छत्तीसगढ़ में हसदेव में पेड़ों की कटाई के
लिए पहुंची टीम के साथ गए पुलिस बल पर आरोप लगा है कि उसने विरोध कर रहे आदिवासियों पर लाठी चार्ज किया
है.
इस मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों ने
पहले पुलिस पर हमला किया.
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने ग्रामीणों को
तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया है. घटना में 8 पुलिसवाले घायल हुए
हैं और कुछ ग्रामीण भी घायल हैं.
स्थानीय आदिवासी और विरोध प्रदर्शन में
अग्रणी रामलाल ने बीबीसी को बताया, “कल रात से ही
लगभग 300 ग्रामीण परसा कोल ब्लॉक के लिए होने वाली पेड़ों की कटाई के विरोध में
एकत्रित हुए थे.”
"हम लोग पांच गांव साल्ही, फतेहपुर, घाटबर्रा के 300 से अधिक लोग कल रात से ही हमारे
जंगलों को बचाने के लिए पेड़ों की कटाई के विरोध में इकट्ठा हुए थे.”
उन्होंने कहा, “पुलिस बल सैकड़ों की संख्या में सुबह से ही यहां आई हुई
थी और पहले हम लोगों को धरना स्थल पर ही रोक दिया गया. जब हमने पेड़ों की
कटाई वाली जगह पर जाना चाहा तो पुलिस ने लाठी चार्ज किया जिससे दर्जनों
ग्रामीण घायल हुए हैं."
एक अन्य आन्दोलनकर्ता मुनेश्वर सिंह पोर्ते
ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा, "पुलिस और
सरकारें अवैध कोयला खदान के लिए लाखों पेड़ काटने पर तुली हुई हैं.”
उन्होंने कहा, “हम लोग ग्राम फतेहपुर, साल्ही और हरिहरपुर के ग्राम सभाओं की अनुमति के बगैर खोली जा रही परसा खदान के खिलाफ धरना दे रहे हैं. आज सुबह पुलिस ने हमारे साथ ज्यादती की और हम लोगों को
दौड़ा कर मारा.”
हालांकि सरगुजा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने
लाठीचार्ज की बात को गलत बताते हुए कहा, "आज से परसा कोल ब्लॉक के लिए कटाई होनी थी
और इसमें ग्रामीणों के हस्तक्षेप के चलते लगभग 350 पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे.”
पुलिस अधीक्षक ने कहा, “ग्रामीणों ने आज सुबह कटाई शुरू होने के समय पुलिस पर ख़तरनाक
हथियार जैसे कि लाठी डंडे,
कुल्हाड़ी, गुलेल आदि से
पुलिस पर हमला किया जिसमें पुलिस के 8 जवान घायल हो गए हैं. जवाबी कार्रवाई में
पुलिस ने बल प्रयोग कर ग्रामीणों को तितर-बितर किया था".
पुलिस ने आगे बताया कि ग्रामीण फिलहाल भाग
गए हैं और पुलिस प्रयास कर रही है कि चोटिल लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा सके.
रामलाल और मुनेश्वर ने बताया कि लगभग 25 लोग
इस घटना में घायल हुए हैं और फिलहाल अलग-अलग प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में उपचार
के लिए गए हैं.
पुलिस ने बताया फिलहाल कोई कानूनी मामला नहीं दर्ज किया गया है लेकिन पुलिस इस पर नज़र बनाए हुए है और घटना की जांच के बाद
आगे की कार्रवाई की जाएगी.