अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
ईरान पर इसराइली हमले को 'एक्सीलेंट' बताया है.
एबीसी न्यूज़ वॉशिंगटन के मुख्य संवाददाता जोनाथन कार्ल से फ़ोन पर ट्रंप ने इस हमले के बारे में कहा, “मुझे लगता है कि यह एक्सीलेंट रहा है. हमने उन्हें एक मौका दिया था और
उन्होंने इसे लिया नहीं. उन्हें तगड़ी चोट पहुंची है, बहुत तगड़ी. आगे भी उन्हें चोट
पहुंचेगी. बहुत अधिक.”
इससे पहले ट्रंप ने
कहा था कि उन्होंने ईरान को 'मौके पर मौके दिए' और अब उसे परमाणु कार्यक्रम पर 'समझौता
करना चाहिए.'
ट्रंप ने ये बात इसराइल के ईरान पर हमला करने के बाद ट्रुथ सोशल पर लिखी.
उन्होंने लिखा, “मैंने उनसे बहुत कड़े शब्दों में कहा था इसे (न्यूक्लियर डील) तुरंत करें, लेकिन इससे
फ़र्क नहीं पड़ता कि उन्होंने कितनी कड़ी मेहनत की या इसके कितने क़रीब पहुंचे, वे
बस इसे पूरा नहीं कर सके.”
वो कहते हैं, “बड़ी संख्या में मौतें और बड़े पैमाने पर विनाश
होता रहा है, लेकिन अभी भी समय है कि इस जनसंहार को और आगे और तीखे हमलों को ख़त्म किया जाए.”
“सबकुछ नष्ट होने से बचाने के लिए और जिसे
कभी ईरानी साम्राज्य कहा जाता था उसे सुरक्षित करने के लिए ईरान को डील करनी ही
होगी. और अधिक मौतें, विनाश नहीं. बहुत देर हो जाए, उससे पहले इसे करिए.”
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उन्हें
रात में हुए इसराइली हमले के बारे में पता था, लेकिन साफ़ तौर पर कहा कि इसमें
अमेरिकी सेना ने कोई भूमिका नहीं निभाई.
उधर, ईरान ने कहा है कि इसराइली हमला
‘जंग का एलान’ है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास
अरागची ने संयुक्त राष्ट्र को लिखे एक ख़त में कहा है कि इसराइली हमला जंग का
एलान है. उन्होंने यह चिट्ठी टेलीग्राम चैनल पर साझा की है.
ईरानी विदेशी मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र
सुरक्षा परिषद से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है और कहा है कि
यह ईरान की संप्रभुता का ‘घोर
उल्लंघन’ है.