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बांग्लादेश में आरक्षण के ख़िलाफ़ रोष: देश भर में हिंसक झड़पें, कम से कम 19 लोगों की मौत

बांग्लादेश के राष्ट्रीय चैनल बीटीवी के दफ्तर में बृहस्पतिवार दोपहर को लगी आग के बाद वहां कई लोग फंस गए हैं.

सारांश

  • बांग्लादेश में आरक्षण के ख़िलाफ़ देशव्यापी आंदोलन में अब तक 11 लोगों की मौत.
  • गोंडा में पटरी से उतरे चंडीगढ़ डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे, दो लोगों की हुई मौत.
  • सूर्यकुमार यादव श्रीलंका के ख़िलाफ़ टी-20 में होंगे भारत के कप्तान, शुभमन गिल उपकप्तान.
  • कांवड़ यात्रा से पहले जारी किए गए आदेश पर मुज़फ़्फरनगर पुलिस ने जारी किया स्पष्टीकरण.
  • राष्ट्रपति की रेस से हटने के लिए बाइडन पर बढ़ता दबाव, कोविड के कारण थमा प्रचार.
  • जर्मनी अगले साल यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता में कटौती करने की योजना बना रहा है.

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार और सौरभ कुमार यादव

  1. बांग्लादेश में आरक्षण के ख़िलाफ़ रोष: देश भर में हिंसक झड़पें, कम से कम 19 लोगों की मौत

    आरक्षण के विरोध में जारी देशव्यापी आंदोलन में अब तक बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है.

    इसके अलावा सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. आंदोलन और हिंसा लगातार तेज़ हो रही है. प्रदर्शनकारी कई जगहों पुलिस बल के साथ हिंसक संघर्ष में जुटे हैं.

    देश के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है.

    प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण को ख़त्म कर दिया जाए.

    इस बीच, बांग्लादेश के राष्ट्रीय चैनल बीटीवी के दफ्तर में बृहस्पतिवार दोपहर को लगी आग के बाद वहां कई लोग फंस गए हैं.

    बीटीवी के वेरिफाइड फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी गई है.

    इस पोस्ट में कहा गया है, "बीटीवी में भयावह आग लगी है और यह तेज़ी से फैल रही है. हम फायर सर्विस के त्वरित सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं. भीतर कई लोग फंसे हुए हैं."

    ढाका के रामपुरा में बीटीवी के कई पत्रकारों ने बताया है कि फायर सर्विस को फोन करने के बावजूद अब तक मौके पर कोई मदद नहीं पहुँची है.

    इस वजह से इमारत के भीतर लगी आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है.

    यह आग तेज़ी से दूसरे हिस्सों में भी फैल रही है. वहां आंदोलनकारी इस इमारत पर कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहे हैं.

    उन लोगों ने बताया है कि सुरक्षाबलों के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं. लेकिन वे भी खुद को बचाने में ही व्यस्त हैं.

    कई लोग बाहर सुरक्षित स्थान पर जाने में कामयाब रहे हैं. लेकिन फिलहाल निश्चित तौर पर यह कहना मुश्किल है कि इमारत के भीतर कितने लोग फंसे हैं.

    बीटीवी का प्रसारण ठप हो गया है. बीटीवी के महानिदेशक जहांगीर आलम ने फोन पर फिलहाल इस बारे में कुछ कहने से इनकार दिया.

    क्या है मामला

    हाई कोर्ट ने इस साल पांच जून को एक याचिका के आधार पर वर्ष 2018 में सरकारी नौकरियों में आरक्षण रद्द करने संबंधी सरकार की अधिसूचना को अवैध करार दिया था.

    अदालत के उस फैसले के बाद से ही आरक्षण के खिलाफ मौजूदा आंदोलन शुरू हुआ.

    आरक्षण के मुद्दे पर जारी हिंसा में बृहस्पतिवार को ढाका मेडिकल कालेज में पांच लोगों के शव लाए गए.

    इनमें बांग्लादेश के ऑनलाइन अखबार ढाका टाइम्स के एक मेडिकल करेस्पोंडेंट मेहदी हसन (32) भी शामिल हैं.

    सरकारी सूत्रों ने बताया कि उनकी मौत जात्राबाड़ी इलाके में गोली लगने से हुई है.

