टैरिफ़ वॉर के बीच विश्व व्यापार संगठन ने क्या अनुमान लगाया?
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इमेज कैप्शन, अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ़ वॉर जारी है.
विश्व व्यापार संगठन ने अनुमान लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ की वजह से इस साल वैश्विक व्यापार में गिरावट आएगी.
इसमें कहा गया कि अगर रेसिप्रोकल टैरिफ़ और राजनीतिक अनिश्चितता जैसी बड़ी समस्याएं बढ़ती हैं, तो दुनिया भर में चीज़ों का व्यापार और भी ज़्यादा कम हो सकता है.
विश्व व्यापार संगठन ने कहा कि उत्तर अमेरिका में यह गिरावट खासतौर पर ज़्यादा होगी, जहां व्यापार में दसवें हिस्से से भी ज़्यादा कमी आने की उम्मीद है.
विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक नगोज़ी इकोन्जो इवेला ने कहा कि अमेरिका और चीन का "अलग होना" एक ऐसी घटना है जो "मेरे लिए सचमुच चिंताजनक है."
इस संगठन ने पहले अनुमान लगाया था कि 2025 में वैश्विक सामान व्यापार में 2.7 फ़ीसदी की बढ़त होगी, लेकिन अब उसका अनुमान है कि इसमें 0.2 फ़ीसदी की गिरावट आएगी.
अमेरिका ने चीन पर टैरिफ़ बढ़ाकर 145% कर दिया था, जबकि अन्य देशों को 90 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ़ को घटाकर समान रूप से 10 फ़ीसदी कर दिया है.
भारत की ओर से ट्रांसशिपमेंट सुविधा रोके जाने पर बांग्लादेश ने अब क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार सुप्रदीप चकमा
भारत की ओर से बांग्लादेश को दी जाने वाली ट्रांसशिपमेंट सुविधा रोकने पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार सुप्रदीप चकमा ने कहा कि मैं इसे एक चुनौती के बजाय अवसर के रूप में लूंगा.
सुप्रदीप चकमा ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, “यह रुकावट हमारे उत्पादों के निर्यात में बहुत ज़्यादा बाधा नहीं डालेगी.”
उन्होंने कहा, “हम अपने कॉक्स बाज़ार या चटगांव एयरपोर्ट को हवाई परिवहन के लिए विकसित कर सकते हैं या ढाका एयरपोर्ट को विकसित कर सकते हैं.”
सुप्रदीप ने कहा, “इसलिए, हमारे पास भारतीय बाधाओं को दूर करने के लिए बहुत सारे तरीक़े हैं. मैं इसे एक चुनौती के बजाय अवसर के रूप में लूंगा.”
“हालांकि भारत के साथ हमारा भाषाई लाभ है. साथ ही हम मेडिकल टूरिज्म के लिए भी भारत का लाभ ले सकते हैं.”
साल 2020 में भारत ने बांग्लादेश को उसके निर्यात किए जा रहे सामान के लिए 'ट्रांसशिपमेंट' की सुविधा दी थी.
आठ अप्रैल को भारत ने इसी सुविधा को एक सर्कुलर के ज़रिए वापस ले लिया है.
वक़्फ़ क़ानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, वक़्फ़ संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ महुआ मोइत्रा ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने वक़्फ़ संशोधन क़ानून पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, "मुझे बहुत ख़ुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने आज वक़्फ़ क़ानून के तीन बहुत ही गंभीर पहलुओं पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा और सरकार से कुछ कठिन सवाल पूछे."
महुआ मोइत्रा ने लिखा, "मुझे इस बात की उम्मीद है कि कल मेरी याचिका पर पूरा अमल किया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस संविधान को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है."
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को वक़्फ़ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इस मामले की बहस कल (गुरुवार) भी जारी रहेगी.
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि वो इस मामले में कुछ अंतरिम आदेश पारित करने पर विचार कर रही है.
कोर्ट उस प्रावधान पर भी रोक लगाने पर विचार कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि वक़्फ़ काउंसिल और वक़्फ़ बोर्ड में दो सदस्य गैर-मुस्लिम (पदेन सदस्य के अलावा) होने चाहिए.
वहीं सरकार की ओर से तुषार मेहता ने कोर्ट से अपील की है कि ऐसा आदेश पारित करने से पहले उन्हें सुना जाए.
