मध्य प्रदेश के सीहोर ज़िले में कुबेरेश्वर धाम में एक धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ और अत्यधिक भीड़ के चलते मंगलवार से गुरुवार के बीच कुल सात लोगों की मौत हो गई है.
राज्य के राजस्व मंत्री करन सिंह वर्मा ने बुधवार को घटना की न्यायिक जांच की बात कही थी.
लेकिन गुरुवार को उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन की रिपोर्ट पर्याप्त है और अब अलग से न्यायिक जांच की ज़रूरत नहीं है.
यह आयोजन कथावाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा सावन के अवसर पर किया गया था. बुधवार को उनके नेतृत्व में कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया. लेकिन इससे एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंचने लगे थे.
मंगलवार को रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई. मृतकों की पहचान जसवंती बेन (56), निवासी राजकोट, गुजरात और संगीता गुप्ता (48), निवासी फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है.
बुधवार को अत्यधिक भीड़, गर्मी और अव्यवस्था के बीच तीन और श्रद्धालुओं की मौत हो गई. गुरुवार को दो श्रद्धालुओं की मौत हार्ट अटैक से हुई.
प्रशासन के मुताबिक, बढ़ती भीड़ के चलते ठहरने, भोजन और दर्शन के स्थानों पर अव्यवस्था फैल गई थी, जिससे कई लोग बीमार हो गए और कुछ बेहोश भी हुए.
व्यवस्था पर उठे सवाल, विपक्ष ने की कार्रवाई की मांग
कुबेरेश्वर धाम की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक और चिकित्सा सुविधाओं के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे.
प्रदेश कांग्रेस ने आयोजक प्रदीप मिश्रा और आयोजन समिति पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पत्रकारों से कहा, "कानून से ऊपर कोई नहीं होता…जब विराट कोहली पर भीड़ के चलते केस हो सकता है, तो पंडित मिश्रा पर क्यों नहीं?"
श्रद्धालुओं की मौत का दुख : प्रदीप मिश्रा
इस बीच, प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं की मौत पर शोक जताते हुए कहा, "कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ लोगों को सेहत में परेशानी हुई थी, इस कारण उनके प्राण चले गए. वे मेरे परिवार के सदस्य हैं."
"कुबेरेश्वर धाम बहनों का मायका है, इसलिए मैं आपको दीदी और जीजा जी कहता हूं. मेरी बहनों के प्राण गए, इसका मुझे बहुत दुख है."
"हम कथा में कहते हैं कि बीमार हैं तो यहां नहीं आएं. यदि आपको किसी भी प्रकार का कष्ट है तो आपका यह परिवार, समिति हमेशा आपके साथ खड़ा है."
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा,"बेहद दुखद घटना है. अफसरों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए कहा है."
"आयोजक और प्रशासन इस बात का ध्यान रखें, भविष्य में इस तरह की घटना न हो."