  2. हिमंत बिस्वा सरमा के मुस्लिम आबादी वाले बयान पर ओवैसी ने दी प्रतिक्रिया

    असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री को 'दुनिया के पांच सबसे झूठे लोगों में से एक' बताया है.

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को दिए गए अपने एक बयान में कहा था कि "डेमोग्राफ़ी का बदलना मेरे लिए एक बड़ा मुद्दा है. असम में आज मुस्लिमों की आबादी 40 फ़ीसदी तक पहुंच गई है."

    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि- "1951 में असम में मुस्लिमों की आबादी केवल 12 फ़ीसदी ही थी. हम कई सारे ज़िलों को खो चुके हैं."

    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि "असम के मुख्यमंत्री झूठे हैं. वे असम के मुसलमानों से नफरत करते हैं. वह अगर असम में हैं तो बंगाली मुसलमानों से भेदभाव करते हैं. असम के बाहर जाते हैं तो सभी मुसलमानों के साथ भेदभाव करते हैं."

    ओवैसी ने कहा कि "1951 में मुसलमानों की आबादी 24.68 प्रतिशत थी, 2001 में 30.92 प्रतिशत थी और 2011 की जनगणना के मुताब़िक 34.22 प्रतिशत थी."

    ओवैसी ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा के झूठ के कारण ही पूरा प्रशासन और सभी अधिकारी मुसलमानों से नफरत कर रहे हैं.

    असम के मुख्यमंत्री ने कहा था कि, "मेरे लिए ये राजनीतिक मुद्दा नहीं है. मेरे लिए ये जीने और मरने का मुद्दा है."

  3. उर्सुला वॉन डेर लेयेन दोबारा बनीं यूरोपीयन कमीशन की अध्यक्ष

    सीक्रेट बैलेट मतदान के बाद उर्सुला वॉन डेर लेयेन को यूरोपीयन कमीशन का अध्यक्ष चुना गया है. उर्सुला वॉन डेर लेयेन लगातार दूसरी बार अध्यक्ष के तौर पर चुनी गई हैं.

    गुरुवार को स्ट्रासबर्ग में हुए मतदान में उन्हें यूरोपीय संसद के 401 सदस्यों का समर्थन मिला. सेंटर राइट यूरोपीयन पीपुल्स पार्टी से संबंध रखने वाली वॉन डेर लायेन पहली बार 2019 में अध्यक्ष पद के लिए चुनी गई थीं.

    अब वॉन डेर यूरोपीय कमीशन के अध्यक्ष के तौर पर पांच और सालों तक काम करेंगी.

    दोबारा से अध्यक्ष चुने जाने पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मेरे लिए ख़ास और भावुक पल है. वोटिंग के बाद बयान देते हुए उर्सुला ने नतीजों को मज़बूत आतामविश्वास का संकेत बताया.

    गुरुवार को पहले एमईपी को दिए गए भाषण में, वॉन डेर लायेन ने कहा कि वे सैन्य खर्च में बढ़ोतरी करेंगी. इसके साथ ही उन्होंने जलवायु से जुड़े लक्ष्यों पर टिके रहने की प्रतिबद्धता भी जताई.

    पिछले महीने हुई यूरोपीय नेताओं की समिट में वॉन डेर लायेन के नामांकन को मंज़ूर किया गया था.

  4. मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के 'आदेश' पर ओवैसी ने कहा- अगर योगी में हिम्मत है तो...

    कांवड़ यात्रा से पहले यूपी की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के एक 'आदेश' से विवाद खड़ा हो गया है.

    मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के 'आदेश' के मुताबिक़, कांवड़ रूट पर पड़ने वाले ढाबे, होटलों और खाने पीने के ठेले वालों को मालिक और काम करने वाले लोगों का नाम लिखना होगा.

    एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के इस आदेश को लेकर कहा कि "यह संविधान के आर्टिकल 17 का उल्लंघन है, यूपी सरकार अस्पृश्यता को बढ़ावा दे रही है."

    ओवैसी ने कहा कि "मैं चैलेंज करता हूं किअगर योगी आदित्यनाथ में हिम्मत है तो लिखित आदेश निकालकर दिखाएं, मुसलमानों से खुलेआम भेदभाव किया जा रहा है."

    ओवैसी ने कहा कि यह आदेश आने के बाद मुज़फ़्फ़रनगर के ढाबों से मुस्लिम कर्मचारियों को निकाल दिया गया है.

