ग़ज़ा पर पूरे नियंत्रण को लेकर अमेरिका का क्या रुख़ है, जेडी वेंस ने बताया
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस (फ़ाइल फोटो)
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने
इसराइली सरकार के ग़ज़ा पर पूरी तरह नियंत्रण के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है.
जेडी वेंस ने कहा, "अमेरिका का पहला लक्ष्य ये सुनिश्चित करना है कि इसराइल के नागरिकों पर हमास दोबारा
हमला न कर पाए."
जेडी वेंस से सवाल किया गया कि क्या
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसराइल के ग़ज़ा पर नियंत्रण के फैसले की जानकारी है?
उन्होंने कहा, "वो अमेरिका और इसराइल की सरकार की निजी बातचीत पर बात नहीं करेंगे."
हालांकि उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति
ट्रंप इस बारे में बात करेंगे.
इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट ने
शुक्रवार सुबह एक बैठक में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की ओर से प्रस्तावित ग़ज़ा पर पूरी तरह नियंत्रण
करने की योजना को मंज़ूरी दी है.
ग़ज़ा पर पूरी तरह नियंत्रण के इसराइल के फैसले पर लोगों ने कहा- 'हम कहां जाएं?'
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इमेज कैप्शन, इसराइली सरकार की सुरक्षा कैबिनेट ने ग़ज़ा पर नियंत्रण के फैसले को मंजूरी दी है
इसराइली सरकार के ग़ज़ा पर नियंत्रण के फैसले पर ग़ज़ा में रह रहे लोग सवाल कर रहे हैं कि हम कहां जाएं?
इसराइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष के बाद से ही लाखों फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा के अलग-अलग क्षेत्रों में विस्थापित होना पड़ रहा है.
ग़ज़ा के उतर-पूर्व इलाके से विस्थापित हुईं सबरीन नईम संघर्ष के दौरान ग़ज़ा के अलग-अलग क्षेत्रों में रहना पड़ा है. उन्होंने कहा,
"मुझे नहीं पता कि कहां जाना है. हमें कहां जाना चाहिए?"
समाचार एजेंसी रॉयटर्स से उन्होंने कहा,
"किसी भी तरह हम टेंट में रह रहे हैं.
हम पूरी ज़िंदगी टेंट में ही रहेंगे,
आखिर कब तक? सेना हमसे क्या करवाना चाहती है?"
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इमेज कैप्शन, बेत हनून में रहने वालीं मघजौजा सादा
ग़ज़ा के बेत हनून में रहने वाली मघजौजा सादा कहती हैं कि ग़ज़ा के दक्षिणी इलाके में उनके लिए कोई जगह नहीं बची है.
उन्होंने कहा, "मैं बूढ़ी हो गई हूं. मैं कैसे चल-फिर सकती हूं. कैसे कहीं जा सकती हूं?"
"दक्षिण सुरक्षित नहीं है. ग़ज़ा सिटी सुरक्षित नहीं है. उत्तर सुरक्षित नहीं है. हमें कहां जाना चाहिए? क्या हम खुद को समुद्र में फेंक दें?"
चीन बोला, 'पीएम मोदी का एससीओ बैठक के लिए स्वागत है'
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इमेज कैप्शन, चीन इस साल 31 अगस्त से एक सितंबर तक तियानजिन एससीओ बैठक की मेज़बानी करेगा
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि
वो तियानजिन में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भारतीय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करता है.
पीएम मोदी के बैठक में हिस्सा लेने
से जुड़े एक सवाल के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने
कहा, "चीन इस साल 31 अगस्त से एक सितंबर तक
तियानजिन एससीओ बैठक की मेज़बानी करेगा. एससीओ के सभी सदस्य देशों के साथ 20 से
ज्यादा देशों के नेता इस बैठक में हिस्सा लेंगे.
"चीन तियानजिन एससीओ बैठक में
पीएम मोदी का स्वागत करता है."
गुओ जियाकुन ने कहा, "हमारा मानना है कि सभी पक्षों के प्रयासों से तियानजिन शिखर
सम्मेलन एक सफल सम्मेलन होगा. इसके साथ ही एससीओ अधिक एकजुटता, समन्वय और गतिशीलता के साथ विकास के एक नए चरण में प्रवेश
करेगा."
