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अमेरिका और सऊदी अरब के बीच परमाणु ऊर्जा को लेकर कैसा समझौता हो सकता है?
इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक ऐसे समझौते का ऐलान होने की उम्मीद है, जिसके तहत खाड़ी का यह देश अपना सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम विकसित कर सकेगा.
सीबीएस न्यूज़ (बीबीसी के अमेरिकी साझेदार) के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन बुधवार को इस समझौते की घोषणा कर सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियां सऊदी अरब की ज़मीन पर नागरिक उपयोग के लिए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन कर सकेंगी. साथ ही, सऊदी अरब को अपने परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन संवर्धन (यूरेनियम एनरिचमेंट) करने की अनुमति भी मिल सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की यह प्रक्रिया सऊदी अरब में अमेरिका द्वारा बनाई जाने वाली एक यूरेनियम एनरिचमेंट सुविधा में होगी. यही प्रस्ताव अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुए परमाणु समझौते से इसे अलग बनाता है.
2009 में हुए अमेरिका-यूएई परमाणु समझौते के तहत यूएई को अपना परमाणु ईंधन तैयार करने की अनुमति नहीं है. इसके अलावा उस समझौते में उस पर कई अन्य प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.
मध्य पूर्व में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी इसराइल के परमाणु विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस तरह का समझौता भविष्य में सऊदी अरब को परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता दे सकता है.
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता 30 सालों के लिए होगा.
अमेरिका और सऊदी अरब के बीच सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम में सहयोग को लेकर बातचीत 2008 से ही चल रही है.
जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन के दौरान दोनों देशों ने एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत अमेरिका ने कहा था कि वह सऊदी अरब को सिविल न्यूक्लियर एनर्जी विकसित करने में मदद करेगा.
हालांकि, उस समय सऊदी अरब ने कहा था कि वह परमाणु ईंधन का आयात करेगा और "संवेदनशील परमाणु तकनीकों" को विकसित करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा.
डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'हम होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी जहाज़ पर हमले का जवाब पुल और पावर प्लांट पर बमबारी करके देंगे'
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी है.
उन्होंने पोस्ट में कहा, "अब से, अगर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी जहाज़ पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका ईरान की राजधानी में या उसके आसपास स्थित किसी एक पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी कर उसे नष्ट कर देगा."
यह धमकी ऐसे समय में आई है, जब होर्मुज़ स्ट्रेट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में कमर्शियल और सैन्य जहाज़ों पर हमले, ईरान और अमेरिका के बीच टकराव का एक प्रमुख मुद्दा बन गए हैं.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान पर हाल के हमलों का उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना है, जिसके जरिए वह समुद्री जहाज़ों के लिए ख़तरा पैदा कर सकता है और इस जलमार्ग में आगे होने वाले हमलों को रोकना है.
वहीं, हाल के सप्ताहों में ईरान कई बार होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपने अधिकार की बात दोहरा चुका है. साथ ही, ईरानी बलों पर क्षेत्र में कई जहाज़ों पर हमला करने या उन्हें रोकने के आरोप भी लगे हैं.
इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका को युद्ध का दायरा बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है और चेतावनी दी है कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का और अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा.
नड्डा ने पेपर लीक को लेकर विपक्ष पर किया हमला, राहुल गांधी की मंशा पर उठाए सवाल
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इमेज कैप्शन, जेपी नड्डा ने कहा, "हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है"
भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर हमला किया है.
उन्होंने कहा कि अतीत में भी कई बार कई राज्यों में पेपर लीक होते रहे हैं.
उन्होंने कहा, "अगर मैं जम्मू-कश्मीर के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में हुए पेपर लीक की बात करूं, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है. इसी तरह हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, यहां भी कांग्रेस की सरकार है. झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षा के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है."