    ओवैसी ने कहा कि उस मार्ग पर मैक डोनाल्ड्स, केएफसी और पिज्जा हट जैसे बड़े ब्रांड भी हैं उनको कोई कुछ नहीं बोल रहा है.

    ओवैसी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार का यह आदेश देख के लग रहा है कि उनमें हिटलर की आत्मा समा गई है. जैसे हिटलर यहूदियों का बॉयकाट करते थे वैसा ही बॉयकाट उत्तर प्रदेश की सरकार भी कर रही है.

    मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस का स्पष्टीकरण

    इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है.

    अब मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने कहा है, "श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल, ढाबे और खानपान की सामग्री बेचने वाले दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वेच्छा से अपने मालिक और काम करने वालों का नाम प्रदर्शित करें."

    पुलिस का कहना है, "इस आदेश का आशय किसी प्रकार का धार्मिक विभेद ना होकर सिर्फ़ मुज़फ़्फ़रनगर जनपद से गुज़रने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, आरोप प्रत्यारोप और कानून व्यवस्था की स्थिति को बचाना है. इससे पहले भी ऐसी व्यवस्था की जा चुकी है."

  5. सूर्यकुमार यादव श्रीलंका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में करेंगे भारतीय टीम की कप्तानी, शुभमन गिल होंगे उपकप्तान

    भारतीय टीम को क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट यानी टी-20 में एक नया कप्तान मिल गया है. श्रीलंका के ख़िलाफ़ तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ में सूर्यकुमार यादव भारतीय क्रिकेट टीम के नए कप्तान होंगे.

    टीम इंडिया 27 जुलाई 2024 से श्रीलंका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ खेलेगी. वहीं, वनडे टीम सिरीज़ की शुरुआत 2 अगस्त 2024 से होगी.

    शुभमन गिल को टी-20 और वनडे टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है. भारतीय टीम के दो सबसे सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ही श्रीलंका के ख़िलाफ़ वन डे मैच खेलेंगे.

    इसके साथ ही श्रीलंका के ख़िलाफ़ तीन वन डे और तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ के लिए भारतीय टीम का एलान भी कर दिया गया है.

    वनडे टीम

    रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), विराट कोहली, केएल राहुल (विकेट कीपर), ऋषभ पंत (विकेट कीपर), श्रेयष अय्यर, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, रियान पराग, अक्षर पटेल, ख़लील अहमद और हर्षित राना.

    टी-20 टीम

    सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, रिंकू सिंह, रियान पराग,ऋषभ पंत (विकेट कीपर), संजू सैमसन (विकेट कीपर), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, ख़लील अहमद, मोहम्मद सिराज.

  6. कांवड़ यात्रा से पहले मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के 'आदेश' पर मायावती ने दी प्रतिक्रिया

    सावन महीने में कांवड़ यात्रा से पहले यूपी के मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के एक आदेश से विवाद खड़ा हो गया है.

    मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने इस आदेश में कहा था कि "कांवड़ यात्रा के दौरान रूट पर पड़ने वाले ढाबे, होटलों और खाने पीने के ठेले वालों को मालिक और काम करने वाले लोगों का नाम लिखना होगा."

    पुलिस के मुताबिक़ यह निर्देश कांवड़ियों को भ्रम से बचाने और बाद में क़ानून व्यवस्था की कोई परेशानी से बचने के लिए दिया गया है.

    उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    मायावती ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि "पश्चिमी यूपी और मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के कांवड़ यात्रा रूट में पड़ने वाले होटल, ढाबा, ठेला आदि के दुकानदारों को मालिक का पूरा नाम प्रमुखता से प्रदर्शित करने का नया सरकारी आदेश गलत है. यह आदेश सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ सकता है. सरकार को यह आदेश जनहित में तुरंत वापस लेना चाहिए."

    मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस का स्पष्टीकरण

    इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है.

    अब मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने कहा है, "श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल, ढाबे और खानपान की सामग्री बेचने वाले दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वेच्छा से अपने मालिक और काम करने वालों का नाम प्रदर्शित करें."

    पुलिस का कहना है, "इस आदेश का आशय किसी प्रकार का धार्मिक विभेद ना होकर सिर्फ़ मुज़फ़्फ़रनगर जनपद से गुज़रने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, आरोप प्रत्यारोप और कानून व्यवस्था की स्थिति को बचाना है. इससे पहले भी ऐसी व्यवस्था की जा चुकी है."