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे को लेकर ये कहा
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत की जानकारी दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है
कि वो इस साल के अंत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत में मेजबानी
करने के लिए उत्सुक हैं.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
एक्स पर पोस्ट कर कहा, "मेरी मित्र
राष्ट्रपति पुतिन के साथ बहुत अच्छी और विस्तृत बातचीत हुई. मैंने यूक्रेन पर ताजा
घटनाक्रम साझा करने के लिए उनका धन्यवाद किया."
"हमने अपने द्विपक्षीय एजेंडे
में प्रगति की भी समीक्षा की. मैंने भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने
की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. मैं इस वर्ष के अंत में राष्ट्रपति पुतिन की भारत में
मेजबानी के लिए उत्सुक हूं."
गुरुवार को रूस के दौरे पर गए भारत
के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति
व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की तारीख़ लगभग तय हो चुकी है.
मॉस्को में एक मीटिंग के दौरान
उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के
बारे में जानकर हम बेहद उत्साहित और खुश हैं...मुझे लगता है कि अब उनके दौरे की
तारीख़ भी लगभग तय हो चुकी है."
भारत और रूस के रिश्ते अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्ख़ियों में हैं. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूस से तेल ख़रीदने का ज़िक्र करते हुए भारत पर टैरिफ़ दो गुना करके 50 प्रतिशत तक कर दिया है.
दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर मानसी दाश और सुमिरन प्रीत कौर से ..
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टैरिफ़ पर पीयूष गोयल बोले- 'भारत को कोई नहीं झुका पाया है'
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इमेज कैप्शन, पीयूष गोयल ने कहा है कि पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है
इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है, "आज तक ऐसा कोई भी नहीं आया है, जो भारत
को झुका पाए."
पीयूष गोयल अमेरिका के राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप के भारत की अर्थव्यवस्था को बेजान कहने से जुड़े सवाल का जवाब दे
रहे थे.
उन्होंने कहा, "ये बहुत दुखद है. पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है. पूरी
दुनिया हमें तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के तौर पर देख रही है. हम ग्लोबल
ग्रोथ में 16 फीसदी योगदान दे रहे हैं."
"बाकी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की
तुलना में हमारी महंगाई दर दुनिया में सबसे कम है. हमारी करेंसी, फॉरेन रिजर्व और स्टॉक मार्केट बेस्ट हैं. पूरी दुनिया ये
मानती है."
पीयूष गोयल ने कहा, "पूरी दुनिया भारत के साथ काम करना चाहती है. भारत का भविष्य उज्ज्वल है."
बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के ख़िलाफ़ टैरिफ़ को 25 फ़ीसदी से बढ़ाकर 50 फ़ीसदी कर दिया.
अमेरिका भारत से इसलिए नाराज़ है,
क्योंकि वह रूस से तेल ख़रीद रहा है.
भारत ने अमेरिका के इस क़दम को 'अनुचित' और 'अतार्किक' बताया है.
कार्टून: रूस, ट्रंप, टैरिफ़ और पर्यावरण
राहुल गांधी के चुनाव आयोग को लेकर आरोपों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की कैसी प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर 'वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली' के आरोप लगाए
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल
गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. राहुल
गांधी के आरोपों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा चुनावों, महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में 'वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली' की गई.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा
है कि राहुल गांधी के आरोपों का कोई आधार नहीं है.
वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने
कहा है कि सरकार संसद में चुनाव आयोग पर कोई बात नहीं करना चाहती है.
प्रह्लाद जोशी ने कहा, "वो (राहुल गांधी) बिना किसी आधार के हमें चुनाव आयोग के बारे
में पाठ पढ़ाते हैं. ये जनादेश का अपमान है. 12 जून को चुनाव आयोग ने उन्हें ऑफिस
में आने के लिए एक पत्र दिया था. चुनाव आयोग ने कहा था कि वो ऑफिस आकर फैक्ट
बताएं. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया."
वहीं गौरव गोगोई ने कहा कि राहुल गांधी ने
वोट चोरी के सबूत दिए हैं. उन्होंने कहा, "सरकार ने सबसे पहले कहा कि चुनाव आयोग को लेकर सदन में चर्चा नहीं हो
सकती. हमने साबित किया कि कितनी बार चुनाव आयोग के नियमों और फैसलों को लेकर चर्चा
हुई है."
"राहुल गांधी ने कल सबूत के साथ
दिखाया कि कैसे वोटों की चोरी हो रही है."
वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत
ने कहा, "राहुल गांधी के कहने पर ना उनकी
पार्टी भरोसा करती है और ना ही उनके कार्यकर्ता भरोसा करते हैं. उनकी बातों को जब
उनकी पार्टी के लोग गंभीरता से नहीं लेते तो देश को भी उनकी बातों को गंभीरता
से लेने की जरूरत नहीं है."
हालांकि कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला
ने कहा कि राहुल गांधी ने सबूत के साथ चुनाव आयोग के बारे में अपनी बात कही है.
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के बारे में जो कहा है वो
दस्तावेजों के साथ कहा है और इसे विस्तार से बताया है. चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक
रिकॉर्ड क्यों नहीं दे रहा है? चुनाव आयोग को
जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी."
अभिनेत्री राधिका आप्टे ने बताया- 'गर्भावस्था के दौरान हॉलीवुड में काम करने का अनुभव बॉलीवुड से बेहतर था'
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अभिनेत्री नेहा धूपिया से इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान अभिनेत्री राधिका आप्टे ने बताया है कि गर्भावस्था के दौरान बॉलीवुड में काम करते वक्त उन्हें कैसे 'असहज' महसूस कराया गया.
राधिका आप्टे का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान उनका हॉलीवुड में काम करने का अनुभव बॉलीवुड से अलग था.
धराली: चश्मदीद ने बताया, बादल फटने के वक्त क्या हुआ था
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इमेज कैप्शन, उत्तराखंड के धराली में पांच अगस्त को बादल फटा था
उत्तराखंड के धराली में पांच अगस्त
को बादल फटने की घटना के बाद से राहत और बचाव कार्य जारी है.
धराली के बलविंदर सिंह ने बचाए जाने
के बाद समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि बादल फटने के बाद क्या हुआ था.
उन्होंने कहा, "जब बाढ़ आई तो मैं दुकान के अंदर था. अचानक से तेज पानी आया
और कुछ पता नहीं चला. कोई मौका ही नहीं मिल पाया. हम लोग फंस गए."
बलविंदर सिंह की आंख के पास चोट भी
लगी है. उन्होंने कहा, "अचानक से एक केबल
टूट गई और मुझे लगी. काफी लोग फंस गए थे. उनकी गिनती ही नहीं की जा सकती."
"गांव के बहुत सारे लोग फंस गए.
बाहर के भी लोग थे. कितने लोग फंसे इसका तो हिसाब नहीं है. लेकिन ऐसा अनुमान है कि
70 से 80 लोग फंस गए."
मंगलवार को उत्तरकाशी में बादल फटने
से चार लोगों की मौत और 50 से ज़्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई
थी.
इसराइली सरकार के फ़ैसले से ग़ज़ा के लोगों में डर, रुश्दी अबुलौफ, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, ग़ज़ा के निवासी इसराइली सरकार के फै़सले से हैरान हैं
इसराइली सरकार के ग़ज़ा पर नियंत्रण के फैसले से वहां के लोगों में घबराहट है. हालांकि वे उम्मीद कर रहे हैं कि इस फै़सले को टाला जा सकता है.
इसराइली सरकार की ये घोषणा हैरान
करने वाली नहीं है. लेकिन ग़ज़ा के निवासी किसी 'चमत्कार' की उम्मीद में थे जो उन्हें इस 'बुरे सपने' से बचा सकता था.
इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट ने
शुक्रवार सुबह की बैठक में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के ग़ज़ा
पर नियंत्रण करने की योजना को मंज़ूरी दे दी.
इसराइली सरकार के इस फैसले से ग़ज़ा
में रह रहे लोग अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित हैं. हालांकि कुछ लोग इस स्थिति के
लिए हमास को भी जिम्मेदार मानते हैं.
ग़ज़ा के निवासी मोहम्मद इमरान ने
बीबीसी से कहा, "कब्जे और नियंत्रण में फर्क है.
हालांकि दोनों का नतीजा एक ही है. बर्बादी और विस्थापन."
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एहाब
अल-हेलू ने कहा, "हमास के नेता एक साइंस फिक्शन की
दुनिया में जी रहे हैं. आप कौन होते हो हमें कुर्बान करने का फैसला करने वाले?"
राहुल गांधी की मांग- 'बीते 10 साल की इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट दे चुनाव आयोग'
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कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता
विपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वो 'पूरे देश की बीते 10 साल की इलेक्ट्रॉनिक
वोटर लिस्ट दे.'
