इमेज कैप्शन, अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ युद्ध को एक हफ़्ते से ज़्यादा का समय बीत चुका है
इसराइल डिफ़ेंस फोर्सेज़ ने पुष्टि की है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में 'कई फ़्यूल स्टोरेज कॉम्प्लेक्सेज़' पर हमला किया है.
आईडीएफ़ का कहना है कि यह फ़्यूल टैंकों के ख़िलाफ़ एक 'ज़रूरी हमला' था.
सेना का दावा है कि ईरानी शासन इन फ़्यूल टैंकों का इस्तेमाल 'सैन्य बुनियादी ढांचे को संचालित करने के लिए सीधे तौर पर और लगातार' करता है.
इससे पहले ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने भी ख़बर दी थी कि तेहरान में एक तेल डिपो को निशाना बनाया गया है.
इस बीच बीबीसी वेरीफ़ाई ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो की पुष्टि की है, जिसमें तेहरान के ऊपर आसमान में बड़ी-बड़ी आग की लपटें उठती दिखाई दे रही हैं.
हालांकि अब तक यह साफ़ नहीं है कि इस हमले में किसी की जान गई या नहीं.
ट्रंप ने ब्रिटेन से कहा, 'हमें आपकी मदद की ज़रूरत नहीं'
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इमेज कैप्शन, पिछले साल एक मुलाक़ात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध में ब्रिटेन को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, "यूनाइटेड किंगडम, जो कभी हमारा महान सहयोगी था, शायद सबसे महान, अब आखिरकार मध्य पूर्व में दो विमानवाहक पोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है."
उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर से कहा, "यह ठीक है, प्रधानमंत्री स्टार्मर, अब हमें उनकी ज़रूरत नहीं है, लेकिन हम इसे याद रखेंगे."
ट्रंप ने आगे लिखा, "हमें ऐसे लोगों की ज़रूरत नहीं है जो तब युद्ध में शामिल हों जब हम उसे पहले ही जीत चुके हों."
दरअसल, ईरान के ख़िलाफ़ ब्रिटेन की सरकार ने अब तक किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने या ऐसा करने की कोई प्रतिबद्धता नहीं दी है.
हालांकि ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल रक्षा के लिए करने की अनुमति दी है.
मध्य पूर्व में जारी तनाव पर भारत ने अब क्या कहा?
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भारत ने शनिवार को कहा कि वह मध्य पूर्व में तेज़ी से बदलती स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है, ख़ासकर वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर.
विदेश मंत्रालय ने देर रात जारी अपने बयान में कहा कि क्षेत्र में आंशिक रूप से हवाई क्षेत्र खुलने के बाद अब तक 52,000 से ज़्यादा भारतीय देश लौट चुके हैं.
मंत्रालय ने क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और भारतीय दूतावासों की ओर से जारी सलाह का पालन करें.
पिछले शनिवार को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद से मध्य पूर्व के देशों में तनाव की स्थिति है.
ईरान स्कूल अटैक पर बोले डोनाल्ड ट्रंप, 'मुझे लगता है ये ईरान ने ही किया है'
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर कहा है कि इसके पीछे 'ईरान ही हो सकता' है. यह स्कूल ईरान के मिनाब में स्थित है.
पिछले शनिवार को ईरान के अधिकारियों ने कहा था कि इस हमले में 160 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई. हालांकि बीबीसी न्यूज़ इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.
शनिवार रात एयर फ़ोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के एक ठिकाने के पास हुए इस हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार है.
इस पर ट्रंप ने कहा, "नहीं, मेरी राय में और जो मैंने देखा है उसके आधार पर यह हमला ईरान ने किया."
इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी सवाल किया गया. उन्होंने कहा, "हम इसकी जांच कर रहे हैं, लेकिन ईरान ही आमतौर पर नागरिकों को निशाना बनाता रहा है."
इसके बाद ट्रंप ने दोहराते हुए कहा, "हमें लगता है कि यह हमला ईरान ने किया. आप जानते हैं कि उनके हथियार बहुत सटीक नहीं होते. उनमें बिल्कुल भी सटीकता नहीं है."
पिछले हफ़्ते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा था कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा और अमेरिकी सेना के पास नागरिक ठिकानों पर हमला करने का कोई कारण नहीं है.
उसी समय अमेरिका और इसराइल ईरान के सैन्य ठिकानों और लीडर को निशाना बनाकर बड़े हमले कर रहे थे.
ईरानी अधिकारियों ने स्कूल पर हुए हमले के लिए अमेरिका और इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं इसराइली सेना ने कहा है कि उसे उस इलाके़ में किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं है, लेकिन वह मामले की जांच कर रहा है.
बीबीसी वेरीफ़ाई की ओर से किए गए सैटेलाइट विश्लेषण में कई धमाकों के निशान और जले हुए हिस्से दिखाई दिए, जिससे संकेत मिलता है कि स्कूल पर एक से ज़्यादा बार हमला हुआ.
हालांकि इस्तेमाल किए गए हथियारों के अवशेषों की स्पष्ट तस्वीरें न होने के कारण यह तय करना मुश्किल है कि हमले के लिए कौन ज़िम्मेदार है.