देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि सरकार देरी से बनी है. बल्कि इससे पहले भी सरकार बनने में वक़्त लग चुका है.''
उन्होंने शपथ लेने के बाद पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "2004 में करीब 12-13 दिन की देरी हुई थी, 2009 में करीब नौ दिनों की देरी हुई. हमें ये समझना होगा कि अगर गठबंधन में शामिल पार्टियों को सरकार बनानी होती है तो कई चीजों पर विचार-विमर्श करना पड़ता है. कई फ़ैसले लेने पड़ते हैं.''
फडणवीस ने कहा, "गठबंधन की सरकार में बड़े पैमाने पर परामर्श करना पड़ता है और परामर्श हमने किया है. हमने पोर्टफोलियो भी लगभग तय कर लिए हैं. थोड़ा बहुत काम उसमें बचा है, वो भी कर लेंगे."
उन्होंने मंत्रालय को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, "कौन सा मंत्रालय किसके पास रहेगा, इस पर चर्चा अंतिम चरण में है. इसका फ़ैसला तीनों (महायुति में शामिल तीनों दल) मिलकर करेंगे. जहां तक पुराने मंत्रियों का सवाल है तो उसमें निश्चित रूप से सभी के काम का मूल्यांकन हो रहा है. इसके आधार पर आगे का फै़सला किया जाएगा."
वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "महाराष्ट्र देश को वैचारिक दिशा देने वाला राज्य है. मुझे ऐसे राज्य का मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें पूरा सहयोग दिया. गृह मंत्री अमित शाह हर संकट में पूरी ताकत के साथ हमारे पीछे खड़े रहे."
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, "हमने ढाई साल में बहुत काम किया. इस दौरान हमारी सरकार ने ऐतिहासिक फ़ैसले लिए. ये सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा."
उन्होंने कहा, "हमने इस राज्य को आगे बढ़ाने का काम किया है. मैंने कहा था कि ढाई साल की सरकार के कार्यकाल का नतीजा हमें चुनाव नतीजों में देखने को मिलेगा. इस मामले में हमारी सरकार बहुत कामयाब रही है."
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