बेंगलुरु में एक रैली को संबोधित
करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "आपको याद होगा कि
कर्नाटक की सरकार चोरी की गई थी. पैसे देकर कर्नाटक की सरकार चोरी की गई थी."
"मैं आपसे 100 फीसदी सबूत के
साथ कह रहा हूं कि लोकसभा चुनाव में भी आपके साथ चोरी की गई है. बीजेपी की
विचारधारा संविधान के खिलाफ है. संविधान देश के गरीब लोगों का, किसानों का हथियार है. कांग्रेस पार्टी का हर नेता संविधान की
रक्षा करेगा."
राहुल गांधी ने कहा, "चुनाव आयोग को बीते 10 साल की इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट हमें
दे देनी चाहिए."
गुरुवार को लोकसभा में नेता
प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे.
उन्होंने दावा किया कि लोकसभा
चुनावों, महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों
में 'वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली'
की गई.
हालांकि भारतीय निर्वाचन आयोग ने
राहुल गांधी के आरोपों को 'गुमराह' करने वाला बताया है. आयोग ने कहा है कि वो अपनी शिकायत लिखित
में कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दें.
इंडोनेशिया करेगा ग़ज़ा के दो हज़ार घायल लोगों का इलाज
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इमेज कैप्शन, कोविड महामारी के दौरान गलांग द्वीप पर पहले भी एक अस्पताल बनाया गया था.
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने बताया है कि इंडोनेशिया ग़ज़ा के दो हज़ार घायल लोगों का इलाज करेगा.
ये लोग इंडोनेशिया कैसे पहुँचेंगे, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है.
इंडोनेशिया ने बताया सिंगापुर के दक्षिण में स्थित गलांग द्वीप पर देश के रक्षा और विदेश मंत्रालयों के समन्वय से एक चिकित्सा सुविधा स्थापित की जाएगी.
संयुक्त राष्ट्र ने पहले इस द्वीप पर वियतनामी शरणार्थियों को शरण दी थी और महामारी के दौरान कोविड रोगियों के इलाज के लिए वहां एक अस्पताल स्थापित किया गया था.
प्रवक्ता ने कहा, "यह निकासी नहीं है. यह केवल उपचार के उद्देश्य से है, जब वे ठीक हो जाएंगे और उनकी देखभाल पूरी हो जाएगी, तो वे ग़ज़ा लौट आएंगे."
यह पहली बार नहीं है जब इंडोनेशिया इस संघर्ष पर चर्चा में शामिल हुआ है.
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबिअंतो ने अप्रैल में कहा था कि इंडोनेशिया लगभग एक हज़ार ग़ज़ावासियों को शरण देने के लिए तैयार है.
ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर बोले- 'ग़ज़ा पर नियंत्रण का इसराइली सरकार का फैसला गलत'
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इमेज कैप्शन, पीएम स्टार्मर ने इसराइली सरकार से फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है
इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट के ग़ज़ा
पर नियंत्रण के फैसले पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने प्रतिक्रिया दी
है.
किएर स्टार्मर ने इसराइल के इस फैसले
को गलत बताया है और इस पर दोबारा विचार करने की अपील
की है.
स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
एक्स पर पोस्ट कर कहा, "ग़ज़ा में अपने
हमले को और बढ़ाने का इसराइली सरकार का फैसला गलत है. हम उनसे तुरंत इस पर
पुनर्विचार करने की अपील करते हैं.
स्टार्मर ने कहा है कि ग़ज़ा में
तुंरत युद्धविराम की जरूरत है. उन्होंने कहा, "ग़ज़ा में मानवीय संकट हर दिन बदतर होता जा रहा है. हमास द्वारा बंधक बनाए
गए लोगों को भयावह और अमानवीय परिस्थितियों में रखा जा रहा है. हमें अब युद्धविराम
की जरूरत है."
इससे पहले इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट
ने शुक्रवार को सुबह की बैठक में इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के
ग़ज़ा पर नियंत्रण करने की योजना को मंज़ूरी दे दी.
नेतन्याहू ने गुरुवार को फ़ॉक्स
न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, "हम पूरे ग़ज़ा पर नियंत्रण चाहते हैं. अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए
हम वहां (ग़ज़ा) से हमास को हटाना चाहते हैं...हम ग़ज़ा को हमास के आतंक से मुक्त
करना चाहते हैं."