  7. कांवड़ यात्रा से पहले जारी किए गए आदेश पर मुज़फ़्फरनगर पुलिस ने जारी किया स्पष्टीकरण

    सावन महीने में कांवड़ यात्रा से पहले जारी किए गए एक आदेश पर अब उत्तर प्रदेश की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है.

    मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने कहा है, "श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान सीमावर्ती राज्यों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए भारी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार से जल उठाकर मुज़फ़्फ़रनगर जनपद से होकर गुज़रते हैं. श्रावण के पवित्र माह में लोग ख़ासकर कांवड़िये अपने खानपान में कुछ खाद्य सामग्री से परहेज़ करते हैं."

    मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के मुताबिक़, "पूर्व में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां कांवड़ मार्ग पर हर प्रकार की खाद्य सामग्री बेचने वाले कुछ दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के नाम इस प्रकार से रखे गए जिससे कांवड़ियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होकर क़ानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई."

    पुलिस ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल, ढाबे और खानपान की सामग्री बेचने वाले दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वेच्छा से अपने मालिक और काम करने वालों का नाम प्रदर्शित करें.

    पुलिस का कहना है, "इस आदेश का आशय किसी प्रकार का धार्मिक विभेद ना होकर सिर्फ़ मुज़फ़्फ़रनगर जनपद से गुज़रने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, आरोप प्रत्यारोप और कानून व्यवस्था की स्थिति को बचाना है. इससे पहले भी ऐसी व्यवस्था की जा चुकी है."

  8. यूपी पुलिस वैश्विक स्तर पर नाज़ियों की तरह सोच रही है: महुआ मोइत्रा

    सावन महीने में कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के नए आदेश पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

    महुआ ने टीएमसी के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा है कि, "भारतीय मनावाधिकार आयोग और उसके अध्यक्ष अरुण मिश्र ध्यान दीजिए. जब आप एक न्यायाधीश थे तब आपने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी एक दूरदर्शी व्यक्ति हैं जो वैश्विक स्तर पर सोचते हैं और स्थानीय स्तर पर काम करते हैं."

    "लेकिन अब यूपी पुलिस वैश्विक स्तर पर नाज़ियों की तरह सोच रही है और स्थानीय स्तर पर मुस्लिमों पर कार्रवाई कर रही है. कृपया इस पर तुरंत कोई एक्शन लिया जाए."

    टीएमसी राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी थी कि उन्होंने मुज़्फ़्फरनगर पुलिस के ख़िलाफ़ मानवाधिकार आयोग में एक केस दर्ज़ कराया है जिसमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य विक्रेताओं से अपना नाम और स्टाफ़ सदस्यों के नाम लिखने के लिए कहकर मुसलमानों के साथ भेदभाव किया गया है.

    साकेत गोखले ने अपनी शिकायत में कहा है कि, "मुज़फ़्फ़रनगर के एसएसपी द्वारा दिया गया तर्क न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि बेशर्मी भरा भी है."

  9. राजनीतिक बयानों में मौत और हिंसा जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए: बीजेपी

    बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस वार्ता कर कहा है कि राजनीतिक बयानों में मौत और हिंसा जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए.

    सुधांशु त्रिवेदी ने एक अंग्रेज़ी अख़बार में एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के छपे लेख के हवाले से ये बात कही.

    वर्तमान समय में विश्व में सुरक्षा को लेकर हो रही गतिविधियों और भारत पर हो रहे उसके प्रभाव के बारे में यह आर्टिकल लिखा गया है.

    सुधांशु त्रिवेदी ने आर्टिकल के हवाले से कहा, "राजनीतिक दल अपने स्वार्थ और राजनैतिक लाभ के लिए जो बयान देते हैं वो दूसरे राजनेताओं के प्रति हिंसा को बढ़ावा दे सकते हैं."

    सुधांशु त्रिवेदी ने इसको लेकर जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या और डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले का हवाला दिया है.

    उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ मारना या डंडे मार देंगे जैसे शब्दों का प्रयोग किया था.

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं ने मोदी जी के लिए मौत, कब्र खुदेगी, मर जा और सर फोड़ देंगे जैसे शब्दों का प्रयोग किया है.

    सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि बहुत दुख के साथ कहना चाहूंगा कि किसी नेता के लिए सबसे पहले मौत शब्द का प्रयोग 2007 में सोनिया गांधी ने किया था, उन्होंने मौत का सौदागर कहा था.