उन्होंने आगे कहा, "तेलंगाना में इंटरमीडिएट की भाषा की परीक्षा का पेपर लीक हुआ और वहां भी सरकार को कांग्रेस और सीपीआई का समर्थन प्राप्त है. तेलंगाना में ही एसएससी की भाषा की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ और वहां भी सरकार को कांग्रेस और सीपीआई का समर्थन प्राप्त है."
नड्डा ने कहा, "आप राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है. ये गंभीर मसला है. एक लंबी लिस्ट है जहां यूपीए की सरकारें थीं और पेपर लीक हुए."
उन्होंने कहा, "हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो. संसद ही उपयुक्त स्थान है जहां गहराई से चर्चा की जा सकती है. हम ठोस नीति लेकर आएं क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं. ये सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी ज़िम्मेदारी है."
जेपी नड्डा ने बताया कि वो प्रदर्शनकारियों से चर्चा के लिए तैयार हैं, प्रदर्शनकारी जब कहेंगे सरकार बातचीत करेगी. हालांकि आज कोई चर्चा नहीं हुई.
सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश, कहा - छात्रों पर हमलों की वजह से जारी है अनशन
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी भी ज़िंदा ही हूं"
सोनम वांगचुक ने बुधवार को गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल से एक वीडियो संदेश जारी किया है. इस संदेश में उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए छात्रों की तारीफ की.
वांगचुक ने सरकार से छात्रों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की एफ़आईआर दर्ज न करने की मांग की.
सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी भी ज़िंदा ही हूं. आज मेरे अनशन का 25वां दिन है. अब तक मेरा करीब 11 किलोग्राम वज़न कम हुआ है. साथ ही, मांसपेशियां भी कम होने लगी हैं, लेकिन मैं ठीक हूं. मंगलवार की रात को मैं सफ़दरजंग से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट हुआ."
"मैं उन सभी छात्रों को दाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इतने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया, खुद पर लाठियां खाते हुए भी कोई जवाबी हमला नहीं किया. बहुत उकसाए जाने पर भी आपने सब्र से काम लिया. इससे मेरा दिल बहुत पिघल गया है."
उन्होंने कहा, "छात्रों पर बर्बरता से हमले हो रहे थे, इसलिए मैंने अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया. अभी भी अनशन तोड़ने की अपील के साथ बहुत सारे नेता आए. सत्तारूढ़ दल के नेता भी आए और 55 सांसदों के हस्ताक्षरों वाला पत्र लेकर विपक्ष के सांसद भी आए, जो अपील कर रहे हैं कि मैं अनशन तोड़ूं और वापस देश सेवा में लग जाऊं.
"मैं खुद भी ऐसा ही करना चाहता हूं. मेरे लिए मेरा काम बहुत ज़रूरी है."
"मगर मैं सरकार से विनती करता हूं कि वह बच्चों पर और बल प्रयोग न करे. दूसरी बात, सरकार मुझे यह आश्वासन दे कि प्रदर्शनकारियों पर एफ़आईआर दर्ज नहीं की जाएगी.
नीट पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनशन कर रहे हैं.
पुलिस ने विपक्ष के नेताओं को सोनम वांगचुक से मिलने से रोका, सोनम की पत्नी ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, संजय सिंह के अलावा वहां सपा की सांसद प्रिया सरोज और राजद के सांसद संजय यादव भी मौजूद थे
विपक्ष के सांसद बुधवार शाम सोनम वांगचुक से मिलने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया.
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने कहा, "इतिहास में पहली बार आपने सुना होगा कि पुलिस किसी अस्पताल में भर्ती मरीज से लोगों को मिलने से रोक रही है. हम सोनम वांगचुक से मिलने आए हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं."
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी, आरजेडी, सीपीआई(एम), जेएमएम, बीजेडी और आप के 15 सांसदों को सोनम वांगचुक से मिलकर 55 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने की अनुमति नहीं दी गई.
संजय सिंह ने आगे कहा, "क्या ये लोग सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं? इस चिट्ठी में लिखा है कि आप अपना अनशन खत्म कीजिए. आपकी सेहत और आपकी जिंदगी की अहमियत को देखते हुए आपको अपना अनशन जारी नहीं रखना चाहिए."