अभी तक बीबीसी संवाददाता आनंद मणि त्रिपाठी आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता प्रवीण आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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इमेज कैप्शन, सुरक्षा कारणों के मद्देनजर बलूचिस्तान में इंटरनेट सेवा बंद की गई है
बीबीसी उर्दू के मुताबिक, क्वेटा समेत पूरे बलूचिस्तान में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद है.
बलूचिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा कारणों के मद्देनजर पूरे प्रांत में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.
बलूचिस्तान सरकार के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी उर्दूसे बातचीत में इस बात की पुष्टि की. उन्होंने कहा, "आतंकी घटनाओं की आशंकाओं के चलते पूरे बलूचिस्तान में 31 अगस्त तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद रहेगी."
गौरतलब है कि पहले भी बलूचिस्तानकुछ इलाकों में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवा बंद की जा चुकी है.
लेकिन इससे पहले पूरे प्रांत में इस तरह से इंटरनेट सेवा कभी बंद नहीं की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश के ख़िलाफ़ अपनी टिप्पणियां हटाईं
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इमेज कैप्शन, इलाहाबाद हाई कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपनी उन टिप्पणियों को हटा दिया, जिसमें उसने एक दीवानी मामले में आपराधिक सुनवाई की अनुमति देने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश प्रशांत कुमार की आलोचना की थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार को शर्मिंदा करने या उन पर आक्षेप लगाना नहीं था.
जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने दोहराया कि यह टिप्पणी केवल न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए की गई थी.
शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई द्वारा मामले पर पुनर्विचार करने के अनुरोध के बाद वह इन टिप्पणियों को हटा रही है.
ये था मामला
जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस महादेवन की बेंच ने चार अगस्त को एक अप्रत्याशित आदेश में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के ‘‘रिटायर होने तक’’ उनके रोस्टर से आपराधिक मामलों को हटा दिया क्योंकि उन्होंने एक दीवानी विवाद में आपराधिक प्रकृति के समन को बरक़रार रखा था.
लाइव लॉ के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने चार अगस्त के आदेश में कहा था, "हम माननीय मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध करते हैं कि वह संबंधित जज के वर्तमान निर्णय को तुरंत वापस लें. संबंधित जज को उच्च न्यायालय के किसी अनुभवी वरिष्ठ जज के साथ बेंच में बैठाया जाना चाहिए."
"इस मामले को देखते हुए, संबंधित जज को उनके पद छोड़ने तक कोई भी आपराधिक मामला नहीं सौंपा जाना चाहिए. अगर उन्हें एकल जज के रूप में बैठना ही है, तो उन्हें कोई भी आपराधिक मामला नहीं सौंपा जाना चाहिए."
इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक समूह ने चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह एक फुल बेंच की बैठक बुलाएं ताकि सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर चर्चा हो सके, जिसमें जस्टिस कुमार को आपराधिक रोस्टर से हटाने का निर्देश दिया गया था.
सीजेआई के पत्र के बाद पुनर्विचार
इस आदेश की आलोचना होने के बाद, भारत के चीफ़ जस्टिस बीआर गवई ने बाद में जस्टिस पारदीवाला की बेंच को पत्र लिखकर हाई कोर्ट के न्यायाधीश के ख़िलाफ़ की गई आलोचनाओं पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया.
इसके बाद इस मामले को आज नए निर्देशों के लिए पुनः सूचीबद्ध किया गया.
जस्टिस पारदीवाला ने शुक्रवार को आदेश सुनाते हुए कहा, "सबसे पहले, हमें यह स्पष्ट करना चाहिए कि हमारा इरादा संबंधित न्यायाधीश को शर्मिंदा करने या उन पर आक्षेप लगाने का नहीं था. हम ऐसा करने के बारे में सोच भी नहीं सकते. हालांकि, जब मामला एक सीमा पार कर जाता है और संस्था की गरिमा खतरे में पड़ जाती है, तो संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपने अपीलीय क्षेत्राधिकार के तहत कार्य करते हुए भी हस्तक्षेप करना इस न्यायालय की संवैधानिक जिम्मेदारी बन जाती है."