    आगे उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जब संविधान की हत्या हो गई थी तब भी हमने इंदिरा गांधी के लिए न मौत की कामना की थी, न ही मौत जैसे शब्द का प्रयोग किया था.

  10. रेलवे ने बताया, डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस दुर्घटना में गई एक व्यक्ति की जान

    उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन के पास डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए.

    पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज सिंह ने दुर्घटना के बारे में ज़्यादा जानकारी देते हुए बताया कि, अभी तक जो अपडेट मिली है उसके मुताबिक़ इस हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है और छह व्यक्तियों को मामूली चोटें आई हैं.

    मेडिकल टीम और बचाव दल घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं और रेस्कयू का काम भी शुरू कर दिया गया है.

    रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है और जो भी यात्री इसमें फंसे हुए हैं उनको गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बस सहित सभी इंतज़ाम किए जा रहे हैं. दो ट्रेनों को डायवर्ट भी किया गया है.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, यूपी के गोंडा में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के कुछ डब्बे पटरी से उतरे

    उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन के पास चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए हैं.

    अभी तक किसी भी तरह के जानोमाल के नुक़सान की कोई भी ख़बर नहीं आई है. अधिक सूचना की प्रतीक्षा की जा रही है.

    घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "ढाई बजे के क़रीब यह हादसा हुआ है. चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में. गोंडा से क़रीब-क़रीब 20 किलोमीटर आगे है ये जगह. दो बोगियां पलट चुकी हैं. कुछ और बोगियों पर भी असर पड़ा है. पटरियां भी इधर-उधर हो गई हैं. हो सकता है कि कुछ नुकसान हुआ है. लोग जान बचाने के लिए इधर उधर भाग रहे हैं."

    असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में बताया कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को उत्तर प्रदेश में डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बारे में जानकारी दी गई है. मुख्यमंत्री स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और असम सरकार संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं.

    भारतीय रेल मंत्रालय ने एक्स पोस्ट के जरिए बताया कि डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना के संबंध में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं.

    डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्प्रेस के डिब्बों के पटरी से उतरने की घटना पर नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ पंकज सिंह ने कहा, "मोतीगंज से झिलाई के बीच में चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जाने वाली ट्रेन पटरी से उतरी है. वहां पर रेलवे की मेडिकल वैन पहुंच गई है और राहत-बचाव का काम शुरू कर दिया गया है. एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है."

    लखनऊ के लिए जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर है- 8957409292

    गोंडा के लिए जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर है- 8957400965

    "रेलवे के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक 4-5 डिब्बे पटरी से उतरे हैं और मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गई है."

  12. कांवड़ यात्रा के रूट पर पड़ने वाली दुकानों पर मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस का आदेश: कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया

    सावन महीने में कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस का नया आदेश विवादों में घिर गया है.

    पुलिस ने मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले में सावन मे होने वाले कांवड़ यात्रा के रूट में मौजूद होटल ढाबे या ठेले और जितनी भी खानपान की दुकानें हैं, हर किसी को उसके मालिक या काम करने वालों का नाम लिखने का निर्देश दिया है.

    पुलिस के मुताबिक़ यह निर्देश कांवड़ियों को भ्रम से बचाने और बाद में क़ानून व्यवस्था की कोई परेशानी से बचने के लिए दिया गया है.

    अब इस आदेश पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य पवन खेड़ा की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए खेड़ा ने कहा, "एक नया फ़रमान आया है कि कांवड़ यात्रा के रास्ते में जितने भी फल सब्ज़ी बेचने वाली रेहड़ियां हैं, स्टॉल हैं या खाने के ढाबे और रेस्तराओं को अपना नाम बोर्ड पर लिखना होगा. ऐसा करने के पीछे मंशा है कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान है. हो सकता है कि इनकी मंशा में दलित भी शामिल हों."

    अपने बयान में पवन ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ये जो किया जा रहा है इसके पीछे मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार का सामान्यीकरण करना है. किसी के लिए भी यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    पवन खेड़ा ने अपने एक्स हैंडल पर यह भी लिखा कि जो लोग यह तय करना चाहते थे कि कौन क्या खाएगा, अब वो यह भी तय करेंगे कि कौन किस से क्या ख़रीदेगा?

