लाइव, इराक़ में फ़्रांस के एक सैनिक की मौत, कई घायल

इराक़ के एरबिल क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले में फ़्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई है वहीं कई घायल भी हुए हैं. फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह जानकारी दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

सौरभ यादव

  1. इराक़ में फ़्रांस के एक सैनिक की मौत, कई घायल

    फ़्रांस

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    इमेज कैप्शन, ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से फ़्रांस पहले सैनिक की मौत हुई है.

    इराक़ के एरबिल क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले में फ़्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई है वहीं कई घायल भी हुए हैं. फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह जानकारी दी है.

    उन्होंने बताया कि चीफ़ वारंट ऑफ़िसर अर्नाड फ्रियोन की मौत हुई है. ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से फ़्रांस के वो पहले सैनिक हैं, जिनकी मौत हुई है.

    मैक्रों ने सोशल मीडिया पर लिखा, “उनके परिवार और उनके साथी सैनिकों के प्रति मैं पूरे देश की ओर से एकजुटता व्यक्त करना चाहता हूं.”

    उन्होंने लिखा, “इस हमले में कुछ और सैनिक घायल हुए हैं. पूरा फ़्रांस उनके और उनके प्रियजनों के साथ खड़ा है.”

    राष्ट्रपति मैक्रों ने क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहे फ़्रांसीसी बलों पर हुए इस हमले की निंदा की है.

  2. तेहरान समेत कई जगहों पर शुक्रवार सुबह पांच बजे तक हुए कई हमले

    ईरान

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    इमेज कैप्शन, ईरान में कई जगहों पर शुक्रवार सुबह धमाकों की ख़बरें सामने आई हैं

    इसराइल के ईरान में नए हमलों की घोषणा के बाद शुक्रवार सुबह तेहरान सहित कई इलाकों में हमले हुए हैं. स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी दी है.

    बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक यह हमले शुक्रवार सुबह पांच बजे तक जारी रहे. हमले के बाद अराक इलाके से हमले की कई तस्वीरें सामने आई हैं.

    करज इलाके में भी हमले की ख़बरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं.

    तेहरान के लोगों ने बताया है कि हमलों की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि धमाके की कंपन को घटनास्थल से काफी दूर तक महसूस किया गया.

    रिवोल्यूशनरी गार्ड की करीबी न्यूज़ एजेंसी तसनीम ने दक्षिणी तेहरान में धमाकों की जानकारी दी है.

    एतमाद न्यूज़ पेपर ने उन इलाकों की सूची जारी की है, जहां पर शुक्रवार सुबह हमले हुए हैं.

    न्यूज़ पेपर के मुताबिक इन जगहों में पूंक, मरज़दारन, इस्लाम शहर, शहर रे, लवासान, परदिस, ज़फ़रानीह, दौलत, सुहरावर्दी, नाज़ी आबाद और तेहरान पार्स के इलाके शामिल हैं.

  3. अमेरिका ने भारत की तरह दूसरे देशों को भी रूसी तेल ख़रीदने की दी अनुमति

    अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रूसी तेल ख़रीदने की नई शर्तें रखी हैं

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रूसी तेल ख़रीदने की नई शर्तें रखी हैं

    रूस पर लगे प्रतिबंध के बावजूद अमेरिका ने उन सभी देशों को उस रूसी तेल और पेट्रोलियम को ख़रीदने की अस्थायी अनुमति दी है जो इस समय समुद्र में जहाजों पर लदा है.

    अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में सप्लाई बनाए रखने के लिए एक अस्थायी उपाय है. यह अनुमति 11 अप्रैल तक लागू रहेगी.

    बेसेंट ने कहा, “यह बहुत सीमित और थोड़े समय के लिए उठाया गया कदम है. यह केवल उस तेल पर लागू होगा जो पहले से ही जहाजों में लदा हुआ और रास्ते में है. इससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा.”

    ईरान युद्ध के बाद से तेल की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है. एक समय में यह 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर पर पहुंच गई थी.

    हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर युद्ध जल्द ख़त्म करने के बारे में बयान देने के बाद कीमतों में गिरावट आई और ये 100 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई.

    लेकिन गुरुवार को तेल की कीमतें एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं.

    साथ ही दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज़ की गई. दरअसल खाड़ी क्षेत्र में तीन और मालवाहक जहाजों पर हमले होने की वजह से तेल के दाम बढ़ गए.

    ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा है कि वो होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करेंगे.

    होर्मुज़ एक अहम समुद्री मार्ग है. इससे होकर दुनिया के लगभग 20 फ़ीसदी तेल की सप्लाई होती है.

    हालांकि अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा था कि अमेरिकी सरकार होर्मुज़ से गुजरने वाली जहाजों को एस्कॉर्ट करेगी.

  4. यूएई की मंत्री ने कहा, 'अमेरिका को हमारी ज़मीन से ईरान पर हमले की इजाज़त नहीं दी जाएगी', क्लाइव माइरी, अबू धाबी

    यूएई की राज्यमंत्री लाना नुसैबेह

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    इमेज कैप्शन, यूएई की राज्यमंत्री लाना नुसैबेह ने ईरान के हमलों को बेहद गंभीर और ग़ैरक़ानूनी बताया

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राज्यमंत्री लाना नुसैबेह ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की निंदा की है.

    उन्होंने इन्हें बेहद गंभीर, ग़ैरक़ानूनी और बिना उकसावे के किए गए हमले बताया.

    उन्होंने कहा कि हमलों का पैमाना ही नहीं, बल्कि यह भी चौंकाने वाला है कि ईरान ने इस संघर्ष में पूरे क्षेत्र को खींच लिया है.

    नुसैबेह ने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार किया कि क्या उनका देश ईरान के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने का रास्ता कूटनीति ही होना चाहिए.

    उन्होंने यह भी कहा कि यूएई को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए यूएई के हवाई क्षेत्र या उसकी ज़मीन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

    उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत है और ऑइल इन्फ़्रास्ट्रक्चर और पर्यटन उद्योग पर हुए हमलों के झटके को झेल सकती है. इसमें दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और कुछ होटलों पर हुए हमले भी शामिल हैं.

    उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उन खबरों की जानकारी है जिनमें बताया गया है कि ड्रोन और मिसाइल हमलों की तस्वीरें लेने से जुड़े सख्त कानूनों के तहत कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

    आरोप लगाया जा रहा है कि यह कदम यूएई में मौजूदा हालात की असल तस्वीर सामने आने से रोकने की कोशिश है. लेकिन नुसैबेह ने इन ख़बरों को ग़लत बताया है.

  5. एलपीजी संकट पर बोले पीएम मोदी, 'कुछ लोग पैनिक क्रिएट कर रहे हैं'

    पीएम मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा है कि इस भारत इस संकट से निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है

    दिल्ली में आयोजित हुई एक समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में एलपीजी गैस को लेकर बने हालातों और ईरान युद्ध पर अपनी बात रखी है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारे बहुत ही पास में एक बड़ा युद्ध चल रहा है. इस युद्ध ने पूरी दुनिया को बहुत बड़े ऊर्जा संकट में डाल दिया है."

    उन्होंने कहा, "एक देश के तौर पर यह बहुत अहम है कि हम इसका मुक़ाबला कैसे करते हैं."

    पीएम ने कहा, "आजकल एलपीजी को लेकर बहुत चर्चा हो रही है. कुछ लोग हैं जो पैनिक क्रिएट करने का प्रयास कर रहे हैं. अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं."

    उन्होंने कहा, "मैं इस समय उन पर राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन इतना ज़रूर कहूंगा ऐसा करके वो जनता के सामने खुद तो एक्सपोज हो ही रहे हैं. पूरे देश का भी बहुत बड़ा नुक़सान कर रहे हैं."

    पीएम मोदी ने कहा, "आज जो यह वैश्विक संकट आया उसके प्रभाव से कोई भी देश अछूता नहीं है. कम अधिक मात्रा में हर कोई इस संकट का शिकार हुआ है. भारत इस संकट से निपटने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है."

  6. मोजतबा ख़ामेनेई के बयान पर ईरान के लोग क्या कह रहे हैं?, ग़ोंचे हबीबीज़ाद, बीबीसी फ़ारसी

    मोजतबा ख़ामेनेई

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    ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि 'ईरान मारे गए ईरानियों के ख़ून का बदला लेने से जरा भी नहीं हिचकिचाएगा.' इस बयान पर वहां के लोगों ने प्रतिक्रिया दी है.

    ईरान में सरकार की ओर लगाए गए इंटरनेट शटडाउन की वहज से वहां के लोगों से संपर्क करना आसान नहीं है, लेकिन भी फिर भी कुछ लोगों से थोड़ी देर के लिए संपर्क हो पाया है.

    लोगों ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. जानिए उन्होंने क्या कहा…

    तेहरान में रहने वाले एक 30 वर्षीय शख़्स ने कहा है कि यह बहुत भड़काऊ बयान है. यह दिखाता है कि भीतर से कुछ नहीं बदला जा सकता है.

    एक 40 वर्षीय महिला ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह उनका बयान था. मुझे लगता है कि देश का कंट्रोल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के हाथ में है.”

    करज शहर के रहने वाले एक शख़्स ने कहा है “वह (मोजतबा) अपने पिता से भी ज़्यादा बेकार है.”

  7. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बारे में कहा, 'नफ़रत से भरा देश उसकी क़ीमत चुका रहा है'

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि, 'ईरान एक नफरत से भरा देश है, जिसकी वह भारी कीमत चुका रहा है'

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ हालात बहुत तेज़ी से बदल रहे हैं.

    ट्रंप ने कहा, “हमारा अभियान बहुत अच्छी तरह से चल रहा है. हमारी सेना बेजोड़ है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, और न ही किसी ने कभी ऐसा कुछ देखा है.”

    उन्होंने कहा है, "हम वही कर रहे हैं जो करना ज़रूरी है. यह बहुत पहले किया जाना चाहिए था. पिछले 47 सालों में यह किसी की भी ओर किया जा सकता था. पर उन्होंने ऐसा ना करना चुना."

    ट्रंप ने कहा, "ईरान एक आतंक और नफ़रत से भरा देश है जिसकी वे भारी कीमत चुका रहे हैं."

  8. प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से की बात

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत कर ताज़ा हालातों पर चिंता व्यक्त की है.

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से बातचीत की है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा है, "क्षेत्र (मध्य पूर्व) की गंभीर स्थिति पर मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से बातचीत की है."

    उन्होंने लिखा, “तनाव बढ़ने, आम नागरिकों के मारे जाने और सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की.”

    पीएम मोदी ने लिखा, "भारतीय लोगों की सुरक्षा, सामान और ऊर्जा की बिना रुकावट आवाजाही भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को हमने फिर दोहराया है. साथ ही बातचीत और कूटनीति के जरिए समस्या का हल निकालने की अपील है.”

  9. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सौरभ यादव अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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