कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2025-26
के बजट सत्र के लिए पांच गारंटी लागू करने पर ज़ोर दिया है.
जबकि, कुछ विपक्षी
दलों के नेताओं और ख़ुद कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी इस बात की आलोचना की थी और गारंटी
की लाभार्थियों की संख्या में कटौती की मांग की थी.
उन्होंने कर्नाटक विधानसभा में रिकॉर्ड 16वीं बार
बजट पेश किया. इस दौरान सिद्धारमैया ने उल्लेखित किया, “हमने कई कल्याणकारी योजनाएं
प्रस्तावित की हैं, इनमें पांच गारंटी भी शामिल हैं. यह सिर्फ़ फ़्रीबीज़ नहीं
हैं.”
पांच गारंटी को लेकर उन्होंने कहा, “मैं विश्वास के साथ ऐसा कह सकता हूं
कि यह आर्थिक और सामाजिक सिद्धांतों पर किया गया एक रणनीतिक निवेश है. हमने कल्याणकारी
योजनाएं लॉन्च की हैं, जिनका लक्ष्य लोगों की क्रय क्षमता को बढ़ाना है.”
सीएम सिद्धारमैया ने कहा, “हमने बजट के तहत वर्तमान वित्तीय
वर्ष में गारंटियों के लिए 51,034 करोड़ रुपए रखे हैं.”
सीएम सिद्धारमैया ने 4 लाख 9 हज़ार
549 करोड़ रुपए के बजट में इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर ज़ोर देने पर फ़ोकस किया
है, ताकि ब्रांड बेंगलुरु की इमेज को धक्का लगने से रोका जा सके.
सिद्धारमैया ने कहा, “सरकार उत्तर-दक्षिण
और पूर्व-पश्चिम टनल सड़कों के लिए निर्माण के लिए बेंगलूरु के स्थानीय प्रशासन को 19 हज़ार करोड़ रुपए की गारंटी देगी, जिनकी निर्माण लागत
40 हज़ार करोड़ रुपए प्रस्तावित की गई थी.”
सिद्धारमैया ने कहा, “कर्नाटक भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते राज्यों में
से एक है. यह राज्य नेशनल ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट में 8.4 फ़ीसदी का योगदान देता
है.”
बीजेपी ने इस बजट को लेकर एक्स पर लिखा कि
यह ‘हलाल बजट’ है. बीजेपी ने बजट में मुस्लिमों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में चार फ़ीसदी आरक्षण देने सहित अन्य योजनाओं को लेकर निशाना साधा.
इस मामले में सीएम सिद्धारमैया ने कहा, “इसे हलाल बजट कहकर वो अपने एंटी सेक्यूलर होने का प्रमाण दे रहे हैं.
संविधान भी कहता है कि सभी समुदायों और जातियों के साथ समान व्यवहार किया जाना
चाहिए.”