    पवन ने कहा, "भारत के बड़े मीट एक्सपोर्टर हिंदू हैं. क्या हिंदुओं द्वारा बेचा गया मीट दाल भात बन जाता है? ठीक वैसे ही क्या किसी अल्ताफ़ या रशीद द्वारा बेचे गए आम अमरूद गोश्त तो नहीं बन जाएंगे."

  13. जम्मू में बढ़ते चरमपंथी हमलों से लोगों में बढ़ती आशंकाएं

  14. यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता में कटौती करेगा जर्मनी

    जर्मनी अगले साल यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता को में कटौती करने की योजना बना रहा है. ये कटौती लगभग आधी के क़रीब हो सकती है.

    जर्मनी इसे लगभग 8 बिलियन यूरो से 4 बिलियन यूरो कर सकता है.

    वित्त मंत्री क्रिश्चियन लिंडर ने कहा है कि जी 7 देशों की रूस की ज़ब्त की हुई संपत्ति से 50 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना है.

    इस योजना से निकट भविष्य में यूक्रेन की सहायता सुरक्षित है.

    अमेरिका के बाद यूक्रेन को सहायता देने वाला जर्मनी दूसरा सबसे बड़ा देश है. साल 2024 में जर्मनी ने यूक्रेन के लिए लगभग 7.5 बिलियन यूरो का बजट निर्धारित किया था.

    यह कटौती ऐसे वक्त में हो रही है जब यूक्रेन और उसके सहयोगी यूरोपीय देशों में इस बात का डर है कि अमेरिका यूक्रेन को दी जा रही सहायता में कटौती कर सकता है.

    अगर नवंबर में डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतते हैं तो यूक्रेन को दी जा रही सहायता पर रोक भी लगा सकते हैं.

    रूस और यूक्रेन के बीच ये लड़ाई फरवरी, 2022 से चल रही है.

  15. आईएएस पूजा खेडकर की माँ मनोरमा खेडकर को पुलिस ने हिरासत में लिया

    विवादों में घिरीं ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की माँ मनोरमा खेडकर को पुणे पुलिस ने ज़मीन से जुड़े एक विवाद के मामले में हिरासत में लिया है.

    मनोरमा खेडकर के ख़िलाफ़ कुछ लोगों को बंदुक से धमकाने का आरोप लगा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ एक अधिकारी ने बताया है कि पूजा खेडकर की माँ को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

    लोगों को धमकाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने के आने के बाद मनोरमा खेडकर और उनके पति दिलीप खेडकर को पुलिस तलाश कर रही थी.

    यह वीडियो पुणे की मुशली तहसील के धडवाली गाँव का बताया जा रहा है, जिसमें पूजा खेडकर की माँ पिस्टल लेकर कुछ लोगों को धमका रही हैं.

    पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक पंकज देशमुख ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा है कि मनोरमा खेडकर के ख़िलाफ़ पिछले हफ़्ते एक मामला दर्ज किया था.

    पंकज देशमुख ने बताया है, “पुणे ग्रामीण पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. आज सुबह रायगढ़ ज़िले के महाड़ से उनको हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी.”

    पूजा खेडकर अभी अपने विकलांगता, ओबीसी जाति प्रमाण पत्र और ट्रेनिंग के दौरान किए गए अपने व्यवहार को लेकर जांच के दायरे हैं. सरकार ने उनके ज़िला प्रशिक्षण कार्यक्रम पर रोक लगा दी है.

    इस बीच मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी ने उन्हें वापस बुला लिया है.

  16. बांग्लादेश में रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी

    बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण के ख़िलाफ़ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. बीतों दिनों हिंसक प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों की मौत भी हो गई थी.

    बांग्लादेश में चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए ढाका में मौजूद भारतीय उच्चायोग ने वहाँ रह रहे भारतीयों और भारतीय छात्रों के लिए एडवाइज़री जारी की है.

    उच्चायोग द्वारा जारी की गई एडवाइज़री में भारतीयों से यात्रा करने से बचने और अपने आवासीय परिसर से कम से कम बाहर निकलने की सलाह दी गई है.

    आपातकाल की स्थिति में सहायता के लिए उच्चायोग और सहायक उच्चायोग से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

    इसको लेकर उच्चायोग ने आपातकालीन नंबर जारी किए गए हैं.

