ही उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल ख़रीदना बंद कर दिया था.

    मैक्रों ने जी-7 बैठक में यह भी कहा कि यह ज़रूरी है कि सभी देश मिलकर समन्वय से काम करें, ताकि होर्मुज़ स्ट्रेट में आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जा सके.

  5. ट्रंप का दावा, 'ईरान के ख़िलाफ़ हम जीत गए हैं'

    राष्ट्रपति ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि 'ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी' दुनिया के लिए ख़तरे को घटाएगा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ चल रहे सैन्य अभियान की तारीफ़ करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने कुछ ही घंटों में ईरान की नौसेना और वायुसेना को तबाह कर दिया.

    ट्रंप ने कहा, 'हम जीत गए. पहले ही घंटे में सब कुछ ख़त्म हो गया था.'

    ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने दो दिनों में ईरान के 54 जहाज़ों को 'तबाह' कर दिया है. हालांकि कुछ ही पलों बाद उन्होंने यह संख्या 58 बताई.

    यह आंकड़ा पहले सामने नहीं आया था और बीबीसी स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं करता है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी' तेल की क़ीमतों को काफ़ी कम करेगा और दुनिया के लिए ख़तरे को घटाएगा.

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  6. रूस और पाकिस्तान से बातचीत के बाद ईरान ने युद्ध ख़त्म करने के लिए क्या शर्त रखी?

    राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने ईरान के 'वैध अधिकारों को मान्यता देने' की बात कही है

    अमेरिका-इसराइल से चल रही जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने युद्ध ख़त्म करने को लेकर शर्त रखी है.

    राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा है कि रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, "जिस युद्ध को इसराइल और अमेरिका ने शुरू किया उसे ख़त्म करने का एकमात्र रास्ता, ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना, युद्ध के नुक़सान की भरपाई और भविष्य में किसी भी हमले को रोकने के लिए मज़बूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना है."

    पेज़ेश्कियान का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच जारी संघर्ष को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है.

    वहीं ईरान ने मंगलवार को कहा था कि वह मध्य पूर्व के देशों में अमेरिका और इसराइल के ठिकानों को निशाना बना रहा है.

  7. नमस्कार!

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