सोनम वांगचुक ने कहा था कि अगर देश के सांसद हमें भरोसा दिलाएं, तो मैं अपना अनशन खत्म कर सकता हूं. लेकिन हमें यह चिट्ठी देने की इजाजत नहीं दी जा रही है, हमें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है.
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिल चुके हैं. विपक्ष के भी कई सांसद उनसे मिलने आए हैं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा."
संजय सिंह के अलावा वहां सपा की सांसद प्रिया सरोज और राजद के सांसद संजय यादव भी मौजूद थे.
सोनम वांगचुक की पत्नी ने क्या कहा
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजली आंग्मो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "सोनम वांगचुक ने सांसदों से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया है. लेकिन उन्हें भारत सरकार से यह भरोसा भी चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होगा."
गीतांजली ने कहा कि उन्हें यह आश्वासन भी चाहिए कि आज रात प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह की शारीरिक हिंसा नहीं होगी.
सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश, पुलिस सुरक्षित रखे सीसीटीवी फ़ुटेज
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इमेज कैप्शन, नई दिल्ली में सोमवार को संसद भवन मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर दो याचिकाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया.
बार एंड बेंच के मुताबिक, चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए मामले ऐसे नहीं हैं जिन्हें केवल प्रभावित लोगों के पास निजी शिकायत दर्ज कराने के लिए भेजा जा सके.
अदालत ने कहा, "अगर यह कोई एक अलग घटना होती, तो स्थिति अलग होती. पुलिस उन्हें निजी शिकायत दर्ज कराने के लिए कहने में सही हो सकती थी. लेकिन यह ऐसा (अलग-थलग) मामला नहीं है."
इसके बाद अदालत ने पुलिस को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.
अदालत ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी.
राहुल गांधी बोले, 'विरोध कर रहे स्टूडेंट्स आतंकवादी नहीं, हमारा भविष्य हैं'
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
इस दौरान उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान, प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स और प्रधानमंत्री के घर के बाहर किए गए धरने की बात की.
सांसद राहुल गांधी ने कहा, "सवाल यह है कि हमारे स्टूडेंट्स के साथ ऐसा क्यों हो रहा है. आखिर हमारे छात्रों ने क्या ग़लती की है? उनके सामने सुरक्षा बल हथियार लेकर खड़े हैं. उन्होंने ऐसा क्या ग़लत किया है?"
राहुल गांधी ने कहा कि विरोध कर रहे स्टूडेंट्स आतंकवादी नहीं, वे हमारा भविष्य हैं; इसके लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास जाने से पहले वो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास गए और उन्हें बताया कि वो स्टूडेंट्स के मुद्दे पर सदन में बोलना चाहते हैं. जिसके बाद ओम बिरला ने कहा कि वह सरकार से पूछेंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि इसके बाद कोई डिस्कशन नहीं हुआ और पूरे मुद्दे को इग्नोर कर दिया गया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान एक सिंबल हैं और स्टूडेंट्स के साथ जैसा व्यवहार हो रहा है, उससे छात्र दुखी हैं. और छात्रों के सम्मान के लिए उस सिंबल 'धर्मेंद्र प्रधान' को हटाना होगा."
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने रखीं ये मांगें
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक (फ़ाइल फ़ोटो)
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के संबंध में सरकार को पत्र लिखकर एक अपील की है.
उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा, "एक बार सरकार से आश्वासन मिल जाने के बाद, मैं शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों से भी अपील करूंगा कि वे फिलहाल आंदोलन रोक दें और सरकार के साथ बातचीत शुरू करें."
उन्होंने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में कहा, "कल रात अस्पताल में मुझसे मिलने आने और मेरा अनशन ख़त्म करने की अपील करने के लिए आपका धन्यवाद. हमारी बातचीत के दौरान आपने मुझे भरोसा दिलाया कि सरकार निम्नलिखित मुद्दों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी."