बेंच ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष की ओर से कई वकीलों को सुना नहीं गया है. इसलिए, कल दोपहर 2 बजे फिर से इस मामले की सुनवाई होगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का दावा- नेशनल हेराल्ड केस में कुछ भी नहीं, बीजेपी सिर्फ़ डराना चाहती है
इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी पर 'बेवजह सताने' का आरोप लगाया है. (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया है कि नेशनल हेराल्ड केस में कुछ भी नहीं है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर 'बेवजह सताने' का आरोप लगाया है.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की है.
इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सच्चाई ये है कि बीजेपी सिर्फ़ विपक्ष को डराना चाहती है, वो क़ानून के ख़िलाफ़ जाकर काम कर रही है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "नेशनल हेराल्ड से जुड़े इस केस में कुछ भी नहीं है. ये अख़बार पंडित नेहरू जी ने 1937 में शुरू किया था, जो आज़ादी के बाद से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था."
खड़गे ने आगे कहा, "कांग्रेस पार्टी ने इसे क़र्ज़ देकर चलाया. आज़ादी के इस प्रतीक को चलाए रखने की हर संभव कोशिश की गई. अब मोदी सरकार का कहना है कि कर्ज़ लेकर इसे चलाना ग़लत है."
उर्दू पर छिड़ी बहस के बीच जावेद अख़्तर ने जिन्ना का ज़िक्र क्यों किया?
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इमेज कैप्शन, जावेद अख़्तर (फ़ाइल फ़ोटो)
महाराष्ट्र में उर्दू भाषा पर छिड़ी बहस के बीच कवि, गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख़्तर ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने जिन्ना का ज़िक्र किया है.
मुर्शिदाबाद हिंसा में मरने वालों के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवज़ा देगी ममता सरकार, प्रभाकर मणि तिवारी, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, सीएम ममता ने ये भी कहा कि जिनके मकानों और दुकानों को नुक़सान पहुंचा है, उनको भी मुआवज़ा दिया जाएगा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद हिंसा में मरने वाले तीन लोगों के परिवार के लिए मुआवज़े का ऐलान किया है.
सीएम ममता बनर्जी ने बुधवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में इमामों के साथ बैठक की.
इस दौरान उन्होंने कहा, "हिंसा में दो परिवारों के तीन लोगों की मौत हुई है. उनके परिवार वालों को 10-10 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा."
सीएम ममता ने ये भी कहा कि विरोध प्रदर्शन और हिंसा के दौरान जिनके मकानों और दुकानों को नुक़सान पहुंचा है, उनको भी मुआवज़ा दिया जाएगा. पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव मनोज पंत घटनास्थल का दौरा करेंगे, उसके बाद मुआवज़े की रक़म तय की जाएगी.
इस बीच, राज्य पुलिस ने मुर्शिदाबाद की घटना की जांच के लिए एक नौ सदस्यों के विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. ज़िले में पिता-पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस पहले ही दो लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.
ट्रंप का हार्वर्ड पर निशाना, कहा- नफ़रत और मूर्खता सिखाती है यूनिवर्सिटी
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों की भी आलोचना की है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर निशाना साधा है. ट्रंप ने कहा है कि अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पढ़ाई के लिए एक अच्छी जगह नहीं रह गई है.
अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर ट्रंप ने पोस्ट किया, "सभी जानते हैं कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी 'अपने रास्ते से भटक' गई है."
ट्रंप ने यूनिवर्सिटी में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों की आलोचना करते हुए उन्हें 'मूर्ख' कहा.
उन्होंने लिखा, "इस वजह से हार्वर्ड को अब पढ़ाई-लिखाई के लिए एक अच्छी जगह भी नहीं माना जा सकता है, और इसे दुनिया की महान यूनिवर्सिटीज़ या कॉलेजों की लिस्ट में भी नहीं रखा जाना चाहिए."
उन्होंने लिखा, "हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एक मज़ाक है, ये नफ़रत और मूर्खता सिखाती है, और इसे अब सरकारी फ़ंड नहीं मिलना चाहिए."
बता दें कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस की ओर से भेजी गई मांगों की एक लिस्ट को लागू करने से इनकार कर दिया था.
व्हाइट हाउस ने पिछले हफ़्ते यूनिवर्सिटी के प्रशासन, भर्ती और दाख़िले की प्रक्रियाओं में बदलाव करने की मांग वाली एक लिस्ट भेजी थी. व्हाइट हाउस ने कहा था कि यह लिस्ट कैंपस में यहूदी विरोधी भावना से लड़ने के लिए बनाई गई है.
