केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को बयान जारी कर कहा है कि एजेंसी ने इंफाल एयरपोर्ट पर मैतेई संगठन, अरामबाई तेंगगोल के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है. सीबीआई उन्हें गुवाहाटी लेकर आई है.
इससे पहले मणिपुर पुलिस के सीआईडी विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी से कहा था कि शनिवार को कानन सिंह नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जो अरामबाई तेंगगोल का सदस्य है.
कानन सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही अरामबाई तेंगगोल के कार्यकर्ता मैतेई बहुल इलाकों में विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं. इन प्रदर्शन के कारण घाटी के इलाकों में तनाव फैल गया है.
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर सड़कें जाम कर दी. गृह विभाग ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और विष्णुपुर में इंटरनेट सेवाएं पांच दिनों के लिए निलंबित कर दी है.
वहीं, शनिवार की रात 11 बजे से विष्णुपुर जिले में पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया है.
इस बीच सीबीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "अरामबाई तेंगगोल के जिस एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, वह 2023 में मणिपुर हिंसा से संबंधित विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल था. सीबीआई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार मणिपुर हिंसा मामलों की जांच कर रही है."
सीबीआई ने यह भी बताया कि मणिपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मणिपुर हिंसा मामलों की सुनवाई मणिपुर से गुवाहाटी स्थानांतरित कर दी गई है.
गिरफ्तार किए गए अरामबाई तेंगगोल को इंफाल से गुवाहाटी लाया गया है और उन्हें पुलिस रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जाएगा.
मणिपुर के 25 विधायकों और एक सांसद ने राज्यपाल से की मुलाकात
राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के बाद रविवार को 25 विधायकों और एक सांसद के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की.
प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीजेपी विधायक के. इबोम्चा ने कहा, "हमने राज्यपाल से हिरासत में लिए गए सदस्यों की रिहाई का अनुरोध किया है. कानन सिंह की गिरफ्तारी सीबीआई जांच से जुड़ी है. अन्य चार को घटना के समय उनके साथ जुड़े होने के कारण हिरासत में लिया गया था. उनका सत्यापन चल रहा है और अगर वे इसमें शामिल नहीं पाए गए तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा."
हालांकि राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, "आज विधायकों के एक समूह ने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से राजभवन में मुलाकात की. इस दौरान विधायकों ने राज्यपाल को राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया तथा सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने में मदद के लिए उनके हस्तक्षेप का अनुरोध किया."