"जैसे- परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवज़ा दिया जाएगा. और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा होगी, जिसमें माननीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े पर विचार भी शामिल होगा."
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
उन्होंने पत्र में आगे कहा, "अगर सरकार ऐसा आश्वासन देती है, तो मैं इस विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर दूंगा कि सरकार ने न सिर्फ मेरी अपील सुनी है, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को भी समझा है. लेकिन ऐसा आश्वासन नहीं मिलने पर मुझे अपना अनशन अनिश्चितकाल तक जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा."
उन्होंने आगे कहा, "मुझे यह भी उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल दोबारा नहीं किया जाएगा."
नीट पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनशन कर रहे हैं.
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास बोले, 'बातचीत के लिए सरकार के सामने हमने दिए दो विकल्प'
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इमेज कैप्शन, सौरव दास ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और दूसरे सांसदों के ख़िलाफ़ हुई पुलिस की कार्रवाई की निंदा की
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरवदास ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें आज सुबह भी सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया था और सरकार के सामने दो विकल्प रखें हैं.
सौरव दास ने कहा, "हमने सरकार के सामने दो विकल्प रखे हैं. हमने उनसे कहा है कि या तो वो जंतर-मंतर आ जाएं, या फिर जंतर-मंतर के पास किसी निष्पक्ष स्थान पर बातचीत हो सकती है."
सौरव दास ने सरकार के उस दावे पर भी बात की, जिसमें कहा गया था कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था.
सौरव दास ने कहा, "उन्होंने (सरकार ने) 20 जुलाई को भी हमसे संपर्क किया था. वे जो यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने हमसे संपर्क नहीं किया, वह पूरी तरह ग़लत है. वो सुबह से ही हमसे लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके वीडियो भी मौजूद हैं, जिनमें पुलिस हमें सरकार से बातचीत करने के लिए कह रही है."
सौरव दास ने आगे बताया, "आज भी पुलिस हमारे पास आई और कहा कि सरकार बातचीत करना चाहती है. हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन तभी जब सरकार खुले मन से हमारी बात सुने, प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और उन्हें स्वीकार करने की इच्छा रखे."
सौरव दास ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और दूसरे सांसदों के ख़िलाफ़ हुई पुलिस की कार्रवाई की निंदा की.
राहुल गांधी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस सांसदों के साथ धरने पर बैठे थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.
राजनाथ सिंह बोले, 'छात्रों और युवाओं को राजनीतिक औज़ार के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रयास हो रहा'
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इमेज कैप्शन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के जागरूक नौजवान ऐसे भ्रामक प्रयासों को अच्छी तरह समझते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन को गंभीर चिंता का विषय बताया.
उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग हमारे देश के छात्रों और युवाओं को अपने राजनीतिक स्वार्थों को पूरा करने के लिए, एक राजनीतिक औज़ार के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं."
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार नौजवानों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है."
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के जागरूक नौजवान ऐसे भ्रामक प्रयासों को अच्छी तरह समझते हैं.
उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के जागरूक, परिपक्व और विवेकशील नौजवान ऐसे भ्रामक प्रयासों को अच्छी तरह समझते हैं और वे प्रगति, विकास और राष्ट्रनिर्माण के रास्ते को चुनेंगे."
"हम इस बात के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि हमारे छात्रों और नौजवानों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो."
नीट पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनशन कर रहे हैं.
20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च का आह्वान किया था, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. विपक्ष पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना कर रहा है.
इमेज कैप्शन, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो)
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को सांसद के मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया. उन पर महिला सांसदों के ख़िलाफ़ अभद्र व्यवहार और असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं.
बुधवार को सदन की अध्यक्षता कर रहे टीडीपी सांसद केपी तेन्नेटी ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष को कल्याण बनर्जी के कथित आचरण और भाषा को लेकर लिखित शिकायत मिली है.
जिसके बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कल्याण बनर्जी को संसद के मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया और सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कल्याण बनर्जी ने सदन की कार्यवाही के दौरान "अप्रत्याशित और अनुचित व्यवहार" किया और कथित तौर पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करते हुए एनसीपीआई के सदस्यों और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोनम वांगचुक को पत्र लिखकर की ये मांग
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इमेज कैप्शन, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने भी एक्स पर एक वीडियो जारी कर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बुधवार को सोनम वांगचुक को पत्र लिखकर उनसे अनशन तोड़ने की मांग की है.
सीजेपी ने अपने पत्र में लिखा है, "पूरे सम्मान और दिल से आभार के साथ हम आपसे निवेदन करते हैं कि प्लीज़ अपना अनशन खत्म कर दीजिए. आपके त्याग ने पूरे देश के हज़ारों छात्रों को प्रेरित किया है. 20 जुलाई को अलग-अलग राज्यों से युवा सिर्फ आपके और इस आंदोलन के समर्थन में पहुंचे."
"आपने दिखा दिया कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस छात्र की है जो परीक्षा व्यवस्था में न्याय चाहता है. लेकिन इस समय सबसे ज़रूरी है कि आप अपनी सेहत का भी ख्याल रखें."
सीजेपी ने सोनम से वादा किया है कि उनके अनशन टोड़ने की वजह से यह आंदोलन ख़त्म नहीं होगा.
सीजेपी ने लिखा, "हम इस लड़ाई को पूरी ताकत से आगे बढ़ाएंगे और परीक्षा में न्याय की हमारी मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगे. इस आंदोलन को आगे ले जाने के लिए हम हरसंभव कोशिश करेंगे."
सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने भी एक्स पर एक वीडियो जारी कर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है.
दीपके ने एक्स पर लिखा, "देश को सोनम वांगचुक की ज़रूरत है और उनका जीवन इतना अनमोल है कि उसे और जोखिम में नहीं डाला जा सकता. जंतर-मंतर पर हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं."
पटना में छात्रों का प्रदर्शन: पुलिस ने किया वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने छात्रों को रोक दिया
दिल्ली में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में बिहार की राजधानी पटना में बुधवार कोऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आह्वान पर छात्रों ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में आइसा के छात्रों के अलावा अन्य छात्र संगठनों से जुड़े छात्र भी शामिल हुए.
प्रदर्शनकारियों का मार्च पटना के गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होकर राजभवन तक जाना था. हालांकि, गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने छात्रों को रोक दिया. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आँसू गैस के गोले छोड़े.
बीबीसी के वीडियो जर्नलिस्ट शहनवाज़ अहमद के मुताबिक, पुलिस की ओर से आँसू गैस के दो गोले छोड़े गए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पुलिस पर पथराव किए जाने का आरोप है.
पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र जेपी गोलंबर पर नहीं रुके और आगे बढ़ते हुए डाक बंगला चौराहे तक पहुंच गए.
इस दौरान छात्र लगातार "गोदी मीडिया गो बैक" के नारे लगाते रहे.
प्रदर्शन के दौरान कई मीडिया कर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद कई मीडिया कर्मियों को भीड़ से बाहर निकाला गया.
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अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- हम समझौते के लिए तैयार, लेकिन ईरान सीरियस नहीं
इमेज स्रोत, Roberto Schmidt/Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ जारी संकट को ख़त्म करने के लिए बातचीत और समझौते के लिए तैयार है, लेकिन ईरान इस मामले में गंभीर नहीं दिख रहा है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में रुबियो ने अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा, "अमेरिका अभी भी ईरान के साथ संकट ख़त्म करने के लिए बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन ईरान बातचीत को लेकर गंभीर नहीं है."
इस बीच, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ईरान को मध्यस्थों के ज़रिए 10 दिन के संघर्ष विराम का प्रस्ताव मिला है.
गौरतलब है कि हाल ही में ईरान के गृह मंत्री पाकिस्तान के दौरे पर गए थे. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाक़ात की थी.