वहीं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इन मांगों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि व्हाइट हाउस उस पर नियंत्रण की कोशिश कर रहा है. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को दी जाने वाली दो अरब अमेरिकी डॉलर की फ़ंडिंग रोक दी थी.
वक़्फ़ संशोधन क़ानून से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में कल फिर होगी सुनवाई, आज सीजेआई ने क्या कहा?, उमंग पोद्दार, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा है कि वो इस मामले में कुछ अंतरिम आदेश पारित करने पर विचार कर रही है
सुप्रीम कोर्ट में आज वक़्फ़ संशोधन अधिनियम से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इस मामले की बहस कल भी जारी रहेगी.
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि वो इस मामले में कुछ अंतरिम आदेश पारित करने पर विचार कर रही है.
पहला ये कि अदालत ने जो भी संपत्तियां वक़्फ़ घोषित की हैं, उन्हें डिनोटिफाइ नहीं किया जाएगा.
सीजेआई ने यह भी कहा कि वे उस प्रावधान पर रोक लगाने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि अगर किसी संपत्ति पर विवाद है कि वह सरकारी संपत्ति है, तो जब तक नामित अधिकारी विवाद का फ़ैसला नहीं कर लेता, तब तक उसे वक़्फ़ संपत्ति नहीं माना जा सकता.
कोर्ट उस प्रावधान पर भी रोक लगाने पर विचार कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि वक़्फ़ काउंसिल और वक़्फ़ बोर्ड में दो सदस्य गैर-मुस्लिम (पदेन सदस्य के अलावा) होने चाहिए.
वहीं सरकार की ओर से तुषार मेहता ने कोर्ट से अपील की है कि ऐसा आदेश पारित करने से पहले उन्हें सुना जाए.
बेंच ने कहा कि प्रतिवादी पक्ष की ओर से कई वकीलों को सुना नहीं गया है. इसलिए, कल दोपहर 2 बजे फिर से इस मामले की सुनवाई होगी.
'महिला' की क़ानूनी परिभाषा क्या हो? यूके के सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आया
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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद जश्न मनाती 'फॉर वीमेन स्कॉटलैंड' ग्रुप की महिलाएं
ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने क़ानून में 'महिला' की परिभाषा को लेकर चल रहे विवाद में फ़ैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि 'महिला' की क़ानूनी परिभाषा 'जैविक लिंग' यानी 'बायलॉजिकल सेक्स' पर आधारित है.
ये फ़ैसला स्कॉटिश सरकार और महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले ग्रुप 'फॉर विमेन स्कॉटलैंड' के बीच लंबे समय से चल रही क़ानूनी लड़ाई के बाद आया है.
जजों ने 'फॉर वीमेन स्कॉटलैंड' ग्रुप का पक्ष लिया, जिसने स्कॉटिश सरकार के ख़िलाफ़ मामला दायर किया था. इस ग्रुप का तर्क था कि लिंग-आधारित सुरक्षा केवल उन लोगों पर लागू होनी चाहिए, जो महिला के रूप में पैदा हुए हैं.
वहीं स्कॉटिश सरकार ने अदालत में तर्क दिया था कि जेंडर रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट (जीआरसी) यानी लिंग पहचान प्रमाणपत्र वाले ट्रांसजेंडर्स भी लिंग-आधारित सुरक्षा के हक़दार हैं.
जीआरसी एक क़ानूनी डॉक्यूमेंट है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से यूके और कुछ अन्य देशों में किया जाता है. ये सर्टिफिकेट इस बात की पुष्टि करता है कि किसी व्यक्ति की कानूनी लिंग पहचान (जेंडर आइडेंटिटी), जन्म के समय उसे दी गई लिंग पहचान से अलग है.
ये क़ानूनी लड़ाई साल 2018 में शुरू हुई थी, जब स्कॉटिश संसद ने जेंडर बैलेंस को लेकर एक विधेयक पारित किया था. 'फॉर वीमेन स्कॉटलैंड' ने शिकायत की थी कि इस क़ानून में ट्रांसजेंडर लोगों को भी शामिल किया गया है, जो कि नहीं होना चाहिए.
ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट को समानता अधिनियम 2010 की उचित व्याख्या पर निर्णय लेना था.