ग़ज़ा पर नियंत्रण के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे इसराइली
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इमेज कैप्शन, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की ग़ज़ा पर नियंत्रण करने की योजना को सुरक्षा कैबिनेट ने शुक्रवार को मंज़ूरी दी है
एक इसराइली पत्रकार ने बीबीसी को बताया कि ग़ज़ा पर नियंत्रण करने की बिन्यामिन नेतन्याहू की योजना के ख़िलाफ़ इसराइल में पहले से ही "भारी प्रतिक्रिया" हो रही है.
टाइम्स ऑफ इसराइल के राजनीतिक संवाददाता ताल श्नाइडर का कहना है कि इसराइल में "भारी असंतोष" है और लोग गुरुवार रात दर्जनों स्थानों पर सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए.
उन्होंने बीबीसी रेडियो 4 के टुडे कार्यक्रम में कहा, "सरकार ऐसे क़दम उठा रही है जो बहुत ही अलोकप्रिय हैं."
उन्होंने कहा, "सभी सार्वजनिक सर्वेक्षणों से पता चलता है कि जनता इस क़दम के सख़्त ख़िलाफ़ है."
उन्होंने कहा कि सरकार "कूटनीतिक या राजनीतिक समाधान निकालने के बजाय अधिक बलपूर्वक उपाय करने की मानसिकता में फंसी हुई है."
मध्य प्रदेश: कुबेरेश्वर धाम भगदड़ की न्यायिक जांच से मंत्री ने किया इनकार, विष्णुकांत तिवारी,बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, कथावाचक प्रदीप मिश्रा
मध्य प्रदेश के सीहोर ज़िले में कुबेरेश्वर धाम में एक धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ और अत्यधिक भीड़ के चलते मंगलवार से गुरुवार के बीच कुल सात लोगों की मौत हो गई है.
राज्य के राजस्व मंत्री करन सिंह वर्मा ने बुधवार को घटना की न्यायिक जांच की बात कही थी.
लेकिन गुरुवार को उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन की रिपोर्ट पर्याप्त है और अब अलग से न्यायिक जांच की ज़रूरत नहीं है.
यह आयोजन कथावाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा सावन के अवसर पर किया गया था. बुधवार को उनके नेतृत्व में कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया. लेकिन इससे एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंचने लगे थे.
इमेज स्रोत, Vishnukant Tiwari
इमेज कैप्शन, कुबेरेश्वर धाम
कैसे हुई मौतें?
मंगलवार को रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई. मृतकों की पहचान जसवंती बेन (56), निवासी राजकोट, गुजरात और संगीता गुप्ता (48), निवासी फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है.
बुधवार को अत्यधिक भीड़, गर्मी और अव्यवस्था के बीच तीन और श्रद्धालुओं की मौत हो गई. गुरुवार को दो श्रद्धालुओं की मौत हार्ट अटैक से हुई.
प्रशासन के मुताबिक, बढ़ती भीड़ के चलते ठहरने, भोजन और दर्शन के स्थानों पर अव्यवस्था फैल गई थी, जिससे कई लोग बीमार हो गए और कुछ बेहोश भी हुए.
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इमेज कैप्शन, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
व्यवस्था पर उठे सवाल, विपक्ष ने की कार्रवाई की मांग
कुबेरेश्वर धाम की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक और चिकित्सा सुविधाओं के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे.
प्रदेश कांग्रेस ने आयोजक प्रदीप मिश्रा और आयोजन समिति पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पत्रकारों से कहा, "कानून से ऊपर कोई नहीं होता…जब विराट कोहली पर भीड़ के चलते केस हो सकता है, तो पंडित मिश्रा पर क्यों नहीं?"
श्रद्धालुओं की मौत का दुख : प्रदीप मिश्रा
इस बीच, प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं की मौत पर शोक जताते हुए कहा, "कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ लोगों को सेहत में परेशानी हुई थी, इस कारण उनके प्राण चले गए. वे मेरे परिवार के सदस्य हैं."
"कुबेरेश्वर धाम बहनों का मायका है, इसलिए मैं आपको दीदी और जीजा जी कहता हूं. मेरी बहनों के प्राण गए, इसका मुझे बहुत दुख है."
"हम कथा में कहते हैं कि बीमार हैं तो यहां नहीं आएं. यदि आपको किसी भी प्रकार का कष्ट है तो आपका यह परिवार, समिति हमेशा आपके साथ खड़ा है."
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा,"बेहद दुखद घटना है. अफसरों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए कहा है."
"आयोजक और प्रशासन इस बात का ध्यान रखें, भविष्य में इस तरह की घटना न हो."