लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमेरिका के दौरे पर हैं.
मंगलवार देर रात वाशिंगटन के नेशनल प्रेस क्लब में उन्होंने मीडिया से बातचीत की.
इस दौरान राहुल गांधी ने भारतीय लोकतंत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप
करने को लेकर अपने विचार बताए.
राहुल गांधी से पूछा गया कि 'कुछ पर्यवेक्षकों का कहना है कि अमेरिका को प्रधानमंत्री मोदी पर
ज़्यादा दबाव डालना चाहिए, लेकिन
कुछ लोगों का कहना है कि बाहरी दबाव से कोई फ़र्क नहीं पड़ता. आपको क्या लगता है कि भारत के प्रति अमेरिका का रुख़ कैसा होना चाहिए?'
इस पर राहुल गांधी ने कहा, "भारत में लोकतंत्र की लड़ाई सिर्फ़ भारतीयों की लड़ाई है. इसका किसी
और से कोई लेना-देना नहीं है. यह हमारा देश है और हम इसका ख़्याल रखेंगे, हम
लड़ेंगे. हम सुनिश्चित करेंगे कि लोकतंत्र सुरक्षित रहे."
"हालांकि
यह समझना ज़रूरी है कि भारतीय लोकतंत्र अपने आकार के कारण किसी भी सामान्य
लोकतंत्र से कहीं बढ़कर है."
उन्होंने कहा,
"अगर आप दुनिया के लोकतांत्रिक दृष्टिकोण की बात कर रहे हैं, तो भारतीय लोकतंत्र के पास इसके लिए बड़ी
जगह है. इसलिए मुझे लगता है कि यह ज़रूरी है कि दुनिया भारतीय लोकतंत्र को सिर्फ़
भारत के लिए ही नहीं, बल्कि
पूरी दुनिया के लिए एक पूंजी के रूप में देखे."
उन्होंने कहा,
"अमेरिका को यह सलाह देना कि उन्हें पीएम मोदी से कैसे निपटना चाहिए, यह मेरा काम नहीं है."
राहुल गांधी ने चीन मुद्दे पर क्या कहा?
राहुल गांधी से पूछा गया कि 'क्या आपको लगता है कि पीएम मोदी ने अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा को संभाल लिया है?'
इस पर राहुल गांधी ने कहा, "अगर आप हमारे क्षेत्र के 4,000 वर्ग किलोमीटर में चीनी सैनिकों को रखने को किसी चीज़ से अच्छी तरह से निपटना कहते हैं, तो हो सकता है."
उन्होंने कहा, "लद्दाख में दिल्ली के आकार की ज़मीन पर चीनी सैनिकों ने कब्ज़ा कर रखा है. मुझे लगता है कि यह एक आपदा है. मीडिया इसके बारे में बात नहीं करता."
उन्होंने सवाल करते हुए कहा, "अगर कोई पड़ोसी आपके क्षेत्र के 4000 वर्ग किलोमीटर पर कब्ज़ा कर ले तो अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी? क्या कोई राष्ट्रपति यह कहकर बच निकल पाएगा कि उसने इसे अच्छी तरह से संभाला है?"
"इसलिए मुझे नहीं लगता कि पीएम मोदी ने चीन को बिल्कुल भी अच्छी तरह से संभाला है. मुझे लगता है कि कोई कारण नहीं है कि चीनी सैनिक हमारे क्षेत्र में बैठे रहें."
राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए कई बयानों को लेकर भारत में विवाद देखा गया है.
नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर दिए बयानों की बीजेपी ने आलोचना की है. वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने जातिगत जनगणना और आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर राहुल गांधी पर निशाना साधा है.