16 अप्रैल को अपना फ़ैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि यूके के समानता अधिनियम 2010 में 'महिला' और 'सेक्स (लिंग)' शब्द का मतलब 'बायलॉजिकल महिला' और 'बायलॉजिकल सेक्स' है.
इस ऐतिहासिक फ़ैसले में जजों ने कहा है कि यह किसी एक पक्ष की दूसरे पर जीत नहीं है और क़ानून अभी भी ट्रांसजेंडर लोगों को भेदभाव के ख़िलाफ़ संरक्षण देता है.
अखिलेश यादव बोले- ईडी जैसा विभाग ख़त्म कर देना चाहिए
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इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव ने कहा कि ईडी का क़ानून कांग्रेस ने ही बनाया था
समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी जैसा विभाग ख़त्म कर देना चाहिए.
अखिलेश यादव अपने ओडिशा दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. इस दौरान उनसे नेशनल हेराल्ड केस को लेकर सवाल किया गया.
बता दें कि ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की है.
ईडी को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, "कांग्रेस ने ईडी बनाई थी और आज ईडी की वजह से उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है."
उन्होंने कहा, "आर्थिक अपराध को देखने के लिए कई संस्थाएं हैं, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट है. ईडी की ज़रूरत क्या है? ईडी जैसे विभाग को समाप्त कर देना चाहिए."
वक़्फ़ संशोधन एक्ट से जुड़ी याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट में वक़्फ़ संशोधन कानून के ख़िलाफ़ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की तैयारी (फ़ाइल फ़ोटो)
वक़्फ़ संशोधन एक्ट की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दोपहर दो बजे सुनवाई होगी.
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई करने वाली बेंच में चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी
विश्वनाथन शामिल हैं. बेंच के सामने सुनवाई के लिए 70 से ज़्यादा याचिकाएं दाखिल की गई हैं.
लोकसभा और राज्यसभा में वक़्फ़ संशोधन विधेयक पास होने के बाद क़ानून बन चुका है. इसके समर्थन और विरोध में कुछ याचिकाएं दाखिल की गई हैं.
याचिका
दाखिल करने वालों में एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस सांसद मोहम्मद
जावेद, आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, ऑल इंडिया मुस्लिम
पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, डीएमके पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग,
वायएसआरसी पार्टी, समस्त केरल जमीयत उलेमा, दिल्ली विधायक अमानतुल्लाह ख़ान, सपा
सांसद ज़िया उर रहमान, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया, एसोसिएशन फ़ॉर प्रोटेक्शन
ऑफ़ सिविल राइट्स समेत कई याचिकाकर्ता शामिल हैं.
चीन के राष्ट्रपति दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों का दौरा क्यों कर रहे हैं?
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इमेज कैप्शन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिकी टैरिफ़ के ख़िलाफ़ दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों को लामबंद करने में लगे हैं
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को मलेशिया पहुंचे.
इसके बाद वो कंबोडिया जाएंगे.
राष्ट्रपति जिनपिंग साउथ दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के दौरे पर
हैं. उनकी इस यात्रा का मक़सद इन देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाना है
मंगलवार को राष्ट्रपति जिनपिंग वियतनाम पहुंचे थे. वहां
उन्होंने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे.
दरअसल अमेरिका ने दक्षिण पूर्वी एशिया के कुछ देशों पर काफी ज़्यादा टैरिफ़
लगाया है. इनमें वियतनाम पर 46 फ़ीसदी और कंबोडिया पर 49 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया गया है.हालांकि अमेरिका ने इस टैरिफ़ पर 90 दिनों के लिए रोक
लगा दी है.
दुनियाभर की सरकारें अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप
के साथ टैरिफ़ के मुद्दे पर समझौता करने की कोशिश में है, जबकि दूसरी तरफ चीन कई देशों से टैरिफ़ के ख़िलाफ़
एकजुट होने की अपील कर रहा है.
चीन ने इस अमेरिकी टैरिफ़ के जवाब में अमेरिका से आने
वाले सामान पर 125 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी.
हालांकि राष्ट्रपति जिनपिंग के दौरे पर अमेरिका भी
नज़र बनाए हुए है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संवाददाताओं
से कहा था कि चीन और वियतनाम के बीच हुई बातचीत का मक़सद था कि किस तरह से ‘अमेरिका को
नुक़सान’ पहुंचाया जाए.
टैरिफ़ के मुद्दे पर अमेरिका से क्या चाहता है जापान?
