बेंगलुरु पुलिस ने रोड रेज की घटना के मामले में विंग कमांडर शिलादित्य बोस के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत हत्या की कोशिश और शांति भंग करने के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है.
पुलिस ने इस घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फ़ुटेज जारी किया है.
इस वीडियो में डीआरडीओ में काम करने वाले वायुसेना के अधिकारी बोस को कॉल सेंटर में काम करने वाले एक बाइक सवार युवक विकास कुमार का पीछा करते हुए देखा जा सकता है.
इस वीडियो में आईएएफ़ अफ़सर बोस को विकास के साथ मारपीट करते हुए और उनकी गर्दन को जकड़े हुए देखा जा सकता है.
यह घटना पूर्वी बेंगलुरु में दोनों के बीच झगड़े के दौरान हुई.
घटना तब हुई जब आईएएफ़ अफ़सर बोस की पत्नी, स्क्वाड्रन लीडर मधुमिता दत्ता, उन्हें बस स्टॉप तक छोड़ने आई थीं ताकि वह एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए रवाना हो सकें.
वह अपने बीमार पिता की सर्जरी के लिए जा रहे थे. इससे पहले बोस ने इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.
जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विकास कुमार ने उन्हें धमकी दी, "तुम डीआरडीओ से हो, मुझे स्टीकर दिख रहा है. ये कन्नड़ भूमि है. मैं तुम्हें देख लूंगा."
बेंगलुरु पुलिस के डीसीपी (पूर्व) डी देवराज ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हमने दोनों के ख़िलाफ़ बीएनएस के प्रावधानों के तहत गैर-ज़मानती धाराओं में केस दर्ज किया है."
विकास कुमार पर बीएनएस की धारा 115 (2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 116 (एच) और 117 (1) (गंभीर चोट पहुंचाना), 118 (1) (ख़तरनाक हथियार या साधन से चोट पहुंचाना) 112 (2) (ग़लत तरीके से रोकना), 324 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) के तहत केस दर्ज किया है.
आरोप है कि विकास ने पहले बाइक की चाबी से बोस की नाक पर हमला किया और फिर सिर पर पत्थर मारा.
वहीं आईएएफ़ ऑफ़िसर बोस पर धारा 109 (हत्या का कोशिश), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 304 (बलपूर्वक संपत्ति छीनना), 324 और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया
शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर विकास कुमार को स्क्वाड्रन लीडर दत्ता की शिकायत पर गिरफ़्तार कर लिया गया था. पुलिस को अभी भारतीय वायुसेना के अधिकारी से डैशकैम की फुटेज का इंतजार है.
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद ने पत्रकारों से कहा, "जो लोग सोशल मीडिया पर वीडियो डालते हैं, उनके पास ऐसा करने का पूरा हक है, लेकिन उन्हें सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो भी कहा जाए, वह सच्चाई पर आधारित होना चाहिए, क्योंकि भाषा जैसे मुद्दों पर विवाद जल्दी बढ़ सकता है."
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुरुआती जांच में सीसीटीवी और सोशल मीडिया से पता चलता है कि यह मामला बाइक सवार और कार में बैठे व्यक्ति के बीच झगड़े का है.
उन्होंने कहा, "कार चालक ने पुलिस में शिकायत की है और बाइक सवार ने भी आरोप लगाया है कि कार में बैठे व्यक्ति ने उसका गला दबाने की कोशिश की और उसकी बाइक की चाबी और मोबाइल छीनकर फेंक दिया."
इस बीच, केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने मांग की है कि विंग कमांडर शिलादित्य बोस को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.
उन्होंने कहा कि बोस ने एक कन्नड़ व्यक्ति पर सार्वजनिक रूप से हमला किया, जो बहुत गंभीर बात है.
कुमारस्वामी ने कहा कि जो लोग कर्नाटक में रहकर यहां की सुविधाएं लेते हैं, उन्हें अगर यहां के लोगों पर इस तरह के अत्याचार करते हैं, तो सरकार को उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए.