ईरान ने क़तर के जिस एयर बेस पर हमला किया है वह अमेरिका के लिए क्यों है ख़ास

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क़तर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि देश में सुरक्षा की स्थिति स्थिर है और चिंता करने की कोई वजह नहीं है.
इस बयान में अफ़वाहों पर ध्यान न देने और ग़लत जानकारी से बचने को कहा गया है.
इससे पहले ईरान की न्यूज़ एजेंसी तस्नीम ने कहा है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने क़तर और इराक़ में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल दागे हैं.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी इन हमलों की पुष्टि की है और कहा है कि ईरान की तरफ से अल उदैद एयर बेस पर छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों से हमला हुआ है.
क़तर की राजधानी दोहा के क़रीब मौजूद अल उदैद एयर बेस मध्य-पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशन्स का मुख्यालय है. इसमें क़रीब 8 हज़ार अमेरिकी सैनिक मौजूद होते हैं.
इस एयर बेस के ज़रिए ब्रिटेन के सैनिकों का भी रोटेशन होता है.
मौजूदा समय में यह एयर बेस इराक़ में अमेरिकी अभियानों के लिए हेडक्वार्टर का काम करता है और यह इलाक़े में अमेरिकी साजो सामान का केंद्र भी है.
इस एयर बेस में खाड़ी के क्षेत्र की सबसे लंबी एयर लैंडिंग स्ट्रिप भी है. क़तर ने अमेरिका को साल 2000 में इस एयर बेस तक पहुंच दी थी.

