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इमेज कैप्शन, जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की थी
अमेरिकी टैरिफ़ को कम कराने के लिए जापान सरकार के मंत्री रोसाई अकाज़ावा मंगलवार को वॉशिंगटन रवाना हुए.
यह जानकारी जापान के चीफ़ कैबिनेट सेक्रेटरी योशिमासा हायाशी ने संवाददाताओं को दी.
उन्होंने कहा, “अमेरिकी पक्ष से हम अपील करेंगे कि टैरिफ़ का एक बार फिर मूल्यांकन किया जाए. हम इस मामले में जल्द से जल्द परिणाम निकालने की कोशिश में जुटे हैं.”
दरअसल, पिछले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा
के बीच टैरिफ़ के मुद्दे पर बातचीत करने को लेकर सहमति बन गई थी.
हालांकि इशिबा ने स्पष्ट किया था कि जापान अपनी ओर से डील करने को लेकर बहुत जल्दबाजी में नहीं है.
जापान अमेरिका का क़रीबी सहयोगी है. अमेरिका ने जापान पर 24 फ़ीसदी का ‘रेसिप्रोकल’ टैरिफ़ लगाया है. हालांकि अमेरिका ने
इस पर 90 दिनों की रोक लगा दी है.
मगर जापान में कार इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनियां जैसे- टोयोटा, होंडा और निसान अमेरिका में गाड़ियां निर्यात करने के लिए 25 फ़ीसदी
टैरिफ़ का सामना कर रही हैं.
नेशनल हेराल्ड केस में राहुल-सोनिया का नाम आने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, बीजेपी ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को धरना देने का अधिकार है.
कांग्रेस पार्टी ने नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ ईडी की कार्रवाई किए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ देशभर में प्रदर्शन करने की बात कही.
उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी बहुत परेशान है. देशभर में धरना देने की
बात कर रही है. धरना देने का अधिकार उनका है. लेकिन, यह ज़मीन लूटने का अधिकार नहीं
है.”
सांसद प्रसाद ने कहा, “बीजेपी की ओर से मैं शुरू में ही स्पष्ट कर देना
चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी को धरना देने का अधिकार है. लेकिन, यह सरकार द्वारा नेशनल
हेराल्ड को दी गई सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग करने तक विस्तारित नहीं है.”
इस बीच, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली स्थित 24, अकबर रोड कांग्रेस कार्यालय पर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी देशव्यापी स्तर पर ईडी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही है.
इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा है कि लोकतंत्र में सरकार कौन बनाता है, जनता बनाती है.
समाचार एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, “हम जनता के बीच जाना चाहते हैं. जनता से बड़ा कौन है. लोकतंत्र में सरकार कौन बनाता है, जनता बनाती है.”
“हम जनता को, कांग्रेस कार्यकर्ता को यह अहसास कराना चाहते हैं कि किस तरह से फ़र्ज़ी चार्जशीट सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दाखिल की जा रही है, जो पूरी तरह से आधारहीन है और ग़ैर-क़ानूनी है.”
टैरिफ़ पर डील करने के मामले में अमेरिका ने चीन से क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ़ कर दिया है कि चीन को डील करनी होगी.
“गेंद चीन
के पाले में है. हमारे साथ डील करने की ज़रूरत चीन को है, हमें उनके साथ डील करने
की आवश्यकता नहीं है.”
यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप का है, जो व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को
प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान पत्रकारों के सामने पढ़ा.
इस बयान में कहा गया, “चीन जो चाहता है, वो हमारे पास है,
यानी अमेरिका के उपभोक्ता.”
प्रेस सचिव लेविट ने कहा, “राष्ट्रपति ने एक बार फिर यह स्पष्ट
कर दिया है कि वो चीन के साथ डील करने के लिए तैयार है, मगर चीन को अमेरिका के साथ
डील करनी होगी.”
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके
अधिकारियों ने उनके व्यापारिक सहयोगियों से अपील की थी कि अमेरिकी टैरिफ़ के
ख़िलाफ़ एकजुट हों और ‘आख़िर तक
लड़ने का’ संकल्प
लें.
मगर, चीन ने यह भी कहा
था कि अमेरिका के साथ बातचीत का ‘दरवाज़ा खुला’ है.