    बांग्लादेश में यूनिवर्सिटी के छात्र बीते कुछ दिनों से साल 1971 के मुक्ति संग्राम में लड़ने वाले सैनिकों के बच्चों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का विरोध कर रहे हैं.

    साल 1971 में पाकिस्तान से आज़ादी की जंग लड़ने वालों को बांग्लादेश में 'वॉर हीरो' कहा जाता है. देश में एक तिहाई सरकारी नौकरियाँ इन वॉर हीरो के बच्चों के लिए आरक्षित हैं.

  17. योगी आदित्यनाथ को केशव प्रसाद मौर्य क्या चुनौती दे पाएंगे?

  18. कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानदारों के नाम लिखने पर अखिलेश यादव ने जताई आपत्ति

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस के उस फ़ैसले पर टिप्पणी की है, जिसमें कांवड़ यात्रा के रूट पर खान पान की दुकानों पर दुकानदार के नाम लिखने का निर्देश दिया गया है.

    अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है कि जिसका नाम गुड्डू, मुन्ना, छोटू या फत्ते है, उसके नाम से क्या पता चलेगा?

    अखिलेश यादव ने इस मामले में अदालत से कार्रवाई की मांग भी की है.

    अखिलेश ने ट्वीट किया है, “माननीय न्यायालय ख़ुद संज्ञान ले और ऐसे प्रशासन के पीछे के शासन तक की मंशा की जाँच करवाकर, उचित दंडात्मक कार्रवाई करे. ऐसे आदेश सामाजिक अपराध हैं, जो सौहार्द के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ना चाहते हैं."

    इससे पहले मुज़फ़्फ़रनगर में सावन मे होने वाले कांवड़ यात्रा के रूट में मौजूद होटल ढाबे या ठेले जितने भी खानपान की दुकानें हैं, हर किसी को उसके मालिक या काम करने वाले का नाम लिखने का निर्देश दिया है.

    पुलिस के मुताबिक़ यह निर्देश कांवड़ियों को भ्रम से बचाने और बाद में क़ानून व्यवस्था की कोई परेशानी से बचने के लिए दिया गया है.

  19. कांवड यात्रा के दौरान यूपी की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस का आदेश, जावेद अख़्तर ने 'नाज़ी जर्मनी' से की तुलना

    सावन महीने में कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस का नया आदेश विवादों में घिर गया है.

    मशहूर गीतकार जावेद अख़्तर ने पुलिस के इस आदेश की तुलना हिटलर के दौर की नाज़ी जर्मनी से की है.

    जावेद अख़्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''उत्तर प्रदेश पुलिस की मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने कहा है कि एक ख़ास यात्रा के रूट पर दुकानों, होटलों और यहाँ तक कि गाड़ियों पर उनके मालिक के नाम स्पष्ट तौर पर लिखे होने चाहिए, क्यों? नाज़ी जर्मनी में ख़ास दुकानों और मकानों के ऊपर एक निशान लगाया करते थे.”

    इससे पहले मुज़फ़्फ़रनगर के पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि कांवड़ यात्रा की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं और ज़िले में 240 किलोमीटर कांवड़ मार्ग हैं.

    उनके मुताबिक़, “रूट में मौजूद होटल ढाबे या ठेले जितने भी खानपान की दुकानें हैं, हर किसी को निर्देश दिया गया है कि वो दुकान के मालिक या काम करने वाले का नाम ज़रूर लिखें ताकि लोगों को कोई भ्रम ना हो और बाद में क़ानून व्यवस्था की कोई परेशानी न खड़ी हो.”

  20. चीन में शॉपिंग सेंटर में आग लगने से कम से कम 16 लोगों की मौत

    चीन में एक 14 मंज़िला शॉपिंग सेंटर में आग लगने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है. सरकारी मीडिया के मुताबिक़ आगजनी की यह घटना चीन के शिन्हुआन प्रांत के ज़िगोंग शहर में हुई है.

    रिपोर्ट के मुताबिक़ बुधवार शाम को लगी इस इस आग में घिरे 30 लोगों के बचा लिया गया है. घटनास्थल पर रात में राहत और बचाव का काम पूरा हो चुका है.

    फ़िलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है लेकिन शुरुआती जाँच के मुताबिक़ इमारत में चल रहे निर्माण कार्य से यह आग लगनी शुरू हुई थी.

    चीन के सरकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में इस इमारत के चारों तरफ़ काला धुआँ दिख रहा है.