तस्वीरों में: युद्धविराम के बाद ग़ज़ा पट्टी में कैसे हैं हालात
हमास और इसराइल के बीच युद्धविराम के बाद ग़ज़ा में लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं और ज़रूरी सामान जुटाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं.
सहायता सामग्री वाले ट्रक ग़ज़ा में पहुंच रहे हैं और सहायता एजेंसियों ने इनकी संख्या बढ़ाने की मांग की है.
शांति समझौते के बाद हमास ने दो साल पहले इसराइल से बंधक बनाए गए 20 ज़िंदा लोगों को वापस किया है लेकिन अभी भी 28 लोगों के शव वापस नहीं हुए हैं.
इसराइल ने हमास पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोप लगाए हैं और कहा है कि हमास बंधकों के अवशेषों को वापस करने में देरी कर रहा है.
हालांकि, समझौता वार्ता में शामिल राजनयिक सूत्रों के अनुसार, हमास ने बंधकों के शवों को वापस करने में बाधा डालने के इसराइल के आरोपों को ख़ारिज किया है.
बुधवार को हमास ने चार बंधकों के शवों को वापस किया जिनके बारे में इसराइल का कहना है कि उनमें से एक अवशेष का संबंध बंधकों से नहीं है.
इसराइल ने कहा कि एक शव इसराइली बंधक शेरी बिबास का नहीं बल्कि एक फ़लस्तीनी महिला का है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए समझौते के तहत, हमास को समझौता लागू होने के 72 घंटों के भीतर सभी बंधकों को सौंपना है.
इस बीच मिस्र और फ़लस्तीनी सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि हमास को ग़ज़ा पट्टी में बंधकों के शवों को बरामद करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
उधर, इसराइल की ओर से भेजे गए 45 फ़लस्तीनियों के शवों की पहचान की जा रही है, इसके लिए एक विशेष टीम गठित की गई है.
इस बीच ख़बर है कि मिस्र और ग़ज़ा सीमा पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग बुधवार को भी नहीं खुली लेकिन उसे खोलने का काम जारी है.