कांग्रेस आलाकमान ने कर्नाटक सरकार को राज्य में 'दोबारा' जाति सर्वेक्षण कराने का सुझाव दिया है. कांग्रेस के मुताबिक़, राज्य में एक दशक पहले कराए गए जाति सर्वेक्षण के आंकड़ों को लेकर कुछ समुदायों में 'आशंकाएं' हैं.
दिल्ली में आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ आलाकमान की बैठक हुई. इस बैठक के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मीडिया को संबोधित किया.
जाति सर्वेक्षण को लेकर वेणुगोपाल ने कहा, "कर्नाटक सरकार ने जो कुछ भी किया, उस पर सैद्धांतिक रूप से सहमति होनी चाहिए. लेकिन कुछ वर्गों में संख्या को लेकर कई आशंकाएं हैं क्योंकि यह सर्वे 10 साल पहले किया गया था. इसलिए कांग्रेस पार्टी ने सीएम को 60-70 दिनों के अंदर फिर से सर्वे कराने का सुझाव दिया है."
चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) टीम के स्वागत समारोह के दौरान हुई भगदड़ के बाद सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार, दोनों को दिल्ली बुलाया गया था.
इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई है. इस स्थिति से निपटने के तरीके़ को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार की काफ़ी आलोचना हुई.
वेणुगोपाल ने कहा, "हम निश्चित रूप से जान गंवाने वालों के नुक़सान के बारे में चिंतित हैं. एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. कर्नाटक सरकार ने पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं."
12 जून को राज्य मंत्रिमंडल की विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसमें राज्य सामाजिक-आर्थिक-शिक्षा सर्वेक्षण, जिसे जाति जनगणना के नाम से जाना जाता है, पर चर्चा की जाएगी.