रूस और उत्तर कोरिया के बीच रक्षा समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक नया समझौता हुआ है.
रूस के सरकारी मीडिया ने पुतिन के हवाले से ख़बर दी है कि समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे पर हमले की स्थिति में आपसी मदद करने पर सहमत हुए हैं.
रूसी सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने पुतिन के हवाले से इस समझौते को 'ऐतिहासिक दस्तावेज' कहा है, जिसमें आपसी रक्षा की धारा को जोड़ा गया है.
एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने कहा, "आज हस्ताक्षर किए गए समग्र साझेदारी समझौते में अन्य चीजों के अलावा, हमले या युद्ध की स्थिति में एक दूसरे को आपसी सहयोगी की बात शामिल है."
माना जा रहा है कि इस रक्षा समझौता का असर रूस यूक्रेन पर भी दिखेगा.
अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए में एनालिस्ट रहे सू मी टेरी ने बीबीसी से कहा कि इन दो नेताओं की मुलाक़त 'बाकी दुनिया के लिए बुरी ख़बर है.'
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उत्तर कोरिया के दौरे पर हैं जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. इसके बाद पुतिन का अगला पड़ाव है वियतनाम.
उधर, सैन्य सहयोग के समझौते को लेकर दक्षिण कोरिया ने रूस को आगाह किया है कि वो 'लक्ष्मण रेखा' न पार करे.
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने पत्रकारों से कहा कि उनके देश या रूस पर 'हमले या युद्ध' की स्थिति में 'बिना झिझके' उत्तर कोरिया जवाबी कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच रिश्ता अब एक नए स्तर के सहयोग में अपग्रेड हो गया है ौर यह 'बहुध्रुवीय दुनिया' बनाने की प्रक्रिया को तेज़ करेगा.
1- समझौते में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से उत्तर कोरिया पर लगाई गई अंतहीन पाबंदियों की समीक्षा होनी चाहिए.
2- हमले की स्थिति में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के लिए समग्र साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किया गया.
3- हाल ही में अमेरिका और नेटो देशों की ओर से, रूसी ज़मीन पर हमला करने के लिए, यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों, एफ़-16 लड़ाकू विमान और अन्य अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों को देने वाले बयान का भी संज्ञान में लिया गया.
4- समझौते के तहत उत्तर कोरिया के साथ "मिलिटरी टेक्निकल कोऑपरेशन के विकास से रूस ने इनकार नहीं किया है."