वक़्फ़ संशोधन क़ानून पर पाकिस्तान ने की टिप्पणी, भारत ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फ़ाइल फ़ोटो)
वक़्फ़ संशोधन क़ानून पर पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणी पर भारत ने जवाब दिया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का कोई अधिकार नहीं है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
ने मंगलवार को एक बयान में कहा,“भारत की संसद में पारित किए गए वक़्फ़ संशोधन विधेयक पर
पाकिस्तान की आधारहीन टिप्पणी को हम पुरज़ोर ढंग से खारिज करते हैं.”
उन्होंने कहा “पाकिस्तान के पास भारत के
आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है. पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने
से पहले, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने के मामले में खुद के ख़राब रिकॉर्ड पर नज़र डालना चाहिए.”
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ़्ते वक़्फ़ संशोधन क़ानून पर टिप्पणी की थी.
पाकिस्तान की एआरवाय
न्यूज़ वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रवक्ता शफ़क़त अली ख़ान ने
कहा था, “भारत का यह कदम अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमज़ोर
करने और मुस्लिमों को उनकी संपत्ति से हटाने के लिए किया गया प्रयास है.”
छत्तीसगढ़ः पुलिस ने मुठभेड़ में दो माओवादियों को मारने का किया दावा, आलोक पुतुल, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
छत्तीसगढ़
के कोंडागांव जिले में पुलिस ने एक मुठभेड़ में दो माओवादियों के मारे जाने का
दावा किया है.
पुलिस ने कहा है कि मौक़े से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए
हैं. इलाके में सर्चिंग अभियान जारी है.
पिछले
ही साल दिसंबर में राज्य सरकार ने बस्तर के कोंडागांव ज़िले को पूरी तरह से माओवाद
मुक्त जिला घोषित किया था.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय
गृहमंत्री अमित शाह से मिल कर उन्हें भी यह जानकारी दी थी.
मुठभेड़
की ताज़ा घटना को लेकर बस्तर के आईजी पुलिस सुंदरराज पी ने कहा, “कोंडागांव और
नारायणपुर ज़िले की सीमा पर किलम-बरगुम के जंगलों में माओवादियों की उपस्थिति की
सूचना पर कोंडागांव डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर की टीम मंगलवार को
रवाना हुई थी. जहां शाम से संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई.”
पुलिस
के अनुसार मुठभेड़ स्थल से अभी तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं. इनमें
एक की पहचान आठ लाख रुपये के इनामी पूर्वी बस्तर के
माओवादी कमांडर हलदर के तौर पर की गई है.
इसी तरह मारे गए दूसरे माओवादी की पहचान
रामे के तौर पर की गई है. पुलिस के मुताबिक़ रामे पर पांच लाख
रुपये का इनाम था.
पुलिस
का कहना है कि मुठभेड़ स्थल से अभी तक एक एके-47 समेत
अन्य हथियार, विस्फोटक एवं दूसरी सामग्री बरामद की गई
है.
छत्तीसगढ़ में पिछले 14 महीने से माओवादियों के
ख़िलाफ़ सघन ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में माओवादी मारे गए हैं.
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ और देश से 31 मार्च 2026 तक माओवादियों को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य
रखा है.
गुरुग्राम के नामी अस्पताल में भर्ती महिला ने लगाया यौन हमले का आरोप, पुलिस ने क्या कहा
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एक निजी एयरलाइन में कार्यरत महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि गुरुग्राम स्थित एक अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान वहां के एक कर्मचारी ने उन पर यौन हमला किया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह घटना छह अप्रैल की है.
'इंडियन एक्सप्रेस' की ख़बर के मुताबिक़ महिला की
शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में सोमवार को एफ़आईआर दर्ज कर ली है.
अस्पताल प्रशासन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वो जांच में पूरा सहयोग कर रहा है. उसने इस मामले से संबंधित सीसीटीवी
फ़ुटेज पुलिस को दे दिए हैं.
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने अख़बार को बताया, “सदर पुलिस स्टेशन में पीड़िता की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया.”
पीटीआई के मुताबिक़, गुरुग्राम पुलिस अपराधी की पहचान के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच कर रही है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने बुधवार को इस मामले में मेदांता
हॉस्पिटल का बयान एक्स पर साझा किया.
इसमें कहा गया, “हमें एक मरीज की शिकायत के बारे में पता चला है. हम
संबंधित अधिकारियों को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. अभी तक कोई भी आरोप साबित
नहीं हो पाया है. सभी संबंधित दस्तावेज, सीसीटीवी फ़ुटेज पुलिस को सौंप दिए गए
हैं.”