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सीजेपी प्रदर्शन में घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा की हेल्थ को लेकर अस्पताल ने दिया ये अपडेट
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इमेज कैप्शन, अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कथित प्रदर्शन से जुड़ी घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई लड़की की हालत में सुधार है (फ़ाइल फ़ोटो: सीजेपी प्रदर्शन, 20 जुलाई)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद चलो मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा की तबीयत को लेकर राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने बुधवार को अपडेट जारी किया है.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कथित प्रदर्शन से जुड़ी घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई लड़की की हालत में सुधार है.
अस्पताल प्रशासन ने हेल्थ बुलेटिन जारी करते हुए बताया, "कथित प्रदर्शन से जुड़ी घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय महिला मरीज़ की हालत में अब अच्छा सुधार देखा जा रहा है. महिला का इलाज नई दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल में चल रहा है."
अस्पताल प्रशासन ने आगे बताया कि लड़की को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह ख़ुद से सांस ले रही है.
अस्पताल के अनुसार, मरीज़ होश में है और डॉक्टरों के निर्देशों का सही तरीक़े से जवाब दे रही है. उसकी दिमाग़ और रीढ़ की हड्डी की एमआरआई रिपोर्ट भी नॉर्मल आई है.
अस्पताल ने बताया, "इलाज शुरू होने के बाद से मरीज़ की स्थिति में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है. डॉक्टरों की टीम उसकी कड़ी निगरानी कर रही है और उसे सभी ज़रूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं."
आरएमएल अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि कथित घटना के संबंध में फ़िलहाल यही एकमात्र मरीज़ है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
भारी बारिश के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा गिरा, यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई, आसिफ़ अली, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, प्रशासन का कहना है कि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर काम किया जा रहा है
केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर भारी बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है.
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है.
रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, बुधवार सुबह 6:01 बजे सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छोड़ी के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर और मलबा के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया है.
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र की ओर से सेक्टर अधिकारी, गौरीकुंड को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मार्ग से मलबा हटाने के साथ-साथ उसे सुरक्षित बनाने का काम कर रही हैं.
प्रशासन का कहना है कि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर काम किया जा रहा है.
मौक़े पर डिडीआरएफ़, वाईएमएफ़, आपदा मित्र, एमपीएफ़ और पुलिस की टीमें तैनात हैं, जबकि एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है.
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें. अधिकारियों का कहना है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी.
दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद
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इमेज कैप्शन, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने की जानकारी साझा की (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बुधवार को दोपहर 11:27 बजे 16 मेट्रो स्टेशन बंद करने की जानकारी दी है.
डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर 16 मेट्रो स्टेशन का नाम जारी करते हुए लिखा, "ये मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी."
डीएमआरसी ने इन मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की जानकारी दी-
लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम.
तमिलनाडु के सीएम विजय की पार्टी ने राहुल गांधी को हिरासत में लेने पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय (फ़ाइल फ़ोटो)
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय की पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है.
तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी को हिरासत में लेना और हथकड़ी लगाकर ले जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है.
टीवीके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "देश की राजधानी में लोकतंत्र को कुचलना बेहद निंदनीय है.दिल्ली में युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस द्वारा घसीटते हुए हिरासत में लेना और हथकड़ी लगाकर ले जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है.इसकी हम कड़ी निंदा करते हैं."
पार्टी ने लिखा, "नीट परीक्षा लागू होने के बाद से ही इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं.साथ ही, छात्रों पर लगातार मानसिक दबाव बना हुआ है और उनके भविष्य के सपने बड़े सवाल के घेरे में हैं."
आगे लिखा, "हर साल नीट परीक्षा की वजह से छात्रों को होने वाला नुकसान रुकने का नाम नहीं ले रहा है.इसलिए, हम केंद्र सरकार से नीट परीक्षा को पूरी तरह ख़त्म करने की ज़ोरदार मांग करते हैं."
गौरतलब है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पीएम आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना प्रदर्शन किया था.
इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि, कुछ घंटे बाद उन्हें और हिरासत में लिए गए बाकी नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया.