पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर ने एक इंटरव्यू में राजीव गांधी के कैंब्रिज और इंपीरियल कॉलेज में कथित तौर पर फेल होने का ज़िक्र करते हुए उनको प्रधानमंत्री बनाने पर सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस ने उनके इस बयान पर आपत्ति जताई है.
कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को मणि शंकर अय्यर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ये हताशा की पराकाष्ठा है. इतना फ्रस्ट्रेशन आ चुका है. ऐसे में कौन व्यक्ति क्या बोल रहा है उसे पता ही नहीं है."
उन्होंने कहा, "कोई सिरफिरा आदमी ही राजीव गांधी को लेकर ऐसी बात बोल सकता है. यह जो राजीव गांधी को लेकर बोले हैं, कौन किस कॉलेज में पास होता है या फेल होता है. उससे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनने या न बनने का क्या संबंध है?"
अशोक गहलोत ने राजीव गांधी के कार्यकाल की तारीफ़ करते हुए कहा, "राजीव गांधी के वक्त़ जो कानून पास हुए वो मिसाल हैं. अठारह साल के व्यक्ति को मताधिकार देना और इस तरीक़े के शानदार कानून लाने वाले व्यक्ति के बारे में किए गए कमेंट की जितनी निंदा की जाए कम है."
मणि शंकर अय्यर इससे पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में रहे हैं.
राजीव गांधी पर मणि शंकर अय्यर ने क्या कहा था?
अपने एक इंटरव्यू में मणि शंकर अय्यर ने कहा था, "मैं राजीव के साथ कैंब्रिज में पढ़ता था. वहां फेल होना बहुत मुश्किल है, फर्स्ट क्लास मिलना आसान है. इसके बावजूद राजीव फेल हुए. फिर वो इंपीरियल कॉलेज लंदन गए और वहां भी फेल हुए."
उन्होंने कहा था कि कैंब्रिज में कोई विरले ही फेल होता है. क्योंकि वहां विश्वविद्यालय अपनी छवि ख़राब नहीं होने देता फिर भी वे पास नहीं हो सके.
उन्होंने कहा था, "जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने तो मैंने सोचा कि एक व्यक्ति जो पायलट थे और दो बार असफल रहे वो प्रधानमंत्री कैसे बन सकते हैं?"